*(भारत का युवा नव निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ाने के लिए तत्पर - डॉ नरोत्तम मिश्र)*
*(भारत का युवा नव निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ाने के लिए तत्पर - डॉ नरोत्तम मिश्र)*

*(हमारे देश का अभिनंदन सीना तान कर भारत वापस आता है यह है मोदी सरकार - श्री मिश्र)*

*(झांसी ब्रेकिंग न्यूज़)*

विजय संकल्प बाइक रैली क्राफ्ट मेला मैदान झांसी पहुंचे मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सह प्रभारी डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा बाइक रैली में सम्मिलित हुए। इस दौरान डॉ श्री मिश्रा ने कहा कि हमारे भारत का युवा नव निर्माण की दिशा में आगे कदम बढ़ाने के लिए तत्पर है उन्होंने कहा कि युवा ही इतिहास और समाज बदलते हैं और किसी भी राष्ट्र का पुनर्निर्माण युवा ही करते हैं।
हमारे देश में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मजबूत सरकार है । पूर्व की सरकारों की तरह मजबूर नहीं । इन 5 साल के अंतर को इस तरह देखा जा सकता है कि हमारे देश का जांबाज अभिनंदन  सीना तानकर पाकिस्तान की सीमा से देश की सीमा में वापस लौटता है
यह 5 साल की मोदी सरकार का अंतर है
5 साल पहले 26/11आतंकवादी हमला मुंबई में होता है पर कोई कार्रवाई नहीं होती और अब जब पुलवामा हुआ तो मोदी ने आतंकवादी हमले का जवाब एयर स्ट्राइक कर दिया। यह  नरेन्द्र मोदी की मजबूत सरकार का फर्क है।
मोदी ने पाकिस्तान को दिखाया हैकि  यह नया भारत है अब छेड़ेंगे तो छोड़ेंगे नहीं ।अब इस नई राह पर भारत चल पड़ा है बाते नहीं होगी अब हिसाब होगा ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन 5 साल में महंगाई पर भी अंकुश लगा है

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में आज सुबह 11 बजे मंत्रालय के समक्ष सरदार पटेल पार्क में राष्ट्रगीत "वंदे मातरम'' और राष्ट्रगान "जन-गण-मन'' का सामूहिक गायन सम्पन्न हुआ। मुख्य सचिव श्री एस.आर.मोहन्ती सहित मंत्रालय, विंध्याचल तथा सतपुड़ा भवन के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। गायन के पूर्व विधि-विधायी कार्य एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी.शर्मा प्रात: 10:40 बजे शौर्य स्मारक से मंत्रालय की ओर अग्रसर हुए सामूहिक मार्च में शामिल हुए। पुलिस बैंड के साथ आगे बढ़ रहे सामूहिक मार्च में जन-सामान्य स्वेच्छा से बड़ी संख्या में जुड़ गये।
लोक गीतों ने बाँधा समां
सरदार पटेल पार्क में राष्ट्र गीत वंदे-मातरम् के गायन के पूर्व शाजापुर जिले के ग्राम झोंकर के लोकगीत गायक श्री बाबूलाल धोलपुरे ने "म्हारो भारत, महान प्यारो" और "हम भारत का वासी रे भाई, मानव हमारी जात" गीत प्रस्तुत कर समां बाँधा। भोपाल के आकृति मेहरा ग्रुप और पुलिस बैंड की धुन पर जन-समुदाय समवेत स्वर में क्रमश: "वन्दे-मातरम्'' और "जन-गण-मन'' के सामूहिक गायन में शामिल हुआ। इस दौरान पटेल पार्क क्षेत्र तथा सामूहिक मार्च के मार्ग को विशेष रूप से सजाया गया था।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सी.ई.ओ. श्री संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 10 लाख रूपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री नाथ को श्री अग्रवाल ने बताया कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने पिछले 21 माह में 2 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है।

लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा संसदीय सीटों के हिसाब से जीत की रणनीति बनाएंगे। शुक्रवार को भोपाल के शारदा विहार में संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन और क्षेत्रीय प्रचारक दीपक विस्पुते के साथ भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की लंबी बैठक हुई। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व संगठन महामंत्री सुहास भगत मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा केंद्रीय स्तर पर तय किए गए कुछ कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खुद जुटकर सफल बनाएगा। अरुण जैन और दीपक विस्पुते ने यह भी स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण में दिए गए फीडबैक को खास तवज्जो नहीं दी गई। इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। संघ ने भाजपा में शीर्ष स्तर पर चल रही अंदरूनी कलह को भी सामने रखा। साथ ही सामंजस्य बिठाने की बात कही। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आज मप्र में, बाइक रैली में रहेंगे -भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह शनिवार को मप्र आ रहे हैं। वे युवा मोर्चा की उमरिया में होने जा रही बाइक महारैली में शामिल होंगे। उमरिया में शिवराज सिंह, राकेश सिंह समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। 

शारदा विहार में भाजपा नेताओं की संघ पदाधिकारी अरुण जैन व दीपक विस्पुते से लंबी चर्चा 

कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक आज 

पॉलिटिकल रिपोर्टर | भोपाल 

लोकसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की शनिवार को होने वाली बैठक में भाग लेने कि लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ नई दिल्ली रवाना हो गए। स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण किए जाने पर विचार करेगी। 

कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश में ‘विन 29’ का लक्ष्य तय किया है। इसी के चलते स्क्रीनिंग कमेटी की इस पहली औपचारिक बैठक में पार्टी उम्मीदवारों के चयन को लेकर ठोस रणनीति तय करेगी। मुख्यमंत्री स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग में अब तक जिन 16 लोकसभा सीटों को लेकर रायशुमारी की जा चुकी है, उसकी जानकारी देंगे। 

टिकट बंटवारे का तय होगा क्राइटेरिया 

बैठक में टिकट बंटवारे को लेकर प्रारंभिक तौर पर क्राइटेरिया तय किया जा सकता है। इसके अलावा पार्टी स्तर पर कराए जा रहे विभिन्न सर्वे पर चर्चा होगी। लोकसभा सीटों पर टिकट बंटवारे में जातिगत समीकरणों का ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही ज्यादा वोटों से हारने वाली और कम वोटों से हारने वाली सीटों का डिवाइड किया जाएगा। 

नई दिल्ली। शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ( Prof. Ram Bilas Sharma ) ने विधानसभा में हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा विधेयक 2019 (Haryana ATITHI SHIKSHAK SEVA Bill 2019 )पेश करते हुए इन अध्यापकों (ADHYAPKON ) से किया वादा पूरा करने का ऐलान किया। अब अतिथि शिक्षकों को सेवा मुक्त नहीं किया जा सकेगा। उनका वेतन ( SALARY ) 36 हजार रुपए है। अन्य कर्मचारियों के साथ उनकी भी वेतन वृद्धि होगी। इनकी रिटायरमेंट ( Retirement ) आयु 58 साल तय की गई है। 

हरियाणा के शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने विधानसभा में हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा विधेयक 2019 पेश करते हुए इन अध्यापकों से किया वादा पूरा करने का ऐलान किया। इन अतिथि अध्यापकों को फिलहाल वही मानदेय मिलेगा, जो मौजूदा समय में दिया जा रहा है। लेकिन, इसमें लगातार बढ़ोतरी होती रहेगी। JBT को 26 हजार, TGT को 30 हजार और PGT को 36 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।

अतिथि शिक्षकों के लिए सेवा नियम लागू / Applying the service rules for guest teachers

शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने दावा किया कि अतिथि अध्यापकों को दिए जाने वाले मानदेय की मद में हर साल 505 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मानदेय हर साल एक जनवरी तथा एक जुलाई से उसी अनुपात में बढ़ाया जाएगा, जिस अनुपात में नियमित सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाता है। प्रो. शर्मा ने अतिथि अध्यापकों को स्थायित्व प्रदान करने के फैसले को सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिया है।

11 साल का संघर्ष, 54 आंदोलन, 5 आत्महत्या, 180 मौत और एक शहादत

अतिथि अध्यापकों का संघर्ष 11 साल के लंबे अंतराल के बाद रंग लाया है। इस दौरान छोटे बड़े 54 आंदोलन हुए। पिछली हुड्डा सरकार में 20 दिसंबर 2005 से 16 दिसंबर 2007 के बीच 22 हजार अतिथि अध्यापक लगे थे। 13 जून 2015 को सरकार ने 3581 अतिथि अध्यापकों को सरप्लस बताते हुए हटा दिया। अतिथि अध्यापक सुप्रीम कोर्ट में केस जीत गए। इसके बाद पक्का करने का आंदोलन तेज हुआ। पिछले 14 साल में करीब आठ हजार अतिथि अध्यापक या तो दूसरे विभागों में लग गए या फिर उन्होंने नौकरी छोड़कर अन्य काम धंधे अपना लिए। 2008 में पहला बड़ा आंदोलन हुआ। इसमें पुलिस लाठीचार्ज और गोलीबारी के दौरान राजरानी शहीद हो गई। 13 जून 2015 को 3581 अतिथि अध्यपाकों को सरप्लस बताकर हटाने के सदमे में पांच अतिथि अध्यापकों ने आत्महत्या कर ली और 180 अतिथि अध्यापक विभिन्न कारणों से दिवंगत हो गए।

यह नियमितीकरण नहीं रोजगार गारंटी है: BJP

कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। साथ ही कहा कि अतिथि अध्यापकों को नियमित करते हुए 2005 से तमाम सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अतिथि अध्यापकों को लगाने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को दिया। साथ ही कहा कि सरकार ने अतिथि अध्यापकों को पक्का नहीं किया है, 58 साल तक सिर्फ रोजगार की गारंटी दी है। 



भोपाल। विधानसभा सत्र के दौरान मंत्रियों के अनुमोदन के बिना जवाब प्रस्तुत किए जाने के मामले में नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन की सूचना दी है। नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में इस मामले में जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है। बता दें कि इस बार सदन में दिए गए जवाबों पर हंगामा खड़ा हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तो अपनी बनाई सरकार के खिलाफ मुखर हो गए थे। विधानसभा में व्यापमं घोटाला, सिंहस्थ घोटाला और नर्मदा घोटाला को ​क्लीनचिट दे दी गई थी। असलियत यह है कि मंत्रियों को पता ही नहीं था कि कागज में क्या लिखा है। 

नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विशेषाधिकार हनन की सूचना दी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की ओर से विधायकों के प्रश्नों के जो उत्तर सदन में प्रस्तुत किए गए, उन्हें संबंधित विभाग के सचिव/प्रमुख सचिव द्वारा तैयार किया गया था और संबंधित मंत्री के अनुमोदन के बिना ही उन्हें विधानसभा में प्रस्तुत कर दिया गया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह स्थिति आपत्तिजनक एवं असंवैधानिक है और इससे ऐसे अधिकारियों एवं मंत्रियों की कार्यप्रणाली तथा उनकी बौद्धिक और प्रशासनिक क्षमताओं पर सवाल खड़ा होता है। 

श्री भार्गव ने कहा है कि यह विधानसभा सदस्यों, जो कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं के प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने के विशेषाधिकार का हनन है, क्योंकि माननीय सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर मंत्रियों द्वारा दिए जाने का ही प्रावधान है। नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा है कि चूंकि आप माननीय सदस्यों के अधिकारों के संरक्षक हैं, इसलिए इस मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंपने का कष्ट करें और समिति को निर्देशित करें कि वह अपने अभिमत के साथ संपूर्ण रिपोर्ट विधानसभा के आगामी सत्र के पहले दिन सदन में प्रस्तुत करे। श्री भार्गव ने उनके द्वारा दी गई विशेषाधिकार हनन की सूचना को गंभीरता से लेने का आग्रह करते हुए कहा है कि ऐसा न होने की स्थिति में उन्हें विधायकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेना पड़ेगी।

भोपाल। चुनाव ( ELECTION ) में छोटी सी गलती भी क्षमा नहीं की जायेगी। चुनाव में सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। राज्य निर्वाचन आयुक्त ( State election commissioner ) श्री बसंत प्रताप सिंह ( Mr. Basant Pratap Singh ) ने यह बात विभिन्न जिलों के ई-गवर्नेंस मैनेजर, लोक प्रबंधकों और डाटा एन्ट्री ऑपरेटर की ट्रेनिंग में कही। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि निर्वाचन के दौरान विकास खण्ड स्तर पर सुविधा केन्द्र बनाये जायेंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से चुनाव लड़ने के इच्छुक अभ्यर्थियों और मतदाताओं को जागरूक किया जायेगा।

अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फार्म भरने की सुविधा / Candidates facilitates filling the online form

श्री सिंह ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन-पत्र ( Nominations ) ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गयी है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा अभी तक भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भी नहीं दी गयी है। श्री सिंह ने बताया कि अधिसूचना जारी करने से चुनाव परिणाम घोषित होने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की गयी है। उन्होंने कहा कि पूरे ध्यान से ट्रेनिंग लें, जिससे प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं हो।

आयोग की सचिव श्रीमती सुनीता त्रिपाठी ( Mrs. Sunita Tripathi ) ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान जो भी बातें समझ में नहीं आयें, उन्हें पुन: पूछें। उन्होंने कहा कि शंकाओं का समाधन जरूर करें। उप सचिव श्रीमती अजीजा सरशार जफर ने आई.टी. के क्षेत्र में आयोग द्वारा किये गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग के अन्य कार्यों के बारे में भी बताया। आई.टी. कंसलटेंट श्री दीपक नेमा ने ऑलिन, आई.ई.एम.एस., आई.पी.आई.एस., 'चुनाव' मोबाइल एप, ई.व्ही.एम. ट्रेकिंग और मॉनीटरिंग सिस्टम सहित अन्य विषय की जानकारी दी। इस दौरान उप सचिव श्री राकेश श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आयोग में 2 मार्च को नर्मदापुरम, भोपाल, शहडोल, जबलपुर और सागर संभाग के ई-गवर्नेंस मैनेजर और अन्य आई.टी. एक्सपर्ट को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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