भोपाल. राज्य सरकार ने शनिवार को 7 आइएएस के तबादले कर दिए। दिल्ली से डेपुटेशन पर लौटे अनुराग जैन को वित्त विभाग का प्रमुख सचिव बनाया है। उन्हें एसीएस एपी श्रीवास्तव के अचानक अवकाश पर चले जाने के बाद यह जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्री की नाराजगी के कारण नवकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव को हटाकर पशुपालन विभाग का प्रमुख सचिव पदस्थ किया गया है। इस विभाग से जुड़े कई प्रोजेक्ट गति नहीं पकड़ पा रहे थे। मुख्यमंत्री ने कई बार नाराजगी व्यक्त की, लेकिन सुधार नहीं हुआ। आखिरकार श्रीवास्तव को हटाकर पावर मैनेजमेंट कंपनी के एमडी संजय शुक्ला को यहां की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। श्रीवास्तव से ऊर्जा विकास निगम एमडी की जिम्मेदारी भी वापस ले ली गई है।



किसे कहां भेजा
अनुराग जैन को पीएस वित्त विभाग में भेजा गया। अजीत केसरी को पीएस संसदीय कार्य अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में भेजा गया। मनु श्रीवास्तव को पीएस पशुपालन, राजीव दुबे को सचिव जेल और स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार संभाला गया। अनिल सुचारी को एमडी पाठ्यपुस्तक, आईरिन सिंथिया को संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र का भेजा गया।
शिवराज सिंह वर्मा को अपर आयुक्त आबकारी ग्वालियर का चार्ज दिया गया। संजय शुक्ला को पीएस नवकरणीय ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। श्रीमन शुक्ला को एमडी राज्य भंडार गृह निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
इससे पहले भी हो चुके है ट्रांसफर
आपको बता दें कि शहर में इससे पहले भी कई अधिकारियों का ट्रांसफर हो चुका है। पिछले कुछ महीनों में कई बार अधिकारियों के ट्रांसफर की खबर सुनने मिली है। हालही में 106 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था।
विधानसभा चुनाव के चलते हुआ ट्रांसफर
जानकारों के अनुसार यह ट्रांसफर आने वाले विधान सभा चुनाव के चलते किया गया है। ताकि प्रदेश की व्यवस्था सुचारू रूप से चतली रहे, जिसका फायदा सरकार को आने वाले चुनाव में मिल सके।
पहले भी हो चुके है अधिकारियों के ट्रांसफर
सरकार की यह कार्यवाही एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी मानी जा रहीे है। जानकारों का मानना है कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में सरकार अपनी योजनाओं की जानकारी घर घर पहुंचाना चाहती है इसके अलावा जहां कमियां हैं उन्हें भी जल्द से जल्द ठीक करना चाहती है, इन्हीं सब कारणों के चलते यह ट्रांसफर किए गए हैं।
तबादलों को माना जा रहा है खास
माना जा रहा है कि चुंकी चुनाव अब नजदीक आ चुके है ऐसे में सरकार कोई भी खतरा लेने के मूड में नहीं है। साथ ही वह अपनी योजनाओं व नागरिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कुछ बड़े अफसरों को इधर से उधर कर रही है। सरकार की यह एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी मानी जा रहीे है। जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले सरकार जहां कमियां हैं उन्हें भी जल्द से जल्द ठीक करना चाहती है, ताकि लोगों का इस पर विशेष प्रभाव पड़े और आने वाले चुनावों में भी इसका फायदा मिल सके। इन्हीं सब कारणों के चलते यह ट्रांसफर किए गए हैं।

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