संजय पाठक बोले मैं भी दूसरी पार्टी से आया हूं, मुझे पार्टी ने मंत्री बनाया, सम्मान में कोई कमी नहीं की।

भोपाल। कांग्रेस से निर्वाचित होकर दो बार विधायक रहे संजय पाठक (अब भाजपा विधायक) ने कहा कि कांग्रेस में ऐसा कोई नहीं, जो मुझे प्रलोभन दे सके। पाठक से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह के उस वक्तव्य पर प्रतिक्रया चाही गई थी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस द्वारा भाजपा विधायकों को प्रलोभन दिए जाने की बात कही थी। पाठक ने विजयपुर से विधायक सीताराम आदिवासी को दिए गए मंत्री पद के ऑफर को भी गलत बताया।

कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर पाठक बोले कि जनादेश कांग्रेस के पक्ष में नहीं था, कांग्रेस ने दो लाख रुपए की कर्जमाफी समेत कई वादे किए थे, लेकिन उनका कुछ नहीं हुआ, बावजूद इसके भाजपा ने उसे एक अवसर दिया। जनता ने उसे 114 सीट दी, अब कांग्रेस पार्टी क्या कर रही है, ये सब जानते हैं। बेरोजगारों को भत्ता नहीं दिया, किसानों का कर्जमाफ नहीं हुआ। मतदाता ऐसे में खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।



वही, भाजपा के विधायकों के साथ हो रही उपेक्षा को लेकर कहा कि पार्टी में लोग उपेक्षित नहीं हैं, ये मनोवैज्ञानिक दबाव है। कांग्रेस में भी ऐसे लोग हैं, जो योग्य हैं, लेकिन उन्हें उचित स्थान नहीं मिला। मैं भी दूसरी पार्टी का हूं, मुझे सम्मान मिला, मंत्री बनाया, सम्मान में कोई कमी नहीं की। लोगों को संतोष होना चाहिए।

अब कांग्रेस विधायक भाजपा में आएंगे

सदस्यता अभियान की बैठक में शामिल होने भोपाल आए विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस में विचारधारा से जुड़ा व्यक्ति नहीं जाएगा। जिन्हें जाना था, वह चले गए, अब कोई नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार की स्थिति खराब है, अब कांग्रेस के विधायक भाजपा में आना शुरू होंगे।

कर्नाटक में बीजेपी द्वारा अनपे मंसूबों में कामयाब होने के बाद उसकी साजिश का कांग्रेस ने मुंहतोड़ जवाब देना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने बीजेपी नेता गोपाल भार्गव पर पलटवार किया है। जीतू पटवारी ने बीजेपी को संभलने की हिदायत देते हुए आगे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने के लिए कहा। मंत्री पटवारी ने कहा कि बीजेपी की ऐसी ही हरकत रही तो उसकी ‘बत्तीसी’ टूट जाएगी। गोपाल भार्गव के बयान पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, “न तो हम लोहे के चने चबाएंगे और न ही दांत तुड़वाएंगे, अभी तो दो दांत टूटे हैं आपके (बीजेपी के), आने वाले समय में ऐसी ही हरकतें चलती रहीं तो बत्तीसी भी टूट जाएगी।”

अपने बयान में जीतू पटवारी उन दो विधायकों का जिक्र किया, जिन्होंने कुछ दिन पहले कमलनाथ सरकार के पक्ष में विधानसभा में एक बिल के समर्थन में वोट दिया था। पटवारी ने इन्हीं दोनों विधायकों को बीजेपी के दो दांत बताया। साथ ही उन्होंने इशारे में ये भी कहा कि अभी तो ये दो विधायक टूटे हैं, अगर ऐसा ही रहा तो बीजेपी के 32 और विधायक टूट जाएंगे।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलथान सरकार के मंसूबों पर सवाल खड़े करते हुए बीजेपी विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस, बीजेपी के आर्थिक तौर पर कमजोर और कमजोर तबके के विधायकों को बहला-फुसलाकर प्रलोभन देकर इस कोशिश में है कि उन्हें समर्थन दे दें, लेकिन ऐसा नहीं होना वाला है, क्योंकि बीजेपी के विधायक लोहे के चने के समान हैं, जिन्हें जो भी चबाने की कोशिश करेगा, उसके दांत टूट जाएंगे। गोपाल भार्गव के इसी बयान पर जीतू पटवारी ने पलटवार किया है।

MP के मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि हम किसी से संपर्क में नहीं, व्यथित विधायक आ रहे हमारे पास।

भोपाल। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा है कि अभी तो दो दांत (विधायक) ही टूटे हैं, यही हरकतें रहीं तो बत्तीसी टूट जाएगी। उन्होंने यह भी सफाई दी कि हम किसी से संपर्क नहीं कर रहे, तोड़ना-खरीदना नहीं चाहते, लेकिन जो विधायक व्यथित हैं, वह हमारे साथ आ रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पटवारी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के उस बयान पर यह प्रतिक्रिया दी, जिसमें भार्गव ने कहा था कि उनके विधायकों को तोड़ना लोहे के चने चबाने जैसा है। एक सवाल पर पटवारी ने कहा कि हम किसी को तोड़ना-खरीदना नहीं चाहते, लेकिन जो विधायक व्यथित होकर आते हैं, उनका स्वागत है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के सपने को मूर्त रूप दे रहे हैं।

इस अवसर पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने विधानसभा में आए संशोधन विधेयकों का ब्योरा दिया और समझाया कि इन संशोधनों के बाद नागरिकों को काफी सुविधा हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस को अपने 120 एवं भाजपा के दो सदस्यों को समर्थन प्राप्त हुआ है। वे बोले कि हमारा दूसरे दल के किसी विधायक से संपर्क नहीं है, हमें मिले जनादेश पर हम समृद्ध मप्र बनाएंगे।


सेवामुक्ति से ज्वाइनिंग तक 90 फीसदी वेतन भी देगी सरकार

प्रोजेक्ट खत्म होने की सूरत में दूसरे प्रोजेक्ट में इनकी सेवाएं ली जाएंगी


मंथन न्यूज

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि निकाले गए सभी संविदाकर्मियों को फिर से वापस लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संविदाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए जल्द नियम बनाए जाएंगे और जरूरत पड़ी तो कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब 5 हजार है। प्रदेश में कुल संविदाकर्मियों की संख्या 72 हजार के करीब है।

मंत्रालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई संविदाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में महिला बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के अलावा कई अन्य विभाग के अफसर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सभी संविदाकर्मियों को नियमित करने के साथ ही सेवा में नहीं रहने के दौरान का 90 फीसदी वेतन देने के निर्देश दिए हैं। संविदाकर्मियों का नियमित पदों में मर्जर के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा किसी भी संविदाकर्मी को अब निकाला नहीं जाएगा। संबंधित प्रोजेक्ट खत्म होने की सूरत में दूसरे प्रोजेक्ट में इनकी सेवाएं ली जाएंगी।

भाजपा के दो विधायकों से पाला बदलवाकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने क्या बड़ा सियासी खतरा मोल ले लिया है ?  इस तरह की चर्चा अब मध्यप्रदेश के सियासी हलकों में है. एक मंझा हुआ खिलाड़ी या कुशल रणनीतिकार अपना खास दांव वक्त से पहले नहीं खेलता  लेकिन कमलनाथ सरकार ने जिस तरह बेवक्त पर अपनी ताकत और दांव को उजागर कर दिया है, उसने नए खतरे की संभावना को पैदा कर दिया है.

भाजपा के लिए यह अलार्म हो गया है और उसने डैमेज कंट्रोल की तैयारी शुरू कर दी है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने जिस तरह नाराजगी जताते हुए प्रदेश संगठन और आला नेताओं से रिपोर्ट तलब की है, उसने इस बात के संकेत दिेए हैं कि भाजपा ने काउंटर अटैक की तैयारियां शुरू कर दी हैं. सबसे पहले तो भाजपा अपने उन विधायकों की घेराबंदी कर रही है जिनकी निष्ठा संदेहास्पद है. साथ ही उन कांग्रेस विधायकों पर भी नजर है जो आए दिन कमलनाथ सरकार के खिलाफ बढ़-चढ़ कर बयान देते रहे हैं.

राजनीतिक उत्साह 

दरअसल, पूरा घटनाक्रम राजनीति से ज्यादा उत्साह में आकर किए गए खेल से भरा दिखाई देता है. ऐसा खेल जिसमें जोश- जोश में कांग्रेस ने भाजपा की ओर से आए दिन मिल रही धमकियों का जवाब दे दिया. उस दिन न तो  भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था और न ही कोई फ्लोर टेस्ट जैसी बात थी. बावजूद इसके बसपा विधायक के कहने पर दंड विधि संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के दो विधायकों को अपने पाले में कर लिया.

शिवराज तो भाषण की तैयारी में थे 

चौंकाने वाली बात तो यह है कि यह सब इतना जल्दी हो गया कि सदन में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गवनरोत्तम मिश्रा इसे समझ ही नहीं पाए. भाजपा ने कोई व्हिप भी जारी नहीं किया था. शिवराज तो सदन में अपना भाषण देने की तैयारी में थे.

शिवराज लाए थे 

जिन दो विधायकों शरद कोल, नारायण त्रिपाठी ने कमलनाथ सरकार के पक्ष में समर्थन दिया, दोनों विधायक पूर्व में भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं. इन दोनों ही विधायकों को शिवराज भाजपा में लेकर आए थे. संगठन और सरकार में उनकी लगातार उपेक्षा होती रही, जिसके चलते उन्होंने कमलनाथ सरकार को समर्थन दिया.

सही वक्त की तलाश 

भाजपा अब सही वक्त की तलाश में है. पार्टी हाईकमान और संघ ने नेता प्रतिपक्ष समेत तमाम नेताओं को चेतावनी दी है कि वे सरकार गिराने के अपरिपक्व बयानों से किनारा करें. कमलनाथ सरकार को घेरने की बजाय सारा ध्यान अपने पाले के विधायकों पर लगाएं. एक मु्द्दा  प्रदेश के दिग्गज नेताओं के बीच के समन्वय का भी है. जिसके कारण कांग्रेस को अपनी जगह बनाने का मौका मिला है. इस घटना ने पार्टी संगठन की कमजोरी को भी उजागर किया है, जिससे निपटने की तैयारी हो शुरू हो गई है.

फ्लोर टेस्ट नहीं था 

भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि कांग्रेस में अब विवाद खुलकर सामने आ रहे है. उन दो विधायकों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं. भाजपा ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का मुद्दा ही नहीं उठाया था, बावजूद इसके यह हुआ है. अब इसका समय पर जवाब दिया जाएगा.

ट्रेलर था फिल्म बाकी है 

कांग्रेस नेता के के मिश्रा का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बता दिया है कि वे असली टाइगर हैं. भाजपा नेताओं की गीदड़ भभकियों से वे डरने वाले नहीं हैं. यह तो टीजर था वक्त आने पर पूरी फिल्म दिखाएंगे.

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में सदस्यता अभियान को लेकर बैठक जारी।

प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने दावा किया किभाजपा विधायक एकजुट थे, हैं और रहेंगे

भाजपा की सदस्यता अभियान की बैठक में नहीं पहुंचे विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल

मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- भाजपा के कई विधायक बाउंड्री वाल पर खड़े हैं,कांग्रेस में आना चाहे तोउनका स्वागत


 मंथन न्यूज

 भोपाल-भाजपाके प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने गुरुवार कोकांग्रेस सरकार पर भाजपा विधायकों को लालच देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस भाजपा केविधायकों कोप्रलोभन दे रही है।अपनी गुटबाजी और हताशा को कम करने के लिए कांग्रेस जोकोशिश रही है। ये उनके लिए आत्मघाती न हो जाए।'हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा विधायक एकजुट थे, एकजुटहैं और रहने वाले हैं। वह चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े हैं।

राकेश सिंह ने गुरुवार कोसदस्यता अभियान की बैठक में भाग लेने से पहले मीडिया से बातचीत में ये बात कही।मध्यप्रदेशविधानसभा में भाजपाके दो विधायकों नेपिछले दिनोंमत विभाजन मेंसरकार का समर्थन किया था। इसके बाद से प्रदेशमें सरकार और विपक्ष एक-दूसरे परहॉर्स ट्रेडिंग के आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

बाउंड्री वाल पर खड़े हैं भाजपा के विधायक:पीसी शर्मा

राकेश सिंह ने कहा किभाजपाके कई विधायकों ने प्रदेश संगठन से शिकायत की है कि कांग्रेस उनसे संपर्क कर प्रलोभन दे रही है। वहीं, दूसरी तरफजनसंपर्क मंत्रीपीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा के कई विधायक बाउंड्री वाल पर खड़े हैं। जो विधायक कांग्रेस में आना चाहते हैं, उनका स्वागत है।

दोनों बागी विधायक नहीं पहुंचे

सदस्यता अभियान के शुभारंभ के मौके पर विधानसभा में मत विभाजन के दौरान पाला बदलने वाले भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल नहीं पहुंचे हैं। भाजपा ने दोनों विधायकों कोबुलाया था। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह नेदावा किया है कि उन्होंने पहले सूचना दे दी थी कि वह किन्हीं कारणों से बैठक में नहीं आ पाएंगे। बैठक में प्रदेश भर से पार्टी ने सभी सांसदों-विधायकों, सभी जिलाध्यक्ष, सदस्यता प्रभारी सहित प्रदेश पदाधिकारी और मोर्चे के अध्यक्ष व महामंत्रियों को बुलाया है।

लक्ष्य से आगे पहुंचेगी भाजपा
भाजपा प्रदेशाध्यक्षराकेश सिंह ने कहा कि भाजपा मध्यप्रदेश को केंद्रीय नेतृत्व ने सदस्यता का जो लक्ष्य दिया था। वह सभी जिलों में लगभग पूर्णता की ओर है। 9 अगस्त से 11 अगस्त के बीच चलने वाले विशेष सदस्यता अभियान में हम निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर सदस्य बनाएंगे। इसके लिए एक मजबूत कार्ययोजना के साथ हर जिले में काम करना है। गुरूवार को सदस्यता अभियान की समीक्षा एवं सक्रिय सदस्यता अभियान की बैठक में उन्होंने ये बात कही।

मप्र में सरकार वेंटिलेटर पर 
राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह बिखरी हुई है। पार्टीअब तक केसबसे बुरे दौर से गुजर रही है। कांग्रेस के भीतर ही राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अलग-अलग मांगे उठ रही है। कुछ राहुल गांधी तो कुछ प्रियंका तो कुछ तीसरा नाम ले रहे है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार वेंटिलेटर पर है और यही कारण है कि वह भ्रम का वातावरण फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा किहमें कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम की ओर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। हमें उंचे मनोबल के साथ काम करते रहना है। पूरी ताकत के साथ सदस्यता अभियान में जुटे और जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उस लक्ष्य के आगे बढ़कर सदस्य बनाएं। सिंह ने कहा कि जितने दिन यह सरकार चल रही है उतने दिनों तक प्रदेश की जनता के मन में सरकार के प्रति आक्रोश पैदा होगा। यह आक्रोश दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

विधायक का आरोप- कांग्रेस ने पैसों का लालच दिया
इससे पहले श्योपुर से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी ने कांग्रेस पर खरीद फरोख्त के आरोप लगाए थे। उनके मुताबिक कांग्रेस पार्टी ने उन्हें भाजपा छोड़ने के लिए पैसों का लालच दिया है। उन्होंनेकहा, कांग्रेस के कुछ लोगों ने मुझसे संपर्क साधा और कहा कि वो मुझे जो चाहे, वहदेंगे। लेकिन मैंने साफ कर दिया कि मैं आदिवासी और गरीब जरूर हूं, लेकिन बिकाऊ नहीं हूं। मैं भाजपा के साथ ही रहूंगा।

प्रदेश भर से आए पदाधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।प्रदेश भर से आए पदाधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।


शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में हरियाली महोत्सव के अंतर्गत एक अभियान धरती के श्रृंगार का  कार्यक्रम आयोजित किया गया! यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो महेंद्र कुमार के निर्देशन एवं इको क्लब के संरक्षक डॉ जी.पी शर्मा एवं इको क्लब प्रभारी प्रो वी के जैन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया! इस अवसर पर महाविद्यालय के एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो नवल किशोर एवं प्रोफेसर हरीश अंब के साथ डॉ रामजी दास राठौर एवं प्रो पवन कुमार श्रीवास्तव एवं महाविद्यालय के अनेकों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे! इस अवसर पर डॉ रामजी दास राठौर ने छात्र-छात्राओं को हरियाली महोत्सव की जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं को संकल्पित कराया कि हम सभी 1 अगस्त से 20 अगस्त तक इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रकृति के संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का प्रयत्न करेंगे! जिसके कि धरती का श्रृंगार हो सके तथा पर्यावरण संरक्षित हो सके!

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