EXCLUSIVE : मध्य प्रदेश में अगस्त के अंत तक प्रत्याशियों की पहली लिस्ट फाइनल करेगी कांग्रेस


मध्य प्रदेश में पार्टी की रणनीति से जुड़े एक शीर्ष केंद्रीय नेता ने मंथन न्यूज  को बताया कि अगस्त के अंत तक इन सीटों पर प्रत्याशियों का चयन फाइनल हो जाएगा, हालांकि इस सूची को बाद में बाकी सूचियों के साथ जारी किया जाएगा.


नई दिल्ली : इस साल के अंत में होने वाले  मध्य प्रदेश  विधानसभा  चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी अपने प्रत्याशियों की पहली सूची अगस्त के अंत तक फाइनल कर लेगी. पहली सूची में 50 के करीब वे सीटें होंगी, जिन पर कांग्रेस पिछले 15 साल से लगातार खराब प्रदर्शन कर रही है. पार्टी का मानना है कि इन सीटों का फैसला जल्दी करने से वहां प्रत्याशियों को चुनावी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा. 

'अगस्त के अंत तक इन सीटों पर प्रत्याशियों का चयन फाइनल हो जाएगा'
मध्य प्रदेश में पार्टी की रणनीति से जुड़े एक शीर्ष केंद्रीय नेता ने जी न्यूज डिजिटल को बताया कि अगस्त के अंत तक इन सीटों पर प्रत्याशियों का चयन फाइनल हो जाएगा, हालांकि इस सूची को बाद में बाकी सूचियों के साथ जारी किया जाएगा.

खराब प्रदर्शन वाली सीटों की सूची की जा रही है तैयार
इन सीटों का स्पष्ट ब्योरा देने से इनकार करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस ने जिन सीटों पर लगातार खराब प्रदर्शन किया है, उनकी सूची तैयार की जा रही है. पार्टी ने तय किया है कि इन सीटों पर पुराने नेताओं के बजाय पार्टी नए युवा चेहरे उतारे जो चुनाव को आक्रामक अंदाज में लड़ें

गौरतलब है कि न सिर्फ इन सीटों पर बल्कि बाकी सीटों पर भी युवाओं को मौका देने का मन बना रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस की बैठकों में कह चुके हैं कि जो लोग कई बार से चुनाव हार रहे हैं और पूर्व में मंत्री रह चुके हैं, वे अब युवाओं को मौका दें.


बसपा से गठबंधन लगभग तय हो चुका है- कांग्रेस नेता
बसपा से गठबंधन के सवाल पर वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह लगभग तय हो चुका है. इससे ज्यादा वे कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं. गौरतलब है कि कांग्रेस-बसपा गठबंधन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और मायावती के बीच दो राउंड की बातचीत हो चुकी है. बसपा चाह रही है कि कांग्रेस से गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर हो, जो विधानसभा और लोकसभा चुनाव दोनों में काम आए. गठबंधन को लेकर एक तरफ बसपा कड़ी सौदेबाजी कर रही है, तो दूसरी तरफ वह गठबंधन के लिए गंभीर भी है. बसपा प्रमुख मायावती ने जिस तरह राहुल गांधी के खिलाफ बयान देने पर बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह को पार्टी से निकाला है, इससे गठबंधन के प्रति मायावती की गंभीरता साफ दिखती है.