केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश किया गया अंतरिम बजट जनहितैषी एवं लोकोपकारी है,इस गाँव गरीब मजदूर किसान तथा आम आदमी के हित की चिंता की गई है ।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्येय सबके साथ सबका विकास का बजट है।
सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस बजट ने किसानों,मजदूरों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों को पूरा किया है,पाँच लाख रुपये तक की सालाना आय को पूरी तरह से कर मुक्त करके प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के मध्यम वर्ग को एक बड़ी राहत दी है,मोदी सरकार द्वारा मध्यम वर्ग के हित मे किये जा रहे विभिन्न अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष प्रयासों की कड़ी में यह एक बड़ा निर्णय है।
सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के लिये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 6000 रुपये वार्षिक, गायों के संरक्षण के लिये"राष्ट्रीय कामधेनु योजना",मनरेगा के लिये 60हजार करोड़ की राशि,पशुपालन के लिये किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज का प्रावधान,प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पेंशन एवं बीमा का प्रावधान इत्यादि इस बजट को गरीब हितैषी बनाते हैं ।
सुरेंद्र शर्मा ने कहा देश की सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने के लिये देश का रक्षा बजट बढ़ा कर तीन लाख करोड़ किया गया है,सैनिकों के लिये orop के लिये 35हज़ार करोड़ अभी तक खर्च किये जा चुके हैं।
मार्च 2019 तक सभी घरों में बिजली पहुंचने से हर घर रोशन हो सकेगा ।।
सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट भारत के विकास के लिये क्रांतिकारी साबित होगा,यह बजट जवानों की शान और किसानों की मुस्कान बढ़ाने वाला साबित होगा।।
प्रकाशन हेतु सादर
सुरेंद्र शर्मा
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
भारतीय जनता पार्टी(म.प्र.)
Mo.9074600001



   


सरकार का बड़ा फैसला: 31 मार्च से पहले कर लें ये जरूरी काम, नहीं तो बंद हो जाएगा आपका PAN CARD

भोपाल। पैन कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। अब तक पैन कार्ड का उपयोग ज्यादातर बड़े लेनदेन जैसे की 50000 के ऊपर, इनकम टैक्स रिटर्न भरने में, व्यापारिक गतिविधियों, उद्योगों आदि में टैक्स भरने के लिए होता था लेकिन जब से नोटबंदी हुई है भारत सरकार की सलाह पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (केंद्रीय बैंक) ने इसे सभी खाता धारकों के लिए जरुरी किया जा चुका है। वहीं मध्य प्रदेश आयकर विभाग ने जब से पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की अनिवार्यता की है तब से बड़ी संख्या में विभाग में भीड़ जमा होने लगी है। आयकर विभाग की आधार कार्ड से पैन कार्ड को लिंक करने की मुहिम से डुप्लीकेट पैन कार्ड बंद हो जाएंगे। विभाग ने 31 मार्च तक समय दिया है।




मध्य प्रदेश में हैं डेढ़ करोड़ से अधिक पैन कार्डधारी

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में डेढ़ करोड़ से अधिक पैन कार्डधारी हैं। जबकि आयकर विवरण भरने वालों की संख्या करीब 38 लाख ही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पैन कार्ड को आधार से लिंक करते ही जो लोग दो-दो पैन कार्ड उपयोग कर रहे हैं, वे चिन्हित हो जाएंगे। डुप्लीकेट पैन तुरंत ही बंद हो जाएंगे।



इसलिए कराना होगा ये काम

जानकारी के लिए आपको बतचा दें कि केंद्र सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अब बैंक अकाउंट, पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करवाना जरूरी कर दिया है। अगर आप 31 मार्च से पहले ये काम नहीं कराते है तो आपका पैन कार्ड अमान्य घोषित कर दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर जिन लोगों ने पहले ही अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड आपस में लिंक कर लिया है तो उन्हें बिलकुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है।

घर बैठे कराएं लिंक

- अगर आपको भी पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराना है तो आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
- अब 'Link Aadhaar' के विकल्प पर क्लिक करें।
- अब सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करें।
- अब आधार कार्ड लिंक का विकल्प चुनें।
- यहां पर आधार कार्ड की जानकारी और कैप्चा कोड ठीक से भरें। 
- इसके बाद नीचे लिंक आधार के विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां पर आप आसानी से अपने पैन को आधार से लिंक करा सकते हैं।



   


बजट 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार महिलाओं पर मेहरबान, टैक्स छूट दोगुना कर दिए महिलाओं को दिए कई तोहफे...

भोपाल. लोकसभा चुनाव से पहले केन्द्र सरकार ने अंतरिम बजट पेश कर दिया है। राजधानी में उद्योग-व्यापार एवं आर्थिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को जो जरूरते थी मोदी सरकार ने उसे पूरा करने का प्रयास किया है। अंतरिम बजट में सरकार ने महिलाओं के ट्रैक्स पर ध्यान में रखते हुए कहा, अब महिलाओं को 40000 तक की सेविंग इंटरेस्ट पर टैक्स नहीं लगेगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 से बढ़कर 50000 कर दिया गया है। वहीं अब एक मकान बेच कर दो मकान खरीद सकते हैं पहले एक ही मकान खरीदने के नियम थे।


टैक्स छूट दोगुना कर दिए महिलाओं को दिए कई तोहफे...

मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में महिलाओं का खास ख्याल रखा है, सरकारी-गैर सरकारी संस्थाओं में काम करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है। साथ ही उज्जवला योजना के तहत पिछले साल 6 करोड़ गैस कनेक्शन मुफ्त बांटे गये थे, जिसे इस साल आठ करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ 75 फीसदी महिलाओं को मिला।

सबका साथ, सबका विकास के वादे पर किया काम

कुल मिलाकर सरकार ने अंतरिम बजट में निचले तबके को साधने की कोशिश की है क्योंकि छोटे कर्मचारियों, ग्रामीणों, महिलाओं और खासकर किसानों को रिझाया और आखिरी वक्त में पांच लाख तक की आय पर टैक्स माफ कर सबका साथ, सबका विकास के नारे से सबको खुश करने का पूरा प्रयास किया है।



   


किसानों के लिये घोषित राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान : कमलनाथ

भोपाल. लोकसभा चुनाव 2019 से पहले केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम बजट 2019 को पेश कर दिया। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार ने इस बजट में किसानों और करदाताओं को राहत देकर मास्टरट्रोक तो चल दिया है लेकिन आम जनता को इस बजल से खास लाभ मिलने वाला नहीं है।


ऊंट के मुंह में जीरा के समान बजट - मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, आज पेश आम बजट पूरी तरह से चुनावी बजट होकर जुमला व छलावा साबित होगा। मोदी सरकार के इस आख़री बजट से भी अच्छे दिन की उम्मीद ख़त्म हो गयी। कार्यकाल के अंतिम समय में किसान, गरीब, मज़दूर, गौमाता की याद आयी। किसानो के लिये घोषित राशि ऊँट के मुँह में ज़ीरा के समान है।

क्या हैं अंतरिम बजट ...

संविधान के मुताबिक, केन्द्र सरकार पूरे एक साल के अलावा आंशिक समय के लिए भी यह लेखा-जोखा संसद में पेश कर सकती है। यदि सरकार अपने राजस्व और खर्च का यह लेखा-जोखा कुछ माह के लिए पेश करे, तो उसे अंतरिम बजट अथवा वोट ऑन अकाउंट की संज्ञा दी जाती है। अंतरिम बजट को लेखाअनुदान मांग और मिनी बजट भी कहते हैं।



नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार ने अपना लास्ट बजट पेश कर दिया। इस बजट में सरकार ने इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं दिया है लेकिन प्रस्तावित किया गया है कि नई सरकार बनी तो 5 लाख रुपए तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया जाएगा। बता दें कि 2014 में सरकार बनने से पहले भाजपा ने यह घोषणा की थी कि यदि उनकी सरकार बनी तो 5 लाख तक की आय के आयकर से मुक्त किया जाएगा। इस बार यह वादा सदन के भीतर किया गया है। 

ऐजेंसियों ने खबर रिलीज की है कि मोदी सरकार ने अपने आखिरी बजट में सैलरीड क्लास, पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों और छोटे व्यापारियों को बड़ा तोहफा दिया है। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट में टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर दी। इसके साथ ही अब 2.5 लाख रुपये की जगह 5 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। गोयल ने कहा कि इस टैक्स छूट का लाभ 3 करोड़ मध्यवर्गीय करदाताओं को मिलेगा। 

इसके साथ ही, पिछले बजट में लाए गए स्टैंटर्ड डिडक्शन की सीमा भी 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। इतना ही नहीं, बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट डिपॉजिट पर 10 हजार की जगह अब 40 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री हो गया है। 

बजट को लेकर इससे पहले उस समय भ्रम की स्थिति बन गई थी जब वाणिज्य मंत्रालय ने मीडिया को भेजे एक व्हॉट्सएप संदेश में, "2019-20 के बजट को अंतरिम बजट न बताकर इसे 2019-20 के आम बजट के तौर पर बताया।’’ हालांकि, गोयल ने अपने भाषण में अंतरिम बजट शब्द का इस्तेमाल किया। यानी आम बजट आना शेष है जो नई सरकार पेश करेगी। 

देशभक्ति हमारे रग-रग में है, हमें किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं : कमलनाथ





   


देशभक्ति हमारे रग-रग में है, हमें किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं : कमलनाथ

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे विवाद के बाद शुक्रवार को फरवरी माह के पहली तारीख को वंदे मातरम् शुरू किया गया। इस मौके पर कांग्रेस के मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगण भी शामिल हुए। लेकिन वंदे मातरम् में बीजेपी के लोग नहीं शामिल थे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, हमने वन्देमातरम गायन को एक नये स्वरूप में प्रारंभ किया है।


उन्होंने कहा, जब हमने वन्देमातरम् गान को नये स्वरूप में लागू करने की घोषणा की तो भाजपा हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने लग गयी। वो भाजपा जिसके एक भी सदस्य ने आज तक आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया वो हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने चली। देशभक्ति हमारे रग-रग में है। इसके लियें हमें किसी से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।



वंदे मातरम में भाजपा का कोई भी नेता शामिल नहीं हुआ। इसको लेकर मंत्रियों ने कहा कि देशभक्ति की बात करने वाली भाजपा के नेताओं को वंदे मातरम में शामिल होना चाहिए था। इसमें आमजन को जोड़ा गया है। ऐसे में भाजपा की वंदे मातरम से दूरी बनाना समझ से परे है।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नए साल की पहली तारीख को 13 साल से चली आ रही वन्दे मातरम् गायन की परंपरा को बंद कर दिया था। जिसको लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काफी विवाद किया था। बाद में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वंदे मातरम् को नए स्वरूप में लाने की बात कही, जो 1 फरवरी से शुरू किया गया।

पीयूष गोयल ने बजट भाषण में कहा कि सरकार इसके लिए भी प्रतिबद्ध है कि इसका नुकसान पहले से चले आ रहे आरक्षण का लाभ लेने वालों पर न पड़े.

Budget 2019: 10% सवर्ण आरक्षण के बदले सरकार ने SC/ST और OBC को क्या दिया ?


मोदी सरकार ने 2019 लोकसभा चुनावों से पहले अपना आखिरी बजट लोकसभा  में पेश कर दिया है. अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट भाषण में कहा कि सवर्ण यानी सामान्य जाति के गरीबों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में10%आरक्षण का प्रावधान   किया गया है. हालांकि सरकार इसके लिए भी प्रतिबद्ध है कि इसका नुकसान पहले से चले आ रहे आरक्षण का लाभ लेने वालों पर न पड़े. इसे नज़र में रखते हुए उच्च शिक्षा से जुड़े सभी शिक्षक संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम, सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी और नीट में जल्दी ही 2 लाख अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराई जाएंगी.
किसानों के लिए-वित्तमंत्री ने बताया कि छोटे और सीमान्त किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि शुरू की जा रही है. इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक की ज़मीन वाले किसानों 6000 रुपए सालाना की मदद मिलेगी. ये साल में तीन बार 2000 की किस्तों में दी जाएगी. इससे 12 करोड़ से किसानों को होगा फायदा और इसे 1 दिसंबर 2018 से लागू कर दिया जाएगा. जल्दी ही पहली क़िस्त किसानों के अकाउंट में आ जाएगी. इससे सरकारी खजाने पर 75 हज़ार करोड़ रुपये का खर्च आएगा.
महिलाओं के लिए-
वित्तमंत्री ने दावा किया कि हमने महिलाओं को क्लीन फ्यूल उपलब्ध कराया जिससे उनकी सेहत ठीक रहे. उज्ज्वला योजना के तहत 6 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं ये अगले साल तक 8 करोड़ हो जाएंगे। पीयूष ने दवा किया कि मुद्रा योजन के तहत 70% महिलाओं को लोन मिला है. इसके आलावा मेटरनिटी लीव बढ़ाकर और प्रेग्नेंट महिलाओं की आर्थिक मदद की योजना से महिलाओं को फायदा हुआ है.बजट में भले ही सीधे महिलाओं के लिए किसी तरह का एलान नहीं किया गया हो लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 3000 की पेंशन वाली योजना से महिलाओं को भी सीधा फायदा होगा। बता दें कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मनधन योजना के तहत 60 साल की उम्र पार कर चुके मजदूरों को प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से हर महीने 3000 रुपये पेंशन के तौर पर देगी सरकार.
महंगाई कम हुई-
पीयूष ने कहा कि यूपीए-2 में 10.9% थी महंगाई लेकिन मोदी सरकार ने इसे 4.6% पर ला दिया है. दिसंबर 2018 में ये घटकर 2.16% पर आ गई है. अगर ये नहीं हुआ होता तो देश का हर परिवार 40% ज़्यादा खर्च करने के लिए मजबूर होता। पीयूष ने कहा कि हमने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखा है, हमने दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संबंधित योजना आयुष्मान भारत लॉन्च की. इसके तहत 50 करोड़ लोगों के इलाज की व्यवस्था की. हमने सभी गांव तक बिजली पहुंचाई. मार्च 2019 तक सभी इच्छुक लोगों तक बिजली पहुंचाई जाएगी

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