मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को जनअभियान परिषद के कर्मचारियों से हुई गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिषद...




मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को जनअभियान परिषद के कर्मचारियों से हुई गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिषद की बहुत शिकायतें मेरे पास हैं। इनके प्रमाण भी हैं। मुख्यमंत्री ने आर्थिक सांख्यिकी विभाग के एसीएस केके सिंह की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि बताइए कि क्या मैं ऐसी संस्था का अध्यक्ष रह सकता हूं, जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग राजनीतिक संस्थाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया हो। नाथ समन्वय भवन में परिषद के कर्मचारियों से बात कर रहे थे। 

कर्मचारियों ने भी रखा अपना पक्ष- अपनी बात रखने के बाद कमलनाथ ने कहा कि कोई कर्मचारी अपना पक्ष रखना चाहे तो रख सकता है। इस पर एक कर्मचारी ने कहा कि हमें जैसे-जैसे आदेश मिले वैसा काम किया। अगर दो-चार प्रतिशत कर्मचारियों ने गलत काम किया तो उसकी सजा शेष कर्मचारियों को न मिले। एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि कई ऐसे बड़े शासकीय अधिकारी थे जो ईवीएम के साथ पकड़े गए, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

मैं किसी का अहित नहीं करता, तीन माह बाद फिर रिव्यू करूंगा 

मुख्यमंत्री ने परिषद के कर्मचारियों से कहा कि वे किसी का अहित नहीं करते, लेकिन ऐसे काम किए हैं, जो नहीं किए जाने चाहिए थे। बहुत सी शिकायतें हैं, इसलिए तीन महीने में फिर रिव्यू करूंगा। राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग करने के संबंध में आत्म-मंथन करने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि जनअभियान परिषद पर भाजपा के लिए काम करने के आरोप लगे हैं। साथ ही यह आरोप भी हैं कि चुनाव के दौरान पिछली सरकार के लिए कई कर्मचारियों ने काम किया था। 

ऋण माफी किसानों की समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं : सीएम 

भोपाल| फसल ऋण माफी किसानों की समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। यह उन्हें संकट से उबारने का तात्कालिक उपाय है, क्योंकि कर्ज का मनोवैज्ञानिक दबाव होता है। अब ज्यादा लाभ के लिए विविधतापूर्ण खेती को अपनाने का समय है। यह बात मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कही। वे मंत्रालय में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की राज्य ऋण संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि किसानों के हित में बदलते हुए कृषि परिदृश्य को ध्यान में रखकर नई योजनाएं बनाना जरूरी है। उन्होंने नाबार्ड के अधिकारियों से कहा कि मप्र में परिवर्तित कृषि परिदृश्य को देखते हुए राज्य की कृषि नीति का प्रारूप तैयार करें। उन्होंने कहा कि अब सीमित भौगोलिक क्षेत्र में कृषि उत्पादों की मार्केटिंग का समय आ गया है। चार-पांच जिलों में एक फूड पार्क स्थापित हो सकता है, जिसमें बने उत्पाद उन्हीं जिलों के ब्रांड बनकर बिकें। मार्केट अर्थ-व्यवस्था में ऐसे ब्रांड टिके रहेंगे, यह कहना मुश्किल है, पर किसानों को इससे लाभ होगा। 


इंदौर। एमपी पीएससी की राज्य सेवा परीक्षा 2019 का नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका। इस मामले में अब मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार नाराज उम्मीदवारों के टारगेट पर आ रही है। पीएससी अगर 10 दिन में नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया तो परीक्षा पांच माह के लिए अटक जाएगी। इधर पीएससी सूत्रों का कहना है कि उनकी तैयारी पूरी है परंतु अब तक सरकार ने निर्देश ही जारी नहीं किया। 

इधर, यह जानकारी भी सामने आई है कि राज्य शासन ने निर्देश जारी नहीं किए हैं। जबकि पीएससी के एकेडमिक कैलेंडर अनुसार फरवरी में प्रारंभिक परीक्षा हो जाना थी। इसे लेकर लेकर अभ्यर्थियों ने इसी माह पीएससी के ऑफिस में प्रदर्शन भी किया था। पीएससी ने ढाई साल में राज्य सेवा परीक्षा के सिस्टम में बड़ा सुधार कर पुरानी तमाम परीक्षाएं कर पूरा शेड्यूल पटरी पर ला दिया था, लेकिन यह फिर बिगड़ता दिख रहा है। दरअसल विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन प्रक्रिया में कम से कम एक माह लगता है। 

उसके बाद परीक्षा की तैयारियों, सेंटर तय करने से लेकर अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं। परीक्षा के बाद रिजल्ट जारी होने और आपत्तियों के निराकरण सहित अन्य प्रक्रिया में भी महीनाभर लगता है। वहीं, 10-12 दिन में विज्ञापन जारी नहीं हुआ तो जुलाई अंत में प्रारंभिक और अक्टूबर-नवंबर में मुख्य परीक्षा हो पाएगी। ऐसे में इंटरव्यू पूरे होते-होते और नियुक्तियों तक की प्रक्रिया जनवरी 2020 तक पहुंच जाएगी। 

पाक ने कहा- तनाव कम करने की शर्त पर हम पायलट की रिहाई पर करेंगे विचार


आतंकवाद के खिलाफ तुरंत और कड़ा कदम उठाने के बाद ही होगी बातचीत- भारत


शाम 5 बजे भारत की तीनों सेनाओं की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी


नई दिल्ली/इस्लामाबाद. भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह तत्काल और बिना शर्त विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को रिहा करे। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर अभिनंदन की रिहाई के बदले पाक सौदेबाजी की उम्मीद कर रहा है तो यह उसकी बड़ी भूल है। इस बीच पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर भारत तनाव कम करने को तैयार है, तो रिहाई पर विचार किया जा सकता है।



'भारत ने जानबूझकर एलओसी पार नहीं की'


सूत्रों ने कहा- भारत अभिनंदन की तुरंत रिहाई की उम्मीद कर रहा है। किसी तरह की सौदेबाजी का सवाल ही नहीं उठता। अगर पाकिस्तान सोचता है कि अभिनंदन के तौर पर उनके पास सौदेबाजी के लिए कोई कार्ड है, तो यह उसकी बड़ी भूल है। भारत उम्मीद करता है कि पाकिस्तान में अभिनंदन के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए।  "भारत ने एक्शन के दौरान किसी भी रिहायशी या सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया, लेकिन पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर इसे बढ़ाया है। भारत ने जानबूझकर लाइन ऑफ कंट्रोल को पार नहीं किया, हमारे पास बहुत मजबूत वजह थी। भारत ने पाकिस्तान की युद्ध जैसे हालात बनाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक पीएम इमरान खान के बीच बातचीत के सवाल पर सूत्रों ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ तुरंत, विश्वसनीय और प्रामाणिक कार्रवाई करने के बाद ही किसी तरह की बातचीत हो सकती है। पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमारा यही संदेश है।


शाम पांच बजे भारतीय सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस


इससे पहले भारतीय रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान सेना आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का समर्थन कर रही है। ऐसा लगता है कि वह जैश के सरगना मसूद अजहर को पनाह दे रही है। वहीं, गुरुवार शाम 5 बजे भारत की तीनों सेनाएं- थल, वायु और नौसेना ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। मंत्रालय के अफसर ने कहा- हमें यकीन है कि पाकिस्तान की हवाई घुसपैठ सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए थी। हमारे एयरफोर्स के पायलट के साथ बुरा बर्ताव हो रहा है, जो जेनेवा कंवेंशन का उल्लंघन है।



पाक के तीनों विमानों ने की थी घुसपैठ


इससे पहले बुधवार को पाकिस्तान वायुसेना के तीन विमानों ने भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन किया था। वे यहां तीन मिनट तक रहे। पाक ने सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की कोशिश की थी। वायुसेना ने घुसपैठ का जवाब देने के लिए 2 मिग-21 और 3 सुखोई-30 भेजे। मिग के पायलट ने एक पाकिस्तानी एफ-16 मार गिराया। हालांकि, इस दौरान हमारा एक मिग क्रैश हो गया, जिसके चलते पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया।


भारत ने अमेरिका से साफ कह दिया है कि वह पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेने के लिए तैयार है. ना सिर्फ सैन्य रूप से बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भारत अब पाकिस्तान को घेरेगा.


 



अजित डोभाल (FILE)


पाकिस्तान को अब ये समझ लेना चाहिए कि वह आग से खेल रहा है. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने बुधवार देर रात अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से भारत-पाकिस्तान के मसले पर बात की. अजित डोभाल ने कहा है कि भारत पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद के खिलाफ कड़ाई से कूटनीतिक और सैन्य एक्शन लेने के लिए तैयार है. जिसपर अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत का समर्थन किया है और कहा है कि अमेरिका उनके साथ है.


अजित डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो को भारत के द्वारा पाकिस्तान में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी. अमेरिका ने भारत का समर्थन किया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ है.

बता दें कि अमेरिका, फ्रांस, रूस समेत कई देशों ने भारत-पाकिस्तान से अपील की है कि दोनों देश शांति बरतें और आपस में बात करें.

अब हर तरफ से घिरेगा पाकिस्तान

भारत की एयरस्ट्राइक से घबराए पाकिस्तान पर अब कूटनीतिक मार पड़ रही है. भारत ने कूटनीतिक रास्तों से दुनियाभर में पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू किया है और उसे आतंकवादी समर्थित चेहरे को सामने रखा है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सऊदी अरब के लिए रवाना हुई हैं, जहां पर पाकिस्तान के आतंकी हिसाब-किताब को बताएंगी और इसके खिलाफ चल रही लड़ाई में समर्थन जुटाएंगी.

सिर्फ इतना ही नहीं दुनियाभर में मौजूद भारतीय राजदूतों को भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि वह अपने स्थानों पर पाकिस्तान के चेहरे को बेनकाब करें. और दुनिया को बताएं कि पाकिस्तान अपनी जमीन से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है.

पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान में घुसकर एयरस्ट्राइक की. ये एयरस्ट्राइक जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई, जिसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. पाकिस्तान ने बुधवार को दावा किया कि उसके कई विमान भारतीय वायुसीमा में घुसे और वहां बम गिराए. हालांकि, भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ दिया.

गौरतलब है कि इस समय भारतीय वायुसेना का पायलट अभिनंदन पाकिस्तान की हिरासत में है. भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पाकिस्तान से कहा है कि वह तुरंत उनके पायलट को वापस करें. पाकिस्तान ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है. 

अभिनंदन भारत में हैं या पीओके में, यह जानने के लिए उन्होंने देशभक्ति के नारे भी लगाए 


पाक को भारत की किसी रणनीति का पता न चले, इसलिए विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने दस्तावेज तालाब में डुबा दिए

मुजफ्फराबाद. पाकिस्तान के एफ-16 विमान को निशाना बनाने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का मिग-21 बुधवार को क्रैश हो गया। उन्हें पैराशूट के जरिए इजेक्ट होना पड़ा। वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा गिरे। वहां पहुंचने के बाद अभिनंदन को एहसास हुआ कि वे पीओके में हैं। उनके पास सर्विस रिवॉल्वर थी। भीड़ उन पर हमला कर रही थी। इसके बावजूद अभिनंदन सिर्फ हवाई फायर करते हुए भीड़ को पीछे जाने को कहते रहे। उन्होंने पीओके में किसी भी निहत्थे व्यक्ति पर गोलियां नहीं चलाईं।

अभिनंदन पाक के एफ-16 विमान का पीछा कर रहे थे 
बुधवार सुबह 9:45 बजे जब भारतीय राडारों को पता चला कि पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस से 10 एफ-16 विमान उड़ान भर रहे हैं तो भारत ने एहतियात के लिए दो मिग-21 और तीन सुखोई-30 विमानों को भेजा। इनमें से एक मिग-21 को विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान उड़ा रहे थे। जब पाकिस्तान के तीन एफ-16 विमान भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश कर गए तो विंग कमांडर अभिनंदन ने एक का पीछा किया और उसे मार गिराया। इस जवाबी कार्रवाई में उनका विमान क्रैश हो गया।

विंग कमांडर अभिनंदन ने इन लड़कों से पूछा कि यह गांव पाकिस्तान में है या भारत में? इस पर एक लड़के ने जवाब दिया कि यह भारत है। इस पर अभिनंदन ने हकीकत पता करने के लिए देशभक्ति के कुछ नारे लगाए। फिर उन्होंने पूछा कि यह भारत का कौन-सा इलाका है। इस पर एक लड़के ने जवाब दिया- किलान। तब विंग कमांडर अभिनंदन ने कहा कि उनकी पीठ में चोट आई है और उन्हें पानी चाहिए। तभी एक युवक ने पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद के नारे लगा दिए।  इस पर विंग कमांडर अभिनंदन समझ गए कि वे पीओके में हैं। जब लड़कों ने उनकी तरफ पत्थर फेंकने शुरू किए तो अभिनंदन ने अपनी रिवॉल्वर से हवा में एक फायर किया।

इसके बाद अभिनंदन भारतीय सीमा की ओर आधा किलोमीटर तक दौड़े। भीड़ उनके पीछे थी। वे चाहते थे कि भीड़ उनका पीछ ना करे, लेकिन लड़के उन पर लगातार पत्थर फेंक रहे थे। उन्होंने एक-दो और हवाई फायर किए। इसके बाद भी भीड़ पीछे आ रही थी। अभिनंदन ने एक छोटे तालाब में कुछ दस्तावेज और नक्शे डुबा दिए। कुछ कागज वे निगल गए ताकि दुश्मनों को भारत की किसी भी रणनीति का पता न चल सके। 


तभी एक लड़के ने उनके पैर पर एक बड़े पत्थर से वार कर दिया। वे जख्मी हो गए। लड़के उनके साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद भी विंग कमांडर अभिनंदन ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां नहीं चलाईं। कुछ देर बाद पाकिस्तानी सेना के अफसर वहां आए और विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में ले लिया। उन्हें पाकिस्तानी सेना की भिम्बेर स्थित यूनिट में ले जाया गया।

पिता ने कहा- बहादुर है बेटा

अभिनंदन के पिता रिटायर्ड एयर मार्शल एस वर्तमान वायु सेना में फाइटर पायलट रहे हैं। उन्होंने अपने एक संदेश जारी कर कहा, ‘‘अभि जिंदा है। वह घायल नहीं है। वह मानसिक तौर पर मजबूत है। देखें कि किस तरह उसने बहादुरी से बात की। वह सच्चा सैनिक है। हमें उस पर गर्व है।’’




   


लगातार हो रहे षडयंत्रों ने खत्म किया दिल्ली का धैर्य...

 युद्ध हुआ तो जानिये कितने दिन चलेगा


भोपाल। भारत द्वारा पाकिस्तान पर की गई जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। इसी के चलते आज बुधवार को पाकिस्तान की ओर से भी कुछ विमानों ने भारत में घुसपेठ की कोशिश की लेकिन पहले से तैयार भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान का एक F-16 विमान मार गिराया है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के फाइटर विमानों ने राजौरी के नौशहरा व पुंछ जिले के कृष्णा घाटी में घुसपैठ कर भारतीय इलाकों पर लेजर गाइडेड गोले दागे। वहीं जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान के विमानों ने बम दागकर दोनों देशों को युद्ध के करीब ला दिया।

F-16 विमान मार गिराए जाने की सूचना आते ही मध्यप्रदेश सहित देश में एक बार फिर खुशी की लहर दौड़ पड़ी।



पाकिस्तान की ये कार्रवाई केवल अपने देश के लोगों को दिखाने के लिए है, क्योंकि इससे पहले उनकी आपने ही देश में भारत के विमानों की कार्रवाई के बाद काफी बेइज्जती हो चुकी है।
- डीके शर्मा, राजनीति के जानकार

पाकिस्तान की इस कार्रवाई ने युद्ध को और करीब ला दिया है। ऐसे में अब स्थितियां और ज्यादा बिगड़ने की संभावना है। लेकिन इसका नुकसान केवल पाकिस्तान को ही झेलना होगा।
- वीके वर्मा, सेना के जानकार

पाकिस्तान को उनकी ही भाषा में अच्छे से समझाने का समय आ गया है। अब तो आर या पार की स्थिति हो ही जाए। हम सभी लोग भी सीमा पर जाने को तैयार है। 
- अमित तोमर, भोपाल

मध्यप्रदेश में भारतीय वायुसेना हाइ अलर्ट मोड पर है। वहीं प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा है कि प्रदेश भर में पुलिस लॉ एंड ऑर्डर को लेकर मुस्तैद है।

ये क्षेत्र हैं ज्यादा संवेदनशील!...
जानकारों की माने तो मध्यप्रदेश में ग्वालियर व जबलपुर के अलावा देश की राजधानी दिल्ली, मुम्बई व बैगलूरू युद्ध के हिसाब से सबसे ज्यादा संवेदनशील है।

ऐसे हुआ दिल्ली का धैर्य समाप्त...
दरअसल राजनीतिक संबंधों के मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले तीन वर्षों से बर्फ जमी हुई है। 2014 में सत्ता में आने के बाद अपने पहले दो वर्षों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को भारत आमंत्रित किया, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच वार्ता फिर से शुरू की, लाहौर की औचक यात्रा की और पठानकोट में आतंकी हमले की साझा जांच की मंजूरी दी।

जवाब में पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की और उरी में सैन्य बेस कैंप पर हमला करवाया। मोदी और शरीफ द्वारा शांति पहल शुरू करने के लिए लाहौर में मुलाकात के कुछ दिनों बाद पठानकोट में भारतीय वायु सेना के अड्डे पर हुए हमले में छह सैनिक मारे गए।



भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तानी खुफिया विभाग के करीबी आतंकवादी समूह जैश-ए-मुहम्मद पर हमले का आरोप लगाया। जुलाई 2016 तक, दिल्ली का धैर्य समाप्त हो गया और कई मुद्दों पर उसकी स्थिति सख्त हो गई।

पाकिस्तान में एक नई सरकार के बावजूद, पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक रद्द हुई। हालांकि, सामान्य राजनयिक वार्ता जारी रही।

इसके बाद पिछले दिनों पुलवामा में हुए हमले के बाद, भारत ने अपने कूटनीतिक प्रयासों को नए सिरे से इस मामले के खिलाफ बनाने की कोशिश की है। भारत के सामने चुनौती यह है कि चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे पाकिस्तान से सहानुभूति रखने वाले देशों पर दबाव डालकर उसे अलग-थलग करे।

भारत के सामने कितने दिन टिकेगा पाकिस्तान?...
वहीं जानकारों की मानें तो अगर भारत ऐसे हथियार का इस्तेमाल करता है, जिसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं है, यानि परमाणु हथियार की तो चंद मिनटों के अंदर ही पूरा पाकिस्तान बर्बाद हो जाएगा।

यही नहीं युद्ध के बाद दशकों या सदियों तक भी पाकिस्तान अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता। जानकार कहते हैं सैन्य लड़ाई की भी बात करें तो पाकिस्तान के पास आर्टिलरी की भी भारी कमी है और वह 15 दिन से ज्यादा भारत के सामने नहीं टिक पाएगा।

तुलनात्मक अध्यन: दोनों देशों की सैन्य ताकत...

भारतीय सेना में कुल कर्मचारियों की बात करें तो हमारे देश में 1.2 मिलियन यानि 12 लाख से ज्यादा सैनिक हैं, जो हर समय युद्ध के लिए तैयार रहते हैं।

इनके अलावा भारत के पास करीब 10 लाख रिजर्व फोर्स यानि अर्द्धसैनिक बल (बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, आरएएफ आदि) के सैनिक हैं।

दूसरी तरफ पाकिस्तान की बात करें तो पड़ोसी के पास करीब साढ़े छह लाख एक्टिव सैनिक हैं और करीब पांच लाख रिजर्व फोर्स है। यानि, पाकिस्तान के पास कुल करीब 11 लाख जवान हैं, जो भारत के मुकाबले आधे हैं।

ऐसे समझें सैन्य ताकत..

थल सेना : भारत : पाकिस्तान
सक्रिय सैनिक : 14 लाख : 6.53 लाख
युद्धक टैंक : 3565 : 1496
आर्टिलरी गन : 9719 : 4472
इनफैंट्री फाइटिंग व्हीकल्स : 3100 : -
आर्मर्ड पर्सनल कैरियर्स : 336 : 1605

 

आकाश में हमारी ताकत-

वायुसेना : भारत : पाकिस्तान
लडाकू विमान : 814 : 425

वायु सैनिक : 1.27 लाख : 65,000

एयरक्राफ्ट : 2185 : 1281

- : 590 फाइटर्स और इन्सेप्टर्स : 320 फाइटर्स

अटैक एयरक्राफ्ट : 804 : 410

अटैक हेलिकॉप्टर्स : भारत के पास 720 हेलिकॉप्टर्स, जिसमें से 15 अटैक हेलिकॉप्टर्स : पाकिस्तान के पास कुल 328 हेलिकॉप्टर और 49 अटैक हेलिकॉप्टर

एयरपोर्ट : 346 : 151

 

पाकिस्तान के पास 5 F-16 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं. जबकि JF-17 थंडर की संख्या 99 है। पाक के पास एक भी मिराज-3 नहीं है जबकि मिराज-5 की संख्या 82 है।भारत के पास फाइटर एयरक्राफ्ट की बात करें तो 114 मिग-21, 44 मिग-27, 66 मिग-29, 12 तेजस, 41 मिराज 2000, सुखोई सु-30 242, 91 जैगुआर हैं।

 

पानी में हमारी ताकत-

नौ- सेना : भारत : पाकिस्तान
पनडुब्बी/फ्रिगेट्स : 16/13 : 8/9
पेट्रोल एंड कोस्टल वेसेल्स : 106 : 17
कंबैट कैपेबल एयरक्राफ्ट : 75 : 08

इसके अलावा भारत के पास 68 हजार नौ सैनिक,14 डेस्ट्रायर्स, 1 विमानवाहक युद्धपोत भी है।

कुछ अन्य जो है खास: रक्षा बजट : ...
भारत : पाकिस्तान
58 अरब डालर : 11 अरब डालर
(GDP का 2.1%) : (GDP का 3.6%)

12% : 20%
(1193-2006 के बीच कुल सरकारी खर्च में सेना की हिस्सेदारी)

9.1% : 16.7%
(2017 में कुल सरकारी खर्च का सैन्य जरूरतों पर खर्च)

 

परमाणु हथियार:
130-140 : 140-150

 

: दोनों देशों के पास परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलें हैं।
: भारत के पास नौ तरह की आपरेशनल मिसाइल है जिनमें 3000 से 5000 किमी मारक क्षमता वाली अग्नि मिसाइलें भी शामिल हैं।
: चीन की मदद से पाकिस्तान ने भी कुछ मिसाइलें तैयार कर ली हैं। जो भारत के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकती हैं। 2000 किमी मारक क्षमता वाली शाहीन 2 उसकी शीर्ष मिसाइल है।

नौ-सेना: ऐसे समझिए हमारी ताकत...
अत्याधुनिक आइएनएस विक्रमादित्य (INS Vikramaditya) एयरक्राफ्ट कैरियर, नवंबर 2013 में नौसेना में शामिल किये गए हैं। आइएनएस विक्रमादित्य को विशेष रूप से पाकिस्तानी नौसेना का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे समुद्र में भारतीय आक्रमण का नेतृत्व करने के लिए शामिल किया गया है।

पाकिस्तान के लिए ये किसी बुरे सपने की तरह है कि भारत आइएनएस विक्रमादित्य को पाकिस्तान के सबसे बड़े कराची बंदरगाह पर खड़ा कर दे। इससे उनकी नौसेना पूरी तरह से ब्लॉक हो जाएगी।

न्यूक्लियर सबमरीन...
जहां एक तरफ आइएनएस विक्रमादित्य नौसेना की ताकत का समुद्र के ऊपर प्रदर्शन करता है, वहीं दूसरी तरफ भारत की असली ताकत समुद्री सतह के नीचे मौजूद आक्रमणकारी 14 पनडुब्बियां हैं।

इन पनडुब्बियों में सबसे शक्तिशाली है आइएनएस चक्र सबमरीन, जो परमाणु हमला करने की भी क्षमता रखती है। अपने 11 युद्धपोत और आठ पनडुब्बियों के साथ आइएनएस चक्र विभिन्न प्रकार के युद्ध टास्क को पूरा करने में सक्षम है। इसलिए ये पाकिस्तानी नौसेना के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

एयरफोर्स: ये है हमारे लिए खास ...
एएच-64डी अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय थल सेना के लिए जमीनी लड़ाई में एक लंबी छलांग है। अपाचे हेलीकॉप्टर अपनी बख्तरबंद संरचना की वजह से पारंपरिक युद्ध या आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान कुछ भी करने में सक्षम है।

ये लड़ाई के दौरान सबसे कारगर हेलीकॉप्टरों में से एक है। पर्वतीय इलाकों में काफी ऊंचाई पर भी अपाचे 171 मील प्रति घंटे की गति से उड़ान भरने में सक्षम है। इसके रोटर ब्लेड 12.7एमएम मशीन गन का सामना कर सकते हैं। ये हेलीकॉप्टर दुश्मन पर हमला कर उसे नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है।

SU-30MKI फाइटर जेट...
भारतीय वायु सेना के SU-30MKI फाइटर जेट का उद्देश्य पाकिस्तानी वायु सेना में सेंध लगाना है। भारतीय वायु सेना के पास वर्तमान में 200 SU-30MKI फाइटर जेट विमान हैं और 72 नए विमानों के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है।

ये विमान लंबी क्षमता वाले डबल इंजन, शक्तिशाली रडार और घातक हथियार से लैस है। SU-30MKI फाइटर जेट, 1980 के दशक के SU-27MKI फाइटर जेट का अपग्रेटेड वर्जन है। ये विमान हवा में पैंतरेबाजी करने में माहिर है और ये एक ही वक्त पर कई लक्ष्यों को टारगेट कर सकता है।

पाकिस्तान के पास आर्टिलरी का टोटा!...
जानकारों की माने तो अगर भारत अपने सभी विकल्प खुले रखते हुए,सभी हथियार का इस्तेमाल करता है, जिसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं है, यानि परमाणु हथियार की तो चंद मिनटों के अंदर ही पूरा पाकिस्तान बर्बाद हो जाएगा। युद्ध की स्थिति में आने वाले दशकों या सदियों तक भी पाकिस्तान अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता।

वहीं सैन्य लड़ाई की भी बात करें तो जो सूचनाएं सामने आ रही हैं उनके अनुसार पाकिस्तान के पास आर्टिलरी की भी भारी कमी है और वह 15 दिन से ज्यादा भारत के सामने नहीं टिक पाएगा।



   


जेलों के अंदर भी अपराध, जूनियर कैदियों को मारपीट कर करते हैं प्रताडि़त

ओवर क्राउडिंग के पीछे कहा, पुलिस टारगेट पूरा करने 151 में भेज देती है जेल

 

भोपाल। पंद्रह सालों में विकास तो खूब हुआ है। गांव की हालत बदल गई हैं। 95 फीसदी मकान पक्के बन गए हैं। अब डकैत भी नहीं रहे। लेकिन कुछ नहीं बदला तो वो हैं, मप्र की जेल। मप्र की जेलों में ओवर क्राउडिंग (क्षमता से अधिक कैदी) की वजह यह है कि पुलिस अपना टारगेट पूरा करने के लिए निर्दोश को भी जेल भेज देती है। ऐसे कई वाकये मुझे याद हैं, जिनकी सुध-बुध लेने वाला कोई नहीं। यह सबकुछ मैंने जेल के अंदर जाकर देखा और समझा। भिंड-मुरैना-ग्वालियर में हालात यह है कि अपराध एक ने किया, सजा पूरे परिवार के भुगतते हैं। यह बात सहकारिता मंत्री डॉ.़ गोविंद सिंह ने मंगलवार को देशभर से आए डीजी कॉन्फ्रेंस के समापन अवसर पर कही।


बाहरी सामान पर प्रतिबंध हटे, बुजुर्ग कैदियों को रिहाई मिले
मंत्री डॉ.़ सिंह बोले कि जेलों के अंदर भी अपराध होता है। जेलों में हेड़ कैदी जूनियर कैदी को प्रताडि़त करते हैं, उनसे मालिश करवते हैं, वजह रुपए। प्रताडऩा से रुपए मिलते हैं, जिनसे हेड़ कैदी और जेल अफसर मलाई काटते हैं। इस सबकी समीक्षा होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होना चाहिए। अगर सच में जेलों में सुधार और बंदियों के उत्थान का कार्य करना है तो बाहरी सामान पर प्रतिबंद्ध हटे।

बाहरी सामान को परीक्षण के बाद जेल के अंदर दाखिल किया जाए, कैंटीन शुरू करवाई जाए। सन् 1999 के बाद से 70 साल के बुजुर्ग कैदियों की रिहाई पर रोक लगा दी गई है। इस पर पुन: विचार किया जाए, इसकी जेल मुख्यालय स्तर पर समीक्षा की जानी चाहिए। जब 70 साल के बुजुर्ग कैदी ने सजा पूरी कर ली है, तो उसे रिहा कर दिया जाना चाहिए। इससे ओवर क्राउडिंग की समस्या भी हल हो जाएगी और बुजुर्ग कैदी अपने परिवार के समय बिता सकेंगे।

उप्र और बिहार में राजनीतिकरण हावी, केंद्र सरकार एक जैसा एजेंडा बनाए, जो हर देश में लागू रहे
देशभर से आए डीजी ने अपने-अपने राज्यों की जेलों में चल रहे नवाचारों पर व्याख्यान दिए। सबसे ज्यादा तेलंगाना राज्य का नवाचार सभी राज्यों ने अपनाने पर विचार किया है। तेलंगाना राज्य ने 'उन्नतिÓ नाम से एक नवाचार शुरू किया है।

जिसमें वह कैदियों को मनो-वैज्ञानिक तरीके से कुशल प्रेरणा देते हैं। तेलंगाना में करीब पांच हजार ऐसे कैदी थे, जो रिहा होने के बाद महज 75 कैदी ही जेल वापस गए। राजस्थान, उप्र और झारखंड में जैमर व्यवस्था ठीक नहीं है, यहां करोँडों रुपए खर्च कर मोबाइल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जेलों में जैमर लगवाए गए, लेकिन वे काम नहीं किए। उप्र और बिहार में सबसे ज्याद राजनीतिकरण हावी है, जहां राजनीति के चलते जेलों की दुर्दशा हो रही है। केंद्र सरकार कुछ ऐसा कदम उठाए, जो देशभर की जेलों पर एक साथ लागू हो। यह बात सभी राज्यों से आए डीजी ने कही।

 

सन् 1999 के बाद नियम-कानून बदलने पड़े तो सरकार बदलेगी
जेल डीजी कॉन्फ्रेंस के समापन अवसर पर गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि जेल डीजी मप्र में जेल सुधार को लेकर फ्री हैं, सरकार से जो चाहिए। वह मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के बाद उस पर जरूर अम्ल किया जाएगा। सबसे पहले जेलों में बंद 70 साल के बुर्जुग कैदियों को रिहाई पर सरकार विचार करेगी, अगर कानून और नियमों में कोई फेर-बदल किया जाएगा। उस पर भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। इसके बाद जेलों में बन रहे प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेचने काम करेगी। सभी राज्यों के डीजी के बीच जेल सुधार को लेकर जो उनके राज्यों में नवाचार हुआ है, उसकी एक-एक बुकलेट छपवाकर हम सभी राज्यों को भेजेंगे और उनके नवाचार को अपनाने का प्रयास करेंगे।

मप्र में रिसोर्स की बहुत कमी, झोली फैलाकर मांग रहा हूं
आज मेरे सामने मप्र जेल और सरकार के गृह एवं जेल मंत्री हैं, मैं उनके सामने झोली फेलाकर मांग रहा हूं। मप्र में रिसोर्स की बहुत कमी है। कभी वजट नहीं मिलता, मिलता है तब तक कीमतें बढ़ जाती हैं। सब काम अधूरे रह जाते हैं।

मैं गृहमंत्री को अवगत कराना चाहूंगा कि जेलों में मेडि़कल व्यवस्थाएं नहीं हैं। खुद के साधनों से हम उन्हें पूरा करते हैं। पढ़े-लिखे ट्रेंड कैदियों को कैदियों को कंपाउंडर की ट्रेनिंग दिलाते हैं। कैदियों के उत्थान के लिए कई बार फाइलें भेजी गई, लेकिन सब लटक जाती हैं। इस कमी को पूरा किया जाए। मप्र में विजन 2025 सोचा गया है, उसे पूरा करने के लिए सरकार का साथ चाहिए। यह बात मप्र जेल डीजी संजय चौधरी ने कही।

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