इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यक्रम में बोले पीएम नरेंद्र मोदी - कानून का लक्ष्य सबका कल्याण, अब तक 1200 कानून खत्म किए
पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ इलाहाबाद -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मोजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून का लक्ष्य है- हर नागरिक का कल्याण. पीएम मोदी ने कहा कि हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने वाले कार्यक्रम का आज समापन समारोह हो रहा है लेकिन साल भर चला ये समारोह समापन के साथ नई ऊर्जा, नई प्रेरणा, नए संकल्प और नए भारत के सपने को पूरा करने की ताकत बन सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के न्याय विश्व में इलाहाबाद का 150 साल पुराना तीर्थक्षेत्र है. यहां आने को मैं अपना गौरव मानता हूं, चीफ जस्टिस साहब अपना अनुभव सुना रहे थे, मैं मन से सुन रहा था. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यकीन है कि उनके संकल्प पूरे होंगे. जहां तक सरकार का सवाल है, जिस संकल्प को आप प्रेरित कर रहे हैं, हम उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि जब इलाहाबाद कोर्ट के 100 साल हुए थे, तब राष्ट्रपति राधाकृष्णन यहां आए थे. उन्होंने कहा था-कानून एक ऐसी चीज है, जो लगातार बदलती रहती है. कानून लोगों के स्वभाव और पारंपरिक मूल्यों के अनुकूल होना चाहिए. कानून को चुनौतियों का ध्यान रखना चाहिए. किस तरह की जिंदगी हम गुजारना चाहते हैं, कानून का क्या कहना है. कानून का लक्ष्य है- हर नागरिक का कल्याण. केवल अमीर का ही नहीं. इसे ही पूरा किया जाना चाहिए."
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि गांधीजी कहते थे कि हम कोई भी निर्णय करें तो इसकी कसौटी क्या हो. वे कहते थे कि अगर फैसला लेने में दुविधा हो तो सोचिए कि आखिरी छोर पर बैठे शख्स पर इसका असर क्या होगा. आप सही फैसला ले पाएंगे.

पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि गांधीजी ने आजादी के वक्त लोगों की उनकी क्षमता के हिसाब से ढाल दिया था. वकीलों का भी इसमें योगदान रहा है. गांधीजी ने आजादी का जज्बा जगाया. पीएम मोदी ने कहा, मोबाइल SMS से तारीख मिलने की सुविधा मिलनी चाहिए. जेल को कोर्ट से जोड़ने से काफी फायदा होगा. जेल से कैदियों को लाने-ले जाने में काफी समय लगता है.

उन्होंने कहा कि 2022 में आजादी के 75 साल हो रहे हैं. क्या इलाहाबाद से देश को प्रेरणा मिल सकती है. क्या हम कोई रोडमैप तय कर सकते हैं. मुझे नहीं लगता कि लोग ऐसा नहीं कर सकते. 2022 में हम गांधीजी-राधाकृष्णन के मूल्यों पर देश को आगे ले जा सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि देश के सवा सौ करोड़ लोगों का सपना देश को सवा सौ करोड़ कदम आगे ले जा सकता है. पीएम ने कहा कि पहले मैंने कहा था- कि मुझे ये तो नहीं पता कि कितने कानून बनाऊंगा लेकिन रोज एक कानून खत्म करूंगा. अब तक 1200 कानून खत्म कर दिए हैं.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150 वर्ष पूर्ण होने पर साल भर से चल रहे कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून को सबसे ऊपर माना है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है. कानून का स्थान शासक से भी ऊपर है. कोई भी समाज कानून से ही चलता है. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को जल्द खत्म करने की पहल न्यायपालिका ने ही की है. वैसे भी कानून से बढ़कर कोई नहीं है. कानून से ही शिकायतों का हल निकलता है. न्यायिक प्रणाली पर चिंतन अमूल्य है. यहां तक कि कानून का स्थान शासक से बढ़कर है. न्याय व विधि एक दूसरे के पूरक हैं और इंसाफ देना सबसे बड़ा धर्म है.

cm yogi adityanath allahabad hc
(इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ)

योगी ने आगे कहा कि वादियों को निष्पक्ष न्याय दिलाना कर्तव्य है. कानून से ऊपर कोई भी राजा काम नही कर सकता, कानून से ही शिकायतों का निस्तारण हो पाता है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब-जब लोकतंत्र पर संकट आया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरी निष्ठा के साथ उसे बचाया. न्यायालय ने कुछ ऐसे फैसले दिए, जिसने भारतीय समाज को नई दिशा दी. वैसे समाज कानून से चलाता है और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवशाली रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरे लिए बहुत हर्ष का विषय है कि मुझे हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला.  समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150 वर्ष पूर्ण होने पर साल भर से चल रहे कार्यक्रम का आज समापन हो रहा है. इसमें हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर में पहुंचे. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल राम नाइक भी इलाहाबाद में पहुंचे हैं.  शनिवार को जिला सूचना कार्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक, प्रधानमंत्री का विमान सुबह 10 बजे इस शहर से बाहर स्थित बमरौली हवाईअड्डा पर उतरेगा जहां उनकी आगवानी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे.

इस समारोह में भारत के प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद और हाई कोर्ट के कई न्यायाधीश एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश शामिल हो रहे हैं.

हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्य के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह एवं नंद गोपाल गुप्ता भी मौजूद थे. जहां मौर्य फूलपुर से लोकसभा सदस्य हैं, सिंह और नंदी क्रमश: इलाहाबाद पश्चिम और इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं.

पिछले महीने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मोदी की यह पहली इलाहाबाद यात्रा है. पिछले साल नगर में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां की दो दिवसीय यात्रा के दौरान मोदी थोड़े समय के लिए उच्च न्यायालय गए थे और न्यायाधीशों एवं बार के सदस्यों से बातचीत की थी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम की शुरआत पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने की थी.

7वां वेतन आयोग : कुछ तो मिलेगी राहत, आखिरकार एक समिति ने सौंप दी अपनी रिपोर्टपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों लागू करने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले को नौ महीने बीतने को आए हैं. इस फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन आयोग की कुछ विसंगतियों और सिफारिशों पर आपत्ति के बाद केंद्र सरकार ने तीन समितियों का गठन किया था जिन्हें चार महीनों में अपनी रिपोर्ट देनी थी. लेकिन एक भी समिति ने किसी भी एक विवादित मुद्दे पर अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार नहीं की है. असमंजस की स्थिति का आलम यह है कि इस मुद्दे पर कई सांसद संसद में भी प्रश्न पूछ चुके हैं और सरकार को कई बार दोनों सदनों में जवाब देना पड़ा है. इसके साथ ही सरकार की ओर जवाब को रिपीट तक करना पड़ा है.

हाल में ही में कर्मचारियों की ओर से एनसीएम स्टाफ साइड की ओर से कर्मचारी नेता शिवगोपाल मिश्र ने कैबिनेट सचिव से मुलाकात की. 28 मार्च को हुई इस मुलाकात के बाद मिश्र ने एनडीटीवी को बताया कि कैबिनेट सचिव के साथ बैठक में उन्होंने साफ कर दिया है कि इन मामलों में देरी से कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है. मिश्र ने बताया कि कैबिनेट सेक्रेटरी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह खुद मामले को देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि भले ही अलाउंस समिति में कुछ देरी हो रही है, लेकिन पेंशन से जुड़ी समिति ने अपनी रिपोर्ट कैबिनेट को सौंप दी है. मिश्र के अनुसार कैबिनेट सचिव ने उन्हें बताया है कि एनपीएस समिति अपने काम में लग गई है. बाकी मुद्दों को भी हम जल्द ही सुलझा लेंगे.

वहीं, मिश्र ने यह भी बताया कि दिल्ली के एमसीडी चुनाव के चलते संभव है कि कुछ और देरी हो जाए, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही अलाउंस की समिति उन्हें अपनी रिपोर्ट सौंपेगी वह जल्द से जल्द इसे कैबिनेट की बैठक में भेज देंगे. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो सरकार चुनाव आयोग से जरूरी सहमति भी लेने का प्रयास करेगी.

बता दें कि सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्तों को लेकर असमंजस की स्थिति है. नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया था. लेकिन, भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने की वजह से इन सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं.

जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई

अब तक 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी के बाद उठे सवालों के समाधान के लिए सरकार की ओर से तीन समितियों के गठन का ऐलान किया गया था. सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंस को लेकर हुए विवाद से जुड़ी एक समिति, दूसरी समिति पेंशन को लेकर और तीसरी समिति वेतनमान में कथित विसंगतियों को लेकर बनाई गई थी.

सबसे अहम समिति विसंगतियों को लेकर बनाई गई है. इस एनोमली समिति का नाम दिया गया है. इसी समिति के पास न्यूनतम वेतनमान का मुद्दा भी है. चतुर्थ श्रेणियों के कर्मचारियों के न्यूनतम वेतनमान का मुद्दा भी इस तीसरी समिति का पास है. यही समिति न्यूनतम वेतनमान को बढ़ाने की मांग करने वाले कर्मचारी संगठनों से बात कर रही है. वित्त सचिव की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है. समिति में छह मंत्रालयों के सचिव शामिल हैं.

समिति के साथ बैठक में कर्मचारी नेताओं ने न्यूनतम वेतनमान का मुद्दा उठाया है. साथ ही उन्होंने बताया कि संगठन ने मांग की है कि एचआरए को पुराने फॉर्मूले के आधार पर तय किया जाए. संगठन ने सचिवों की समिति से कहा है कि ट्रांसपोर्ट अलाउंस को महंगाई के हिसाब से रेश्नलाइज किया जाये. संगठन ने सरकार से यह मांग की है कि बच्चों की शिक्षा के लिए दिया जाने वाले अलाउंट को कम से कम 3000 रुपये रखा जाए. संगठन ने मेडिकल अलाउंस की रकम भी 2000 रुपये करने की मांग की है. संगठन ने सरकार से यह भी कहा है कि कई अलाउंस जो सातवें वेतन आयोग ने समाप्त किए हैं उनपर पुनर्विचार किया जाए.

yogi aditynathपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुंदेलखंड में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अफसरों से कहा कि अभी से सारी तैयारियां कर लें। यदि वहां पेयजल संकट की खबरें मिलीं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शनिवार को बुंदेलखंड में चल रही पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा की।
योगी ने कहा कि सभी सिंचाई परियोजनाएं समय से पूरी कर ली जाएं। इनके लिए आवंटित धन का उपयोग जनता के हित में किया जाए। मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल में बाढ़ की समस्या से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी तटबंधों का निर्माण ऐसे किया जाए ताकि पानी टकराने के बाद अपनी दिशा बदल ले।

यदि जरूरी हो तो जलधारा की दिशा बदलने पर भी विचार किया जाए। बांधों के निर्माण और उनकी मरम्मत के काम समय से पहले पूरे कर लिए जाएं। सभी कामों की विडियोग्राफी करवाई जाए। सभी वरिष्ठ अधिकारी पिछले वर्षों में बाढ़ से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करें। बैठक में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
2019 अर्धकुंभ की तैयारियों के दिए निर्देश
सीएम ने 2019 में इलाहाबाद में होने वाले अर्धकुंभ की तैयारियों के निर्देश दिए। शनिवार को पंचम तल पर अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम ने कहा है कि अर्ध कुंभ में बड़ी संख्या में लोग संगम स्नान करने के लिए पहुंचेंगे। लिहाजा अभी से गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाना चाहिए।

एक अनुमान के मुताबिक अर्धकुंभ में गंगा स्नान के लिए करीब 12 करोड़ श्रद्धालु इलाहाबाद पहुंचेंगे। सीएम ने गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कानपुर और कन्नौज के चमड़ा उद्योग को चरणवार तरीके शिफ्ट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की 'नमामि गंगे' परियोजना का सहयोग लेने के लिए कहा है।

यूपी में एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स लाने की तैयारी में योगी सरकारपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -यूपी में 19 मार्च को बीजेपी की सरकार बनने के बाद से लगातार सीएम योगी आदित्यनाथ पूरे एक्शन में नजर आ रहे है.एंटी रोमियो सक्वॉड के गठन के बाद अब योगी सरकार भू-माफियाओं के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने जा रही है.
जिसके तहत अब सरकार एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स बनाने की जुगत में है. वहीं राज्य सरकार ने संपत्ति विभाग और भू विभाग के अधिकारियों को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं.
गौरतलब है कि सत्ता संभालने के बाद से ही योगी सरकार लगातार कुछ न कुछ कार्रवाई कर रही है. बता दें, कि बिना किसी कैबिनेट की बैठक के सीएम योगी ने दर्जनों आदेश जारी कर दिए हैं. जिसके तहत भू-माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ एक्शन का ऐलान सरकार के चुनावी एजेंडे में था.
सूत्रों की माने तो सीएम योगी आदित्यनाथ खुद इस टास्क फोर्स की निगरानी करेंगे. शासन स्तर पर इसका प्रारूप तैयार हो रहा है. यह चार स्तरीय होगा. राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यह स्क्वॉड बनेगा, जिसमें प्रमुख सचिव राजस्व संयोजक होंगे.
वहीं प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी भी इसके सदस्य होंगे. मंडल स्तर पर कमिश्नर, जिले में डीएम और तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में सक्वॉर्ड गठित होंगे. टीम मे राजस्व और पुलिस के अधिकारी शामिल किये जाएंगे.

सरकार सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती, सबका सहयोग जरूरी : 'हैकाथॉन' में पीएम मोदीपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली - स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2017 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का समाज तकनीकी से युक्त है और तकनीकी से लैस युवा, समाज को गति और ऊर्जा दे रहा है.

प्रधानमंत्री ने नौजवानों का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की सभी समस्याओं का समाधान सरकार नहीं कर सकती, इसके लिए सभी की भागीदारी जरुरी है. उन्होंने कहा कि ज्ञान के क्षेत्र में हमारी एक पहचान रही है, शून्य का आविष्कार भारत में ही हुआ और आज आईटी क्षेत्र में भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है. शून्य से लेकर मंगल तक का सफर हमें गौरवान्वित करता है. उपनिषद से उपग्रह तक हमारी यात्रा विस्तृत हुई है.

नरेंद्र मोदी ने कहा, 'समाज में फैली समस्याओं का समाधान खोजा जाए और यह समाधान युवा मन द्वारा खोजा जाए. आपके लिए चुनौती भी है और अवसर भी. आपको सबसे ज्यादा आनंद इसी से मिलेगा. आपका समाधान भारत सरकार की रीति-नीति का आधार बनेगा.'

उन्होंने कहा, 'आज के इस अवसर पर देश के 10,000 नौजवान जुटकर हमारी रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं. इसलिए इसमें हिस्सा लेने वाले सभी युवाओं को मैं बधाई देता हूं और अभिनंदन करता हूं. आपको बहुत सकारात्मक नतीजे मिलेंगे. हम आज के समाज में तकनीकी के माध्यम से बदलाव ला सकते हैं.'

बता दें कि 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन' शनिवार से देश के 26 जगहों पर शुरू हुआ. 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन' के बारे में कहा जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा हैकाथॉन है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस हैकाथॉन का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना है, जिसमें लगभग 10,000 छात्र 598 समस्याओं का डिजिटल समाधान करते दिखाई दिए. केंद्र सरकार के 29 विभागों ने इन 598 समस्याओं की पहचान की है, जिनमें हवाईअड्डों की जियो-फेंसिंग, ऑनलाइन टोल कलेक्शन, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबर हमले तथा हवाईक्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्ट ड्रोन भी शामिल हैं.

लगातार 36 घंटे तक चलने वाली डिजिटल प्रोग्रामिंग प्रतियोगिता शनिवार को सुबह आठ बजे से देश की 26 विभिन्न जगहों पर शुरू हुईं. हर जगह पर हैकाथॉन की जिम्मेदारी एक केंद्रीय विभाग या मंत्रालय की थी. शीर्ष तीन टीमों को एक लाख रुपये, 75,000 रुपये तथा 50,000 रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा.

sambit patraprashant bhushanपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -पूर्व आम आदमी पार्टी के नेता और संस्थापक, अब स्वराज इंडिया के संस्थापक प्रशांत भूषण ने एक ट्वीट कर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला किया है. उन्होंने यह हमला योगी आदित्यनाथ सरकार में फिर सक्रिय हुए एंटी रोमियो स्क्वॉड पर किया और इसी के जरिए उन्होंने यूपी की योगी सरकार को घेरा है.

अपने ट्वीट के जरिए प्रशांत भूषण ने कहा है कि रोमियो ने केवल एक महिला को प्यार किया था जबकि कृष्ण प्रसिद्ध छेड़बाज थे. क्या आदित्यनाथ के अंदर हिम्मत है कि वह अपने निगरानी दल के सदस्यों को एंटी-कृष्ण स्क्वॉड बोलेंगे.स्वराज इंडिया के संस्थापक प्रशांत भूषण)

 

प्रशांत भूषण के ऐसा करने के बाद बीजेपी के प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने उन्हें जवाब देने में देरी नहीं की. संबित पात्रा ने प्रशांत भूषण के अंग्रेजी में किए ट्वीट का हिंदी में जवाब दिया. पात्रा ने कहा कि प्रशांत भूषण को कृष्ण को समझने के लिए कई जन्म लेने पड़ेंगे. उन्होंने प्रशांत भूषण द्वारा कृष्ण पर टिप्पणी पर ऐतराज जताते हुए अपने ट्वीट में लिखा है कि वह कितनी आसानी से कृष्ण को राजनीति में घसीट लाए हैं. संबित पात्रा ने आगे कहा कि यह बहुत ही दुख की बात है.
 
(बीजेपी प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा)
 
संबित पात्रा ने अपने ट्वीट में कहा, 'कृष्ण को समझने में कई जन्म लेने पड़ेंगे. कितने आसानी से कृष्ण को राजनीति में घसीट लाए. दुःख की बात है.'

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल में संपन्न चुनावों में बीजेपी को प्रचंड बहुत मिला है और इसके बाद योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी हुई. जब से राज्य में बीजेपी को जीत मिली उत्तर प्रदेश पुलिस के रंग बदल गए हैं. पुलिस ने अपने आप ही एंटी रोमियो दस्ता सक्रिय हुआ अलग अलग शहरों में लड़कियों के स्कूल कॉलेजों के बाहर और प्रमुख बाजारों में मौजूद शोहदों पर कार्रवाई शुरू हो गई. पुलिस ने कई पार्कों में बैठे जोड़ों पर भी सख्ती जिसका कई लोगों ने विरोध किया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 वर्ष के समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ इलाहाबाद - इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150 वर्ष पूर्ण होने पर साल भर से चल रहे कार्यक्रम के आज होने जा रहे समापन समारोह में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर में पहुंच गए हैं. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल राम नाइक भी इलाहाबाद में पहुंच गए हैं. शनिवार को जिला सूचना कार्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक, प्रधानमंत्री का विमान सुबह 10 बजे इस शहर से बाहर स्थित बमरौली हवाईअड्डा पर उतरेगा जहां उनकी आगवानी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे.

इस समारोह में भारत के प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद और हाई कोर्ट के कई न्यायाधीश एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश शामिल हो रहे हैं.

हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्य के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह एवं नंद गोपाल गुप्ता भी मौजूद थे. जहां मौर्य फूलपुर से लोकसभा सदस्य हैं, सिंह और नंदी क्रमश: इलाहाबाद पश्चिम और इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक हैं.

पिछले महीने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मोदी की यह पहली इलाहाबाद यात्रा है. पिछले साल नगर में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां की दो दिवसीय यात्रा के दौरान मोदी थोड़े समय के लिए उच्च न्यायालय गए थे और न्यायाधीशों एवं बार के सदस्यों से बातचीत की थी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम की शुरआत पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने की थी.

MARI themes

Powered by Blogger.