गुना। मध्यप्रदेश चुनाव कांग्रेस के नंबर 3 नेता एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद को फरिश्ता बताया है। बता दें कि इससे पहले भी नेताओं को भगवान बताने वाले बयान आ चुके हैं परंतु यह शायद पहला है जब किसी नेता ने खुद को देवदूत कहा है। 

दरअसल, गुना में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब पूछा गया कि क्या वे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गढ़ राघोगढ़ में चुनाव प्रचार करने जाएंगे। तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैं तो चलता हुआ फ़रिश्ता हूं, जहां बुलाया जाएगा वहां जाऊंगा।

मुस्लिम धर्मग्रंथों में इस शब्द का उल्लेख मिलता है। वहां खुद के दूत को फरिश्ता बताया गया है जो खुद को आदेश पर काम करता है। हिंदू धर्मग्रंथों में देवताओं का कथाएं हैं। वो भी फरिश्तों के समतुल्य समझीं जातीं हैं।

भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने 28 से 31 जुलाई तक प्रदेशभर में ग्रुप-4 की परीक्षा आयोजित की थी। इसके लिए 22 जून से 6 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मंगवाए गए थे। 11 जुलाई तक आवेदन में संशोधन किया जा सका। परीक्षा परिणाम सितम्बर में आ जाना चाहिए था परंतु जारी नहीं किए और फिर आचार संहिता के नाम पर अटका रखे हैं। बोर्ड के अधिकारी यह बताने पाने में भी सक्षम नहीं है कि आचार संहिता की किस धारा के तहत परीक्षा परिणाम रोकने के आदेश हैं या जारी कर देने पर आचार संहिता का उल्लंघन हो जाएगा। 
पहले यह परीक्षा दो दिन ही होना थी, लेकिन आवेदकों की संख्या अधिक होने से चार दिन तक चली। इसमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर सहित एक लाख 80 हजार से अधिक बेरोजगारों ने हिस्सा लिया। पहले ही दिन रिकॉर्ड 50 हजार युवाओं ने भाग्य आजमाया। परीक्षा दो शिफ्ट में संपन्न कराई गई। प्रथम शिफ्ट सुबह 9 बजे से 11 बजे एवं द्वितीय शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चली। आवेदक सहायक ग्रेड 3, स्टेनोग्राफर एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 2714 पदों के लिए हुई परीक्षा के नतीजों का लंबे समय से इंतजार है। प्रतिभागियों के साथ ही उनके परिजन भी आस लगाए बैठे हैं। 

आचार संहिता की आड़ में कुछ और पक रहा है

पीईबी ने घोषणा की थी कि 15 सितंबर तक मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी। यानी 45 दिन में रिजल्ट घोषित करने का वादा था लेकिन 100 दिन बाद भी रिजल्ट जारी नहीं हुआ है। पीईबी के जिम्मेदार अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि नतीजे कब तक आएंगे। पीईबी के जिम्मेदार आचार संहिता की आड़ ले रहे हैं, जबकि परीक्षा के परिणाम से आचार संहिता का कोई लेना-देना नहीं है। एमपी पीएससी सहित अन्य परीक्षाओं के रिजल्ट आचार संहिता में ही आए हैं। 

जनरल का कट ऑफ सबसे अधिक होगा 

पीईबी ने नतीजे घोषित नहीं किए हैं लेकिन आंसरशीट और प्रतिभागियों की संख्या के अनुमान के आधार पर जानकारों का कहना है कि जनरल श्रेणी में पुरुष वर्ग का कट ऑफ मार्क्स सबसे अधिक 82-84 रहेगा। महिला वर्ग का कट ऑफ 80-82 जाएगा। ओबीसी का कट ऑफ क्रमश: 79-81 और 77-78, एससी का 76-78 और 72-74 तथा एससी वर्ग का कट ऑफ 70-72 और 64-66 मार्क्स रहने का अनुमान है। 

आचार संहिता के नाम पर रिजल्ट रोका 

पीईबी ने ग्रुप-4 का रिजल्ट 45 दिन में जारी करने की घोषणा की थी जबकि दोगुना समय बीत चुका है। हम लोग महीनेभर से पीईबी को फोन कर रहे हैं लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। जब पीएससी का रिजल्ट आचार संहिता में आ सकता है तो पीईबी का क्यों नहीं? 

जितेंद्र चौधरी, माया भारती, प्रिया अलावा, भीखालाल भिलाला (प्रतिभागी) 

फिलहाल कुछ कह नहीं सकते 

ग्रुप-4 परीक्षा का रिजल्ट कब तक आएगा, फिलहाल कुछ कह नहीं सकते। वैसे हमारी तैयारी पूरी है। दरअसल, आचार संहिता लगने से हर काम की चुनाव आयोग से परमिशन लेना पड़ती है। हमने आयोग से अनुमति मांगी है। जब वहां से जवाब आ जाएगा तो रिजल्ट जारी कर देंगे। 

केएस भदौरिया, एग्जाम कंट्रोलर, पीईबी 

चुनाव आयोग अब तक NOC नहीं दे पाया

ग्रुप-4 की परीक्षा के रिजल्ट को लेकर पीईबी ने हमें प्रस्ताव भेजा है, इसकी जानकारी निकलवाता हूं। जल्द ही इसका परीक्षण कराएंगे। रिजल्ट जारी करने में कोई तकनीकी समस्या नहीं होगी तो आयोग भी अनुमति दे देगा। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। 

वीएल कांताराव, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र 


भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को ग्वालियर एवं शहडोल में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खजुराहो, सागर, दमोह और टीकमगढ़ में रहेंगे। इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार को देवरी, बरघाट और मंडला में चुनावी सभाएं संबोधित करेंगे।

मोदी 16, 18, 20, 23 और 25 नवंबर को मप्र में कुल 10 सभाएं करेंगे। अमित शाह 16, 18, 19, 23, 24 और 26 नवंबर को मध्य प्रदेश में रहेंगे। राहुल गांधी 16 एवं 17 नवंबर को प्रदेश के चुनावी दौरे पर रहेंगे। 17 नवंबर को वह कटनी, जबलपुर और सिवनी जिले में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी रहेंगे।

अखिलेश यादव की 18 को बुंदेलखंड में चुनावी सभाएं
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 18 नवंबर को बुंदेलखंड क्षेत्र में चुनावी सभाएं संबोधित करने आ रहे हैं। वह यहां दमोह जिले के बटियागढ़ और पवई (पन्ना) में चुनावी सभाएं संबोधित करेंगे। सपा के प्रवक्ता यश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष 17 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे।

भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थन में  निर्दलीय उम्मीदवार रामनिवास धाकड़ ने बापस लिया अपना नामांकन

शिवपुरी ब्रेकिन (कोलारस)

बहुजन समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं निर्दलीय उम्मीदवार रामनिवास धाकड़ ने भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह रघुवंशी को  अपना समर्थन देते हुये अपना नामांकन वापस लिया साथ ही भाजपा सदस्यता  ग्रहण की ! 14 तारीख से पहले  कोई भी प्रत्याशी अपना नामांकन वापिस कर सकता है !
जिसमें आज रामनिवास धाकड़ ने आज ही 14 तारीख से पहले वीरेन्द्र रघुवंशी को पूर्ण समर्थन देने की बात करते  हुये निर्वाचन कार्यालय पहुंच कर अपना नामांकन वापस लिया रामनिवास से हुई बातचीत के अनुसार उनका कहना है कि वीरेंद्र रघुवंशी  कोलारस के लिए सही उम्मीदवार साबित होगे ओर सबका साथ सबका विकास की राह पर चलते हुये उजड़े हुए कोलारस को  विकासशील कोलारस में तब्दील करेंगे!



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - मंथन न्युज


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्यप्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में भी चुनाव प्रचार का कार्यक्रम तय हो गया है।

भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल योगी छत्तीसगढ़ में पांच दिन, मध्यप्रदेश और राजस्थान में चार-चार दिन तथा तेलंगाना में एक दिन प्रचार कर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगेंगे। मुख्यमंत्री ने शनिवार को छत्तीसगढ़ में चार जनसभाएं कीं। रविवार को भी वे चार जनसभाएं करेंगे।

कल पीएम मोदी के साथ, फिर छत्तीसगढ़
सीएम योगी 12 नवंबर को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहेंगे। मोदी 12 नवंबर को वाराणसी में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद योगी फिर छत्तीसगढ़ रवाना हो जाएंगे। 

वे 14 और 15 नवंबर को वहां चुनाव प्रचार पर रहेंगे। 14 नवंबर को पांच जनसभाएं करने के बाद रात्रि विश्राम बिलासपुर में करेंगे। 15 नवंबर को चार जनसभाएं करने के बाद वे लखनऊ लौटेंगे। इसके बाद 18 नवंबर को भी वे छत्तीसगढ़ चुनाव प्रचार करने जाएंगे।

मध्यप्रदेश में 19 से दौरा

योगी मध्यप्रदेश में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में 19, 21, 22 और 25 नवंबर को प्रचार करेंगे। इसके बाद राजस्थान में 26, 28, 29 नवंबर और एक दिसंबर को उनका चुनावी जनसभाओं का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दो दिसंबर को चुनाव प्रचार के लिए वे तेलंगाना जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राममंदिर का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस से यह बताने को कहा कि उसे भगवान राम की चिंता है या मुगल बादशाह बाबर की। आदित्यनाथ ने राज्य में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम दिन यहां चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हुए राजनीतिक लाभ के लिए छत्तीसगढ़ और झारखंड में खुलेआम तथा चोरी-छिपे नक्सलवाद को बढ़ावा दिया। 
    
न्यूज एजेंसी भाषा की खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज का भंडार और वन संपदा होने के बावजूद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शासन में 'गरीब, पिछड़ा और बीमारू राज्य रहा। 'बीमारू- शब्द बिहार, मध्य प्रदेश,राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पहले शब्द से 1980 के मध्य में गढ़ा गया था और इसका आशय इन राज्यों में खराब आर्थिक स्थिति से था

योगी ने कहा, ''आज वन संपदा का इस्तेमाल स्थानीय लोगों के कल्याण में हो रहा है। आदिवासियों और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकासात्मक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। 
     
उन्होंने आरोप लगाया, ''कांग्रेस ने अपने लाभ के लिए नक्सलवाद को बढ़ावा दिया लेकिन जब यह लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया तो वह भाजपा थी जिसने कड़ाई से इससे निपटा। कांग्रेस नक्सलवाद को खुलेआम और चोरी छिपे बढ़ावा देती रही है।     

आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा, '' कांग्रेस ने अपने लाभ के लिए देश की सुरक्षा से खुलवाड़ किया। चाहे वह छत्तीसगढ़ हो या झारखंड जहां नक्सलियों को शरण देने का मुद्दा हो अथवा राजनीतिक लाभ के लिए कश्मीर जैसे राज्यों का इस्तेमाल का। लेकिन भाजपा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अहम है इसलिए(इसने)इससे खिलवाड़ कभी स्वीकार नहीं किया। 
      
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं है जब कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम दो या तीन आंतकवादियों को ढेर नहीं किया जाता हो अथवा वह सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हों। इसी प्रकार कोई ऐसा दिन नहीं गुजरता जहां नक्सल प्रभावित राज्यों में लोगों को राज्य सरकारों द्वारा पूरी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती हो।
     
उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा, ''कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि उनका संबंध (भगवान) राम से है या विदेशी आक्रमणकारी बाबर से। कांग्रेस के पास देश के सम्मान और स्वाभिमान के संबंध में कोई विचार नहीं है।कांग्रेस ने हमेशा देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया और अब वोट के लिए आपके सामने आ रहे हैं।
     
गौरतलब है कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए 12 और 20 नवंबर को दो चरण में मतदान होना है



मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र पर बवाल मच गया है। पार्टी ने सरकारी भवनों और उसके परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 'शाखा' नहीं चलने देने की बात शामिल की है। इसको लेकर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है।

भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र पर बवाल मच गया है। पार्टी ने सरकारी भवनों और उसके परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 'शाखा'  नहीं चलने देने की बात शामिल की है। इसको लेकर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है। एक ओर जहां बीजेपी नेता इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल किए जाने को सही ठहराया है। 

ई-अटेंडेंस समाप्त करने की बात
इसके अलावा उस पन्ने पर लोकायुक्त का गठन नए सिरे से करने, ई-अटेंडेंस समाप्त करने की बात भी कही गई है. इसके साथ ही लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए जांच आयोग गठित करने का वादा भी किया गया है.


किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिये शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए वादा किया कि प्रदेश में सत्ता में आने पर किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किये जाएगें. इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को वेतन अनुदान देने का भी वचन दिया है. कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों को कृषि भूमि रजिस्ट्री शुल्क में छूट देने और छोटे किसानों को कन्या विवाह हेतु 51,000 रुपये की सहायता देने का भी वादा किया है.


112 पन्ने का 'वचन पत्र' जारी
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता में पार्टी का 112 पन्ने का 'वचन पत्र' जारी करते हुए इसे प्रदेश की जनता की आवाज बताया और कहा कि इसे समाज के हर वर्ग के साथ गहन विचार विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है. कांग्रेस द्वारा जारी किये गये इस वचन पत्र में कर्मचारी, हस्तशिल्पी, आम जनता, महिला, पत्रकार सहित सभी वर्गो के लिये कुछ न कुछ अच्छा करने का वादा किया गया है, लेकिन सबसे अधिक किसान और युवा वर्ग पर ध्यान दिया गया है.

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि इन दिनों कांग्रेस का एक ही अजेंडा है- मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं चलने देंगे।' वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'कांग्रेस ने संघ पर प्रतिबंध लगाने का वचन दिया है, अच्छा होता, अगर कांग्रेस सिमी जैसे आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाती। लेकिन वहां क्यों लगाएंगे, आपकी राजनीति तुष्टिकरण व वोटबैंक की जो है।' कैलाश ने कहा कि जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। 


हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, 'कांग्रेस की मति भ्रष्ट हो गई है। मध्य प्रदेश के मेनिफेस्टो में देशभक्त RSS के शाखा लगाने पर रोक की बात करती है और देशद्रोही नक्सलवादियों को क्रांतिकारी कहती है।' वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल वादे का समर्थन करते हुए कहा, 'आरएसएस एक राजनीतिक संस्था है, यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि सरकारी इमारतों में संघ की शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा, मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता है।' उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी जब तक नौकरी कर रहे हैं तब तक उन्हें खुले रूप से किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं आना चाहिए। 

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