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मंथन न्यूज़ दिल्ली -मई, 2014 में अपार लोकप्रियता और लोकसभा चुनाव में जबर्दस्‍त सफलता हासिल कर नरेंद्र मोदी केंद्र की सत्‍ता में पहुंचे. सीटों के लिहाज से सबसे बड़े राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में पार्टी ने रिकॉर्ड 80 में से 71 सीटें जीतीं. लिहाजा बीजेपी को स्‍पष्‍ट बहुमत मिलने में इस राज्‍य की बड़ी भूमिका मानी जाती है. यह राज्‍य इसलिए भी सियासी लिहाज से बेहद अहम है क्‍योंकि देश में सबसे ज्‍यादा लोकसभा सीटें इसी राज्‍य में हैं. अब अन्‍य चार राज्‍यों समेत यूपी में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में नोटबंदी के फैसले और पीएम मोदी के कार्यकाल के ढाई साल बीतने के बाद यूपी समेत इन राज्‍यों में बीजेपी की सफलता और विफलता को उनकी लोकप्रियता और साख से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

नोटबंदी का असर  
इन चुनावों को पीएम मोदी के नोटबंदी के निर्णय पर जनता की रायशुमारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है. चूंकि नोटबंदी की घोषणा के बाद ये विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, ऐसे में यदि यूपी समेत अन्‍य चार राज्‍यों में होने जा रहे चुनावों में यदि बीजेपी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली तो यह माना जाएगा कि जनता ने उनकी नोटबंदी के फैसले को पसंद नहीं किया. वैसे भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यदि नोटबंदी के 50 दिनों में जनता विशेष रूप से ग्रामीण भारत को कैश की किल्‍लतों का सामना करना पड़ा. नतीजतन आरबीआई को घोषणा करनी पड़ी कि 40 प्रतिशत कैश का प्रवाह अब ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा. ऐसे में यदि यूपी जैसे प्रमुख राज्‍यों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती तो उसका असर 2019 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा.  
सत्‍ता का सेमीफाइनल : 5 राज्‍यों के चुनावों से पीएम मोदी की लोकप्रियता का भी होगा इम्तिहान

इसके साथ ही यदि बीजेपी को सफलता मिलती है तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ेगा और उनके कद में इजाफा होगा. 'सर्जिकल स्‍ट्राइक', नोटबंदी जैसे साहसिक फैसले लेने वाले मोदी अपने बाकी बचे ढाई साल के कार्यकाल में भ्रष्‍टाचार, काला धन के खिलाफ अन्‍य महत्‍वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होंगे.

विपक्ष का दांव
अब चूंकि पीएम मोदी के कार्यकाल के ढाई साल बीत चुके हैं और यदि नोटबंदी पर जनता उनके खिलाफ मत देती है तो अभी तक हाशिए पर पड़े विपक्ष को वापसी का मौका मिल सकता है. 2019 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर विपक्ष अधिक हमलावर रुख अपना सकता है. विशेष रूप से राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कांग्रेस के लिए ये वापसी का बड़ा मौका हो सकता है. उसकी बड़ी वजह यह है कि राहुल गांधी ने नोटबंदी के दौरान बीजेपी के खिलाफ मोर्चा लेने में विपक्ष की अगुआई का काम किया. पूरा शीतकालीन सत्र नोटबंदी की भेंट चढ़ गया.

यूपी चुनावों के मद्देनजर राहुल ने उत्‍तर प्रदेश में किसान यात्रा की है. खाट सभा का आयोजन किया गया. सूबे के मौजूदा सियासी घटनाक्रम के मद्देनजर यदि अखिलेश यादव के नेतृत्‍व वाले सपा धड़े के साथ कांग्रेस का समझौता हो जाता है और यदि यह गठबंधन सफल होता है तो कांग्रेस के लिए फायदे की स्थिति होगी. यूपी के अलावा बड़े राज्‍य के रूप में पंजाब को लेकर भी कांग्रेस काफी आशान्वित है.
                                         पूनम पुरोहित 

मंथन न्यूज़ 
संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं. नोटबंदी पर विपक्ष ने सरकार को सड़क से संसद तक घेरने की तैयारी कर ली है. कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी जहां राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने की तैयारी में हैं वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने नोटबंदी के फैसले की जेपीसी से जांच कराने की मांग की है. 500 और 1000 के नोट बंद करने के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेगी और राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेगी.

लोकसभा का पहला दिन नहीं रहे पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. वहीं राज्यसभा में विपक्ष मे जमकर हंगामा किया. मायावती ने कहा कि बीजेपी ने अपना कालाधन सफेद कर लिया.

हम हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार
सेशन से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इस बार सत्र में अच्छी चर्चा होगी. हम चर्चा के लिए तैयार हैं. सबके साथ रहने से अच्छा काम होता है. खुलकर चर्चा हो इसके लिए भी हम तैयार हैं. जनता की उम्मीदों पर चर्चा होगी. पीएम ने कहा कि पिछले सत्र में जीएसटी जैसा अहम बिल पास हुआ, ये बड़ा कदम था. मैंन सभी दलों को 
धन्यवाद कहा था.

मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पहले अपनी बैठक की. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक के दौरान शीर्ष नेताओं की राय थी कि विमुद्रीकरण के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में सवाल उठाया जाएगा. सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पीएम ने सभी पार्टियों से नोटबंदी का समर्थन करने की अपील की
सीनियर मंत्रियों के साथ पीएम की बैठक
इस बीच संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में अपनी कैबिनेट के सीनियर मंत्रियों के साथ बैठक की. इस बैठक में पीएम मोदी के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार शामिल हैं.
संसद में सरकार को घेरने के दांव-पेंच पर चर्चा करने के लिए सोमवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के संसद भवन स्थित कमरे में बैठक हुई. इसमें तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), भाकपा, माकपा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और वाईएसआर कांग्रेस के नेता शामिल हुए. नेताओं ने एक साझा रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को फिर से बैठक की. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा विपक्ष-
1. वन रैंक वन पेंशन
3. कश्मीर मुद्दा/पाकिस्तान
4. किसान
5. सर्जिकल स्ट्राइक
'नोट बंदी बहुत बड़ा घोटाला साबित होगा'
राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि लोगों को भारी मुश्किलों में डालने वाली मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट हुआ है. बैंकों-एटीएम के बाहर कतारों में 18 से 20 लोगों की मौत हो चुकी है और प्रधानमंत्री हंस रहे हैं. मोदी सरकार ने बीजेपी के लोगों को नोटबंद करने के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था. राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि नोटबंद करने की घोषणा के बारे में वित्त मंत्री भी जानते थे.
केजरीवाल ने कहा- SC की निगरानी में हो जांच
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़े नोटों का चलन बंद करने की योजना की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की. केजरीवाल ने इसे धोखा बताया और बीजेपी पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा कि इसका उद्देश्य एक खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाना है. केजरीवाल ने एकदिवसीय आपातकालीन सत्र के दौरान इस संबंध में दिल्ली विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया.
                                                                पूनम पुरोहित 
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मंथन न्यूज़ दिल्ली -500 और 1000 के नोट बंद किए जाने के बाद कैश की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत देते हुए सरकार ने एटीएम से पैसे निकालने की सीमा बढ़ाने का फैसला किया है।
रविवार की देर रात पीएम ने वित्त मंत्री, गृहमंत्री और आरबीआई के गवर्नर के साथ एक बैठक की। जिसके बाद परेशान हो रहे लोगों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। 
मोदी सरकार ने लिए 10 बड़े राहत भरे फ़ैसले, ज़रूर पढ़िए
पहला फैसला: पहले एक हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा 20 हज़ार रुपये निकाल सकते थे अब ये सीमा 24 हज़ार रुपये कर दी गई है।
साथ ही साथ 24 हज़ार रुपये एक बार में निकाले जा सकते हैं। पहले दो अलग-अलग दिनों में 10-10 हज़ार रुपये करके कुल 20 हज़ार रुपये निकाले जा सकते थे। 
दूसरा फैसला: ATM से 2000 की बजाय अब 2500 रुपए निकाले जा सकते हैं। ये उन एटीएम पर लागू होगा जो नए नोटों के हिसाब से तैयार किये जा चुके हैं।
तीसरा फैसला: पहले एक दिन में 4000 रुपये के पुराने नोट बदले जा रहे थे अब ये सीमा  4,500 रुपये कर दी गई यानी अब आप 500 रुपये ज्यादा बदल पाएंगे।
चौथा फैसला: इमरजेंसी सेवाओं के लिए पुराने नोट चलने की सीमा 14 नवंबर से 24 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
यानि अस्पताल, पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, मेडिकल स्टोर जैसी इमरजेंसी सेवालों के लिए पुराने सीरीज़ के 500 और 1000 रुपये के नोट 24 नवंबर तक मान्य रहेंगे।
पांचवां फैसला: वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगो के लिए अलग से लाइन होगी। जबकि बैंकों में रुपए बदलने और पैसे निकालने के लिए अलग-अलग लाइन रखने का आदेश दिया गया है।
छठा फैसला: व्यापारी करंट एकाउंट से एक बार में 20 हज़ार की जगह 50 हज़ार रुपये निकाल पाएंगे।
सातवां फैसला: एटीएम मशीन को जल्दी से जल्दी नए नोटों के लिए तैयार किया जाए उसके लिए आरबीआई के डिप्टी गवर्नर की अगुवाई में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
आठवां फैसला: अस्पताल जैसी जगहों पर माइक्रो एटीएम लगाए जाएंगे।
नौवां फैसला: पेंशनधारक अब 15 जनवरी तक सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर पाएंगे,  पहले से सीमा 30 नवंबर तक ही थी।
दसवां फैसला: सरकारी दफ्तरों को ज्यादा से ज्यादा ई-पेमेंट का सुझाव दिया गया है। 
                                                                                                       पूनम पुरोहित 

मंथन न्यूज़ दिल्ली -आज से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है. नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष सरकार के खिलाफ़ एकजुट दिख रहा है. इससे पहले सोमवार को कांग्रेस, टीएमसी, सीपीएम, आरजेडी समेत कई दलों की बैठक हुई.
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वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र से पहले मीडिया के सामने कहा कि देशहित में चर्चा होनी चाहिए. सरकार की सोच और लोगों की समस्याओं पर इस सत्र में अच्छी डिबेट होगी. सभी दलों का अच्छा योगदान होगा. सरकार की ओर से प्रस्तावित काम पर सभी दलों को साथ लेकर आगे चलने का काम किया जाएगा.जीएसटी पर भी सभी दलों के साथ आगे बढ़ा जाएगा. सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा.
 
वहीं मंगलवार को कांग्रेस ने शीतसत्र के लिए रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक की. इस बैठक में सरकार को घेरने की बात कही गई है. इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने पीएम पर बीजेपी नेताओं को नोटबंदी की जानकारी लीक करने का आरोप लगाते हुए इसे एक बड़ा घोटाला बताया है.

इसके अलावा विपक्ष सर्जिकल स्ट्राइक, जम्मू-कश्मीर के वर्तमान हालात, ओआरओपी जैसे कई दूसरे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है. शीत सत्र के पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात कर काले-धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सहयोग और समर्थन की अपील की. सर्वदलीय बैठक में पीएम ने एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के विकल्प का भी सुझाव दिया.

वहीं टीएमसी की अध्यक्ष ममता बनर्जी आज अपनी पार्टी के 40 सांसदों के साथ राष्ट्रपति से मुलाक़ात करेंगी और सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ ज्ञापन देंगी.
                                                                                           पूनम पुरोहित 


खास बातें

  1. नोटबंदी के बाद पीएम मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर लोगों से मुखातिब हुए
  2. सरकार ने यह फैसला काले धन की सफाई के लिए लिया गया : पीएम मोदी
  3. किसी ईमानदार को तकलीफ नहीं, बेईमानों का पकड़ना है मकसद : पीएम
मंथन न्यूज़ -कोबे (जापान): काले धन पर अंकुश लगाने के मकसद से 500 और 1000 रुपये के नोट बैन करने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर लोगों के सामने अपनी बात रखी. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कालेधन को बाहर निकालने के लिए और कदम उठाने का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास बेहिसाब धन है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और इस बात की कोई 'गारंटी' नहीं है कि 30 दिसंबर के बाद और कदम नहीं उठाए जाएंगे. सरकार ने लोगों को पुराने नोट जमा कराने के लिए 30 दिसंबर तक का ही समय दिया है.
पीएम मोदी ने कहा, बेहिसाब धन रखने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, और भी कड़े कदम उठा सकती है सरकार

जापान यात्रा पर गए पीएम मोदी ने वहां भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में पीएम मोदी ने कहा, 'मैं एक बार फिर यह घोषणा करना चाहूंगा कि इस योजना के बंद होने के बाद इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कालाधन रखने वालों को ठिकाने लगाने के लिए (दंड देने के लिए) कोई नया कदम नहीं उठाया जाएगा.'

नोटबंदी के इस फैसले के बाद नकदी की किल्लत होने की वजह से लोगों में बढ़ते गुस्से के बीच पीएम मोदी ने साफ किया कि सरकार ने यह फैसला काले धन की सफाई के लिए लिया गया, किसी को तकलीफ देने के लिए नहीं. उन्होंने 500 और एक हजार रुपये ने नोट को प्रचलन से हटाने के बाद की परेशानियों का जिक्र किया और 125 करोड़ भारतीयों के जज्बे को सलाम किया.


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं अपने देश के लोगों को सलाम करता हूं. लोग चार से छह घंटे तक लाइन में खड़े हुए हैं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रहित में इस फैसले को स्वीकार किया, जैसा कि 2011 की आपदा के बाद जापान ने किया था.' उन्होंने कहा, 'मैं लोगों के समक्ष आने वाली परेशानियों पर लंबे समय तक विचार किया, लेकिन इसे गोपनीय रखना भी जरूरी था. इसे अचानक किया जाना था, लेकिन मुझे कभी यह नहीं पता था कि इसके लिए मुझे शुभकामनाएं मिलेंगी.'

पीएम मोदी ने सरकार के इस कदम को देश का सबसे बड़ा 'स्वच्छता अभियान' करार देते हुए कहा, 'हम आजादी के बाद से अब तक के सारे रिकॉर्ड जांचेंगे, अगर मुझे बिना हिसाब-किताब की कोई नकदी मिलती है, तो किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा.' उन्होंने साथ ही बताया कि ये रातोंरात लिया गया फैसला नहीं है, पहले हम एक योजना लाए. ऐसा नहीं है कि किसी को मौका नहीं दिया गया.गंगा नदी में काल  धन बहाने

वहीं कई जगह में गंगा नदी में काल  धन बहाने की खबरों को पर भी पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, पहले गंगा में कोई एक रुपया भी नहीं डालता था, अब 500 और 1000 के नोट भी बह रहे हैं. बेईमानों को लगने लगा है कि बैंक में जाने से अच्छा गंगाजी में जाना है, पैसे मिले ना मिले पुण्य तो मिल जाएगा.

इसके साथ ही उन्होंने इस नोटबंदी से परेशान लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 30 दिसंबर तक किसी को कोई तकलीफ नहीं होगी, जो आपका है आपको मिलेगा. ईमानदार लोगों के लिए सरकार सब कुछ करेगी, बेईमानी का हिसाब चुकता होता रहेगा.  पूनम पुरोहित 

पीएम मोदी ने कहा कि 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक पांच सौ और एक हजार के नोट बैंकों में जमा कराए जा सकते हैं।
मंथन न्यूज़ नई दिल्ली। ठीक 15 दिन पहले वडोदरा में एक समारोह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, 'क्या हो अगर काले धन के खिलाफ भी एक सर्जिकल स्ट्राइक हो जाए।' तब किसी को उनकी मंशा का पता नहीं चल पाया था। लेकिन मंगलवार को रात आठ बजे जब प्रधानमंत्री ने अचानक ही राष्ट्र को संबोधित करते हुए आधी रात से देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का एलान किया, तब उनकी बात की गहराई का पता चला।
काले धन और भ्रष्टाचार को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना कर सत्ता में आई राजग सरकार की तरफ उठाए गए इस कदम को आजादी के बाद देश में भ्रष्टाचार व काले धन के खात्मे के लिए उठाया गया सबसे अहम कदम बताया जा रहा है। मोदी ने इस बारे में घोषणा करते हुए कहा कि अब पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट सिर्फ कागज के टुकड़े हैं। अब देश में सिर्फ 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, पांच रुपये, दो रुपये के नोटों के अलावा इनसे कम कीमत वाले सिक्के प्रचलन में रहेंगे।
जल्द ही बाजार में अाएंगे नए नोट
वैसे, सरकार नए 500 और 2000 रुपये के नोट बाजार में उतारने की तैयारी कर चुकी है। नई व्यवस्था के तहत तैयारियों के लिए बैंकों को बुधवार (09 नवंबर) को बंद करने का फैसला किया गया है, जबकि बुधवार और गुरुवार (9-10 नवंबर को देश के एटीएम भी बंद रहेंगे। इसके बाद एटीएम को खुलेंगे, लेकिन जनता को सिर्फ चार हजार रुपये तक ही निकालने की छूट होगी।
10 नवंबर से 30 दिसंबर तक जमा कर सकते हैं पुराना नोट
मोदी ने इस कदम से आम जनता को होने वाली समस्या और अफरातफरी से बचने के लिए कई कदमों का एलान किया। सबसे पहले तो जिन लोगों के पास अभी 500 और एक हजार रुपये के नोट हैं, उन्हें इसे बदलने का मौका दिया गया है।10 नवंबर से 30 दिसंबर तक इन पुराने नोटों को बैंकों या डाकघरों में जमा कराने का मौका मिलेगा। ये नोट ग्राहक अपने खाते में जमा करा सकते हैं।

प्रतिदिन एटीएम से निकाल सकते हो इतना रुपया
शुरुआत में ग्राहकों को एटीएम से रोजाना सिर्फ दो हजार रुपये निकालने की छूट होगी। कुछ दिनों बाद इसे बढ़ाकर चार हजार रुपये किया जाएगा। बाद में इस सीमा को और बढ़ाया जा सकता है। यही नहीं, बैंक खाते से भी ग्राहकों को एक दिन में 10 हजार रुपये और 20 हजार रुपये प्रति सप्ताह निकालने की ही छूट होगी। इस सीमा को भी बाद में संशोधित किया जाएगा।
पीएम मोदी ने 40 मिनट तक राष्ट्र के नाम संबोधन किया
प्रधानमंत्री ने 40 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में इस कदम को देश में काले धन के खात्मे के साथ ही भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए भी बेहद जरूरी बताया। उन्होंने देश की जनता से आह्वान किया कि यह राष्ट्र निर्माण का मौका है। हम सभी को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। बड़े नोटों के होने का फायदा आतंकी समूह भी उठा रहे थे। देश के दुश्मन भी नकली नोट छापकर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। जनता के साथ ही पीएम ने देश के सभी राजनीतिक दलों, समाजिक संगठनों व मीडिया से इस कदम को सफल बनाने में मदद की अपील की।
सभी अवश्यक सेवाअों के लिए पुराने नोट स्वीकार्य होंगे
सरकारी अस्पतालों में भुगतान के लिए, दवा खरीदने के लिए अभी पुराने नोट स्वीकार्य होंगे। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशन पर भी इसे स्वीकार किया जाएगा। सरकार के इस कदम को सफल बनाने के लिए वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने बताया कि 10 नवंबर के बाद से ही नए सीरीज के नोट जारी होने लगेंगे। नए नोट महात्मा गांधी न्यू सीरिज नोट के तहत जारी होंगे। पांच सौ के नोट में महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ लाल किले का फोटो होगा, जबकि 2000 रुपये के नोट में गांधी जी के साथ मंगलयान का फोटो होगा।
 काले धन को लेकर पीएम मोदी ने बड़ा फैसला लेते हुए 500 और 1000 रूपये के नोटों को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। इन नोटों पर आज रात से ही प्रतिबंध लग जाएगा, सिर्फ बैंक और डाकघर में ही पुराने नोट देकर नए नोट लेने की व्यवस्था होगी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कही ये है बड़ी बातें।
1. अब से 500 और 1000 रुपए के नोट अब नहीं चलेंगे। सर्जिकल स्ट्राइक 
2. 50 दिनों में यानी 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपए के नोट बैंकों और डाकघरों के पास जमा कराने होंगे।
3. हालांकि अस्पताल, ट्रेन या श्मशान जैसी कुछ जगहों पर पुराने नोट इस्तेमाल करने के लिए 1-3 दिन तक की ढील दी गई है।
4. 09-10 नवंबर को कुछ एटीएम बंद रहेंगे। शुरु में कुछ दिनों तक हर रोज 2000 रुपए से ज्यादा नहीं निकाले जा सकेंगे।
5. 09 नवंबर को सभी बैंक पब्लिक के कामों के लिए बंद रहेंगे।
6. चेक, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
7. बाजार में 500 और 2000 रुपए के नए नोट आएंगे।
8. 25 नवंबर तक 4000 रुपए के नोट बदले जा सकेंगे। 25 नवंबर के बाद इसकी सीमा बढ़ जाएगी।
साथ में सरकार ने लोगो को 500 और 1000 के नोट बदलने का समय दिया 
देश में काला धन खत्म करने को लेकर पीएम मोदी ने बड़ा फैसला किया है। आज रात से ही 500 और 1000 के नोट बंद हो जाएंगे। यही नहीं 9 और 10 नवंबर को पूरे देश में एटीएम से पैसा भी नहीं निकाला जा सकेगा। पीएम मोदी ने आज शाम देश को संबोधित करते हुए ये बड़ा एलान किया।
सरकार ने लोगों को अपने 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए 50 दिनो का समय दिया है। यानि आज 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक में जाकर अपना पुराना नोट जमा कर सकते हैं और नए नोट ले सकते हैं।
वित्त सचिव शशिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आज रात से ही नए नोट बाजार में आ जाएंगे। यही नहीं अब से 2000 रूपये के नोट भी बाजार में होंगे। 2000 के नए नोट पर मंगलयान की तस्वीर होगी।
कैसा होगा 500 और 2000 रुपये का नया नोट? 
पीएम मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरबीआई 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी करेगा।
नई दिल्ली, (जेएनएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज काला धन को लेकर सख्त कदम उठाया है। पीएम मोदी ने आज ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पांच सौ और हजार रूपये के नोट को बंद करने का एलान किया। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने 500 और 2000 रुपये के नए नोट की तस्वीर जारी की। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर से नए नोटों को बाजार में लाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
ऐसे होंगे 500 और 1000 रुपये के नए नोट
500 रुपये के नए नोट में लाल किले का फोटो होगा जबकि 2000 रुपये के नोट पर मंगल यान का चित्र होगा।
                                                  ( पूनम पुरोहित )


                               
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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।
  

शौर्य स्मारक समारोह में पहुंचे मोदी ने कहा मूल्‍यों के लिए जान देते हैं जवान - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी     भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से भोपाल पहुंचे, एयरपोर्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे शौर्य स्मारक का लोकार्पण करने लाल परेड मैदान के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री जैसे ही मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे, पूरा लाल परेड ग्राउंड मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा। वहीं प्रधानमंत्री ने यहां सबसे पहले लाल परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों से 'शहीदों... अमर रहे' के नारे लगवाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सैन्य बल मानवता की बड़ी मिसाल है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ मुसीबत में फंसे लोगों की सेवा करना भी भारत के जवान अपना धर्म समझते हैं। उन्होंने दो साल पहले जम्मू कश्मीर में आई भीषण बाढ़, केदारनाथ, बदरीनाथ में सेना द्वारा किए गए साहसिक कार्य का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के बाद जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न् कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 7:05 बजे पणजी के लिए रवाना हो जाएंगे।
ये भी कहा प्रधानमंत्री मोदी ने
- जहां ड्यूटी लगाते हैं, वहां जान लगा देते हैं जवान
- विश्व के पीस मिशन में भारतीय सैनिकों के योगदान ज्यादा।
- यमन में फंसे भारतीय नागरिकों को हमारी सेना ने बचाया।
- भारतीय सेना पाकिस्तानी नागरिकों को भी बचाकर लाई।
- पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भारत का कोई लेना-देना नहीं था।
- लेकिन दोनों युद्ध में 1.5 लाख भारतीय जवान शहीद हो गए।
- पूरा विश्व भारतीय सैनिकों को बलिदान का भुला देता है।
- भारतीय सैनिकों ने जब जरूरत पड़ी, अपना पराक्रम दिखाया।
- हमारे पूर्वजों ने जमीन के लिए कभी झगड़ा नहीं किया है।
- देश के लोग चैन से सो जाएं, तो सेना को सुकून मिलता है।
- जैसे हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है, वैसे हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं है।
- पूर्व सैनिकों को सातवें वेतनमान से ज्यादा फायदा मिला।
- रिटायर होने वाले सैनिकों को स्क्लि डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी।
- हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वादा पूरा किया।
- ये शौर्य स्मारक सभी देशवासियों के लिए तीर्थ स्थल है।
- यह शौर्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों ने प्रेरणा स्थल रहेगा।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने की प्रशंसा
शौर्य सम्मान सभा और पूर्व सैनिक सम्मेलन मोदी के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आए। पर्रिकर मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शौर्य स्मारक बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की।
शहीदों के अभिभावकों के लिए 5 हजार रुपए पेंशन की घोषणा
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भोपाल आना गौरव की बात है। शिवराज ने कहा कि ये साधारण आम सभा नहीं है बल्कि शौर्य सम्मान सभा है। शिवराज ने शहीद सैनिकों के माता-पिता को प्रति माह पांच हजार रूपए पेंशन देने की घोषणा की। इसके अलावा पूर्व सैनिकों को जीवन यापन के लिए जमीन देने की भी घोषणा की।
ऐसा है शौर्य स्मारक - जीवन-मृत्यु, युद्ध-शांति, मोक्ष-उत्सर्ग जैसे अनुभवों को को सरल, सहज तरीके से आर्किटेक्ट के जरिए दर्शाने का प्रयास किया गया है। स्थलाकृतियां के माध्यम से लैंडस्केपिंग कर आकार, रंग-रूप और तकनीक का रोचक ताना-बाना बुना गया है।
शौर्य स्तम्भ - 62 फीट ऊंचा स्तम्भ, एक सैनिक के जीवन को दर्शाता है। स्तम्भ की ग्रेनाइट डिस्क इसका वर्णन करती है। पृथ्वी (आर्मी), जल (नौसेना) तथा वायु (वायुसेना) के काले ग्रेनाइट स्तम्भ की संगीनता, जल-स्रोत एवं श्वेत ग्रेनाइट पेडेस्टल के हल्केपन के रूप में दर्शाया गया है।
अनंत ज्योत - शहीदों के सम्मान में अनन्य ज्योत को एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक लौ के माध्यम से दर्शाया गया है।
मातृभूमि को नमन - स्मारक में नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगाया है।


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