शिवपुरी - भारतीय जनता युवा मोर्चा के कि आज जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान के निर्देशानुसार तथा नगर मंडल अध्यक्ष गिर्राज शर्मा के नेतृत्व में बैठक प्रारंभ होने से पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को पुष्प अर्पित किए उसके बाद बैठक को प्रारंभ किया श्री चौहान जी ने वार्ड अध्यक्ष तथा नगर के पदाधिकारियों की मीटिंग वह समझाया कि हमको हर आपके मन में बड़ा विचार होने की जरूरत है कि मैं किस पार्टी से जुड़ा हूं आप भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हो आप  नरेंद्र मोदी  जी से जुड़े हुए हो भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद पर काम करती है श्री चौहान जी ने कहा कि कोई भी काम छोटा नहीं होता छोटी इकाई से बड़ी इकाई और वार्ड अध्यक्षों को समझाएं कि और भारत राष्ट्रवाद के लिए काम करो भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करो आपको विश्वास होना चाहिए कि यह हमारे देश में मोदी सरकार है प्रदेश में शिवराज सरकार है और उस सरकार के आप एक कार्य करता है इस बैठक में नगर के महामंत्री सोनू कुशवाह आभार व्यक्त किया इस बैठक में महामंत्री संजय कुशवाहा जिला मंत्री प्रतीक शर्मा नगर उपाध्यक्ष दीपक राठौर मीडिया प्रभारी आशीष सेन सागर यादव आशीष सेठ राजा यादव राहुल खटीक अनुज शर्मा ऋषभ जैन अंकुर शर्मा भास्कर राठौर त्रिलोक पटेल सागर खरे दीपक कुशवाहा आदि नगर  पदाधिकारी सहित वार्ड अध्यक्ष इस बैठक में उपस्थित रहे


* जल संसाधन मंत्री की पहल पर डबरा शहरवासियों को मिली खुशखबरी 

* मोहिनी पिकअप वियर और सिंध नदी होते हुए पहुँचेगा डबरा के लिये पानी 

ग्वालियर । डबरा कस्बे की तात्कालिक पेयजल समस्या के समाधान के लिये जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने विशेष पहल की है। शिवपुरी जिले में स्थित मढ़ीखेड़ा डैम से सिंध नदी के जरिए पानी लाकर डबरा के समीप स्थित स्टॉप डैम को भरा जायेगा। इसी डैम से डबरा कस्बे की पेयजल आपूर्ति की जायेगी। इस सिलसिले में जल संसाधन मंत्री डॉ. मिश्र ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और तत्परता से इस व्यवस्था पर अमल करने के निर्देश दिए।  

मुख्य अभियंता जल संसाधन एन पी कोरी ने बताया कि जलसंसाधन मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में मढ़ीखेड़ा से मोहिनी पिकअप वियर को भरने के लिये पानी छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक मढ़ीखेड़ा के पानी से मोहिनी पिकअप वियर को भरा जायेगा। इसके बाद सिंध नदी के किनारे बसे ग्रामीणो को पूर्ण सूचना देकर मोहिनी पिकअप वियर से सिंध नदी के जरिए डबरा के स्टॉप डैम में पानी पहुंचाया जायेगा। स्टॉप डैम से डबरा कस्बे की पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र द्वारा डबरा की पेयजल आपूर्ति के लिये की गई इस पहल से पूरे कस्बे में खुशी की लहर है। डबरा वासियों ने इसके लिये जल संसाधन मंत्री के प्रति धन्यवाद जाहिर किया है। 

भोपाल। प्रदेश के 29 हजार सहायक शिक्षकों को राज्य सरकार जल्द ही पदोन्नत कर शिक्षक और व्याख्याता बनाने की तैयारी कर रही है। ये शिक्षक पहले से क्रमोन्नत वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए इस फैसले से सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। प्रदेश में 42 हजार सहायक शिक्षक हैं, जिनमें से 29 हजार पद उन्नत होने की पात्रता रखते हैं। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय शासन को प्रस्ताव भेज चुका है। फिलहाल मंत्रालय स्तर पर इस संबंध में फैसला लेने में देरी हो रही है।

उल्लेखनीय है कि अध्यापकों के संविलियन को लेकर कैबिनेट के फैसले के बाद सहायक शिक्षक नाराज हैं।इन शिक्षकों ने प्रदेशभर में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। 29 मई को 500 से ज्यादा शिक्षक स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी के बंगले पर पहुंच गए थे। राज्यमंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाकर लौटाया था कि सरकार उनके बारे में भी विचार कर रही है।

सूत्र बताते हैं कि लोक शिक्षण संचालनालय दो माह पहले सहायक शिक्षकों का पद उन्नत करने का प्रस्ताव भेज चुका है। पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की वजह से सरकार इन शिक्षकों को सीधे तौर पर पदोन्नत नहीं कर सकती है, लेकिन जिस पद का वे वेतनमान ले रहे हैं, उसका पदनाम दे सकती है। सरकार भी यही करने जा रही है।

पात्रता के अनुसार उन्नत हो जाएगा पद

बताया जा रहा है कि जो सहायक शिक्षक स्नातक होने के साथ डीएड-बीएड की योग्यता रखते हैं, उन्हें शिक्षक (उच्च श्रेणी शिक्षक) पदनाम दिया जाएगा। जबकि पोस्ट ग्रेजुएट के साथ बीएड योग्यताधारी सहायक शिक्षक व्याख्याता की पात्रता रखते हैं। इन्हें सरकार व्याख्याता का पदनाम दे सकती है।

नाराजगी को कम करने की कोशिश

सहायक शिक्षकों की नाराजगी सामने आने के बाद सरकार इसे कम करने की कोशिश कर रही है। इसी कारण दो महीने से मंत्रालय में पड़े इस प्रस्ताव पर एक बार फिर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि सारा दारोमदार सहायक शिक्षकों के संगठित रहने पर रहेगा। जानकार बताते हैं कि अध्यापकों को भी संगठित होने की वजह से ही संविलियन का तोहफा मिल पाया है।

विचार चल रहा है

मुख्यमंत्री सभी संवर्ग के कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर रहे हैं। सभी को बेहतर से बेहतर देने की कोशिश की जा रही है। सहायक शिक्षकों ने अपनी मांग रखी है। इसे लेकर भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। सरकार स्तर पर इस संबंध में विचार कर रहे हैं। 

दीपक जोशी, राज्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मप्र की सक्रिय राजनीति के लिए अपने सभी राष्ट्रीय स्तर के प्रभार छोड़ने वाले दिग्विजय सिंह थोड़ी बदली-बदली सी राजनीति कर रहे हैं। उनका फाइनल टारगेट क्या है यह तो समय आने पर ही पता चलेगा परंतु फिलहाल यह पता चल गया है कि उन्होंने अपने सबसे लोकप्रिय संबोधन 'दिग्गीराजा' पर बैन लगा दिया है। अब वो अपने लिए प्यार और सम्मान में भी 'दिग्गीराजा' सुनना पसंद नहीं करते।


क्या हुआ घटनाक्रम

टीकमगढ़ जिले के ओरछा में जैसे ही वो इस यात्रा को शुरू करने ले लिए होटल से निकले तो एक बुजुर्ग आया और दिग्गी राजा जिंदाबाद का नारा लगाने लगा। बुजुर्ग की आवाज जैसे ही दिग्विजय सिंह के कान में पड़ी वो लॉन में बुजुर्ग के पास आए। उन्होंने उसे नारे न लगाने की नसीहत दी और कहा कि, "यदि तुमने दोबारा नारा लगाया तो मैं तुम्हें यहीं नदी में डुबो दूंगा।" दिग्विजय सिंह के इस व्यवहार से घबराए बुजुर्ग ने कान पकड़ उनके पैर छूकर माफी मांगी। 

'दिग्गीराजा' क्यों कहते हैं लोग

दिग्विजय सिह को दशकों से 'दिग्गीराजा' कहा जाता रहा है। दरअसल, दिग्विजय सिंह राधौगढ़ राजघराने से आते हैं। जब दिग्विजय सिंह ने राजनीति में सफलताएं हासिल करना शुरू किया, मप्र की राजनीति​ में राजघरानों से 2 नेता, अर्जुन सिंह और माधवराव सिंधिया का दबदबा हुआ करता था। यानी कांग्रेस में राजाओं का दबदबा था। राजगढ़ जिले के लोग उन्हे प्यार से 'दिग्गीराजा' कहा करते थे। धीरे धीरे यह पूरे मप्र में प्रचलित हो गया। आज भी लोग दिग्विजय सिंह का पूरा नाम नहीं लेते बल्कि प्यार में और गुस्से में भी 'दिग्गीराजा' ही कहते हैं। 

भोपाल। अन्य प्रदेशों की तरह मध्यप्रदेश की भी सरकारी बस सेवा नहीं है। लेकिन, सरकार अब दोबारा से बस सेवा शुरू करने जा रही है। इसी माह से मध्यप्रदेश के 16 शहरों के बीच 1600 सर्वसुविधायुक्त बसें दौड़ने लगेंगी। इससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को लाभ होगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।



मध्यप्रदेश में यह बसें भोपाल-इंदौर में प्राइवेट कंपनियां गठित कर संचालित की जा रही बसों की तर्ज पर चलेंगी। यह बसें हब एंड स्पोक माडल पर चलेंगी। यह बसें 25 जून से शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए बसें भी तैयार कर ली गई हैं।


 


यह है सरकार की अमृत योजना
मध्यप्रदेश में लोक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए अमृत परियोजना के अंतर्गत यह बस सेवा चलाई जा रही है। यह बसें प्रदश की 80 फीसदी क्षेत्र को कवर करेगी। शहर के अलावा इसमें दूरदराज के गांव और कस्बे भी कवर हो पाएंगे।


इन शहरों को ज्यादा फायदा
मध्यप्रदेश में देवास, मुरैना, ग्वालियर, सागर, सतना, रतलाम, रीवा, कटनी, छिंदवाड़ा, सिंगरौली, बुरहानपुर, खंडवा, गुना, भिंड, शिवपुरी और विदिशा से शुरू होने जा रही है। उल्लेखनीय है कि इंदौर, जबलपुर, भोपाल और उज्जैन में यह बसें पहले से चलाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश के नगरीय विकास विभाग अलग-अलग सेक्टर बनाकर बसों का संचालन करने में जुटा है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड की तरह ही कंपनी गठित करके बसों का संचालन किया जाएगा।


मनमानी होगी कम
सरकार की नई बस सेवा शुरू हो जाने से प्राइवेट बस आपरेटरो की मनमानी पर लगाम लगेगी। सरकारी और प्राइवेट बसों में कांपीटिशन होगा तो बसों की कंडीशन भी ठीक रहेगी और समय पर भी चलाई जाएगी।


भिंड में भी तैयारी
भिंड कलेक्टर आशीष गुप्ता की अध्यक्षता में भिंड सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के साथ बैठक हुई। जिसमें 25 जून से सार्वजनिक यातायात प्रणाली को प्रभावी बनाने की दिशा में अंतरराज्यीय बस सेवा पर चर्चा हुई। भिंड से 37 बसों का संचालन किया जाएगा। शहर में 51 यात्री प्रतीक्षालय भी बनाए जाएंगे।


भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पिछले कुछ दिनों से गर्मी अपना विकराल रूप दिखा रही है। इसी के चलते शुक्रवार को अचानक मौसम में बदलाव देखा गया। आसमान में बादल छा जाने के साथ ही इस दिन दोपहर करीब 3.30 बजे पुराने भोपाल में हल्की बारिश भी हुई। वहीं इस दौरान तेज हवाएं भी शहर में चली, जिसके चलते तापमान में गिरावट आई।



आसमान में आए बादलों के चलते मौसम खुशनुमा हो गया। इस संबंध में पूर्व में मौसम के जानकारों व ज्योतिषों mp monsoon Predictions for rainfall ने भी 1 जून को बारिश की संभावना दर्शाई थी।


इसके बाद आज यानि 1 जून को भोपाल में कुछ जगह बारिश हुई, वहीं बादलों के चलते शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।


 पिछले दिनों कई स्थानों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। जिसके बाद से ही हर कोई राहत का इंतजार कर रहा था। ऐसे में शुक्रवार में मौसम में हुए बदलाव व बारिश ने लोगों को राहत दी है।

rain forecast

ये बने हालात...
शुक्रवार यानि 1 जून 2018 को दोपहर करीब 3.30 बजे अचानक भोपाल के पुराने शहर में बारिश mp monsoon Predictions for rainfall हुई।इसके बाद शहर में काफी तेजी आंधी का दौर भी चला। जिसके कारण शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।

इस बार ज्योतिषों ने भी नौतपे के दौरान वर्षा की बात कही थी, जो इस बारिश के बाद सही सिद्ध हुई।

कहना है कि ऐसा लगता है कि इस बार जल्द ही आसमान में बादल raining and monsoon forecast of india 2018 weather आ जाएंगे। वहीं मौसम के कुछ जानकार भी इस बार जल्दी मानसून आने की बात कह रहे हैं।

पूर्व में मौसम विभाग से जुड़े रहे कुछ मौसम के जानकार लोगों के अनुसार मौसम के सामने आ रहे दृश्यों से यह स्पष्ट होता है कि भोपाल में अगले कुछ दिनों तक सूरज की इस लुकाछिपी का खेल जारी रहेगा।

Aandhi in bhopal

जिसके चलते इन दिनों कभी आसमान में बादल छाए रहेेंगे तो कभी धूप भी खिलेगी। लेकिन इसके साथ ही तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी।

06 दिनों तक यह रहेगा मौसम का हाल:
मौसम के जानकारों के अनुसार अगले 06 दिनों तक भोपाल में भी कई जगह हल्की बारिश हो सकती है, वहीं इस दौरान आसमान में बाद छाए रहने की भी संभावना है।

- शनिवार यानि 02 जून को आम तौर पर हल्की धूप छाने के अलावा कुछ जगहों पर बादल भी छाए रहेंगे। इस दिन तापमान न्यूनतम तापमान 29 व अधिकतम तापमान 43 रहने की संभावना है।

- रविवार यानि 03 जून को आसमान में हल्के बाद छाए रहने के साथ ही बिजली भी चमक सकती है। जबकि इस दिन तापमान न्यूनतम तापमान 28 व अधिकतम तापमान 42 रहने की संभावना है।

- सोमवार यानि 04 जून को भी मौसम काफी हद तक रविवार जैसा ही रहेगा। इसके साथ ही तापमान भी 42 से 28 के बीच ही रहने का अनुमान है।

- मंगलवार यानि 05 जून के दिन भोपाल के आसमान में बादल रहने के साथ ही शाम के समय बिजली भी चमकेगी! इस दिन भी अधिकतम तापमान 42 जबकि न्यूतम 28 डिग्री के आसपास ही रहेगा।

- बुधवार यानि 06 जून को मौसम में एक बार फिर परिवर्तन आएगा। जिसके चलते इस दिन आसमान में सूरज और बादलों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। जबकि इस दौरान बाद कई जगह गरजेंगे। इस दिन जहां न्यूनतम तापमान में गिरवट आएगी, वहीं अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी भी होगी।

- गुरुवार यानि 7 जून को भी मौसम का हाल काफी हद तक बुधवार के समान ही रहेगा। आसमान में हल्के बादल रहेंगे जो तापमान को 06 जून के समान ही रखेंगे।

वहीं पूराने भोपाल के अलावा भोपाल के पास ही स्थित राजगढ़ जिले के ब्यावरा में भी शुक्रवार को हल्की बारिश हुई।

ऐसे में माना जा रहा है कि जून के मध्य में भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। जिसके बाद बारिश की तेजी को देखते हुए अलर्ट mp monsoon Predictions for heavy rainfall जारी किए जाने का भी संदेह है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि जून से प्रदेश के आसमान पर बादल raining and monsoon forecast of india 2018 weather आ सकते हैं।

जिनके चलते गर्मी से तो थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन उमस का प्रभाव बढ़ जाएगा। और ये ही स्थिति 26 जून को भी बनी रहेगी। इस दौरान गर्मी में कमी तो रहेगी लेकिन उमस प्रदेश के कई जिलों में बनी रहेगी। जो तापमान में कमी बरकरार raining and monsoon forecast of 2018 weather रखेंगी।



बेनामी संपत्तियों पर शिकंजा कसने के मकसद से आयकर विभाग ने कुछ नए कदम उठाए हैं। जिसके बाद बेनामी लेनदेन या काले धन से संबंधित खास सूचना देनेवालों को आयकर विभाग एक करोड़ रूपये ईनाम के तौर पर दे सकता है। जबकि, पैसा देश से बाहर रखने वालों के खिलाफ जानकारी देने पर यह ईनाम 5 करोड़ रूपये रखी गई है।
 
इनकम टैक्स इन्फॉर्मेन्ट्स रिवॉर्ड स्कीम में भी संशोधन किया गया है जिसमें आयकर पर टैक्स चोरी या भारत में संपत्ति पर टैक्स बचाने के खिलाफ खास सूचना देनेवालों को इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत 50 लाख रूपये ईनाम के रूप में मिल सकता है।
 
सीबीडीटी ने शुक्रवार को इस बात की घोषणा की है कि बेनामी ट्रांजेक्शन इन्फॉर्मेन्ट्स रिवॉर्ड स्कीम, 2018 के अंतर्गत विदेशी समेत कोई भी व्यक्ति ज्वाइंट या एडिशनल कमिश्नर्स को बेनामी लेनदेन या कालेधन के बारे में बता सकता है, जिन पर बेनामी ट्रांजेक्शंस (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2016 के अंतर्गत कार्रवाई बनती हो।


सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) का कहना है कि इस रिवॉर्ड स्कीम का मकसद आयकर विभाग को बेनामी संपत्ति या लेनदेन या फिर ऐसी संपत्तियों से कमाई करनेवाले निवेशक और उसके मालिकों के बारे में सूचना देनेवालों को प्रोत्साहित करना है। 

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