कल्याणपुर की लीगल खदान बंद क्यों?
पूनम पुरोहित
कल्याणपुर में रोज लाखों के और चंद माह में करोड़ों के बारे न्यारे हो गए। जब कल्याणपुर की कलई खुली तो उसे संरक्षण देने के लिए और मीडिया द्वारा बताए गए तथ्यों को नकारने के लिए एक नहीं कई जिम्मेदार विभाग के प्रमुख दम से सामने आ गए। जी हां! खनिज विभाग, वन विभाग और राजस्व के आला अधिकारियों ने विना लाग लपेट के अपनी दी गई प्रतिक्रियाओं में कहा कि कल्याणपुर रेत खदान पर सबकुछ लीगल हैं। खदान पंचायत चला रही है वहां कोई भी गलत गतिविधि की जानकारी नहीं है आला स्तर से भी जांचें कराई गई और नतीजा निल (शून्य)से अधिक कुछ नहीं निकला। आज मैं प्रशासन के साथ खड़े होकर दो टूक कह रहा हूं कि कल्याणपुर की खदान लीगल है तो बंद क्यों करी? क्यों खनिज विभाग ने कल्याणपुर की रॉयल्टी 1 अप्रैल से नहीं कटने दी। क्यों कल्याणपुर के सरपंच सचिवों ने (पंचायत चला रही है न) नदी से मशीनें बाहर निकाली? क्यों.... क्यों... क्यों... ऐसे कई यक्ष प्रश्नों का जवाब देने के लिए जिला प्रशासन में किसी युद्धिष्टर की तलाश हैं अगर कोई किसी स्तर पर हैं तो कृपया उत्तर अवश्य दें अन्यथा यह माना जाएगा कि भ्रष्ट व्यवस्था को धृतराष्ट चला रहे हैं और ऐसा लिखने के लिए मुझे इन्होंने ही प्रेरित किया हैं।


*यह  चुनाव राष्ट्रवाद पर हो रहा है  - डॉ नरोत्तम मिश्रा*


 यह चुनाव भारत के स्वाभिमान का भारत के सम्मान का है -


*कुरथरा दतिया*

आज कुरथरा पहुंचे मध्यप्रदेश के पूर्व  जनसंपर्क मंत्री  एवं दतिया विधायक  डॉ नरोत्तम मिश्रा ने  ग्रामीण जनों को संबोधित करते हुए कहा  की यह चुनाव महंगाई बिजली पानी पर नहीं यह  चुनाव राष्ट्रवाद पर हो रहा है यह चुनाव देश पर हो रहा है  डॉ श्री मिश्रा ने कहा मोदी जी के आने के बाद 5 साल में क्या बदला समझो ओर सोचो मोदी जी के आने के पहले देश में जब जब चुनाव हुए तब कांग्रेस ने चुनाव महंगाई पर  लड़ा ओर कांग्रेस जब भी रहती थी महंगाई की बात होती थी जब 5 साल पहले मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे तब पिक्चर में गाना बना था सखी सैंया तो खूब ही कमात है महंगाई डायन खाए जात है और जब इंदिरा जी राज करती थी तब रोटी कपड़ा मकान पर गाना आया था मैं हाय महंगाई महंगाई महंगाई तू कहां से आई तुझे मौत ना आई डॉ श्री मिश्रा ने कहा पर इन 5 साल में कोई महंगाई पर गाना नहीं बना 5 साल पहले आप लोग सुनते थे कि आतंकवादियों ने हमला कर दिया पर अब सुनते हैं कि आतंकवादियों पर हमला हो गया यह पहली बार आप सुन रहे हैं इन 5 साल पहले जो लोग हिंदुओं को आतंकवादी साबित करने में लगे थे वह अब खुद को हिंदू साबित करने में लगे इन 5 साल पहले जब हम रेलवे स्टेशन पर जाते थे तब एलाउंस होता था कि किसी भी लावारिस पड़ी वस्तुओं को हाथ न लगाए वह बम हो सकती है पर इन 5 सालों में इस तरह के अलाउंस मेंट बंद हो गए  आतंकवादी कश्मीर से बाहर नहीं निकल पाए  पहले  मुंबई में  गुजरात में कहीं पर भी बम ब्लास्ट हो जाता था और संसद पर हमला हो जाता था तब हम लोग चिट्टियां लिखते रहते थे शांति की अपील करते थे इन 4 साल में 4 स्ट्राइक हुई म्यांमार के अंदर घुसकर मारा हमारी सेना ने पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक की एयर स्ट्राइक की और अब आचार संहिता लगने के बाद अंतरिक्ष में अंतरिक्ष स्ट्राइक कर चार चार स्ट्राइक की  4 साल पहले विश्व की सबसे धनी महिला सोनिया गांधी थी अब 4 साल के अंदर विश्व का सबसे शक्तिशाली देश भारत बन गया है डॉ मिश्रा ने  भाजपा, प्रत्याशी संध्या राय का नाम लेते हुए कहा कि संध्या राय निमित्त मात्र हो सकती हैं पर यह चुनाव भारत के स्वाभिमान का भारत के सम्मान का है हम सीमा पर नहीं जा सकते हम पाकिस्तान से नहीं लड़ सकते पर देश के लिए कुछ करने की इच्छा तो हर व्यक्ति की होती है यदि आप देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो अपने पोलिंग पर कमल का बटन दबा वहां सेना मजबूत होगी यह देश के लिए कुछ करने का मौका है जहां आप गांव में कमल का बटन दबाओ के वहां पाकिस्तान के अंदर गम का माहौल छा जाएगा


नयी दिल्ली : लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि वह मुसलमानों के लिए कुछ भी नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हिंदुओं के लिए भी कुछ नहीं किया. हिंदुओं के लिए कुछ भी नहीं करेंगे. गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पूरे राज्य की जनता की भलाई के लिए काम किया. इसमें कभी हिंदू या मुसलमान का भेदभाव नहीं किया. प्रधानमंत्री ने एबीपी न्यूज को दिये एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ये बातें कहीं. नरेंद्र मोदी के लिए मुसलमान क्या है? इस सवाल के जवाब में मोदी ने एक वाकया बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिमों की स्थिति के आकलन के लिए सच्चर कमेटी का गठन किया था. तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे. सच्चर कमेटी जब गुजरात पहुंची, तो उनसे (नरेंद्र मोदी से) पूछा कि आपने मुसलमानों के लिए क्या किया? कमेटी के इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने गुजरात के मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया. वह गुजरात के मुसलमानों के लिए कुछ भी नहीं करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हिंदुओं के लिए भी कुछ नहीं किया. आगे भी हिंदुओं के लिए कुछ नहीं करेंगे. श्री मोदी ने कमेटी को बताया कि उनकी सरकार का मकसद गुजरात के एक-एक परिवार के लिए योजना बनाना है. एक-एक परिवार का विकास करने के लिए उनकी सरकार योजना बनाती है. श्री मोदी ने कहा कि शासक वर्ग को कभी भी कोई भी योजना किसी जाति विशेष के लिए नहीं बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब वह कहते हैं कि वर्ष 2022 तक देश के हर गरीब के पास अपना मकान होगा, तो वह इसमें कभी हिंदू या मुसलमान का भेद नहीं करते. उन्होंने कहा कि शासन का यह काम नहीं कि वह देश को जाति और वर्ग में बांटे. उनकी सरकार का मूलमंत्र है : सबका साथ, सबका विकास. इसी मूलमंत्र के साथ वह और उनकी सरकार आगे बढ़ रही है.  

*✒भाग मिल्खा भाग की तर्ज पर तोमर भी भाग रहे है*


*✒मंत्री जी ऐसा क्या कर दिया जी सभी जगह से भागते फिर रहे हो*


*✒पहले ग्वालियर से अब मुरैना से भी भागने की तैयारी*

*शिवपुरी-* केंद्रीय मंत्री एक बार फिर चर्चाओं में है । पोहरी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुझे अभी खुद नहीं मालूम कि मै मुरैना से चुनाव लड़ूंगा या नही । नरेंद्र सिंह तोमर के इस बयान के साफ मायने निकाले जा सकते है कि अब वे मुरैना से भी चुनाव लड़ना नही चाहते । गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर से भाजपा के सांसद है । और इस बार उन्होंने खुद अपनी सीट बदलकर मुरैना से लड़ने का मन बनाया है । और मुरैना लोकसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी भी फाइनल करा ली । लेकिन अब तोमर साब मुरैना से भी चुनाव लड़ने की वजह से डर रहे है तभी उन्होंने शिवपुरी की पोहरी तहसील में बयान दिया कि अभी मुझे खुद नही मालूम मै मुरैना से चुनाव लड़ूंगा या नही । इनका यह बयान उनके डर की कहानी सिद्ध करता है ।

*आखिर तोमर के मन मे हार का डर क्यों*

यह बात सभी जानते है कि केंद्रीय मंत्री को हार का डर क्यूं सता रहा है । सूत्रों की माने तो कई भाजपा नेता आलाकमान से अपनी व्यथा बता चुके है कि वे चुनाव क्यों हारे । अब भैया जो किया है सो भोगना तो पड़ेगा । अंग्रेजी में एक कहावत है *Tit for Tat*। इसलिए नरेंद्र सिंह तोमर जहाँ से भी चुनाव लड़ने की सोचते है । वहीं से उन्हें भीतरघात का डर बन जाता है । और कुछ ही दिन में चुनाव लड़ने की मना कर देते है ।

*रामनिवास के आने से सोच रहे है सीट छोड़ने की*

कांग्रेस ने मुरैना लोकसभा सीट से रामनिवास रावत को अपना प्रत्याशी घोषित किया है । रामनिवास का टिकट फाइनल होते ही तोमर ने फिर संकेत दे दिए है कि वे अब मुरैना से भी चुनाव नही लड़ना चाहते है । रामनिवास अपने आप मे एक जनाधार वाले नेता है । फिर ऊपर जिनके लिए इन्होंने मेहनत की  वे भी तो तोमर के लिए जी जान से मेहनत करेंगे।

*अब कौनसी सुरक्षित सीट पर जाने की सोच रहे है तोमर*
पोहरी में दिए बयान से साफ प्रतीत होता है कि तोमर अब मुरैना से भी चुनाव नही लड़ेंगे । और ग्वालियर सीट से वे पहले ही चुनाव लड़ने की मना कर चुके है । शायद अब उन्हें एक सुरक्षित सीट इंदौर ही दिख रही है ।क्योंकि सुमित्रा ताई ने आज लिखित में चुनाव लड़ने की मना कर दिया है । अब तोमर किसी भी तरह से इंदौर भागने के चक्कर मे है । कांग्रेस तो कह ही रही है साथ मे उनकी पार्टी के नेता भी उन्हें भगोड़े की संज्ञा देने से परहेज नही कर रहे । *भाग तोमर भाग*

*✍पूनम पुरोहित✍*


बालाकोट एयर स्ट्राइक: तड़के सुबह मोदी को मिली खबर सब हो गया है, फिर पाक चिल्लाया- हमको भारत ने मारा




नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक निजी चैनल को इंटररव्यू दिया. इंटररव्यू की शुरुआत में उन्होंने कहा कि चुनावों का ऐलान होने के बाद मैं लोगों के बीच जाकर सबसे पहले देश के मतदाताओं का धन्यवाद करता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि देश ने अनुभव किया है कि एक प्रधानमंत्री लगातार काम करता रहे...कोई सवाल नहीं करता...एक प्रधानमंत्री सिर्फ और सिर्फ देश के लिए लगा रहे....उन्होंने कहा कि हमारे देश में आजादी के बाद सिर्फ दो प्रधानमंत्री ऐसे बने हैं, जो कांग्रेस गोत्र के नहीं हैं. बाकी जितने लोग बने किसी और दल से बने होंगे लेकिन उनका सबका गोत्र कांग्रेस रहा है. कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 60 साल से भी अधिक साल तक देश में राज किया, उनके पास अनुभवी नेता हैं, सरकार की बारीकियों को जानते हैं, ऐसे समय में कांग्रेस के पास से एक मैच्योर घोषणापत्र की अपेक्षा होना बहुत स्वाभाविक है लेकिन कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र ने बहुत निराशा पैदा की है, अच्छा होता कि वो भाजपा से भी शानदार चीजें लेकर आती, लोकतंत्र में अच्छा होता है लेकिन उसके बजाय उन्होंने शॉर्टकट ले लिया.  प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 2004 में वादा किया था कि वो हर घर में बिजली पहुंचाएंगे. 2014 में आने के बाद भी मैंने अभी तक ढाई करोड़ परिवारों तक पहुंचाया है फिर भी अभी मैं लक्ष्य से अभी थोड़ा बाकी हूं, शायद अभी मई-जून तक काफी कुछ कर दूंगा. आगे उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर करने का वादा किया था, 2004 में किया ? 2009 में किया ? नहीं किया क्या ? उन्होंने वादा किया था कि किसानों को MSP देंगे, उन्होंने किसानों को जो MSP देना चाहिए. उसे बढ़ाने की बात कही थी, कांग्रेस ने इस विषय में कुछ नहीं किया. इसलिए उनका ट्रैक रिकॉर्ड चुनावी वादों वाला है. इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस जैसी पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर घोषणापत्र में ऐसी बात कर रही है. देश की सेना को इतना जलील करें, बलात्कार के आरोप वाली बातें करें, ऐसा शोभा देता है क्या? उन्होंने कहा कि हम ऐसा हिन्दुस्तान चाहते हैं जिसमे AFSPA हो ही ना. लेकिन उससे पहले उस स्थिति का निर्माण तो किया जाना चाहिए, जिससे इसकी आवश्यकता ही ना पड़े. अपने  60 महीनों के कामकाज़ पीएम मोदी ने कहा कि जनता में नई उम्मीद जगी है, ‘कुछ नहीं होने वाला’ रवैया बदला है. आज पाकिस्तान जिस प्रकार से घटनाएं कर रहा है, जो सेपरेटिस्ट लोग भाषा बोलते हैं, जो पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड भाषा है. उस भाषा की अगर कांग्रेस घोषणापत्र में बू आती है, तो देश के सुरक्षाबलों के जवानों को आप कितना डिमोरलाइज कर रहे हैं. पीडीपी के साथ गठबंधन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस दिन हमने गठबंधन किया, एक तो तब मुफ्ती साहब थे, मैच्योर थे. हमने उस समय कहा कि हम दो राजनीतिक पार्टियां हैं जो दो ध्रुव के हैं, एक प्रकार से मिलावट वाला ही कार्यक्रम था हमारा. आगे उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्‍मीर में कोई सिचुएशन ही नहीं थी कि कोई सरकार बन पाए. अगर नेशनल कॉन्फ्रेंस उस समय मुफ्ती साहब को सहयोग देकर खड़ी हो जाती तो हम तो विपक्ष में रहने के लिए तैयार थे, हमने इंतजार किया था.वहां तीन महीने तक सरकार बनाई ही नहीं थी. हम ऐसी पोजिशन में नहीं थे कि हम सरकार बनाएं, इसीलिए हमने कभी क्लेम नहीं किया. प्रधानमंत्रीने कहा कि कश्मीर के हित में एक मिनिमम एजेंडा लेकर कुछ कर सकते हैं क्या?  हमने चलाने की कोशिश की, लेकिन मुफ्ती साहब चले गए, महबूबा जी का एक अलग काम करने का तरीका था. एक बड़े महत्वपूर्ण मुद्दे की वजह से ये ब्रेक हुआ. हमारा स्पष्ट मत था कि जम्मू कश्मीर में स्थानीय निकायों के चुनाव होने चाहिए, पंचायत के, नगरपालिका के और वहां की जनता को अपना कारोबार चलाने का हक देना चाहिए. वो नहीं चाहते थे कि पंचायतों की ताकत बढ़े, हमने कहा कि चुनाव करवाने पड़ेंगे. उन्होंने डर पैदा करने की कोशिश की, चुनाव कराएंगे तो हत्याएं हो जाएंगी, खून बह जाएगा, पता नहीं क्या कुछ कहा. आखिर में ये फैसला हुआ कि अगर आप चुनाव नहीं कराते हैं तो हम आपसे दूर जाते हैं, हम अलग हो गये, गवर्नर रूल आया. आज पंच-सरपंच वहां कारोबार चला रहे हैं. सरकार से जो फंड जाता है, राज्य सरकार से जो फंड जाता है वो सीधा अब उनके खाते में जाने लगा है. प्रधानमंत्री ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि पाकिस्तान चलाना मेरी जिम्मेदारी नहीं है. वो क्या करते हैं क्या नहीं करते हैं.. कैसे करते हैं. वो सारी बातें पाकिस्तान की जनता पर हम छोड़ दें...दुनिया के लोगों को भी नहीं पता  कि पाकिस्तान में आखिर देश कौन चलाता है, चुनी हुई सरकार, सेना, आइएसआइ, या जो लोग पाकिस्तान से भागकर विदेशों में बैठे हैं वो चला रहे हैं और इसलिए हर किसी के लिए ये बड़ा चिंता का विषय है कि किससे बात करें. जब उनसे सवाल किया गया कि ऐसा क्या पाकिस्तान करे कि हिंदुस्तान फिर सोचे? तो पीएम मोदी ने जवाब दिया कि आतंकवाद एक्सपोर्ट करना बंद कर दें. बस सिंपल बात है ये.. मुश्किल काम नहीं है.. तय कर लें.. ये आंतकवाद एक्सपोर्ट नहीं करना है आतंकवाद बंद हो जाए. आगे उन्होंने कहा कि चीन के साथ हमारे विवाद हैं. चीन के साथ हमारे जमीन के प्रश्न भी हैं. सीमा के प्रश्न हैं.. बहुत कुछ है लेकिन आना जाना होता है.. मिलना होता है.. मीटिगें होती हैं.. निवेश होता है. एयर स्ट्राइक पर पीएम मोदी ने कहा कि सबसे बड़ा सबूत पाकिस्तान ने स्वयं ने ट्वीट करके दिया दुनिया को.. हमने तो कोई दावा नहीं किया था...हम तो अपना काम करके चुप बैठे थे जी...पाकिस्तान ने कहा कि आए हमको मारा. फिर उन्हीं के लोगों ने बयान दिया. इस सारे में कितने मरे.. कितने नहीं मरे.. मरे कि नहीं मरे.. ये जिसको विवाद करना है करते रहें. बालाकोट में हमारे जवानों की जिंदगी दांव पर लगी थी, तो मैं कैसे सो सकता हूं. सुबह उन्होंने 3.40 पर मुझे बताया की सब हो गया है. लेकिन मैं उसके बाद भी नहीं सोया और सोशल मीडिया पर देखने लगा की क्या दुनिया में इसपर कोई हलचल हुई है या नहीं...




 

 

निवर्तमान लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा ने पत्र जारी कर यह घोषणा की


75 वर्षीय सुमित्रा इंदौर से 1989 से लगातार जीत रही थीं


इंदौर से टिकट के लिए कैलाश विजयवर्गीय का नाम चर्चा में,दावेदारों में महापौर मालिनी गौड़ आगे


मंथन न्यूज

9907832876

इंदौर. लोकसभा स्पीकर और 8 बार की सांसद सुमित्रा महाजन ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने शुक्रवार को एक पत्र जारी कर कहा, भाजपा मेंउनके टिकट को लेकर असमंजस है और निर्णय लेने में दिक्कत हो रही है। इसलिएअब लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी। पार्टी को अब इंदौर सीट पर जल्द नाम तय करना चाहिए।

भाजपामप्र की 29 लोकसभा सीटों में से 18 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इंदौर सीट पर अब भी असमंजस बना हुआ है। एक के बाद एक नए नाम चर्चा में आने और अब तक नाम तय नहीं होने परसुमित्रा महाजन ने यह पत्र लिखा।

पार्टी अपना निर्णय मुक्त होकर करे- सुमित्रा महाजन
महाजन लिखा कि भाजपा ने आज तक इंदौर में अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, यह अनिर्णय की स्थिति क्यों? संभव है कि पार्टी को निर्णय लेने में कुछ संकोच हो रहा है। हालांकि, मैंने पार्टी के वरिष्ठों से इस संदर्भ में बहुत पहले ही चर्चा की थी और निर्णय उन पर छोड़ दिया था। लगता है उनके मन में अब भी कुछ असमंजस है। इसलिए मैं घोषणा करती हूं कि मुझे अब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ना है। अत: पार्टी अपना निर्णय मुक्त मन से करे, निःसंकोच होकर करे।

16 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को सिर्फ चार बार मिली जीत

इंदौर में 30 साल से भाजपा जीत रही है। अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों में यहां से कांग्रेस सिर्फ चार बार जीत सकी है। इंदौर लोकसभा सीट के तहत 8 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बराबरी का था। भाजपा और कांग्रेस ने 4-4 सीटें जीती थीं।

कौन हैं दावेदार?
सुमित्रा के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद टिकट पाने के दो दावेदार कैलाश विजयवर्गीय और मालिनी गौड़ हैं। पूर्व मंत्री विजयवर्गीय अभी भाजपा के बंगाल प्रभारी हैं। वे अभी इंदौर के लालच में बंगाल से अपना फोकस नहीं हटाना चाहते। इसकी बजाय वे दिग्विजय के खिलाफ भोपाल से चुनाव लड़कर पार्टी में अपना कद शिवराज से ऊंचा करना चाहते हैं। विजयवर्गीय इंदौर से उतरे तो सुमित्रा और उनके समर्थकों को ऐतराज हो सकता है। वहीं, 4 साल से महापौर और तीन बार से विधायक मालिनी गौड़ को अगर ताई की जगह टिकट मिलता है तो भाजपा की जीत आसान हो सकती है। शहर की तस्वीर बदलने में मजबूत भूमिका होने की मालिनी की छवि को पार्टी भुना सकती है।

उमा-सुषमा ने भी चुनाव लड़ने से इनकार किया

इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। उमा भारती के ऐलान के बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। वहीं, सुषमा ने स्वास्थ्य का हवाला देकर चुनाव न लड़ने का फैसला किया है।

*मोदी के आने से भारत के हर नागरिक का सर गर्व से ऊंचा हुआ है*

*विश्व मे मोदी ने भारत के नाम का लोहा मनवाया है*

*इटावा(यू.पी.)*- यू पी के सहप्रभारी व दतिया विधायक आज उत्तरप्रदेश के इटावा पहुंचे । वहाँ वे इटावा लोकसभा के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे । होटल चौधरी पैलेस में उन्होंने कार्यालय का उद्धघाटन किया । इस अवसर पर ड़ॉ मिश्र ने प्रधानमंत्री मोदी की ट्ररीफ करते हुए कहा कि मोदी ने विश्व मे भारत का नाम ऊंचा किया है । आज सारा विश्व भारत को सम्मान की दृष्टि से देखता है । मोदी की वजह से आज भारत का हर नागरिक अपने आप को गौरवान्वित महसूस करता है । उन्होंने कहा कि पहले हम सुना करते थे कि आतंकवादियों ने भारत पर हमला कर दिया है अब सुना जाता है कि भारत ने आतंकवादियों पर हमला कर दिया है । कॉंग्रेस पर वार करते हुए ड़ॉ मिश्र ने कहा कि मनमोहन सिंह के शासन काल मे कनिमौजी ,कलमाडी ,ए राजा जैसे मंत्री भ्रष्ट्राचार के आरोप में जेल में थे ऐसा लगता था कि मनमोहन सिंह की कैबिनेट बैठक कहीं जेल में न हो जाय । साथ ही उन्होंने कहा कि पांच साल पहले जो हिन्दू को आतंकवादी घोषित करने में लहे थे वे आज खुद को हिन्दू साबित करने में लगे है ।

*सांप नेवले एक हो गए मोदी तेरे ख़ौफ़ से*

महागठबंधन पर वार करते हुए ड़ॉ मिश्र ने कहा कि मोदी के डर के मारे को कभी एक दुआरे को फूटी आंख नही सुहाते थे वे आज एक हो गए है । जो एक दूसरे के जानी दुश्मन थे वे आज गले मे बाहे डाले घूम रहे है ।

*पंजे पे न हाथी पर सील लगेगी 56 इंच की छाती पर*
कार्यकर्तायों में जोश भरते हुए ड़ॉ मिश्र ने कार्यकर्तायों को एक नया नारा दिया पंजे पर न साइकल पर जाती पर न हाथी पर सील लगेगी 56 इंच की छाती पर । कार्यकर्ताओं ने जम कर उनके इस नारे पर तालियां बजाई ।
महागठबंधन पर व्यंग्य कसते हुए ड़ॉ मिश्र ने कहा कि ममता बनर्जी ने एक प्रधानमंत्री भर्ती मेले का आयोजन किया था जुसमे न जाने कितने लोग प्रधानमंत्री की भर्ती की परीक्षा देने गए थे महागठबंधन को अभी अपना नेता ही नही पता कि उनका नेता कोन है को प्रधानमंत्री बनेगा । उन्होंने सभी मौजूद  जनता से बीजेपी को वोट करने की अपील की । और श्री रामशंकर कठेरिया को जीताने की अपील की ।

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