पार्टी सूत्रों के टिकटों पर मुताबिक फैसला अब दिल्ली से होगा। इंदौर सीट को लेकर हाईकमान और महाजन के बीच बात होगी।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की 14 लोकसभा क्षेत्रों की टिकट की घोषणा संभवत: 30 मार्च या उसके बाद हो सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इंदौर-ग्वालियर जैसी सीटों पर पार्टी कांग्रेस की टिकट का इंतजार कर रही है ताकि उसके मुकाबले में प्रत्याशी तय किया जाए । इधर, मुरैना महापौर अशोक अर्गल और सांसद ज्ञानसिंह की नाराजगी पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कहीं कोई नाराजगी नहीं है। कहीं है तो उन्हें मना लेंगे।

अंत में वे पार्टी के घोषित प्रत्याशी को जिताने के लिए ही काम करेंगे। सिंह ने कहा कि सब टिकट चाहते हैं, लेकिन नहीं मिल पाता तो आहत होते हैं। सब समर्पित कार्यकर्ता हैं, पार्टी का ही साथ देंगे ।

भोपाल प्रत्याशी तय होने में वक्त लगेगा

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल प्रत्याशी तय करने में थोड़ा समय लगेगा। इससे पहले पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन महामंत्री सुहास भगत और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच चर्चा प्रदेश की शेष बची 14 सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर बंद कमरे में चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के टिकटों पर मुताबिक फैसला अब दिल्ली से होगा। इंदौर सीट को लेकर अब सुमित्रा महाजन और हाईकमान के बीच बातचीत होना है। इसके आधार पर ही फैसला होगा कि वहां से प्रत्याशी कौन होगा।


विदिशा सीट पर शिवराज समर्थक को ही टिकट देने की बात चल रही है। चौहान की ओर से रमाकांत भार्गव का नाम आगे बढ़ाया गया है। शिवराज दिल्ली और राकेश सिंह जबलपुर रवाना-दिल्ली में चुनाव प्रचार की तैयारियों को लेकर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान दिल्ली रवाना हो गए। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह जबलपुर गए हैं।


मुरैना-श्योपुर लोकसभा क्षेत्र की दो विधानसभाओं अंबाह व दिमनी में तोमरों का खासा प्रभाव है
ग्वालियर में बगावत की आंच से बचने के लिए केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जिन अपनों के भरोसे लोकसभा क्षेत्र बदला है, वे 'अपने' इस बार विरोध में हैं। हर चुनाव में निर्णायक भूमिका में रहने वाले तोमर, राजपूत इस बार फिलहाल खुलकर साथ देने के इरादे में नहीं लग रहे। खास बात यहां यह भी है कि केंद्रीय मंत्री तोमर के पूर्वज अंबाह विधानसभा क्षेत्र के औरेठी गांव के हैं।

सजातीय वोटरों के दम पर ही नरेंद्र सिंह तोमर ने क्षेत्र बदलने का निर्णय किया था। मुरैना-श्योपुर लोकसभा क्षेत्र की दो विधानसभाओं अंबाह व दिमनी में तोमरों का खासा प्रभाव है। 2008 के चुनाव में मंत्री तोमर के दखल से दिमनी से शिवमंगल सिंह व अंबाह से कमलेश सुमन को टिकट दिया गया। दोनों जीते और 2009 के लोकसभा चुनाव में जब तोमर यहां से सांसदी के लिए चुनाव मैदान में उतरे तो उन्हें इन दोनों सीटों से निर्णायक बढ़त भी मिली।

सांसदी के दौरान शुरू हो गया विरोध

2009 में सांसद बनने के बाद नरेन्द्र सिंह तोमर क्षेत्र में ज्यादा समय नहीं दे पाए। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर विरोध शुरू हो गया। यही कारण रहा कि 2013 के विधानसभा चुनाव में तोमर ने दिमनी से शिवमंगल सिंह व अंबाह से बंशीलाल को टिकट दिलवाया तो दोनों हार गए थे। 2018 में तोमर के दखल से दिमनी से शिवमंगल सिंह को पुन: अवसर दिया गया। अंबाह से गब्बर सखवार को टिकट दिया गया। इस बार भी दोनों की हार हो गई। संकेत मिल चुके थे 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले तोमर ने तरसमा गांव में एक चुनावी सभा ली। उस समय गांव के लोगों ने एक राय होकर इस सभा का विरोध किया। गांव का केवल एक परिवार इस सभा में शामिल हुआ था।

इसलिए नाराजगी-विरोध

-क्षेत्र के लोगों की नाराजगी का मूल कारण विधानसभा चुनावों में टिकट वितरण रहा। जिन लोगों को टिकट दिलवाए, उनसे स्थानीय लोग खफा थे।

-क्षेत्र के असल वोटर बात रखने तोमर के निकट नहीं पहुंच पाए।

-कुछ खास लोगों ने केंद्रीय मंत्री के आसपास ऐसा घेरा बनाया कि वे स्थानीय लोगों की समस्याएं नहीं जान सके।

-ग्वालियर विधानसभा चुनावों में ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी सतीशसिंह सिकरवार मूल रूप से सुमावली के रहने वाले हैं। उनके पूर्वज भी यहीं के हैं। चुनावों में सतीशसिंह अपनी हार के पीछे एक कारण नरेन्द्र सिंह तोमर को मानते हैं। अब बारी सतीशसिंह की है। तय माना जा रहा है कि सिकरवार खिलाफत करेंगे।


अमेरिकी सांसदों ने आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान से कार्रवाई की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया है. गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस में सांसद स्कॉट पेरी ने यह प्रस्ताव पेश किया है.


अमेरिकी कांग्रेस में सांसद स्कॉट पेरी ने यह प्रस्ताव पेश किया है.


आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ अमेरिका ने सख्त रुख अख्तियार किया हुआ है. अमेरिकी सांसदों ने आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान से कार्रवाई की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया है. गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस में सांसद स्कॉट पेरी ने यह प्रस्ताव पेश किया है.


अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कांग्रेसी स्कॉट पेरी द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले की भी निंदा की गई. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) ने ली थी.

पेन्सिलवेनिया के रिपब्लिकन कांग्रेसी स्कॉट पेरी ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि बहुत हो गया, अब पाकिस्तानी सरकार को जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आतंकियों को जड़ से मिटाने के अमेरिकी प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान के पास आतंकवादियों और आतंकवादी सहानुभूति रखने वालों का लंबा इतिहास है.

कांग्रेसी स्कॉट पेरी ने कहा कि आतंकी घटनाओं का खामियाजा निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवाकर देना पड़ता है. इस तरह के हमलों को रोकने की बजाय पाकिस्तान कट्टरपंथियों को गले लगाता है.

बता दें, पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमेरिका लगातार पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कराने की कोशिश कर रहा है.

पिछले दिनों मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने को लेकर यूएनएससी में अमेरिका की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर चीन की ओर से वीटो लगाए जाने के बाद अमेरिका फिर से प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. इस बीच  चीन ने फिर संकेत दिया है कि इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा. चीन के इस कदम की अमेरिका आलोचना कर रहा है.

इस बीच पाकिस्तान के खिलाफ अमेरिका ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अब प्रस्ताव के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपने यहां चल रहे आतंकी कैंपों को बंद करें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनता ने मोदी को सबसे ज्यादा सीटें देने का फैसला कर लिया. परिणाम निश्चित है, NDA की 300 से ज्यादा सीटों वाली सरकार होगी.


 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनता ने मोदी को सबसे ज्यादा सीटें देने का फैसला कर लिया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनता ने मोदी को सबसे ज्यादा सीटें देने का फैसला कर लिया. परिणाम निश्चित है, NDA की 300 से ज्यादा सीटों वाली सरकार होगी. एक टीवी चैनल से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि  2019 के चुनाव में मेरे सामने किसी का आना संभव नहीं है. 2024 में मोदी के खिलाफ कोई भी मैदान में हो सकता है.


पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान वादा कर नौजवानों को लूटा है. नेहरू जी भी गरीबी की बात करते थे, इंदिरा जी भी गरीबी की बात करती थीं, राजीव जी भी गरीबी की बात करते थे, सोनिया जी भी गरीबी की बात करती थीं, और अब इनकी पांचवीं पीढ़ी भी गरीबी की बात कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने वाले, मीडिया पर पाबन्दी लगाने वाले और आपातकाल लगाने वाले लोग कृप्या मुझे ज्ञान न दें.

पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए जितना दिल्ली का महत्व है उतना ही चेन्नई का है, उतना ही कोच्चि का है, उतना ही तिरुवनंतपुरम का है, उतना ही भुवनेश्वर, पुरी, कटक का है और उतना ही कोलकाता का है. मैं दिल्ली को लुटियन से बाहर ले गया. दिल्ली मुझे स्वीकार करे या नहीं, मैं दिल्ली को देशभर में ले गया.

रोजगार के मामले में झूठ बोल रही है कांग्रेस

रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों पर पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या जो लोग ईपीएफ भर रहे हैं वो बिना जॉब के हैं. जो लोग सड़क बनाने का काम कर रहे हैं क्या उन्हें रोजगार नहीं है. बेरोजगारी के मामले में अटल बिहार वाजपेयी सरकार के बारे में गलत प्रचार किया गया था. कांग्रेस बिना आंकड़ों के लोगों के बीच भ्रम फैला रही है.

और बिखर जाएगा विपक्ष

पीएम मोदी ने कहा कि महागठबंधन का गणित नहीं चलेगा. नामांकन के बाद विपक्ष और बिखरेगा, लेकिन मेरा मानना है कि देश सहमति के आधार पर चलता है. 2019 में सरकार बनाने के बाद हम विरोधी पार्टियों को साथ लेकर चलेंगे.

भगोड़ों के खिलाफ की कार्रवाई

नीरव मोदी, विजय माल्या के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि मैंने सारे भगोड़ों की संपत्ति जब्त की. माल्या ने 9000 करोड़ की ठगी की. सरकार ने 14000 करोड़ की संपत्ति जब्त की. कांग्रेस ने भगोड़ों पर कोई कार्रवाई नहीं की. हमने ठगी करने वाले धन्नासेठों को फुटपाथ पर बैठा दिया. ठग धन्नासेठ आज मेरी वजह से भाग रहे हैं. वह इंतजार कर रहे हैं कि कब कांग्रेस की सरकार बने और वह देश वापस आ जाएं.

स्लग: पहल : उपन्यास से मिलने वाली 100% रॉयल्टी NGO ‘विकास संवाद’ के जरिए बच्चों पर होगी खर्च

हैडिंग: कुपोषण के विरुद्ध खड़ा हुआ ‘उल्लू का पट्ठा’

भोपाल। चर्चित लेखक और पत्रकार अमिताभ बुधौलिया का हाल में प्रकाशित हुआ उपन्यास ‘उल्लू का पट्ठा’ एक अनूठी पहल के कारण चर्चाओं में है। राजनीति हास्य-व्यंग्य पर लिए गए इस उपन्यास से होने वाली कमाई कुपोषित बच्चों पर खर्च होगी। इसके लिए एक स्वयंसेवी संगठन ‘विकास संवाद’ सहयोग के लिए आगे आया है।

अमिताभ बताते हैं-‘हम एक कोशिश करने जा रहे हैं। उम्मीद है कि लोगों को यह उपन्यास पसंद आएगा और ज्यादा से ज्यादा हाथों से पहुंचेगा। विकास संवाद इस पहल को आगे बढ़ा रहा है, यह अच्छी बात है। हम अगर थोड़ा-बहुत भी कुपोषित बच्चों के लिए कुछ कर पाए, तो मेरा लिखना सार्थक होगा।’

अमिताभ का 3 महीने के अंदर यह दूसरा उपन्यास प्रकाशित हुआ है। पहला उपन्यास ‘सत्ता परिवर्तन’ भी काफी चर्चाओं में है। इस पर एक फिल्म का निर्माण भी हुआ था, जो किसी कारणवश अधूरी रह गई। यह उपन्यास ठीक उस समय प्रकाशित हुआ था, जब मप्र, छग और राजस्थान में विधानसभा चुनाव हो रहे थे। इन तीनों ही राज्यों में ‘सत्ता परिवर्तन’ हुआ था। इस वजह से भी उपन्यास अपने शीर्षक के कारण सुर्खियों में आया था।

अब ‘उल्लू का पट्ठा’ इसी वजह से चर्चाओं में है, क्योंकि यह ठीक आम चुनाव से पहले प्रकाशित हुआ है।

 ‘उल्लू का पट्ठा’ चुनावी प्रक्रिया पर एक मजेदार कटाक्ष करता है। बुंदेली भाषा का पुट लिए यह उपन्यास हास्य-व्यंग्य शैली पर आधारित है। इस कहानी पर भोपाल में पिछले साल एक नाटक खेला जा चुका है। उपन्यास नोशन प्रेस ने प्रकाशित है। यह अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है।

उपन्यास पर फिल्म-साहित्य और पत्रकारिता के कई जाने-माने लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

‘जाने भी दो यारो’ जैसी फिल्मों के लेखक रंजीत कपूर लिखते हैं-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ राजनीतिक वंशवाद पर हास्यशैली का व्यंग्य/उपन्यास है।

‘कृष और काबिल’ जैसी फिल्में लिखने वाले संजय मासूम कहते हैं-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ राजनीति में 'ना-काबिल' नेताओं की मौजूदगी को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करता है। 

ख्यात कवि मदनमोहन समर ने लिखा-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ हास्य-व्यंग्य काव्यशैली की तर्ज पर रचा गया है।

मशहूर साहित्यकार प्रीता व्यास ने कहा- ‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ सरल भाषा में आमजीवन की सच्चाइयों को बयां करता बड़ा सजीव चित्रण है।

व्यंग्यकार अनुज खरे लिखते हैं- लोकतंत्र में कौन-किसे और कैसे ‘उल्लू’ बना रहा है, ‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ इसी की बानगी है।

फिल्म गीतकार और गजलकार विजय अकेला ने प्रतिक्रिया दी- ‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ द ग्रेट इंडियन पॉलिटिक्स का मिरर है।

फिल्मकार राजकुमार भान कहते हैं-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ पढ़ते वक्त हर किरदार-दृश्य आंखों के सामने सजीव हो उठते हैं।

अभिनेता राजीव वर्मा ने लिखा-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ राजनीतिक वंशवाद को फिल्म-शैली में प्रस्तुत करता है।

फिल्म लेखक और निर्देशक राज शांडिल्य कहते हैं-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ पढ़ते वक्त यूं महसूस हुआ मानों हम कोई फिल्म देख रहे हों।

पत्रकार अजीत वडनेरकर ने लिखा-हमारे सामाजिक परिवेश में घर कर चुके 'ठलुअई' के स्थायी भाव का बुंदेलखंडी संस्करण।

पत्रकार केके उपाध्याय कहते हैं-‘उल्लू का पट्‌‌ठा’ लोकतांत्रिक अ-व्यवस्थाओं पर करारा व्यंग्य है।



अमिताभ बताते हैं-‘दोनों ही उपन्यास को लेकर फिल्मकारों ने रुचि दिखाई है। अगर राइट्स बिकते हैं, तो यह पैसा भी कुपोषित बच्चों पर खर्च कर दिया जाएगा।’




   


आज जारी हो सकती है भाजपा की सूची, मध्यप्रदेश लोकसभा चुनाव में भोपाल संसदीय सीट पर टिकी सबकी निगाहें, भाजपा को बड़े चेहरे की तलाश

भोपाल. भोपाल संसदीय सीट से दिग्विजय सिंह के उतरने के बाद सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। भाजपा यहां से किसी हाई प्रोफाइल नेता को उतारने के मूड में है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम तेजी से सामने आया था,


लेकिन भैयाजी जोशी की चर्चा के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को भी भोपाल से उतारने पर विचार हो रहा है। हालांकि उमा 2019 में चुनाव लडऩे से इनकार कर चुकी हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बुधवार को हुई बैठक में उनके नाम पर मंथन हुआ। प्रदेश के पार्टी उम्मीदवारों की दूसरी सूची गुरुवार को जारी हो सकती है।

केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हुई इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन मंत्री सुहास भगत शामिल थे। इस दौरान राज्यसभा के किसी वरिष्ठ सदस्य को भी भोपाल से उतारने पर विचार किया गया।



बाद में शिवराज सिंह और सुहास भगत ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र ङ्क्षसह तोमर के बंगले पर पहुंचकर उनसे भी चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को होने वाली बैठक में भोपाल के साथ इंदौर, सागर और ग्वालियर सीट पर उम्मीदवारों के नामों को लेकर विचार किया।

ताई ने छिपाया चेहरा: इंदौर की एक चुनावी बैठक में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ जब कुछ शिक्षिकाओं ने सेल्फी लेने की कोशिश की तो उन्होंने हाथ से चेहरा छिपा लिया। फिर फोटो डिलीट करवा दिए।

इंदौर में मालिनी गौड़ का नाम आगे

इंदौर में 75 पार के फार्मूले के कारण सुमित्रा महाजन का नाम होल्ड होने पर विधायक मालिनी गौड़ का नाम आगे है। यहां से कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी था, लेकिन परिवारवाद के कारण पेंच फंस गया। कैलाश के पुत्र आकाश इंदौर से विधायक हैं।

बगावत रोकने शिवराज सिंह को दी जिम्मेदारी

शिवराज सिंह चौहान को बगावत रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। वे हर दिन प्रदेश कार्यालय में टिकट के दावेदारों और नाराज नेताओं को मनाएंगे।

इधर, दिग्विजय ने संघ-भाजपा पर साधा निशाना

‘संघ यदि हिंदूवादी संगठन है तो मेरे जैसे हिंदू से बैर क्यों’

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी बनने के बाद चुनावी मोड में आ गए हैं। बुधवार को उन्होंने पीसीसी में कार्यकर्ताओं की बैठक में संघ और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, मैं हिंदू हंू और आरएसएस भी खुद को हिंदूवादी संगठन कहता है तो मुझसे बैर क्यों रखता है। मैं इनकी नस-नस से वाकिफ हूं। ये हिंदू-मुस्लिम भी कर सकते हैं। न मैं इनसे डरता हंू और न धौंस में आता हंू। जहां कहें मैं वहां निपटने को तैयार हूं।

दिग्विजय ने कहा, भाजपा से उनके खिलाफ शिवराज सिंह उतरें या प्रज्ञा, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। दिग्विजय ने कार्यकर्ताओं से कहा, मुझे चुगलखोरी और चमचागिरी से नफरत है। मेरी जगह गांधी, नेहरू, इंदिरा, राजीव और राहुल गांधी के नारे लगाए जाएं। फूल-माला और ढोल ढमाके से स्वागत नहीं होना चाहिए। भोपाल से मैं नहीं, पार्टी चुनाव लड़ रही है।



   


टिकट बंटवारे के साथ ही नाराज होने लगे अपने...

 बिखराव की ओर भाजपा! टिकट बंटवारे के साथ ही नाराज होने लगे अपने...


भोपाल। देश में होने वाले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा में बगावत के सुर बुलंद होते दिख रहे हैं। जिसके चलते पार्टी में हडकंप मचा हुआ है।

इसी बगावत के चलते जहां एक ओर कुछ नेता किसी भी स्थिति में चुनाव में उतरने की बात दोहरा रहे हैं। वहीं कुछ पार्टी के निर्णयों को लेकर काफी नाराज दिख रहे हैं। यहीं नहीं कुछ पुराने भाजपा नेता को तो अब प्रियंका में इंदिरा तक नजर आने लगी है।

जानकारों की मानें तो मध्यप्रदेश में चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर वहीं हालात बनने शुरू हो गए हैं, जो विधानसभा के दौरान पैदा हुए थे। कई लोग इन्हीं वजहों को मध्यप्रदेश में भाजपा की हार का कारण तक मानते हैं।

ये है मामला...
दरअसल मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा में टिकट बंटवारे के साथ ही बगावत शुरू हो गई है। ऐसे में जहां कुछ जगह बगावत सामने आनी शुरु हो गई है, तो वहीं कुछ जगहों पर भितरघात का भी डर बना हुआ है।


मध्यप्रदेश की सूची में 5 मौजूदा सांसदों के नाम कटते ही जहां कुछ बगावत के रूप में सामने आ गए हैं। वहीं चर्चा है कि कुछ अभी चुपचाप रह कर ठीक चुनाव के समय भितरघात भी कर सकते हैं।

जानकारों के अनुसार ऐसा नहीं है कि केवल मध्यप्रदेश को लेकर ही भाजपा में मन मुटाव हो बल्कि यूपी में मुरली मनोहर जोशी से लेकर गुजरात में लालकृष्ण आडवाणी का तक टिकट काटे जाने से पार्टी में कई उनके समर्थक नाराज बताए जाते हैं।

 


वहीं समर्थक की नाराजगी से इतर कई नेता भी इसे लेकर अपना दर्द प्रदर्शित कर चुके है। जिनमें कुछ अपनी सीट में बदलाव को लेकर भी नाराज बताए जाते हैं।

मप्र में यहां से शुरू हुई बगावत... 
दरअसल भाजपा के टिकट बंटवारे में शहडोल से टिकट कटने से नाराज मौजूदा सांसद ज्ञानसिंह ने निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हिमाद्री सिंह को टिकट देने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। सांसद सिंह की इस बगावत से पार्टी में हड़कंप मच गया है। प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने उनसे फोन पर चर्चा की है।

ये लगाए आरोप... 
सांसद ज्ञानसिंह का आरोप है कि मन की बात कहने वाले नेता मन की बात सुनने को तैयार नहीं है। जब मैंने चुनाव लडऩे के लिए मना किया तो मुझे जबरदस्ती लड़ाया गया था। आज मैंने अंतिम बार चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की तो मेरा टिकट काट दिया गया।

उन्होंने कहा, मुझे तो ऐसा लग रहा है कि पार्टी आदिवासी नेताओं को यूज एण्ड थ्रो का काम करती है। देश एवं प्रदेश में भाजपा केवल चापलूस और पैसे वालों को महत्व देती है, ईमानदारी कोई मायने नहीं रखती।

उधर, ज्ञान सिंह को मनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी हिमाद्री सिंह उनके गांव छादा खुर्द पहुंचीं, लेकिन यहां से उन्हें मायूस लौटना पड़ा। हिमाद्री ने कहा कि ज्ञान सिंह उनके पिता तुल्य हैं। उनसे मुलाकात करने के लिए वे फिर आएंगी।

इधर, दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की अलग-अलग राय...
वहीं मध्यप्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की नेहरू-गांधी परिवार को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा, प्रियंका गांधी जहां भी प्रचार करने जाएंगी, वहां कांग्रेस को लाभ होगा।

मैं प्रियंका का प्रशंसक तो नहीं हूं, लेकिन जो बात अच्छी लगती है, वह कह देता हूं। प्रियंका का तरीका इंदिरा से मिलता-जुलता है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से कहा, राहुल गांधी दुनिया के सबसे ज्यादा झूठ बोलने वाले इंसान हैं। ये वही राहुल गांधी हैं, जिन्होंने कहा था कि 10 दिन में प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो सीएम बदल दिया जाएगा। इस हिसाब से दस पंद्रह सीएम बदल दिए जाने चाहिए।

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