भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग के बाद अब परिणाम के इंतजार है। ऐसे में दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। बालाघाट से बीजेपी प्रत्याशी और शिवराज सरकार के मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने दावा किया है कि प्रदेश में एक बार फिर से पूर्णबहुमत की सरकार बनेगी। हालांकि उन्होंने ये भी दावा किया है कि बागियों ने खेल बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा, बालाघाट में इस बार मेरी जीत ऐतिहासिक होगी। बागियों के कारण भाजपा को दिक्कत का सामना करना पड़ा है पर उसके बाद भी हम सरकार बना रहे हैं। उन्होंने अबकी बार 200 पार को लेकर कहा कि हम 130 सीटों के साथ सरकार बनाएंगे। बता दें कि इस बार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 200 पार का नारा दिया था।



सर्वे में भी भाजपा को बढ़त: कई टीवी चैनलों के सर्वे में भी भाजपा को बढ़त दिखाई गई है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। जबकि राजस्थान में सट्टा बाजार के अनुसार भाजपा राजस्थान में एक बार फिर से लड़ाई में आ गई है और राजस्थान में भी पार्टी वापसी कर सकती है। वहीं, इंटेलिजेंस की रिपोर्ट ने बीजेपी को मायूस कर दिया था। इसके बाद ताजा सर्वे ने बीजेपी को खुशखबरू दी है। सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में बीजेपी फिर से सरकार बना सकती है।



28 नवंबर को मतदान में सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। अब 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना में तय हो जाएगा सरकार किसकी बन रही है। मध्यप्रदेश में हुए सर्वे के मुताबिक आज भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता की पहली पसंद बने हुए हैं। सर्वे के अनुसार बीजेपी बहुमत का आंकड़ा छू सकती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 37 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया है, जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को 24 प्रतिशत लोगों ने अपना मुख्यमंत्री के रूप में पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा मात्र दस प्रतिशत लोग ही कमलनाथ को पसंद कर रहे हैं।


छत्तीसगढ़ में रमन भी बरकरार: सर्वे के अनुसार अजीत जोगी का गठबंधन कांग्रेस के लिए खतरा साबित हो सकता है। उन्हें 15 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यही कारण है कि बीजेपी फिर बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है। सर्वे में अजीत जोगी को 4 सीटें मिलना बताया जा रहा है। 40 प्रतिशत लोग रमन सिंह को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं,जबकि 20 फीसदी लोग अजीत जोगी को चाह रहे हैं, जबकि 14 प्रतिशत लोग भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनवाना चाहते हैं।


भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मतगणना के पहले बुधवार को बुलाई इस कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से कहा, जब तक चुनाव का परिणाम नहीं आ जाता तब तक आप मंत्री हो। अपने पॉवर का इस्तेमाल करो। कलेक्टरों से बात करो और किसानों की समस्याओं का सुलझाओ। धान और खाद पर ध्यान दो। किसानों को कहीं पर समस्या न हो।
बैठक में आचार संहिता पर बात आई तो शिवराज ने कहा कि धान खरीदी और खाद वितरण में किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसका ध्यान रखा जाए। आचार संहिता लगी है, इसलिए यह न सोचें कि कलेक्टर से बात नहीं कर सकते। शिवराज ने मंत्रियों से प्रदेश के हालात भी जाने। खाद्य, सहकारिता और कृषि विभाग के अफसरों को भी किसानों की फसलों पर ध्यान देने के लिए कहा।
- प्याज की कीमतों पर दो ध्यान
शिवराज ने कहा कि प्याज की कीमतों को देखा जाए। बेहद कम भाव मिलने की जानकारी मिल रही है। इस पर अफसरों ने तर्क रखा कि ऐसा नहीं है। खराब प्याज एक-दो रुपए किलो बिक रहा है। अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की औसत कीमत छह से आठ रुपए किलो है। यह स्थिति महाराष्ट्र से भी बेहतर है। आला अफसरों ने सीएम को बताया कि महाराष्ट्र में 7.40 रुपए प्रति किलो कीमत है, जबकि मध्यप्रदेश में औसत 6.72 रुपए से 8.00 रुपए की कीमत है। सीएम ने प्याज को लेकर आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा। इस पर भावांतर का जिक्र भी, लेकिन आचार संहिता के कारण इस पर कोई कदम नहीं उठाया जा सकता।
- खाद की स्थिति यूं जानी
सीएम ने धान खरीदी और खाद की स्थिति पूछी। इस पर आला अफसरों ने डाटा रखकर तर्क दिया कि बेहतर स्थिति है। अभी तक 5.21 लाख टन खाद बांटी जा चुकी है और दो लाख टन भंडारण में उपलब्ध है, जबकि पिछले साल महज 4.80 लाख टन ही खाद बांटी गई थी। इसके अलावा रबी और खरीफ की फसलों की स्थिति भी देखी गई। धान खरीदी कम होने का मुद्दा भी उठा। इस पर भी स्थिति संभालने के लिए कहा गया।


- इन फैसलों का अनुसमर्थन
राज्य स्कूल शिक्षा सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 के तहत महिलाओं के आरक्षण
आयु सीमा निर्धारण और दिव्यांगजन व संविदा कर्मचारियों के आरक्षण नियमों में छूट का प्रावधान
मंत्री रामपाल सिंह के क्षेत्र में 9 लाख रुपए के अधिक भुगतान को मंजूरी
उप लोकायुक्त सुशील कुमार पालो की नियुक्ति
अध्यापक संवर्ग संविलयन
पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के 1700 करोड़ के कर्ज की अनुमति
ग्रामीण क्षेत्र के लिए जन स्वास्थ्य संवर्धन बोर्ड के गठन
सरदार सरोवर परियोजना में हाईकोर्ट के आदेश का पालन
माल एवं सेवा कर अधिनियम अधिसूचना
मंदिरों में पुजारियों-सेवादारों को सीएम जन कल्याण योजना में शामिल करने सहित अन्य प्रस्तावों का कैबिनेट ने अनुसमर्थन किया।


- एंटी चेम्बर में जाने सीटों के हाल
सीएम शिवराज ने मंत्रियों से उनके क्षेत्रों के बारे में स्थिति पूछी। सीएम चुनिंदा मंत्रियों को अपने एंटी चेम्बर में ले गए। वहां चुनिंदा सीटों व चुनाव के विभिन्न फैक्टर पर बात की। इसमें उनके इलाकों में सपाक्स के असर, अजा-अजजा वोटिंग के ट्रेड, कमजोर सीटों की हालत सहित अन्य मुद्दों पर बात की। यह भी जाना कि कहां कौन सा फैक्टर नुकसान पहुंचा रहा है और कहां किन फैक्टर से फायदा हो रहा है।


खास बातें


शिवराज ने कहा- आचार संहिता के नाम पर लोगों को भाग्य भरोसे नहीं छोड़ सकते


कांग्रेस ने बैठक के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया


कांग्रेस ने कहा- चुनाव आयोग की अनुमति के बिना हुई बैठक से संदेह


भोपाल: मतपेटी खुलने से चंद दिन पहले 11 दिसंबर को शिवराज सिंह चौहान के मंत्री आखिरी कैबिनेट बैठक में बैठे. इस बैठक पर कांग्रेस की नज़रें टेढ़ी थीं. उसने आचार संहिता लागू होने के बावजूद इस कैबिनेट की बैठक के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया. लेकिन सरकार ने कैबिनेट के कामों की फेहरिस्त गिनाते हुए कहा वह जनता की समस्याओं के प्रति जवाबदेह है.
      
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा हमने उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा की, हमने धान और सोयाबीन की खरीदी की समीक्षा की, जीका वायरस की वजह से जो आशंका पैदा हुई हमारी ड्यूटी है हम आचार संहिता के नाम पर जनता को भाग्य के भरोसे नहीं छोड़ सकते. उन्होंने कहा कि 11 को परिणाम आएगा. सरकार बनते-बनते और समय लगता है. तब तक हमारी ड्यूटी है कि कोई समस्या है तो उसका समाधान करें.

वहीं कांग्रेस को लगता है सरकार का यह कदम अनैतिक है. कांग्रेस प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा नैतिकता के आधार अनैतिक हैं. कानून की जो स्थिति है उसमें रुटीन काम करने की इजाजत रहती है. उसमें भी चुनाव आयोग की अनुमति लेने पड़ती है, उन्होंने नहीं ली, इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि अन्य उद्देश्यों के लिए एक उद्देश्य नौकरशाही को ये संदेश देना हो सकता है कि आप हमारे नियंत्रण में रहिए.

परिणाम से पहले लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी राज्य सरकार ने 800 करोड़ का कर्ज लेने की इजाजत मांगी है. इसे लेकर भी सियासी गलियारों में हलचल मची है.


नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 11 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के पहले दिन सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसका उद्देश्य सदन का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए सर्वसम्मति बनाना है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की मतगणना भी 11 दिसंबर को ही होगी।

11 दिसंबर से आठ जनवरी तक चलने वाला यह सत्र लोकसभा चुनावों से पहले का आखिरी पूर्ण सत्र होगा। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने एक दिन पहले 10 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बता दें कि शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार एक साथ तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेश को कानून की शक्ल देने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएगी

पिछली बार यह विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद बहुमत के अभाव में राज्यसभा में लटक गया था। वहीं विपक्ष के पास लोकसभा चुनावों से पहले सरकार को संसद में घेरने का यह आखिरी मौका। इस दौरान वह राफेल मुद्दा, कृषि क्षेत्र में संकट और सीबीआइ में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के बीच झगड़े जैसे मुद्दे उठा सकते हैं।

*किरण गुप्ता हत्याकाण्ड का हुआ खुलासा,दबोचे गए सभी आरोपी,बरामद हुए लूटे गए जेवरात*

*-शहर में हुए जघन्य हत्याकाण्ड के बाद असुरक्षित महसूस कर रहे थे शहरवासी*

*-एसपी ने चैलेंज के तौर पर ली थी बारदात,बदमाशों पर की थी ईनाम की घोषणा*

*-आरोपियों को दबोचने के बाद बोले एसपी पुलिस जनता के साथ अपने आपको न करें असुरक्षित महसूस*

*-घर का द्वार न खुलने के कारण बचीं दो जानें,अंजाम नहीं दे पाये थे बारदात*

शिवपुरी
शहर के बीचों-बीच स्थित राघवेन्द्र नगर कॉलोनी में गत माह कपड़ा व्यवसाई के घर में अज्ञात बदमाशों द्वारा की गई लूट-पाट और उसकी पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को आज बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस जघन्य बारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को मुखबिर द्वारा मिली सूचना के आधार पर एसपी राजेश हिंगणकर के निर्देशन में धरदबोचने के साथ-साथ इनके पास से लूटे गए जेवरात नगदी व घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में जुटी दिखाई दे रही है। संभावना जताई जा रही है कि उक्त आरोपियों से पूछताछ से अन्य कई मामलों के  खुलासे भी हो सकते है। शहर के देहात थाना क्षेत्र में दिन के समय घटित हुए इस अंधे हत्याकाण्ड ने जनमानस को हिलाकर रख दिया था। बदमाशों ने जिस अंदाज में बारदात को अंजाम दिया था उससे शहरवासियों में इतना भय व्याप्त हो गया था कि वह घर के भीतर भी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे थे। इस मामले में पुलिस कप्तान ने गंभीरता से लेते हुए बदमाशों का चैलेंज को स्वीकार करते हुए इन पर 10 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया था और आज पुलिस ने सभी आरोपियों को धरदबोचने में सफलता हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के कपड़ा व्यवसाई विजय गुप्ता की पत्नी किरण गुप्ता निवासी राघवेन्द्र नगर कॉलोनी 11 सितम्बर के दिन अपराहन के समय घर में अकेली थी। विजय गुप्ता और उनका पुत्र शिवम गुप्ता बाजार में स्थित अपनी कपड़े की दुकान में गए हुए थे। इसी बीच अज्ञात बदमाशों ने कपड़ा व्यवसाई के घर में घुसकर लूटपाट की घटना को अंजाम देते हुए किरण गुप्ता की चाकू से रौंधकर निर्मम हत्या कर दी थी। लूट और हत्या की बारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग खड़े हुए थे। रात लगभग 9 बजे विजय गुप्ता और उनका पुत्र शिवम दुकान से वापिस लौटकर आए तो घर के अन्दर का नजारा देखकर पिता-पुत्र की आंखे फटी की फटी रह गईं थीं। घर के आगन में किरण गुप्ता खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी हुईं थीं। पीडि़त परिवार द्वारा घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर मयदल बल के मौके पर जा पहुंचे। जिनके द्वारा हर पहलू पर बारीकी से जांच पड़ताल किए जाने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना देहात में अपराध क्रं. 207/18 धारा 302,394 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच पड़ताल शुरु की गई। शहर के बीचों बीच घटित हुए इस जघन्य बारदात को पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने गंभीरता से लेते हुए मामले को टे्रस करने के लिए कई टीमों का गठन कर आरोपियों को धरदबोचने के प्रयास शुरु किए गए। इस अंधे हत्याकाण्ड को अंजाम देने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। इसी बीच बीतेरोज एसपी श्री हिंगणकर को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि उक्त बारदात को अंजाम देने वाले आरोपी
पुरानी शिवपुरी स्थित मरघट में बेठे हुए हैं। मुखबिर से मिली इस सूचना को पुलिस कप्तान ने गंभीरता से लिया और एएसपी गजेन्द्र सिंह कंबर को आरोपियों को पकडऩे के लिए दिशा-निर्देश दिए। एसपी के निर्देशन और एएसपी व एसडीओपी सुरेशचन्द्र दोहरे के मार्गदर्शन में टीमों का गठन किया गया। घटित की गई टीमों में थाना प्रभारी देहात परि.डीएसपी कीर्ति बघेल,थाना प्रभारी फिजिकल अनीता मिश्रा,उनि कृपाल सिंह राठौर,उनि. नरेन्द्र गुर्जर,उनि. अमित चतुर्वेदी,उनि.पुनीत वाजपेयी, सउनि बजरंग जादौन, प्रआर. देवेन्द्र, आर. रघुवीर, राहुल, मोहन, सुमित, प्रवीण, विकास को शामिल किया गया। जिन्होंने मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर दबिश देकर मरघट से आकाश रघुवंशी,अनमोल जैन,मनोज(परिवर्तित नाम)को धरदबोचा। पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की गई तो इन्होंने बारदात को अंजाम देना स्वीकार नहीं किया। लेकिन जब पुलिस ने इनसे पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तो पकड़े गए आरोपियों ने कपड़ा व्यवसाई के घर में बारदात को अंजाम देना स्वीकार करते हुए बताया कि  उन्होंने अमित गोस्वामी,विनय(परिवर्तित नाम),अजय जैन के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से विजय गुप्ता के घर में लूट और हत्याकाण्ड की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर अन्य आरोपी अजय,विनय शर्मा(परिवर्तित नाम) को धरदबोचकर इनके पास से हत्या में प्रयुक्त आलाजर एवं मृतिका के सोने के जेवरात 2 सोने की चूड़ी,2 साने की चैन,2 सोने के झुमके,2सोने के टॉक्स कीमत लगभग 2 लाख रूपये का बरामद कर लिया है। इस मामले का मास्टर माइंड अमित गोस्वामी जो कि पेशे से ड्रायवर है। इसको दबोचने के लिए पुलिस की एक टीम बाहर गई हुई है। बताया जाता है कि पुलिस टीम ने उक्त आरोपी को भी धरदबोचा है।
*इस तरह दिया था हत्याकाण्ड को अंजाम*
कपड़ा व्यवसाई विजय गुप्ता की बाजार में जहां कपड़े की दुकान है। वहीं विजय गुप्ता के घर पर भी कपड़े का व्यवसाय होता है। घर पर संचालित दुकान को विजय गुप्ता की पत्नी किरण गुप्ता देखती थी। घटना वाले दिन किरण गुप्ता अपने घर के दूसरे माले पर टी.व्ही. देख रही थीं। इसी दौरान अपराह्न के समय घटना का मास्टर माइंड अमित गोस्वामी,आकाश रघुवंशी विजय गुप्ता के घर पहुंचे जबकि तीसरा आरोपी मनोज सैन (परिवर्तित नाम)पास वाली गली में खड़ा होकर राहगीरों पर नजर रखे हुए था आकाश और अमित ने घर के द्वार पर लगी घंटी बजाई,तो ऊपर से किरण गुप्ता बाहर निकलकर आईं। आकाश और अमित ने कपड़ा खरीदने के बहाने किरण गुप्ता से घर का दरबाजा खुलवाया और अंदर प्रवेश किया। घर में प्रवेश करने के बाद उक्त दोनों बदमाशों ने काफी समय तक किरण गुप्ता को बातों में लगाए रखकर कपड़ा देखते रहे। जैसे ही किरण को महसूस हुआ कि उक्त दोनों कपड़ा खरीदने नहीं बल्कि किसी बारदात को अंजाम देने की नियत से घर में आए है। किरण ने जब इनका विरोध किया तो उक्त दोंनो ने किरण गुप्ता के जेवरात लूटते हुए उन्हें चाकू से रौंधकर निर्मम हत्या कर दी। महिला की हत्या के बाद बदमाशों ने दूसरी मंजिल पर पहुंचकर घर में रखे नगदी और जेवरात भी उड़ा दिए और मौके से भाग निकले। 
*आरोपियों को घर की थी पूरी जानकारी*
घटना का मास्टर माइंड अमित गोस्वामी पूर्व में पानी का टेंकर चलाता था। बताया जाता है कि अमित पहले कई बार विजय गुप्ता के घर पानी का टेंकर खाली करके आया है। अमित को विजय गुप्ता के घर की पूरी जानकारी थी और इस जानकारी के तहत ही उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस जघन्य बारदात को अंजाम दिया था।
*लगी रही टीम,तब जाकर मिलीं सफलता*
किरण गुप्ता लूट और हत्याकाण्ड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। हत्याकाण्ड के बाद इस मामले को टे्रस करने के लिए जिलेभर की कई पुलिस टीमें लगाई गईं थीं। टीमों द्वारा जब संदिग्धों से पूछताछ की गई तो दो बार ऐसा मौका भी जब पुलिस के खिलाफ शहर के लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने बड़ी ही सूझ-बूझ और सजगता के साथ स्थिति को भांपते हुए पुलिस व्यवस्था बनाए रखी और शहर की शान्त फिजा में खलल उत्पन्न नहीं होने दिया। इतना ही नहीं विधानसभा चुनावों की चुनौती को भी दरकिनार कर पुलिस अधीक्षक श्री हिंगणकर ने हत्याकाण्ड मामले को टे्रस करने में लगी टीमों को चुनाव ड्यूटी से अलग रखते हुए उन्हें मामले को टे्रस करने में ही लगा रखा। जिसका सुखद परिणाम यह सामने आया कि पुलिस ने चुनाव के चंद समय बाद ही न सिर्फ आरोपियों को धरदबोचा बल्कि इनके पास लूटे गए जेवरात और घटना में उपयोग किए जाने वाला हथियार भी बरामद किया गया।
*शातिर है हत्याकाण्ड के आरोपी,अंजाम देना चाहते थे बड़ी बारदातों को*
जिन आरोपियों द्वारा किरण गुप्ता के साथ लूट और उसकी हत्या की गई वह शातिर आरोपी बताए जाते है। घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों ने पूर्व में भी छोटी-मोटी घटनाऐं सहित चोरी की बारदातों को भी अंजाम दिया है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि किरण गुप्ता के घर में बारदात को अंजाम देने से पहले 9 सितम्बर के दिन वह इसी क्षेत्र के एक व्यवसाई के घर बारदात को अंजाम देने की फिराक से गए थे। लेकिन उक्त घर का द्वार नहीं खुल पाया। पकड़े गए बदमाशों ने यह भी बताया कि 9 सितम्बर के दिन वे जिस व्यवसाई के घर घटनाकारित करने के मंसूबों से गए थे। वहां उन्हें लूट के बाद दो लोगों की हत्या करना थी। लेकिन घर का गेट न खुलने के कारण वह वहां घटना घटित नहीं कर पाए। बताया तो यह भी जा रहा है कि पकड़े गए आरोपियों के तार इन्दौर और उज्जैन से भी जुड़े हुए है। वहां भी उनके द्वारा घटनाओं को अंजाम दिया जाता रहा है। जो आरोपियों पुलिस द्वारा पकड़े गए है उन्होंने खुलासा किया है कि वह जल्द ही पांच बड़ी बारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन पुलिस ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
*अनसुलझे पड़े है पूर्व के मामले*
जिस तरह से कपड़ा व्यवसाई की पत्नी किरण गुप्ता की लूट और हत्या की गई थी। ठीक उसी प्रकार राजेश्वरी रोड़ पर पूर्व में एक महिला की लूट और हत्या की घटना को अज्ञात बदमाशों द्वारा अंजाम दिया गया था। वहीं बाबू क्वाटर रोड़ पर भी इसी तरह की जघन्य बारदात घटित हुई थी। इन दोंनों मामलों को लम्बा समय गुजरने के बाद भी आज तक टे्रस नहीं किया जा सका है। किरण गुप्ता हत्याकाण्ड को पुलिस कप्तान राजेश हिंगणकर ने बदमाशों की चुनौती मानते हुए स्वीकार किया जिसका परिणाम यह सामने आया कि यह मामला पूर्व के मामलों की तरह अनसुलझा न रहकर टे्रस कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पूर्व के जो मामले अनसुलझे पड़े है उन्हें भी सुलझाने का पूरा प्रयास किया जायेगा।

पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत  तीन फीसदी बढ़ा है. राज्य के लगभग 47 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत ज्यादा है. महिलाओं के वोटिंग प्रतिशत में हुई वृद्धि से बीजेपी अपने पक्ष में चुनाव नतीजे आने की उम्मीद लगाए बैठी है.


विंध्य क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर महिलाओं ने की है ज्यादा वोटिंग

विधानसभा के इस चुनाव में महिलाओं ने सबसे ज्यादा वोटिंग विंध्य इलाके में की है. विंध्य में विधानसभा की कुल तीस सीटें हैं. वर्तमान में कांग्रेस के कब्जे में सिर्फ बारह सीटें हैं. बसपा दो सीटों पर चुनाव जीती थी. बीजेपी के खाते में सोलह सीटें आईं थीं. पिछले विधानसभा चुनाव में भी विंध्य क्षेत्र में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों की तुलना में ज्यादा रहा था.

इस बार इलाके की दो दर्जन से अधिक सीटों पर महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत आश्चर्यजनक रूप से बढ़ा है. खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर पिछले चुनाव की तुलना में इस बार दस प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. बसपा के कब्जे वाली रैगांव सीट पर इस चुनाव में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 74.97 फीसदी रहा है. जबकि पिछले चुनाव में 64.62 फीसदी महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

इस विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा डाला गया है. जबकि पिछले चुनाव में बसपा लगभग तीन प्रतिशत वोट ज्यादा लाकर चुनाव जीत गई थी. मनगंवा की सीट बसपा ने मात्र 275 वोटों से जीती थी. इस सीट पर पिछली बार महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 59.05 था जो इस चुनाव में बढ़कर 61.81 प्रतिशत हुआ है.

ब्यौहारी की सीट कांग्रेस ने लगभग दस प्रतिशत वोटों के अंतर से जीती थी. ब्यौहारी में इस बार महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पिछले चुनाव की तुलना में दो फीसदी कम हुआ है. महिला और पुरुषों के वोटिंग में भी मामूली अंतर है. पिछले विधानसभा चुनाव में जहां भी महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत बढ़ा था, वहां ज्यादा फायदा भारतीय जनता पार्टी को हुआ था.

विधानसभा के इस चुनाव में कांग्रेस को विंध्य क्षेत्र से बड़ी उम्मीदें हैं. कांग्रेस 18 सीट जीतने की उम्मीद लगाए हुए है. विंध्य कभी कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था. अर्जुन सिंह जैसे दिग्गज नेता इसी क्षेत्र से आते थे. वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव के बाद इस क्षेत्र में कांग्रेस कमजोर हुई है. बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का भी असर इस क्षेत्र में बढ़ने से कांग्रेस को नुकसान हुआ है. इस बार भी कांग्रेस की राह में मुश्किल इन दोनों दलों के कारण खड़ी दिखाई दे रही है.

महाकौशल के आदिवासी इलाकों में भी ज्यादा है महिला पोलिंग परसेंट

विंध्य की तुलना में ग्वालियर एवं चंबल क्षेत्र की 34 विधानसभा सीटों पर महिलाओं का पोलिंग परसेंट में खास बड़ा अंतर दिखाई नहीं दे रहा है. यह कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाला क्षेत्र है. इलाके की पांच सीटें ऐसी हैं जहां महिलाओं का पोलिंग परसेंट पुरुषों की तुलना में ज्यादा है.

ये विधानसभा क्षेत्र विजयपुर, सबलगढ़,जौरा, अटेर और भिंड हैं. इनमें दो सीट विजयपुर और अटेर पर कांग्रेस का कब्जा है. इस इलाके में भी बसपा और सपा की मौजूदगी चुनावी समीकरण को बिगाड़ रही है. इसके विपरीत महाकौशल के कई आदिवासी इलाकों में भी महिलाओं का वोटिंग परसेंट बढ़ा है.

कांग्रेस की कब्जे वाली मंडला विधानसभा सीट पर पुरुषों की तुलना में लगभग एक परसेंट ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले हैं. पिछले चुनाव की तुलना में इस विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं का वोट परसेंट चार से भी ज्यादा बढ़ा है. बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा वारासिवनी, कटंगी में भी महिलाओं का पोलिंग परसेंट ज्यादा रहा है.

सिवनी और छिंदवाड़ा जिले की भी कुछ विधानसभा सीटों पर महिलाओं के वोट ज्यादा पड़े हैं. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ छिंदवाड़ा संसदीय सीट से चुनाव लड़ते हैं. यह उनके प्रभाव वाला इलाका है. राज्य के सबसे समृद्ध माने जाने वाले मालवा-निमाड़ इलाके में इस तरह का वोटिंग पैटर्न दिखाई नहीं दिया है. पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत के बाद चर्चा में आया मंदसौर इसी मालवा का हिस्सा है.

सरकार के पक्ष में पॉजेटिव वोट मान रही है बीजेपी

पिछले चुनाव की तुलना में महिला पोलिंग परसेंट बढ़ने से भारतीय जनता पार्टी उत्साहित है. पार्टी के मीडिया प्रभारी दीपक विजयवर्गीय कहते हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं से जो भाई का रिश्ता बनाया है उसके कारण यह वोट परसेंट बढ़ा है. विजयवर्गीय ने दावा किया कि सरकार की महिला हितेषी नीतियों से भी बीजेपी को पॉजिटिव वोट मिल रहा है.

कांग्रेस प्रवक्ता जगदीप धनोपिया का दावा है कि बढ़ती महंगाई से नाराज होकर महिलाओं ने अधिक संख्या में घर से निकलकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है.

चुनिंदा सीटों पर महिलाओं का वोटिंग परसेंट बढ़ने से राजीतिक प्रेक्षक भी हैरान हैं. लगभग सैंतालीस सीटों पर महिलाओं का पोलिंग परसेंट बढ़ने से सबसे ज्यादा चिंता कांग्रेस में दिखाई दे रही है.

कांग्रेस के एक नेता ने आकंडे़ सामने आने के बाद आशंका जाहिर की है कि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की सीटों पर महिलाओं का पोलिंग परसेंट बीजेपी के इलेक्शन मेनेजमेंट का हिस्सा हो सकता है. राज्य में सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है.

बीजेपी को पिछले चुनाव में 165 सीटें मिलीं थीं. कांग्रेस को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था. कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर आठ प्रतिशत से भी अधिक रहा था. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में लगातार चौथी बार बीजेपी की सरकार बनाने के लिए पिछले एक साल से महिला वोटरों को फोकस कर रहे थे.

चुनाव के ठीक पहले लागू की गई संबल योजना में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली कई योजनाएं लागू की हैं. वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव को जीतने में शिवराज सिंह चौहान की मदद लाडली लक्ष्मी योजना ने की थी. वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कन्यादान योजना की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी गई थी.

मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव (MP Election 2018) में मतगणना के दौरान प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र की ईवीएम और वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपेट) की पर्ची का मिलान किया जाएगा। यह निर्णय भारत निवार्चन आयोग के निदेर्श के तहत लिया गया है।
 
मुख्य निवार्चन पदाधिकारी (सीईओ) कायार्लय से दी गई जानकारी के अनुसार, मतगणना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र का चुनाव रेंडम आधार पर किया किया जाएगा। चयनित मतदान केंद्र में उपयोग में लाए गए वीवीपेट की पचीर् का मिलान ईवीएम के कंट्रोल यूनिट में प्रदर्शित संख्या से किया जाएगा। यह कार्य उम्मीदवार, निवार्चन अभिकतार्ओं एवं केंद्रीय प्रेक्षक की उपस्थिति में होगा। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी

सीईओ कायार्लय के अनुसार, मतगणना कक्ष के अंदर ही वीवीपेट की पर्ची से वोट का सत्यापन होगा। इस मतगणना के लिए वीवीपेट काउंटिंग बूथ ठीक वैसे ही तैयार किया जाएगा जैसा बैंकों में होता है। इसके लिए निवार्चन अधिकारी द्वारा सभी उम्मीदवारों को पूर्व में ही सूचना दी जाएगी। मतदान केंद्र के चयन के लिए सफेद कागज की पर्ची पर मतदान केंद्रों के नंबर लिखकर कंटेनर में डाले जाएंगे और पचीर् निकालकर केंद्र का रेंडम चयन होगा। यह कार्य ईवीएम से गणना के अंतिम राउंड के तत्काल पश्चात किया जाएगा। यह कार्य केंद्रीय प्रेक्षक की उपस्थिति एवं कड़ी निगरानी में होगा। 

मालूम हो कि मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 28 नवंबर को हुए मतदान में 75 फीसदी वोटिंग हुई थी। वहीं, मध्य प्रदेश समेत पांचों राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को होगा।

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