Image resultपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा दो दिन में गुजरात, कर्नाटक और गोवा प्रदेश प्रभारियों को बदल देने पर मप्र कांग्रेस में वरिष्ठ नेता हैरान हैं। दिग्विजय सिंह को लेकर प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गर्मा गई है। हालांकि अधिकांश नेता एआईसीसी के फैसलों पर टिप्पणी करने बच रहे हैं। कांग्रेस दिग्गज हाईकमान के इस बदलाव पर मीडिया से दूरी बनाने लगे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, सांसद व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया जैसे दिग्गज ने 'नो कमेंट" कर चुप्पी साध ली है। वहीं दिग्विजय ने ट्वीट में कहा कि मैं खुश हूं कि 'अंतत: राहुलजी नई टीम बना रहे हैं।"
उधर, राज्यसभा सदस्य सत्यव्रत चतुर्वेदी के सिंधिया को सीएम प्रोजेक्ट करने और दिग्विजय सिंह कोतमिलनाडु भेजने के बयान पर दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने चतुर्वेदी (लोकसभा और विधानसभा सदस्य रहे चुके हैं) को लेकर कहा है कि वे पार्षद का चुनाव जीतकर बता दें, फिर दिग्विजय सिंह पर बयान दें। वहीं, दिग्विजय सरकार में मंत्री रहे महेश जोशी ने 13 साल बाद उनके दूसरे मुख्यमंत्रित्वकाल की खामियों पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि तब सिंह का व्यवहार और उनकी खराब नीतियों के कारण कांग्रेस हारी थी। 
बिना संकोच फैसले ले हाईकमान
पूर्व सांसद सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि हाईकमान जल्दी-जल्दी फैसले कर रहा है, बहुत अच्छा है। जिनकी उपयोगिता नहीं हैं, उन्हें बिना संकोच हटाया जाए। विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि दिग्विजय ने हाईकमान से आग्रह किया था, इसलिए कर्नाटक-गोवा में दूसरे प्रभारी भेजे हैं। लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट में कहा कि सत्यव्रत चतुर्वेदी जैसे नेताओं के कारण कांग्रेस हारती है तो चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी छोड़कर बीजेपी जाने वाले लक्ष्मण सिंह पहले अपनी गिरेबां में झांककर देखें। 

इधर, भाजपा ने ली चुटकी...
दिग्विजय को हटाने का सस्पेंस वैसा है जैसे कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा 
दिग्विजय सिंह को लेकर टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस के साथ भाजपा नेता भी पीछे नहीं हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने सिंह से गोवा और कर्नाटक के प्रभारी की जिम्मेदारी छिनने के बादट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी ने अपने गुरु दिग्विजय के पर क्यों कतरे, यह सस्पेंस उसी तरह है जैसे कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?
वहीं, भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल के मुताबिक दिग्विजय सिंह को प्रभार से हटाना और उन पर सत्यव्रत चतुर्वेदी की टिप्पणी और चतुर्वेदी पर लक्ष्मण सिंह का पलटवार ये उजागर करता है कि कांग्रेस नेताओं में भीषण अलगाव है। इससे आने वाले दिनों में प्रदेश में राजनीतिक मनोरंजन दिखेगा। प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक गंभीरता समाप्त हो चुकी है।

pf 2017430 23170 30 04 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अब क्लेम एवं एडवांस के मामले ऑनलाइन स्वीकार करने की तैयारी कर रहा है। सरकार इस संबंध में जल्दी ही औपचारिक एलान करेगी। ऐसे कर्मचारी जिनके पीएफ एकाउंट 'आधार" से लिंक हो चुके हैं उन्हें अब घर बैठे ही अपनी राशि मिल जाएगी।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पीएफ एकाउंट से कर्मचारी को अपना पैसा निकालना और भी आसान हो जाएगा। ईपीएफओ प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह सुविधा शुरू कर रहा है।
ऑनलाइन क्लेम, तैयारी 
विभाग में अभी पीएफ एकाउंट को ट्रांसफर कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। लेकिन अब बच्चों की उच्च शिक्षा, मकान बनवाने-खरीदने, बीमारी एवं शादी आदि के लिए अपने खाते से राशि निकालने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। सरकार इस संबंध में जल्दी ही घोषणा करने की योजना बना रही है।
नहीं लगाने होंगे चक्कर
ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के बाद कर्मचारी को न तो कोई आवेदन फार्म भरना पड़ेगा और न ही ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। घर बैठे अथवा किसी इंटरनेट कैफे-कियोस्क सेंटर से जैसे ही ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद वह विभाग के संबंधित क्लर्क के कम्प्यूटर पर डिस्पले होने लगेगा।
ब्योरे में गलती न हो...
इस व्यवस्था में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि कर्मचारी का नाम, पिता का नाम, जन्म दिनांक, यूएएन नंबर, आधार एवं बैंक एकाउंट का ब्योरा पूरी तरह दुरुस्त हो। किसी भी प्रकार की 'डॉटा इरर" न होने पर ऑनलाइन क्लेम खाते में जमा हो जाएगा।

मध्य प्रदेश : भोपाल में मंत्री ने अस्पताल के बाहर लगाई चौपाल
पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाएं किसी से छुपी नहीं है, राज्य के राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने हालात से वाकिफ होने के लिए सोमवार को खुद राजधानी के काटजू अस्पताल के बाहर चौपाल लगाई और मरीजों की समस्याएं सुनीं. राज्य में संभवत: यह पहला मौका होगा, जब किसी मंत्री ने सरकारी अस्पतालों के हालात जानने के लिए चौपाल लगाई हो.

गुप्ता ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "उनके विधानसभा क्षेत्र में काटजू और जेपी अस्पताल आते हैं. इन अस्पतालों की स्थिति को जानना मेरे लिए जरूरी है. जब विधायक था तब दोनों अस्पताल नियमित रूप से जाता था. अब हर सोमवार को दोनों अस्पताल के बाहर आधा-आधा घंटे बैठूंगा."

उन्होंने कहा, "अस्पताल में मरीजों को दवाइयां पर्याप्त मिल रही हैं. कोई समस्या है तो उन्हें यहां आने से पता चलेगी और उन्हें दुरुस्त किया जाएगा." मंत्री ने कहा कि वह अस्पताल के बाहर इसलिए बैठे हैं, ताकि किसी तरह का व्यवधान न हो.

अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने अपनी समस्याएं मंत्री को बताईं. इस पर मंत्री ने कई डॉक्टरों से पूछताछ भी की. मंत्री का मानना है कि उनके नियमित आने से व्यवस्थाओं में सुधार होगा.

दिव्यांगों को योगी सरकार का तोहफा, एक लाख तक का कर्ज होगा माफपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ बलिया - उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार दिव्यांगों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करेगी. साथ ही पिछड़े वर्ग तथा दलित वर्ग में अति पिछड़ा एवं अति दलित की नई श्रेणी बनाने की कवायद की जा रही है.

राजभर ने बातचीत में दिव्यांगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्घता को दोहराते हुए कहा कि किसानों की तरह दिव्यांगों का भी एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दिव्यांगों के हित में कदम उठाते हुए सरकार ऐसे इच्छुक लोगों को एक लाख रुपये तक का कर्ज दिलाएगी.

राजभर ने कहा कि योगी सरकार दलित तथा पिछड़े वर्ग की उपेक्षित जातियों को न्याय दिलाने के लिये विशेष पहल करने जा रही है. पिछड़ा वर्ग में अति पिछड़ा वर्ग के नाम से एक नई श्रेणी बनायी जाएगी तथा अति पिछड़ा वर्ग को पिछड़े वर्ग के 27 फीसदी आरक्षण में से 18 फीसदी आरक्षण की सुविधा दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि इसी तरह दलित वर्ग में भी अति दलित वर्ग की नई श्रेणी बनेगी तथा अति दलित वर्ग को साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण में 15 फीसद आरक्षण का प्रबंध किया जाएगा. सरकार ये दोनों श्रेणियां बनाने की तैयारी कर रही है.

राजभर ने बताया कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिल रही सुविधा की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के सभी छात्र-छात्राओ को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की कवायद कर रही है.

मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा

FATCA : आपका भी बैंक खाता बंद हो सकता है? हां, यदि इन शर्तों को पूरा नहीं किया है...- 10 बातेंपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली - क्या आपने 30 अप्रैल 2017 तक बैंकों में  स्वयं-प्रमाणपत्र (self-certification) जमा करवा दिया है? यदि हां तो अच्छी बात है और यदि नहीं तो आपको बता दें कि जिन खाताधारकों के बैंक खाते 1 जुलाई 2014 से लेकर 31 अगस्त 2015 के बीच खुले हैं, और FATCA (Foreign Account Tax Compliance Act) के नियमों से सामंजस्य नहीं रखते हैं तो आपका खाता बंद हो सकता है. इस निश्चित समय सीमा से इतर पर यह नियम अभी तक की खबर के मुताबिक लागू नहीं है.

जानें इस बाबत कुछ और खास बातें :
  • इनकम टैक्स विभाग की ओर से एफएटीसीए के तहत सेल्फ सर्टिफिकेशन की तारीख 30 अप्रैल रखी गई थी जोकि बीत चुकी है. 
  • 30 अप्रैल तक अपना केवाईसी डीटेल्स और आधार नंबर बैंक या संबंधित वित्तीय संस्थानों को नहीं दिए तो खाते बंद करने का निर्देश जारी किया जा चुका था.
  • सीबीडीटी ने कुछ समय पहले एक बयान के जरिए कहा था कि यदि आपने इस शर्त को पूरा नहीं किया है तो आप अपने खाते से किसी प्रकार का ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे. 
  • FATCA यानी फॉरेन अकाउंट्स टैक्स कंप्लायंस एक्ट के तहत भारत और यूएस के बीच वित्तीय सूचनाओं का स्वत आदान-प्रदान सुनिश्चित होता है.
  • इसके तहत खाताधारक जिस देश की नागरिकता है, जिस देश में जन्म लिया है और टैक्स रेजिडेंस किस देश में है जैसी सूचनाएं मुहैया करवाते हैं. 
  • पिछले महीने की एक स्टेटमेंट के मुताबिक वित्तीय संस्थानों से कहा गया है कि वे निश्चित अवधि (जुलाई 2014 से अगस्त 2015) में खुले खातों के लिए स्व-प्रमाणित (सेल्फ सर्टिफाइड) दस्तावेज जमा करवाएं.
  • हालांकि खाता यदि स्व-प्रमाणित (सेल्फ सर्टिफाइड) न होने के चलते बंद कर दिया गया है तो एक बार यह जानकारी मुहैया करवा देंगे तो खाता फिर से सभी प्रकार के संबंधित और लागू होने वाले ट्रांजैक्शन्स के लिए चालू कर दिया जाएगा. 
  • बता दें कि यह केवल बैंक खाताधारकों के लिए ही नहीं है बल्कि म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय संस्थानों को भी इस प्रकार का निर्देश कस्टमर के संबंध में दिया गया है. 
  • एफएटीसीए का मकसद किसी व्यक्ति विशेष का विदेश में बनाई गई संपत्ति पर नजर रखना है कि वह इस पर टैक्स चुका रहा है या नहीं.
  • FATCA के तहत सभी बैंकों और फाइनैंशल इंस्टीट्यूशन्स को यह साफ कह दिया है कि वे प्रावधान के तहत न आने वालों की सूचना प्रेषित करें. (एजेंसियों से भी इनपुट)

पाकिस्तान ने दो भारतीय जवानों के शव क्षत-विक्षत किए, भारतीय सेना ने कहा- माकूल जवाब देंगेपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आज पाकिस्तान ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया और फायरिंग की आड़ में भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग टीम के दो जवानों की हत्या कर उनके शवों के साथ बर्बरता की. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना की घृणित कार्रवाई बताया है. भारतीय सेना ने कहा कि इसका माकूल जवाब देंगे. इसमें बीएसएफ के हेड कांस्टेबल और सेना का एक JOC शहीद हो गया है. उधर, जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर राजनाथ सिंह ने दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग बुलाई.  पिछले काफी समय से पाकिस्तान लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है.

भारतीय सेना ने बयान जारी किया
कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाक सेना ने बिना उकसावे के रॉकेट और मोर्टार फ़ायरिंग शुरू कर दी. तत्काल बॉर्डर एक्शन टीम दो चौकियों के बीच गश्त पर निकल पड़ी. पाक सेना द्वारा गश्त पर निकले हमारे दो सैनिकों के शव क्षत-विक्षत कर दिए गए. पाक सेना की ऐसी घृणित कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा.
उत्तरी कमान, भारतीय सेना

पाकिस्तानी सेना प्रमुख का विवादित बयान
उल्लेखनीय है कि कश्मीर पर पाकिस्तान सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने फिर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कश्मीरियों की सियासी लड़ाई में मदद जारी रखेंगे. पाक सेना प्रमुख ने लाइन ऑफ कंट्रोल के दौरे के वक्त ये बात कही. इस दौरान उन्होंने भारत पर सीज़फ़ायर तोड़ने का आरोप लगाया और अपने सैनिकों को हर हालत का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा. पाकिस्तान खुले तौर पर कश्मीर में आतंकियों को हथियार, फंड और घुसपैठ में मदद करता आया है, लेकिन समय समय पर ऐसे बयान देता रहता है.

हाफिज सईद की नजरबंदी 90 दिन बढ़ी
वहीं मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफ़िज़ सईद की नज़रबंदी को 90 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है. पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव की वजह से हाफ़िज़ सईद को नज़रबंद किया था. 
उसकी नज़रबंदी रविवार रात ख़त्म होने वाली थी लेकिन उसके पहले ही नज़रबंदी की समय सीमा बढ़ा दी गई. 30 जनवरी से हाफ़िज़ सईद को लाहौर में नज़रबंद किया गया है. मीडिया के मुताबिक- ट्रंप सरकार के दबाव की वजह से हाफ़िज़ को नज़रबंद किया गया था.

उत्तर कोरिया की चेतावनी- किसी भी जगह, किसी भी समय हो सकता है परमाणु परीक्षणपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -उत्तर कोरिया ने आज चेताया कि वह अपने नेतृत्व की चुनी हुई ‘किसी भी जगह और किसी भी समय’’ परमाणु परीक्षण कर सकता है. लंबे समय से कयासों का सिलसिला जारी है कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी के किसी मिसाइल परीक्षण या सातवें परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है. उधर-अमेरिका इसके जवाब में किसी सैन्य हमले की आशंका को खारिज करने से इनकार कर रहा है. इन सब से कोरियाई प्रायद्वीप में कई हफ्ते से तनाव शबाब पर है.

उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश अमेरिका की तरफ से उठाए जाने वाले किसी भी कदम का जवाब देने के लिए ‘‘पूरी तरह तैयार है.’’ उत्तर कोरिया की सरकारी संवाद समिति केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार प्रवक्ता ने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी वैमनस्यपूर्ण नीतियां खत्म नहीं करता, उनकी सरकार अपनी परमाणु प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाती रहेगी. उत्तर कोरिया ने पिछले 11 साल में पांच परमाणु परीक्षण किए हैं और माना जाता है कि वह अमेरिका तक परमाणु हथियारों को पहुंचाने की क्षमता वाली मिसाइल बनाने की दिशा में प्रगति कर रहा है.

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