भोपाल के छात्र रिशी सोनगिरकर  ने भोपाल में आयोजित रन भोपाल रन मैराथन की सुविधा
व्यवस्थाओं प्रशंसा की!

ब्रेकिंग भोपाल

  भोपाल में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए रन भोपाल रन मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया ! जिसमे सुपरस्टार  करीना कपूर और टाइगर श्रॉफ ने भी भोपाल पहुंचकर शिरकत की मैराथन के एक रनर अप सातवीं कक्षा के छात्र रिशी सोनगिरकर द्वारा 5 किलोमीटर मैराथन में जगह जगह पानी एवं अन्य सुविधाएं व्यवस्थाओं  की प्रशंसा आयोजकों द्वारा किए जाने पर की रिशी सोनकर ने कहां की वह कार्यक्रम में आकर और हिस्सा लेकर प्रसन्न है इस तरह के कार्यक्रम  समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए और जिस तरह की व्यवस्थाएं और सुविधाएं आयोजकों द्वारा की गई वह प्रशंसनीय है!

भोपाल। विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच दिसंबर को कैबिनेट की बैठक बुला ली है। मंत्रालय में सुबह 10:30 बजे प्रस्तावित इस बैठक को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए इसे गैर जरूरी बताया है और सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव से मिलकर शिकायत करेगी।

आमतौर पर चुनाव के नतीजे आने के पहले सरकार में कोई बड़ी बैठकें नहीं होती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने न सिर्फ समीक्षा बैठक कर ली, बल्कि कैबिनेट की बैठक भी बुला ली। पांच दिसंबर को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक होगी। इसमें यूं तो कोई नीतिगत निर्णय नहीं होना है पर कोई ऐसा तात्कालिक मुद्दा नहीं है, जिसके लिए कैबिनेट बैठक बुलानी पड़े। कांग्रेस ने इसी आधार पर आपत्ति उठाई है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि चुनाव परिणाम आने से पहले इस तरह का कदम उठाना गैर जरूरी है। मंत्रालय में मुख्यमंत्री ने शनिवार को जो बैठक की थी, उसकी भी कोई आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि आचार संहिता प्रभावी रहने तक कोई भी निर्णय सरकार बिना चुनाव आयोग की अनुमति नहीं ले सकती है।

प्रदेश प्रवक्ता जेपी धनोपिया का कहना है कि यह एक प्रकार से प्रशासनिक मशीनरी को प्रभावित करने का प्रयास है, जो चुनाव आयोग के निर्देशों के विपरीत है। इसको लेकर सोमवार को शिकायत दर्ज कराकर कैबिनेट बैठक की अनुमति नहीं देने की मांग की जाएगी। उधर, बैठक से पहले शासन को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी। 

महाराष्ट्र सरकार ने अपने 20 लाख कर्मचारियों को नए साल पर तोहफा देने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने 1 जनवरी 2019 से सातवां वेतन आयोग लागू करने का फैसला लिया है।


7वां वेतन आयाेगः नए साल पर 20 लाख कर्मचारियों को तोहफा, मिलेगा 36 महीने का एरियर


नर्इ दिल्ली। कर्इ राज्यों के कर्मचारी अभी भी सातवां वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने अपने 20 लाख कर्मचारियों को नए साल पर तोहफा देने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने 1 जनवरी 2019 से सातवां वेतन आयोग लागू करने का फैसला लिया है। इससे राज्य सरकार पर करीब 40 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा।

कर्मचारियों की तरफ से दबाव बनने के बाद सरकार ने लिया फैसला

इसके लिए राज्य सरकार के एक कमेटी का गठन किया है जिसमें रिटायर्ड अधिकारी के पी बख्शी को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। हालांकि, कर्मचारियों की तरफ से दबाव बनने के बाद राज्य सरकार ने फैसला किया है इस कमेटी की रिपोर्ट को इंतजार नहीं करेगी। इस फैसले पर 9 अगस्त को धरने में पर गए सरकारी, अर्ध सरकारी व शिक्षकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके बारे में वित्त राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने घोषणा की है।

मिलेगा 36 माह का एरियर

चूंकि सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू होना था, एेसे में सभी कर्मचारियों को 36 माह का एरियर भी मिलेगा। मंत्री ने कहा कि साल 2016 से अब तक के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का एरियर दिया जाएगा। इसके पांच हफ्तों में दिया जाएगा। जबकि कर्मचारियों डियरनेस अलाउंस (डीए) अंतिम 14 महीनों के आधार पर दिया जाएगा।



भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के नाम पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव 2019 का होमवर्क कर लिया। विधानसभा चुनाव परिणाम आने से पहले शाह ने अपनी प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है। अब मध्यप्रदेश में अमित शाह की परेड शुरू होगी। सभी विधायक/सांसद/मंत्री और इनके समकक्ष नेता हर रोज 10 किलोमीटर पैदल चलेंगे। संभव है पार्टी इनकी जीपीएस ट्रेकिंग भी करा ले, ताकि पता चले कि कितना चले और कहां कहां रुके।

2018 चुनाव के नतीजे आने में अभी भले 11 दिसंबर का इंतजार बाकी हो लेकिन बीजेपी ने 2019 के लिए तैयारी शुरु कर दी है। 2019 में दिल्ली किले को फतह करने के लिए पार्टी मंत्रियों से लेकर विधायक और सांसदों को काम पर लगाने जा रही है। 2019 लोकसभा चुनाव के लिहाज से बीजेपी ने प्लान तय किया है।

बीजेपी नेता नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाओं का गांव-गांव तक प्रचार करेंगे। साथ ही योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात करेंगे। उनके साथ सेल्फी लेंगे। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय द्वारा 15 दिसंबर तक सभी नेताओं को अपने अपने इलाके का रोडमैप भेजने के लिए कहा गया है। केवल पदयात्रा ही नहीं बीजेपी 2019 के लिहाज से आने वाले दिनों में बाइक रैली से लेकर टोली यात्रा समेत कई और अभियानों की शुरुआत करने जा रही है। क्या वाकई में बीजेपी की ये कवायद उसकी नैया पार लगाएंगी, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

भोपाल चुनाव परिणाम आने के पहले शिवराज कैबिनेट की बैठक को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान मच गया है 5 दिसंबर को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है बैठक के एजेंडे में करीब दर्जनभर प्रस्ताव शामिल किए जा रहे हैं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने इस बैठक पर आपत्ति जताई है नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि सीएम आचार संहिता को ठेंगा दिखा रहे हैं लोकतंत्र की मर्यादा का माखौल उड़ाया जा रहा है आचार संहिता के दौरान सिर्फ आपातकालीन विजयपथ सीएम बैठक कर सकते हैं लेकिन अभी ऐसा कोई विषय नहीं है बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी मैं भी कैबिनेट बैठक को संविधान के विपरीत बताया है वही सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा कहते हैं कि जब सरकार आ रही है तो कैबिनेट की बैठक बुलाने में क्या आपत्ति है कॉन्ग्रेस बेवजह विवाद कर रही है

सभी राजनीतिक दलों के अपने अपने तर्क

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा शिवराज मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार और संवैधानिक पद पर रहते हुए आचरण संहिता का उल्लंघन और लोकतंत्र की व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने का गंभीर अपराध
कर रहे हैं यह लोकतंत्र की मान्य परंपराएं नहीं है सीएम खुद विधानसभा खुद एक विधानसभा सीट से उम्मीदवार है ऐसे में भी सिर्फ आपातकालीन समय में ही दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं अजय सिंह ने इसे राजस्थान चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया है साथ ही कहा है कि प्रदेश के अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास है कि सरकार उनकी बन रही है बहुजन समाज पार्टी की विधायक शीला त्यागी कहती हैं कि जब तक परिणाम नहीं आते तब तक सरकार बैठक लेकर कोई फैसला नहीं कर सकती संविधान विशेषज्ञों से बात कर इस मामले में. उचित कदम उठाएंगे आम आदमी पार्टी की तरफ से सीएम प्रोजेक्ट किए गए आलोक अग्रवाल कहते हैं कि यह असंवैधानिक है भाजपा चुनाव हार रही है इसीलिए कैबिनेट बैठक कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है

नई नीति नहीं बना सकती सरकार

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि मौजूदा सरकार चुनाव परिणाम के पहले कैबिनेट बैठक बुला सकती है और रूटीन फैसले और कामकाज भी कर सकती है यह सरकार नई पॉलिसी नहीं बना सकती और नए नियम भी लागू नहीं कर सकती या फिर ऐसे फैसले नहीं ले सकती जिसके सरकार परिवर्तन के बाद. बदलने की गुंजाइश हो!

जयपुर, जेएनएन। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया है इस चुनाव में कांग्रेस विकास और सुशासन का हाईवे छोड़ कर मजबह, जति की अंधेरी गलियों में भटक रही है। यह कांग्रेस की हताशा को दिखा रहा है। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि चुनाव वाले पांचों राज्यों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने वाला है। 

राजस्थान में चुनाव प्रचार के लिए राजनाथ सिंह ने जयपुर में रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा हैं। यहां कांग्रेस हताशा की स्थिति में हैं और जाति गोत्र की चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था है। भारत आगे बढ़ रहा है और हर भारतवासी के लिए गौरव का विषय है। केंद्र में भाजपा की सरकार है और आगे भी रहने वाली है, इसलिए यहां के लोगों की पहली पसंद भाजपा ही रहेगी। लोग नहीं चाहेंगे कि राजस्थान फिर से बीमारू राज्यों की श्रेणी में आए। वसुंधरा राजे ने कुछ करिश्माई काम किए हैं। 50 वर्ष में जो कांग्रेस ने किया है, उससे कई गुना काम यहां हुआ है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले हिंदू और हिंदुत्व के शब्द से भी परहेज करती थी, लेकिेन हमसे इसकी परिभाषा पूछ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जीत के लिए सारे हथकंडे अपना रही है। मंदिर के दौरे तक किए जा रहे हैं, लेकिन मंदिर गाय उनके लिए चुनावी मुद्दा हो सकत है। हमारे लिए यह सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग हैं। राजनाथ ने कहा कि कांग्रेस जीत के लिए सामाजिक समरसता तोड़ने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विश्वाास का संकट पैदा किया है, क्योंकि कांग्रेस सरकारों की कथनी व करनी मे काफी अंतर रहा है। इससे विश्वास का संकट पैदा हुआ है। भाजपा सभी राज्यों में इसे एक चुनौती मानती है और हमने राज्यों से कहा है कि हम वादा वहीं करें, जो हम कर सकते हैं।

देश की सुरक्षा के विषय में उन्होंने कहा कि मैं यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि देश सुरक्षित है। जो नक्सलवाद 80-90 जिलों में फैला हुआ था, वह अब घट कर आठ नौ जिलों तक सीमित हो गया है। तीन से पांच वर्ष में नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। माओवाद को अपनाने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उत्तर-पूर्व मे भी शांति हुई है। आतंकवाद भी अब कश्मीर तक सिमट कर रह गया है। साढ़े चार साल में इसकी कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई है। इसके लिए सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां बधाई की पात्र हैं। कश्मीर में पंचायतों के चुनाव हुए हैं और अच्छा मतदान हुआ है। हम कश्मीर को राजनीतिक प्रक्रिया से खड़ा कर रहे हैं। 

आतंकवाद पूरी तरह पाक समर्थित
उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि आतंकवाद पूरी तरह पाक समर्थित है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने गुजरे जमाने से बाहर आने की बात कही है, लेकिन उन्होंने कश्मीर को अहम मुद्दा बताया है। राजनाथ ने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मुद्दा कश्मीर नहीं है। मुद्दा सिर्फ आतंकवाद है और पाकिस्तान इस पर बात करना चाहता है तो हम तैयार हैं। हम आतंकवाद से निपटने में पाकिस्तान का सहयोग करने के लिए भी तैयार है।

सर्जिकल स्ट्राइक की तो उजागर क्यों नही की
राहुल गांधी के सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के दावे पर राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार के समय ऐसा हुआ था तो कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसने इसे उजागर क्यों नहीं किया। यह सैनिकों साहस और पराक्रम का विषय है और इसकी चर्चा जरूर होनी चाहिए।

राहुल ने जब बोलना शुरू किया तो लोग उठकर जाने लगे। वे जब तक बोलते रहे लोग तब तक सभा छोड़कर जाते रहे।..

गुरप्रेम लहरी, हनुमानगढ़। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राजस्थान के हनुमानगढ़ में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आप पंजाब के लोगों को फोन करके पूछो कि किसानों का कर्ज माफ हुआ या नहीं। हम जो कहते हैं वह पूरा भी करते हैं। इसी दौरान रैली के बाहर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के ठेका मुलाजिमों ने कहा- इनकी बातों में मत आना। पंजाब में इन्होंने कोई वादा पूरा नहीं किया है।

राहुल ने जब बोलना शुरू किया तो लोग उठकर जाने लगे। वे जब तक बोलते रहे लोग तब तक सभा छोड़कर जाते रहे। राहुल ने कहा कि पहले नरेंद्र मोदी ने कहा कि रोजगार दूंगा और काफी वादे किए, लेकिन सरकार बनने के बाद सभी वादे भूल गए। अब वे न किसानों की बात करते हैं न रोजगार की बात करते हैं। राफेल में उनका चेहरा सामने आ गया। पहले बातें की गई कि मैं प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार बनकर सेवा करूंगा। उन्होंने चौकीदारी तो की लेकिन नीरव मोदी, ललित मोदी और विजय माल्या की की।

राहुल ने कहा कि हम पंजाब व कर्नाटक की तरह राजस्थान में भी कर्ज माफ करेंगे। हम किसानों की मदद करना चाहते हैं। युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं। आप कांग्रेस की सरकार आने के बाद दस दिन गिनना, 11वें दिन सभी किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। हर एक आदमी चाहता है कि उनके बच्चे अच्छे स्कूल कालेजों में पढ़ें। लेकिन पीएम मोदी ने सभी यूनिवर्सिटीज को प्राइवेट कर दिया। अब उनमें अमीर लोगों के बच्चे ही पढ़ पाते हैं। 15 लोगों के मोदी ने लाखों करोड़ों रुपये के कर्ज को माफ कर दिया लेकिन उनमें एक भी किसान नहीं था। 

पंजाब के ठेका मुलाजिमों ने किया प्रदर्शन
हनुमानगढ़ में पंजाब से पहुंचे सैकड़ों ठेका मुलाजिमों ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कांग्रेस, राहुल व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोध में नारेबाजी की और पर्चे बांटे। इसमें प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस व राहुल गांधी और पंजाब सीएम पर वादाखिलाफी व अत्याचार करने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब में राहुल ने रोजगार देने, बेरोजगारी भत्ता, नई भर्तियां, निजी ठेकेदारी प्रथा से छुटकारा, नशा मुक्त पंजाब आदि के दर्जनों वादे किए थे, लेकिन एक भी पूरा नहीं किया। इसीलिए हम राजस्थान के लिए पड़ोसी धर्म निभाते हुए जनता को जागरूक करने आए हैं कि हमें कांग्रेस व राहुल ने बेवकूफ बनाया है। कहीं आप इनकी बातों में मत आ जाना। हनुमानगढ़ में कांग्रेस के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। 

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