मंथन न्यूज़ -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपराधी कितना भी सशक्त व प्रभावशाली क्यों न हो, उस पर शिकंजा कसने में पुलिस संकोच न करे। सरकार की नीति के कारण ही प्रदेश में लूट-डकैती और हत्या की घटनाओं में कमी आई है। वे शुक्रवार को पुलिस वीक के दौरान यूपी-100 भवन के सभागार में पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस वीक के महत्व को समझाते हुए कहा कि ऐसे आयोज
नों से फील्ड के अधिकारियों को मुख्यालय के उच्चाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श का मौका मिलता है और पुलिसिंग की भावी दिशा तय करने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने साइबर क्राइम को एक नई चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा की जा रही हैं। इससे निपटने के लिए निरंतर नजर रखी जाए। डीजीपी ओपी सिंह ने बेहतर कानून-व्यवस्था को विकास की धुरी बताया।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार होने से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। डीजीपी ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार समेत की अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिसिंग को लेकर मुख्यमंत्री असंतुष्ट
सम्मेलन में बेहतर पुलिसिंग पर असंतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा आज भी बीट पुलिसिंग और चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी की व्यवस्था कारगर नहीं है। उसे सुधारे बगैर समाज को भयमुक्त नहीं किया जा सकता है। महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस संवेदनशील बने।
पैदल चलने से स्मार्ट दिखते हैं पुलिसकर्मी
पुलिस वीक में राज्यपाल द्वारा प्रशासनिक अफसरों की तुलना में पुलिस कर्मियों को चुस्त-दुरुस्त दिखने संबंधी टिप्पणी पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को बताया कि पुलिसकर्मी प्रशासनिक अफसरों की तुलना में अधिक पैदल चलते हैं, इसलिए वह स्मार्ट दिखते हैं। पुलिस कर्मी प्रतिदिन चेंकिंग आदि के लिए कम से कम एक घंटे तक पैदल चलते हैं। इसलिए उनका स्वास्थ्य ठीक है।


मंथन न्यूज़ -उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ राज्य की पुलिस से नाराज हैं। पुलिस सप्ताह-2018 के मौके पर शुक्रवार को यूपी-100 मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस की छवि में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। कई अच्छे कामों पर एक खराब काम भारी पड़ जाता है।' उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि चौराहों पर पुलिस नहीं दिखती और रात में पुलिस की विजबिलिटी न के बराबर है।
yogi says no improvement in the image of police'रात में महिलाएं बिना डर के आने-जाने लगें, तब होगा कानून का राज'
सीएम योगी ने पुलिस अफसरों को चाणक्य की एक सूक्ति सुनाई और कहा, 'जब रात में कोई भी अकेली महिला बिना डरे सुरक्षित घर आने-जाने लगेगी, उस दिन असल में कानून का राज हो जाएगा। पुलिस कुछ ऐसा करके दिखाए कि दूसरे राज्यों की पुलिस उसे फॉलो करे। जितना सड़क पर पुलिस दिखेगी, उतना ही लोग खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे।' उन्होंने कहा कि इतने बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था और अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस को मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहिए। 
सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकना बड़ी चुनौती' 
योगी ने कहा, 'दिन-ब-दिन सोशल मीडिया का दुरुपयोग पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अपराधी, आतंकी और माहौल खराब करने वाले इसके दुरुपयोग से अपने मंसूबे पूरे कर रहे हैं। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता और सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी की जरूरत है।

मंथन न्यूज़ -शहर में पानी पहुंचाने में नाकाम रही दोशियान से अब मंत्री यशोधरा का विश्वास उठ गया है। बार-बार लाइन फूटने और शहर में पानी की सप्लाई देने में असफल रही दोशियान के कार्य को लेकर मंत्री ने शुक्रवार को फिल्टर प्लांट पर पहुंचने के बाद कलेक्ट्रेट में भाजपा सहित कांग्रेस पार्षदों की बैठक ली। बैठक में नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा भी शामिल हुए। इसमें उन्होंने साफ कर दिया कि अगले सप्लाह में यह तय हो जाएगा कि शहर में पानी कौन 






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लाएगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन के ईएनसी के अधिकारी सतीश राव शिवपुरी पहुंच चुुके हैं। दो-तीन में यह अधिकारी अपनी फाइनल रिपोर्ट देंगे। इसके बाद भोपाल में बैठक कर निर्णय ले लिया जाएगा कि योजना पर काम दोशियान करेगी या फिर नगरीय प्रशासन अथवा कोई और एजेंसी। कलेक्ट्रेट की बैठक में दोशियान के प्रबंधक महेश मिश्रा एक बार फिर कहते नजर आए कि लाइन में एयर की वजह से परेशानी आ रही है और सतनवाड़ा से शिवपुरी के बीच कुछ और स्थानों पर एयर वाल्व लगाए जाएंगे। इसके बाद सभी समस्याएं खत्म होने की उम्मीद है, लेकिन मंत्री मिश्रा के इस बयान से संतुष्ट नजर नहीं आईं। कलेक्टर राठी ने भी यही कहा कि चार दिन से कंपनी यही बात कह रही है और लग रहा है कि अब कमी कहां है, यह बात खुद दोशियान को नहीं मालूम।
अभी आंदोलन का नहीं, बल्कि योजना को पूरा करने पर फोकस का समय
मंत्री ने योजना की लेटलतीफी को लेकर एक बार फिर 9 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दे चुकी पब्लिक पार्लियामेंट और जलक्रांति के निर्णय पर कहा कि जनता की परेशानी से हम सब वाकिफ हैं। अभी प्राथमिकता ये है कि किस तरह जल्द से जल्द पानी शिवपुरी आए। ऐसे में दबाव बनाने के लिए आंदोलन होने से सही निर्णय लेने में परेशानी आएगी। इसलिए हम सब मिलकर समझाएं कि अभी आंदोलन का वक्त नहीं है, क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए निर्णय ठीक नहीं रहते।
दोशियान की बैंक गारंटी भी वापस लेने की तैयारी
योजना में लगातार सामने आ रही खामियों के बाद दोशियान को योजना से अलग करने की बात को मंत्री ने उस बयान से और बल दे दिया। इसमें उन्होंने साफ कर दिया कि जल्द ही दोशियान की बैंक गारंटी भी वापस ले ली जाएगी।
नहीं बिछाई इंसुलेटेड लाइन, निरस्त हो सकती है परमिशन
दोशियान की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। नपा के अधिकारियों ने मंत्री से शिकायत दर्ज कराई कि सतनवाड़ा से डैम तक वन क्षेत्र में बिजली की लाइन बिछाने की अनुमति वन विभाग ने इस शर्त पर दी थी कि ये लाइन इंसुलेटेड हो, ताकि फॉल्ट होने पर वन क्षेत्र में आग न लगे, लेकिन दोशियान ने अब तक जो लाइन बिछाई है, वह इंसुलेटेड नहीं है। ऐसे में वन महकमा कभी भी दी गई अनुमति को शर्तों के उल्लंघन के चलते समाप्त कर सकता है।
50 साल तक चलेंगी सड़कें
मंत्री ने टोंगरा पाली सड़क का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस रोड सहित शहर में जो सड़कें बिछाई गई हैं, उनकी गुणवत्ता ऐसी है कि वे अगले 50 साल तक कायम रहेंगी। मंत्री ने ये भी कहा कि मैं रहूं या न रहूं, ये सड़कें रहेंगी।
महिला सेना रखे सड़कों की स्वच्छता का ख्याल
मंत्री यशोधरा ने सड़क के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से कहा कि महिलाएं घर की साफ सफाई अच्छे से रखती हैं। ऐसे में वह घरों के साथ-साथ अपने घर की सड़कों के बाहर भी सफाई का ध्यान रखें, जिससे सड़कें साफ और स्वच्छ रहें। उन्होंने कहा कि सड़क पर ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रक, बस नहीं खड़ी करें, साथ ही नवनिर्मित मकानों के लिए आने वाली रेत, गिट्टी व ईंट भी सड़कों पर न डलवाएं। मंत्री ने कहा कि वे वोट नहीं मांग रहीं, बल्कि सड़कों को साफ और स्वच्छ रखने का वादा मांग रही हूं।
ग्वालियर से गुना बायपास तक बनेगी फोरलेन
मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि माधव राव सिंधिया मार्ग का निर्माण शुरू हो गया है। यह सड़क भी मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनेगी। मंत्री ने कहा कि इस सड़क के निर्माण के बाद ग्वालियर से गुना बायपास तक की सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क फोरलेन बनेगी, दो लेन आने के लिए और दो लेन जाने के लिए बनेगी। मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से शहर में 39 सड़कों का निर्माण कराया है। इसके लिए उन्होंने भोपाल में अधिकारियों के साथ मशक्कत कर पैसा लेकर आई थीं, तब जाकर इन सड़कों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि लोनिवि की सड़कें चौड़ी हैं, जबकि नपा की सड़कें संकरी हैं।
मंत्री बोलीं-चिंता न करें, पानी के लिए आपकी आशाओं पर खरी उतरूंगी
मंत्री ने कहा कि पानी की दिक्कत है और वह जनता को विश्वास दिलाती हैं कि वह उनकी आशाओं पर खरी उतरेंगी। पानी की योजना को लेकर 11 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन जनता को पानी नहीं मिल पा रहा है।
मैंने तुम्हारे घर नहीं टूटने दिए, तुम धन्यवाद तक देने नहीं आईं
मंत्री शाम को फिजिकल कॉलेज के समीप अतिक्रमण में बसी बस्ती में पहुंचीं। यहां वे महिलाओं से रूबरू हुईं। इस दौरान मंत्री ने महिलाओं को याद दिलाया कि जब कॉलेज की बाउंड्री हो रही थी और कॉलेज की जमीन में अतिक्रमण कर बनाए गए तुम लोगों के घरों को तोड़ने की बारी आई तो हमने तत्समय तुम्हारे घरों को छोड़कर बाउंड्री बनाने का निर्णय लिया, ताकि कोई बेघर न हो, लेकिन घर बचने के बाद आप लोग कम से कम एक बार मुझे धन्यवाद देने तो आ जातीं।

salary demo 06 04 2018भोपाल -राज्य सरकार निगम-मंडल के लगभग साढ़े तीन लाख कर्मचारियों को मई से सातवें वेतनमान का लाभ देगी। पिछले दिनों वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बजट में कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की घोषणा की थी। शुक्रवार को वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। निगम-मंडल के कर्मचारियों को भी 1 जनवरी 2016 से ही सातवां वेतनमान दिया जाएगा। सभी निगम-मंडल के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और अन्य ऑटोनोमस संस्थानों के कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं मिलेगा एरियर
जनवरी 2016 से मार्च 2018 तक रिटायर हुए कर्मचारियों को फिलहाल एरियर नहीं दिया जाएगा। वित्त विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि इस अवधि में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण काल्पनिक वेतन के आधार पर किया जाए, लेकिन एक जनवरी 2016 से सेवा निवृत्ति की तारीख तक की अवधि का एरियर का भुगतान अभी न किया जाए। इसके बारे में सरकार अलग से फैसला लेगी।
मौजूदा कर्मचारियों के एरियर के लिए भी लेनी होगी अनुमति
वित्त विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि मप्र वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के प्रावधानों के तहत एक जनवरी 2016 की स्थिति में वेतन निर्धारण कर वास्तविक लाभ 1 अप्रैल 2018 से दिया जाए। यह वेतन कर्मचारियों को मई में मिलेगा। हालांकि विभागों को जनवरी 2016 से मार्च 2018 तक के एरियर के भुगतान से पहले वित्त विभाग की सहमति प्राप्त करना होगा।

मंथन न्यूज़ भोपाल -विधानसभा चुनाव 2018 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी के भीतर और बाहर गहमा-गहमी बढ़ती जा रही है।
kamalnath scindia 06 04 2018तमाम सर्वे और जन मानस भले ही सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मजबूत मान रहा हो, लेकिन उनके नाम पर इतनी आसानी से पार्टी में आम सहमति बनने के आसार नहीं दिख रहे। उनके चेहरा प्रोजेक्ट होने की डगर में कि बाधाएं हाईकमान तक पार नहीं पा रहा हैं। अभी कर्नाटक चुनाव तक तो कुछ भी होते नहीं दिख रहा।
कांग्रेस में विधानसभा चुनाव 2008 के लिए चेहरा प्रोजेक्ट करने के नाम पर लंबे समय से बहस चली आ रही है। कहा जा सकता है पिछले सवा साल से पार्टी में यह गफलत की स्थिति बनी हुई है कि चुनाव अरुण यादव के नेतृत्व में होंगे या किसी और के। किसी और में दो नाम सुर्खियों में है।
पहला ज्योतिरादित्य का और दूसरा कमलनाथ का। आलम यह है कि जब भी कोई बड़ा नेता यहां आता है तो उसके सामने सबसे पहला सवाल यही होता है। अनिर्णय की शिकार पार्टी के ये नेता दबी जुबान से इसे कोई मुद्दा नहीं मानते, लेकिन मध्यप्रदेश में जहां भाजपा की सरकार तीन कार्यकाल पूरा कर चुकी है और सामने शिवराज सिंह चौहान जैसा चेहरा मौजूद है वहां कांग्रेस में भी किसी नेता के प्रोजेक्शन की बात दम तो रखती है।
सर्वे में सिंधिया भारी
विधानसभा चुनाव को लेकर पिछले दिनों जो सर्वे हुए उनमें सिंधिया को ज्यादा पसंद किया गया। यह और बात है कि भावी चेहरे को लेकर पार्टी अलग-अलग धड़ों में बंटी हुई है। एक समूह चाहता है कि सिंधिया को नेता प्रोजेक्ट किए जाने का लाभ मिलेगा। इसके पीछे जो तर्क दिए जा रहे हैं वे खारिज नहीं किए जा सकते।
तर्क ये है कि वे युवा और आकर्षक है। उनकी वक्तव्य शैली प्रभावी है। युवा और महिला वर्ग के वोट पर असर डाल सकते हैं। कुछ लोग चाहते हैं कि अनुभवी कमलनाथ को मौका दिया जाना चाहिए। वहीं एक वर्ग चाहता है कि चुनाव में पार्टी के परफार्मेंस के बाद नेता का चयन हाईकमान करें।
दिग्विजय की पसंद कमलनाथ
कांग्रेस की राजनीति से करीब छह महीने से दूर रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अब अगले सप्ताह से सक्रिय भूमिका में आएंगे। विधानसभा चुनाव 2018 में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। वे कई बार कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ बेहतर पसंद हो सकते हैं। मगर साथ ही वे यह भी कहते हैं कि यह अधिकार क्षेत्र हाईकमान है।
अरुण-अजय की नजदीकियां
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एकसाथ प्रदेश में दौरे शुरू करने के लिए न्याय यात्रा का सहारा लिया है। ये यात्रा हाल ही तय की गई हैं और इन यात्राओं में अरुण व अजय रायसेन से भोपाल के बाद धार और फिर विंध्य क्षेत्र में पहुंचेंगे।
हालांकि अभी तक कमलनाथ अपने क्षेत्र के अलावा प्रदेश में कहीं दूसरी जगह ऐसे घूमकर कांग्रेस के लिए दौरे करते नजर नहीं हैं जबकि सिंधिया ग्वालियर-चंबल व इनसे लगे दूसरे क्षेत्र में अपनी सक्रियता को बनाए हुए हैं।
शिवराज सरकार से नाराजगी
विधानसभा चुनाव को लेकर लोगों में शिवराज सरकार के प्रति नाराजगी है। मुख्यमंत्री के चेहरे पर सर्वे से कांग्रेस को कोई नुकसान या फायदा होगा इस बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। 
दीपक बाबरिया, प्रदेश प्रभारी एवं महासचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी

mp police 06 04 2018मंथन न्यूज़ भोपाल -राज्य शासन ने शुक्रवार की रात को 143 पुलिस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए जिनमें एक भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी भी है।
प्रभावित अधिकारियों में से एक अधिकारी के तबादला आदेश को निरस्त भी किया गया है। भोपाल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर यादव का गुना स्थानांतरण हो गया है तो संजय साहू और बिट्टू सहगल का भोपाल तबादला हुआ है। इनके अलावा भोपाल के कुछ डीएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले हुए हैं।
नाम वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
गुरुकरण सिंह (आईपीएस) सतना भिंड
समीर यादव भोपाल गुना
संजय साहू जबलुपर भोपाल
बिट्टू सहगल इंदौर भोपाल
सत्येंद्र सिंह तोमर गुना ग्वालियर
टेर सिंह बघेल बड़वानी से सीहोर
दिनेश कुमार कौशल ग्वालियर से जबलपुर
शशांक गर्ग होशंगाबाद भोपाल
अवधेश प्रताप सिंह बागरी सीहोर एआईजी
राजेश खाखा टीकमगढ़ होशंगाबाद
मनीष खत्री उज्जैन जबलपुर
ओंकार सिंह कलेश मंडला से बड़वानी
गुरुप्रसाद पाराशर जबलपुर इंदौर
अमित कुमार वर्मा उमरिया मंडला
रुपेश कुमार द्विवेदी इंदौर धार
शिवकुमार वर्मा शहडोल उमरिया
सूर्यकांत शर्मा सिंगरौली सीधी
प्रदीप कुमार शेंडे सीधी सिंगरौली
राजमणि त्रिपाठी पीटीएस रीवा एसपी एमटी प्रशिक्षण शाला रीवा
शालिनी दीक्षित भोपाल सीआईडी
जगदीश डाबर उप सेनानी एसएएफ उज्जैन एएसपी उज्जैन
मनीषा पाठक सोनी एसपी पीटीसी इंदौर एएसपी इंदौर
विनय प्रकाश पाल आईजी कार्यालय इंदौर एआईजी पीएचक्यू
राजेंद्र कुमार वर्मा भिंड एआईजी पीएचक्यू
मनोहर सिंह मंडलोई एसपी एजेके रीवा एसपी नारकोटिक्स मंदसौर
आकाश भूरिया बालाघाट शहडोल
पार्वती कनेश सोलंकी उप सेनानी 32 वीं वाहिनी उज्जैन एसपी रेडियो उज्जैन
अजयप्रताप सिंह माहोरी उप सेनानी 35 वाहिनी मंडला उप सेनानी 32 वाहिनी उज्जैन
शैलेंद्र सिंह चौहान एसपी साइबर सेल भोपाल एएसपी इंदौर
प्रवीण कुमार भूरिया उप सेनानी 6वीं वाहिनी जबलपुर एएसपी बालाघाट
आरएस नरवरिया धार जबलपुर
नवलसिंह सिसौदिया उप सेनानी 9वीं वाहिनी रीवा एएसपी राजगढ़
आरएस प्रजापति राजगढ़ सतना
धनंजय शाह इंदौर एआईजी ईओडब्ल्यू
विवेक कुमार लाल एएसपी डीएसबी भोपाल कटनी
मुन्ना लाल चौरसिया एसपी पीटीएस रीवा एएसपी दमोह
अरविंद दुबे दमोह जबलपुर
धर्मेंद्र सिंह छाबई एएसपी रेल भोपाल एआईजी पीएचक्यू
डीएसपी
शशिकांत शुक्ला कटनी जबलपुर
नीरज बब्बर नारकोटिक्स इंदौर एसडीओपी मल्हारगढ़ मंदसौर
आलोक शर्मा अजयगढ़ पन्ना बामौर मुरैना
नरेंद्र सिंह राठौर बैरागढ़ भोपाल ओबेदुल्लागंज रायसेन
अजय सगर सिवनी मालवा होशंगाबाद मऊगंज रीवा
अर्जुनलाल उइके सोहागपुर होशंगाबाद जबलपुर
भीकाराम सोलंकी बड़वानी सैलाना रतलाम
कौशल सिंह शहपुरा डिंडौरी जबलपुर
राजेंद्र प्रसाद डीएसपी कार्मिक पीएचक्यू पिछोर शिवपुरी
शंकर लाल सोनिया डीएसपी लोकायुक्त भोपाल सिवनी मालवा होशंगाबाद
देवेंद्र कुमार यादव शाजापुर गंजबासौदा विदिशा
विजयप्रताप सिंह परिहार कोतमा अनूपपुर कटनी
परमालसिंह मेहरा पन्न्ा जौरा मुरैना
मनभरण प्रसाद प्रजापति जबलपुर दमोह
पराग खरे डीएसपी वित्त एवं प्रबंध पीएचक्यू डीएसपी यातायात भोपाल
एसएल सिसौदिया डीएसपी डीएसबी सागर पृथ्वीपुर टीकमगढ़
राजनारायण त्रिपाठी डीएसपी यातायात भोपाल डीएसपी यातायात ग्वालियर
लवली सोनी डीएसपी सागर डीएसपी जेएनपीए सागर
मयंक सिंह चौहान जेएनपीए सागर डीएसपी मुख्यालय सागर
बिट्टू शर्मा प्रशिक्षण पीएचक्यू डीएसपी भोपाल
रामसोहवन रावत डीएसपी अजाक सागर जबलपुर
शरद प्रकाश पाठक रेडियो बालाघाट रेडियो जबलपुर
राजेंद्र सिंह वर्मा पीआरटीएस इंदौर रेडियो बालाघाट
महिपाल सिंह यादव पीटीआरआई अटेर भिंड
सुरेश सिंह यादव 17 वीं वाहिनी भिंड दूसरी वाहिनी ग्वालियर
शिवकुमार सिंह अजाक होशंगाबाद छिंदवाड़ा
चेतनदास आर्य महिला अपराध प्रकोष्ठ अशोक नगर ग्वालियर
रमेश गेहलोत सीआईडी पीएचक्यू टिमरनी हरदा
रमाशंकर पांडे डीएसबी रीवा महिला प्रकोष्ठ सिवनी
रवींद्र् कुमार बोयत मनासा नीमच तराना उज्जैन
रवि कुमार द्विवेदी हॉक फोर्स औद्योगिक सुरक्षा पीएचक्यू
सीताराम यादव डीएसपी जबलपुर सीएसपी जबलपुर
रश्मि गुप्ता डीएसपी भोपाल डीएसपी सायबर सेल भोपाल
आनंद राय महिला प्रकोष्ठ शिवपुरी बैतूल
गौरीशंकर अहिरवार कानून व्यवस्था जबलपुर सिरमौर रीवा
वीरेंद्र सिंह कुशवाह सीआईडी ग्वालियर खाचरौद उज्जैन
शशि कैथवास अजाक देवास आलोट रतलाम
शंकुतला रुहल उज्जैन देवास
वंदना चौहान डीएसपी मुख्यालय इंदौर सीएसपी उज्जैन
नाहर सिंह रावत थांदला झाबुआ उज्जैन
पदमसिंह बघेल राजपुर बड़वानी शाजापुर
रामकुमार राय महिदपुर उज्जैन अजाक उज्जैन
तरुणेंद्र सिंह बघेल देवास बुरहानपुर
ध्यान सिंह चौहान अपराध भोपाल सीआईडी पीएचक्यू
पारुल बेलापुरकर इंदौर सहायक सेनानी 15वीं वाहिनी इंदौर
सीताराम अवास्या धामनोद धार बैरछा शाजापुर
रविसिंह अंब बैरछा शाजापुर धामनोद धार
उपेंद्र कुमार दीक्षित घाटीगांव ग्वालियर गोहद भिंड
प्रवीण अष्ठाना गोहद भिंड घाटीगांव ग्वालियर
भारतेंद्र भूषण शर्मा जहांगीराबाद भोपाल मेहगांव भिंड
उमेश सिंह तोमर नौगांव छतरपुर डबरा ग्वालियर
दुर्गविजय सिंह भदौरिया डबरा ग्वालियर डीएसपी रेल ग्वालियर
उमेश कुमार तिवारी सीआईडी पीएचक्यू सीएसपी एमपी नगर भोपाल
मलकीत सिंह जीवाजीगंज उज्जैन सीएसपी कोतवाली भोपाल
धर्मराज सूर्यवंशी अजाक उज्जैन महिदपुर उज्जैन
प्रेमप्रकाश गौतम सीआईडी बैरागढ़ भोपाल
संजीव मुले सीहोर धार
मुनीष राजौरिया अजाक मुरैना ग्वालियर
शिवेंद्र सिंह बघेल धनपुरी शहडोल रीवा
भरतकुमार दुबे रीवा से धनपुरी शहडोल
लक्ष्मी सिंह डीआईजी कार्यालय छिंदवाड़ा जुन्न्ारदेव छिंदवाड़ा
अरविंद कुमार श्रीवास्तव प्रशासन पीएचक्यू मनगंवा रीवा
सतीश दुबे एससीआरबी श्योपुर
रघुप्रसाद बीना सागर राहतगढ़ सागर
बलरामसिंह परिहार राहतगढ़ सागर पवई पन्न्ा
अखिलेश तिवारी पीटीएस रीवा यातायात सतना
सलीम खान आईजी कार्यालय इंदौर अजाक देवास
आरएन पचौरी बेहट ग्वालियर पीएचक्यू
विनोद कुमार शर्मा सीतामऊ मंदसौर महू इंदौर
आत्माराम शर्मा बामौर मुरैना पीएचक्यू
मनोहर सिंह बारिया पीएचक्यू सीएसपी खंडवा
संतोष कुमार उपाध्याय यातायात उज्जैन यातायात इंदौर
उमरावसिंह अजाक पन्ना एसडीओपी पन्ना
प्रभाकिरण किरो महिला अपराध प्रकोष्ठ सिंगरौली पन्ना
संजय चतुर्वेदी आगर मालवा गुना
विजय शंकर द्विवेदी सोनकच्छ देवास पीएचक्यू
मनोहर गवली महिला अपराध खरगोन थांदला झाबुआ
मेवालाल मोरे महिला अपराध बुरहानपुर जोबट आलीराजपुर
आरके राठौर जौरा मुरैना अंबाह मुरैना
सरिता जाबा सहायक सेनानी 24वीं वाहिनी रतलाम सहायक सेनानी 15वीं वाहिनी इंदौर
मनोज सिंह त्योंथर रीवा आईजी कार्यालय जबलपुर
केपी धुर्वे बिछिया मंडला आईजी कार्यालय बालाघाट
चंचल नागर रीवा पीटीएस इंदौर
टीसी पंवार महिला प्रकोष्ठ देवास नीमच
एसएन प्रसाद पुलिस अकादमी भौंरी कोतमा अनूपपुर
सुरेश दामले परासिया छिंदवाड़ा डीएसपी भोपाल
वीरेंद्र सिंह रघुवंशी बड़ोदा श्योपुर आईजी कार्यालय ग्वालियर
लज्जाशंकर मिश्रा पृथ्वीपुर टीकमगढ़ पथरिया दमोह
एसएन चौधरी होशंगाबाद बुदनी सीहोर
बीकेएस परिहार उप सेनानी 6वीं वाहिनी जबलपुर से पन्न्ा
आरडी भारद्वाज डीएसपी ईओडब्ल्यू भोपाल सीएसपी सागर
रछपाल सिंह यादव डीएसपी पीएचक्यू डीएसपी पीटीएस भौंरी
बृजेश सिंह कुशवाह डीएसपी पीएचक्यू डीएसपी पीटीएस सागर
निरस्त आदेश
विजय कुमार सोनी सहायक सेनानी 36 वीं गुना से ग्वालियर किए गए तबादले को निरस्त किया गया।

mp bjp 1 06 04 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ - प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के भविष्य को लेकर सस्पेंस बरकरार है। चौहान विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण के लिए दिल्ली में होने वाली निर्णायक बैठक में बैठ पाते हैं या नहीं इसका फैसला जल्द होने की उम्मीद है।
विकल्प के तौर पर दमदारी से केंद्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर और मध्य प्रदेश के सचिन तेंदुलकर डॉ.नरोत्तम मिश्रा  का नाम लिया जा रहा है। हालांकि तोमर ने   दृढ़ता से इस संभावना को खारिज कर रहे हैं। उस स्थिति में शिवराज कैबिनेट के मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ-साथ  दो और मंत्रियों के   नाम गंभीर दावेदार के तौर पर लिए जा रहे हैं।  
राजनीति में जो होता है वह दिखता नहीं और जो दिखता है वह होता नहीं है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान जितने निश्चिंत दिखाई पड़ रहे हैं वैसी स्थितियां है नहीं। उनकी निश्चिंतता की वजह राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा अगस्त में भोपाल यात्रा के दौरान चुनाव तक पद पर बने रहने का दिया गया अभयदान है पर उपचुनावों में लगातार मिल रही पराजय और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता की रिपोर्ट के चलते उनके विकल्प की चर्चाएं शुरू हो चुकी है। सबसे स्वाभाविक विकल्प नरेन्द्र सिंह तोमर को माना जा रहा है जो पिछले दो चुनावों में भाजपा के विजयी रथ के सारथी रहे हैं।
तोमर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बेहतर तालमेल और प्रदेश के सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं के बीच उनकी सहज स्वीकार्यता के चलते यह माना जा रहा है कि चूंकि इस बार चुनावी पनघट की डगर आसान नहीं है, इसलिए तोमर के हाथों एक बार फिर संगठन की शायद डोर आएगी। सूत्र बताते हैं कि तोमर अध्यक्ष बन कर मध्यप्रदेश लौटने के इच्छुक नहीं है।
अब मध्य प्रदेश के सचिन तेदुंलकर का नाम डॉ.नरोत्तम मिश्रा जी के नाम पर विचार किया जा रहा है मंत्री। मिश्रा मिश्रा  कार्यकताओ में तालमेल बिठाने में प्रबल माने जाते है और जब जब मध्य प्रदेश के शिवराज पर संकट आया है तब तक उन्ही उनको बहर निकला है मंत्री मिश्रा जमीन पर काम करने में प्रबल है उनको जमीन पर काम करने पर विस्वास है इसलिए उनको अध्यक्ष बनाने की पार्टी सोच रही है इस बार शायद संगठन की शायद डोर मानती नरोत्तम मिश्रा पर आएगी 
पिछले दिनों जब वे भोपाल दौरे पर आए थे तब उन्होंने साफ तौर इस संभावना को खारिज कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि तोमर के लिए यदि राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बन जाती है तब तो ठीक है, अन्यथा शिवराज कैबिनेट के मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह और राजेन्द्र शुक्ल में से किसी एक के नाम पर विचार किया जाएगा।
इस विकल्प की चर्चा जोरों पर है कि चौहान को अध्यक्ष रहने दिया जाए और तोमर या कैलाश विजयवर्गीय जैसे किसी बड़े नेता को चुनाव प्रभारी की भूमिका सौप दी जाए। सूत्र बताते हैं कि जो भी होना है उसका फैसला अगले दस दिन में हो जाएगा।

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