व्ही.एस.भुल्ले

जिस तरह से आजादी के बाद विगत 70 वर्षो में इतिहास रचने उतावले निर्णय होते रहे है,उसके चलते मौजूद सड़े सिस्टम से न तो कोई नया इनोवेशन ही हो सका और न ही ऐसे समाधान सामने आ सके। जिन्हें स्वर्ण अक्षरों में इतिहास में कोई स्थान मिल सके। अब्बल सटीक समाधान के आभाव में देश का पुरुषार्थ आज सफर ही नहीं, दम तोड़  बुढ़ावे की ओर अग्रसर होता रहा है और सत्तायें उसी सड़े सिस्टम में समाधान की उम्मीद तलाशती आज भी अपने अहंम, अहंकार में डूब अपनी पीठ थप-थपा रही है।
          परिणाम कि न तो हम शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार के क्षेत्र में ऐसी कोई स्थाई समाधान खोज सके, न ही ऐसी कोई नजीर छोड़ सके , जो सर्व स्वीकार्य हो और न ही कोई ऐसा सिस्टम विकसित कर सके जो समाधान खोज सके।
          अगर कुछ हो सका, तो वोट की राजनीति और सतत सत्ता में बने रहने की महत्वकांक्षा जिसे संरक्षित करने 18-18 घंटे मेहनत और हवाई यात्राओं की नजीरे सुनाई जाती है। जबकि  होना तो यह था कि ऐसे-ऐसे समाधानों , नये इनोवेशनों की शुरुआत की जाती, जो मार्गदर्शी ही नहीं, स्पर्शी अनुभूति पूर्ण और परिणाम मूलक होते। मगर हम सत्ताओं में रहकर भी ऐसी कोई लकीर खीचने में हमेशा अक्षम, असफल साबित होते रहे जो मौजूद ही नहीं, हमारी आने वाली पीढिय़ों के लिये भी स्थायी समाधान और नजीर साबित हो सकते थे। 
    दुर्भाग्य कि हमारे लोकतंत्र का, कि विगत दो दशकों से सत्ता संचालन में आध्यात्म, प्रतिभाओं के बजाये, सत्ता स्वार्थी, मण्डलियां और निर्जीव तकनीकें जीवन्त, जिन्दगियों के संबंध में निर्णय और फैसले लेने में सक्षम और सफल हो गयी। परिणाम कि सत्ता सिंहासन आज मानवीय मूल्य और प्रकृति प्रदत्त जीवन मूल्यों से इतर महत्वकांक्षाओं पर निर्भर हो गयी। सड़े सिस्टम को कौच नये-नये इनोवेशन का दम भरने वाली हमारी व्यवस्थायें ये भी भूल गई कि स्वच्छंद जीवन निर्वहन में कैसी नीति और किन-किन निर्णयों से समृद्धि, खुशहाली लायी जा सकती है। कैसे हमारे आने वाली पीढ़ी की जिन्दगियां स्वच्छन्द, समृद्ध, खुशहाल बनाई जा सकती है।
         आज जिस तरह से सत्तायें सतत सत्ता में बने रहने वोट के लिये सरकारी खजाने का उलीचा सोशल इन्जीनियरिंग के नाम वोट बैंक का जमाबड़ा तैयार करने में सारी ऊर्जा बर्बाद कर रही है। और जिनका अन्तिम लक्ष्य जनकल्याण से इतर केवल सत्ता प्राप्ति या सत्ता में बने रहना बन गया है।  बरना क्या कारण है कि प्रकृति प्रदत्त नैसर्गिक ज्ञान, आध्यात्म, सुविधायें जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और रोजगार जैसी समस्यायें 70 वर्ष के संघर्ष के बाद भी समाधान के आभाव में विकराल रुप मेें आज हमारे सामने है। जनकल्याण के नाम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राहत के नाम बड़ी तादाद में जनधन का बटौना कभी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। क्योंकि भीख भी बगैर किसी परिश्रम के या कारण के सनातन संस्कृति में अपराध या दोष पूर्ण माना गया है। जिस समस्या का समाधान व्यक्ति से व्यक्ति, परिवार से परिवार और समाज से समाज जीवन मूल्यों को आधार बना, आज भी स्वयं ढूंढ लेते  है या फिर यो कहें कि प्रकृति में मौजूद पेड़, पौधे, पशु-पक्षी जिनकी न तो कोई सरकारें है, और न ही संरक्षक संस्थायें स्वत: ढूंढ लेते है जो वेजुबान भी है और विज्ञान की माने तो मानव की तुलना में विवेक के मामले में भी शून्य जब उनका सिस्टम अनादिकाल से समाधान युक्त और समस्या मुक्त चला आ रहा है। ऐसे में हमारे सिस्टम ही नहीं, उन संस्थाओं के लिये शर्म और लज्जा की बात है। जो आध्यात्म, तकनीक, ज्ञान, प्रतिभा, पुरुषार्थ के मामले में पेड़, पौधे, पशु-पक्षी से कहीं आगे है और प्राकृतिक रुप से भी उन्हें सोचने-समझने और सर्वकल्याण करने की शक्ति अधिक प्रदान की गई है।
        मगर जब हमारी मौजूद व्यवस्था में रिटार्यटमेंट की आयु 62 वर्ष और शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार के नाम पर सिर्फ आश्वासन और वोट के लिये नगद बांटने की नीतियां बनाई जाती है। तो उन्हें सुन, पड़, देखकर दुख भी होता और दर्द भी। कि जिस व्यवस्था में आजादी की तीसरी पीढ़ी अन्तिम पड़ाव पर है और शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार की समस्यायें विकराल ही नहीं, विस्फोटक स्थिति में है।
        ऐसे में सत्ता परिषदों में अहम अहंकार का भाव इस बात का स्पष्ट संदेश है कि समस्याओं का कुहासा फिलहाल छटने वाला नहीं।  क्योंकि दुर्भाग्य से सत्ताओं में स्पर्शी अनुभूति पूर्ण निर्णय लेने वाले लोगों का आभाव और सत्ताओं को संचालित करने वाले स्वार्थियों की भरमार का भाव स्पष्ट परलक्षित है, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए मगर कहते है कि किसी भी राष्ट्र, समाज, परिवार और व्यक्ति ही वह अन्तिम उम्मीद होता है जो किसी भी राष्ट्र को सही दिशा दिखा उसे शिक्षित, सुसंस्कृत, समृद्ध, शक्तिशाली, खुशहाल बनाने में अपना अहम योगदान देती है। यहीं बात आज हर नागरिक को समझना जरुरी है बरना देर हुई तो भविष्य में ऐसे संघर्ष पूर्ण जीवन की दुर्दशा और देखने मिले तो कोई अति संयाक्ति नहीं होगी। इसीलिये देश के बुद्धिजीवी, युवा वर्ग को राष्ट्र निर्माण या राष्ट्र सृजन और समस्या, समाधान के लिये एक होना ही पड़ेगा और विधि सम्बंद्ध अपनी एकजुटता का परिचय देते हुये उन सत्ताओं के मंदिरों तक पहुंचना पड़ेगा जहां आज देश के आम, गांव, गली, गरीब, किसान सहित उन विधा, विद्ववानों के भाग्य के फैसले हो रहे है। क्योंकि प्रकृति ने हर जीव को खुशहाल, स्वच्छंद जीवन निर्वहन करने कर्म करने के लिये भेजा है, जो हमारा कत्र्तव्य भी है और उत्तरदायित्व भी। 
जय स्वराज

रीवा।  

विंध्य महोत्सव :रीवा पहुचे  CM शिवराज सिंह एव रीवा के प्रभारी मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा 

 पल भर के लिए कोई हमे प्यार कर ले, झूठा ही सही... किशोर कुमार के इस गाने के रिमिक्स में सोनू निगम में अपनी आवाज दी तो ऑडियंस क्या सीएम सहित अन्य गेस्ट भी झूम उठे। नीदों की गलियों से... उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की। बात इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित विंध्य महोत्सव की आखिरी शाम की कर रहे हैं। इससे पहले सोनू निगम रीवा के प्रभारी मंत्री और दतिया के विधायक एवं मध्य प्रदेश शासन के जनसंपर्क मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के विधानसभा क्षेत्र में भी प्रस्तुति दे चुके हैं ये गाने

महोत्सव के समापन अवसर सजी संध्या में सोनू निगम ने अपनी ऐसी महफिल सजाई कि वहां मौजूद हर कोई उनका दीवाना हो गया। उनकी प्रस्तुतियों में शामिल मेरा रंग दे बसंती चोला..., दीवाना मैं हूं दीवाना तेरा मौसम है मस्ताना..., आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा... जैसे कई गाने उनकी खास प्रस्तुतियों में शामिल रहे।

देश भक्तिमय हुआ माहौल 
ऑडियंस को दीवाना बना देने वाली प्रस्तुतियों के बीच कुछ पल के लिए उस समय माहौल देश भक्तिमय हो गया, जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फरमाइश पर सोनू ने बार्डर मूवी का गाना संदेशे आते हैं, मुझे तड़पाते हैं.... की प्रस्तुति दी।


दीवानों की तरह उमड़ा शहर
फेमस गायक सोनू निगम की आवाज को सुनने गुरुवार को पूरा शहर दीवानों की तरह इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचा। प्रस्तुति शुरू होते-होते कॉलेज परिसर में इतनी भीड़ पहुंच गई कि वहां तिल धरने की जगह भी नहीं बची। करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात चला।


आउट ऑफ कंट्रोल हुई भीड़ 
कॉलेज में सोनू निगम को सुनने इतनी भीड़ पहुंची कि पुलिस का उन पर कंट्रोल ही नहीं रहा। कॉलेज मैदान से लेकर सडक़ तक उनके चाहने वालों की भीड़ लगी रही। सोनू की प्रस्तुति पर युवक रहे हो या फिर युवतियां सभी थिरकते नजर आए। इस अवसर पर उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्रा, प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा, कलेक्टर प्रीति मैथिल सहित अन्य विधायक व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


और आर्म्स एक्ट में 1 केस दर्ज है। 


 सैफ अली खान, नीलम, तब्बू और सोनाली बेन्द्रे सह आरोपी थे। उन पर सलमान को उकसाने का आरोप था।


जोधपुर.   बीस साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर की चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया है। लंच ब्रेक के बाद सीजेएम देव कुमार खत्री ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। सलमान को हिरासत में लिया गया है, उन्हें जोधपुर जेल भेजा जाएगा। इस केस में सह आरोपी सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी कर दिया गया है। पेशी के लिए ये सभी बुधवार को यहां पहुंच गए थे। मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। तब ये सभी फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थे। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था। 


 


 


सजा सुना रहे थे जज, दीवार के सहारे खड़े थे सलमान
- लंच के दौरान सलमान की दोनों बहनें कोर्ट रूम के बाहर गैलरी में फोन पर बात कर रही थीं। सलमान कुर्सी पर अकेले बैठे थे। 
- लंच के बाद जज डायस पर आए और सलमान खान कुर्सी से उठकर दीवार के सहारे खड़े हो गए। बहनें भी सलमान के साथ खड़ी हो गईं।
- जज ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही उनकी दोनों बहनें रोने लगीं।
- विश्नोई समाज ने फैसले के बाद नारेबाजी की और बरी किए गए लोगों के खिलाफ अपील करने की बात कही। 


 


सलमान की वजह से फिल्ममेकर्स के 385 करोड़ दांव पर
रेस 3 : 100 कराेड़
भारत : 200 करोड़, शूटिंग शुरू होना बाकी है
दबंग 3 : 85 करोड़, शूटिंग शुरू होना बाकी है


 


जोधपुर जेल में ही बंद है आसाराम


- सलमान खान को मेडिकल के बाद जोधपुर जेल ले जाया गया। इसी जेल में यौन शोषण का आरोपी आसाराम भी बंद है।


 


क्यों दोषी करार दिए गए?


1) हिरण शिकार के चारों केस में सबसे मजबूत था यह मामला


- यह केस सबसे पुख्ता था, क्योंकि 1 अक्टूबर 1998 की रात जब इन बॉलीवुड स्टार्स ने कांकाणी में संरक्षित वन्य प्राणी दो काले हिरणों का शिकार किया था तो ग्रामीणों ने गोली की आवाज सुनकर उनका पीछा भी किया था। ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर देखा था और हिरणों के शव भी वन विभाग को सुपुर्द किए थे। इस मामले में सलमान गोली चलाने के आरोपी बनाए गए।
- शिकार से जुड़े बाकी के दोनों केस में इकलौता चश्मदीद हरीश दुलानी था, उसने भी बयान बदल लिए थे। उसने सलमान के अलावा दूसरे कलाकारों को पहचानने से इनकार कर दिया था। दूसरा कमजोर पक्ष यह भी था कि उसमें हिरणों के शव नहीं मिले थे। 


 


2) दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई
- कांकाणी केस में पहली रिपोर्ट डॉ. नेपालिया की थी। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, एक हिरण की मौत दम घुटने से और दूसरे हिरण की मौत गड‌्ढे में गिर जाने और श्वानों द्वारा उसे खाने से हुई थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह रिपोर्ट सही नहीं थी क्योंकि इसमें गन इंजरी की बात नहीं थी। 
- इसके बाद मेडिकल बोर्ड बैठाया गया। बोर्ड ने दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों काले हिरणों की मौत की वजह गन शॉट इंजरी ही बताई।


 


 


इस मामले में सलमान पर कितने केस, उनमें क्या हुआ?


- कुल चार केस थे। तीन हिरणों के शिकार के और चौथा आर्म्स एक्ट का। दरअसल, तब सलमान के कमरे से उनकी निजी पिस्टल और राइफल बरामद की गई थीं, जिनके लाइसेंस की मियाद खत्म हो चुकी थी।


 


कहां और कब किए गए शिकार?


- सलमान पर जोधपुर के घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव में 27-28 सितंबर 1998 की रात हिरणों का शिकार करने का आरोप। कांकाणी गांव में 1 अक्टूबर को 2 काले हिरणों के शिकार करने का आरोप। 


 


सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू क्यों आरोपी थे?
- कांकाणी गांव शिकार मामले में गवाहों ने कोर्ट में बताया था कि गोली की आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे थे। शिकार सलमान ने किया था। जीप में उनके साथ सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू भी थे। इन पर सलमान को उकसाने का आरोप था। गांव वालों को देखकर सलमान मारे गए हिरणों को वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर चले गए थे।


 


कितने मामलों में सजा सुनाई, कितनों में बाकी?
1) कांकाणी गांव केस: इसी केस में सलमान को गुरुवार को दोषी ठहराया गया। उन्हें 5 साल कैद की सजा सुनाई गई।
2) घोड़ा फार्म हाउस केस: 10 अप्रैल 2006 को सीजेएम कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई थी। सलमान हाईकोर्ट गए। 25 जुलाई 2016 को उन्हें बरी किया गया। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
3) भवाद गांव केस: सीजेएम कोर्ट ने 17 फरवरी 2006 को सलमान को दोषी करार दिया और एक साल की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने इस मामले में भी सलमान को बरी कर दिया है। राज्य सरकार ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
4) आर्म्स केस:18 जनवरी 2017 को कोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है।


 


सलमान ने 20 साल में 18 दिन जेल में काटे


- हिरण शिकार के 3 मामलों में सलमान पुलिस और ज्यूडिशियल कस्टडी में 18 दिन जेल में रह चुके हैं। 
6 दिन: वन विभाग ने 12 अक्टूबर 1998 को हिरासत में लिया था। वे 17 अक्टूबर तक जेल में रहे।
6 दिन: घोड़ा फार्म मामले में 10 अप्रैल 2006 को सलमान को लोअर कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई। 15 अप्रैल तक जेल में रहे।
6 दिन: सेशन कोर्ट ने इस सजा की पुष्टि की। तब 26 से 31 अगस्त 2007 तक सलमान जेल में रहे।


 


 


सलमान को जान से मारने की धमकी, पुलिस की सांसें अटकीं


- पंजाब-हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने कुछ महीने पहले ही कोर्ट में पेशी के दौरान सलमान को जान से मारने की धमकी दी थी।


- लॉरेंस अभी भरतपुर जेल में है, लेकिन उसके 20 गुर्गे जोधपुर जेल में बंद हैं। पुलिस ने जेल डीजी को लेटर लिखा है लिखकर सलमान और अन्य कलाकारों की जेल में सुरक्षा का अनुरोध किया है। डीआईजी जेल ने कहा है कि फिल्म कलाकार जेल आते हैं तो उन्हें सभी कैदियों से अलग रखा जाएगा।


- बता दें कि मुंबई में शूटिंग के वक्त भी अनजान आदमी के हथियार लेकर सलमान के पास पहुंचने की खबर पर उन्हें पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचाया गया था। 


मंथन न्यूज दिल्ली आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप के लिए दुल्हन ढूंढ़ ली है. तेज प्रताप की शादी परसा से आरजेडी विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी से हो सकती है. बता दें कि चंद्रिका राय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा राय के बेटे हैं.


कौन हैं चंद्रिका राय, लालू से होने जा रही है रिश्तेदारी

चंद्रिका राय बिहार के पूर्व सीएम दरोगा राय के बेटे हैं. आरजेडी के विधायक हैं. सारण के परसा विधानसभा क्षेत्र से. दरोगा राय बिहार के 10वें मुख्यमंत्री थे. वे 16 फरवरी 1970 से लेकर 22 दिसंबर 1970 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे.

तेज प्रताप की शादी आरजेडी विधायक और प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि शादी होगा तो सब लोगों को सूचना मिल जाएगी. शादी तो होना ही है, रिश्ते चाहे जहां से भी आए हो, दोनों का मिलन होगा वहां शादी तो होगी ही. तेज प्रताप की शादी की आधिकारिक पुष्टि तो परिवार की तरफ से होगी.

उन्होंने कहा, 'खुशी का सवाल है कि तेज प्रताप की शादी होगी, लालूजी भी सगाई में शामिल होंगे. जल्दी आ जायेंगे, उन्हें न्याय जल्दी मिलेगा. मैं लालू परिवार का करीबी हूं मगर शादी ब्याह का मामला है, इसीलिए आधिकारिक पुष्टि घर से ही होगी.'

आरजेडी विधायक चंद्रिका राय

अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में रहे हैं तेज प्रताप

बता दें कि तेज प्रताप अपनी शादी को लेकर काफी सुर्खियों में रह चुके हैं. बीजेपी नेता सुशील मोदी के बेटे की शादी के मौके पर मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप से जब यह सवाल पूछा गया था कि उनकी शादी कब होगी तो इसके जवाब में तेज प्रताप ने कहा था कि वह अपने लिए दुल्हन ढूंढ़ने की जिम्मेदारी सुशील मोदी को सौंपते हैं.

तेज प्रताप ने सुशील मोदी को दी थी लड़की ढूंढ़ने की जिम्मेदारी

तेजप्रताप ने कहा कि बच्चों के लिए दुल्हन ढूंढ़ने की जिम्मेदारी घर के बड़े और बुजुर्गों की होती है और ऐसे में वह यह जिम्मेदारी सुशील मोदी को सौंप रहे हैं. तेज प्रताप ने अपने लिए दुल्हन ढूंढ़ने की जिम्मेदारी सुशील मोदी को क्या सौंपी, सुशील मोदी ने बिना देर किए तेज प्रताप के लिए दुल्हन ढूंढ़ने की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली. हां, मगर तेज प्रताप के लिए दुल्हन ढूंढ़ने के लिए मोदी ने तीन शर्तें रखी.

सुशील मोदी ने रखी थी शर्त

सुशील मोदी ने ट्वीट करके लिखा कि वह तेज प्रताप यादव के लिए दुल्हनिया ढूंढ़ देंगे, लेकिन तेज प्रताप को ये तीन शर्तें माननी होंगी. पहली शर्त यह कि वह अपनी शादी में दहेज नहीं लेंगे, दूसरी शर्त यह कि वह अंगदान करने का संकल्प लें और तीसरी शर्त यह कि वह भविष्य में किसी के भी विवाह में तोड़फोड़ करने की धमकी नहीं देंगे.

मंथन न्यूज़ -मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज टीकमगढ़ जिले के जतारा विकासखण्ड मुख्यालय पर महिला सम्मेलन एवं कृषक मेले में कहा कि राज्य सरकार द्वारा शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने से युवाओं को मिलने वाली नौकरियों में कोई कमी नहीं आयेगी। उन्होंने श्रमिक वर्गों को आश्वस्त किया कि हर वर्ग के श्रमिक को असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में शासन की सभी योजनाओं का फायदा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ जिले में 50 करोड़ 55 लाख रुपये लागत के विकास एवं निर्माण के कार्यों का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के एक लाख 4 हजार 170 हितग्राहियों को 91 करोड़ 94 लाख रुपये के हितलाभ वितरित भी किये। श्री चौहान ने भूमिहीनों को आवासीय पट्टे, ग्रामीण महिलाओं को उज्जवला योजना के नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन और बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र भी भेंट किये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बुंदेलखण्ड अंचल की तरक्की तथा यहाँ के रहवासियों की खुशहाली के लिये सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का किसान पंजाब तथा हरियाणा राज्यों के किसानों से भी अधिक खुशहाल बन सके। किसान-कल्याण और कृषि विकास की योजनाओं और महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए उपस्थित विशाल जन-समुदाय को बताया कि पिछले वर्ष हुए गेहूँ उपार्जन के लिये किसानों को 200 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त धनराशि दी जायेगी। यह राशि 16 अप्रैल को किसानों के खाते में एक साथ हस्तांतरित की जायेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गेहूँ के 1735 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा 265 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि 10 जून को किसानों के खातों में एक साथ ट्रांसफर की जायेगी। श्री चौहान ने जानकारी दी कि राज्य सरकार समाधान योजना में डिफाल्टर किसानों को शून्य प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण मुहैया करवायेगी। इन किसानों को केवल दो किश्त में मूल धन जमा करना होगा। मूल धन जमा कराते ही किसान को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण प्रदान किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि इस योजना में किसानों का ब्याज राज्य सरकार भरेगी।
श्री चौहान ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की जानकारी देते हुए कहा कि हर वर्ग के महिला और पुरुष श्रमिक को हर कदम पर राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। इस योजना में पंजीकृत प्रत्येक श्रमिक को शासन की योजनाओं का लाभ दिलवाया जायेगा, आवासीय पट्टा देकर जमीन और घर का मालिक बनाया जायेगा, श्रमिक परिवार के बच्चों की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। श्री चौहान ने योजना की बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर लोगों को संकल्प दिलाया कि बेटा-बेटी में फर्क नहीं करेंगे, बच्चों को स्कूल भेजेंगे और घर तथा आसपास साफ-सफाई रखेंगे।
विधायक श्री दिनेश अहिरवार, श्री के.के. श्रीवास्तव, श्रीमती अनीता नायक, श्री अनिल जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवार और अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

दुनियाभर में आतंकवाद को प्रश्रय देने के लिए कुख्यात हो चुके पाकिस्तान के लिए एक और शर्मिंदगी सामने आ गई है। अब तो पाकिस्तान का सहयोगी और मित्र माने जाने वाले देश भी उसे लताड़ रहे हैं। ताजा वाकया दुबई का है। दुबई के एक पुलिस वरिष्ठ अधिकारी ने कई सारे ट्वीट कर भारतीयों की खूब प्रशंसा की और पाकिस्तानियों को लताड़ा है।
in tweets, a senior dubai cop praises indians, bashes pakistanisदुबई के लेफ्टिनेंट जनरल और जनरल सिक्यॉरिटी के हेड धाही खलफान ने पाकिस्तानी समुदाय को अशांति फैलाने वाला, अपराध और तस्करी में शामिल बताया। उन्होंने भारतीयों को बेहद अनुशासित बताया। खलफान ने ये ट्वीट स्मगलिंग मामले में पाकिस्तानियों के गैंग के पकड़े जाने के बाद किया। उधर, पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि खलफान अपने विवादित बयान के लिए जाने जाते हैं और इसी कारण ट्विटर पर उनके 26 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। 

खलफान ने गिरफ्तार पाकिस्तानियों के साथ एक फोटो ट्वीट किया था। उसके नीचे लिखे कॉमेंट उन्होंने लिखा है, 'पाकिस्तानी खाड़ी के समाज के लिए खतरनाक हैं क्योंकि वे अपने साथ यहां ड्रग लाते हैं। हमें अपने देश में प्रवेश पर सख्ती करनी चाहिए।' 

इसके बाद खलफान कहा कि आखिर भारतीय इतने अनुशासित हैं जबकि पाकिस्तानी ऐसे नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'आखिर भारतीय इतने अनुशासित कैसे हैं। पाकिस्तानी समुदाय अपराध, स्मगलिंग में शामिल रहते हैं।' 

खलफान ने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैं अपने देश के नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तानियों को नौकरी नहीं दें। पाकिस्तानियों को नौकरी देने से रोकना हमारी राष्ट्रीय ड्यूटी होनी चाहिए।'उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खाड़ी क्षेत्र के लिए खतरनाक हैं। खलफान ने ट्वीट कर लिखा, 'पाकिस्तानी खाड़ी समाज के लिए खतरनाक हैं।' 

social media 04 04 2018मंथन न्यूज़ -अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बदलाव के फैसले के बाद दो अप्रैल को आयोजित भारत बंद के दौरान हुए दंगों से सबक लेकर मप्र पुलिस ने दस अप्रैल को फैसले के समर्थन में आयोजित बंद के संगठनों की पहचान का प्रयास शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर बंद के आव्हान संबंधी संदेशों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस मुख्यालय में आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो अप्रैल के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन में भारत बंद का आव्हान किया गया है जिसका कुछ दिनों से सोशल मीडिया वाट्सअप ग्रुप आदि के माध्यम से प्रचार चल रहा है। कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन द्वारा बंद का आव्हान करने वाले संगठनों की पहचान की गई है। कुछ संगठनों ने बंद से अलग होने की भी घोषणा की है।
तीनों तारीखों के आयोजनों की सूची मांगी
देउस्कर ने बताया कि 10 अप्रैल के साथ ही 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती व 18 अप्रैल को परशुराम जयंती को देखते हुए सभी जिलों में स्थानीय अधिकारियों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बंद या दोनों अन्य तारीखों के आयोजनों के आयोजकों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों से आयोजनों की सूची मांगी गई है। ग्वालियर-चंबल और सागर संभागों सहित महाराष्ट्र से सटे प्रदेश के जिलों को संवेदनशील माना है।
236 गिरफ्तारियां
आईजी इंटेलीजेंस ने बताया कि ग्वालियर, भिंड और मुरैना में दंगों के करीब 90 अपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं जिनमें 236 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। ग्वालियर में 45 प्रकरण में 75, भिंड में 33 एफआईआर में 50 और मुरैना में 12 प्रकरण में 111 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। राजा चौहान के खिलाफ दर्ज 308 के मामले में देउस्कर ने कहा कि आत्मरक्षार्थ गोली चलाना तब तक सही है जब तक आक्रमणकारी पीछे नहीं हटते, जैसे ही आक्रामणकारी पीछे हट जाते हैं तो फायरिंग करने का अधिकार समाप्त हो जाता है।

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