योगी आदित्यनाथ ने दी बीजेपी की जीत के 'इंजीनियरों' को दावत, कहा - बड़ी जीत ही नहीं, ज़िम्मेदारी भी बड़ी मिली हैपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ - इसी सप्ताह मंगलवार को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ के कालिदास मार्ग पर बने शानदार बंगले में शिफ्ट हुए थे, और अगले ही दिन उन्होंने अपनी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उन नेताओं के लिए 'धन्यवाद दावत' आयोजित की, जिन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान दिन-रात एक कर पार्टी की अभूतपूर्व जीत के लिए पार्टी वॉर रूम और ज़मीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया...

बीजेपी नेताओं के साथ भोजन करते वक्त योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मैं उन लोगों से मिलना चाहता था, जिनकी मेहनत के बल पर पार्टी को इतनी शानदार जीत हासिल हुई..." इस दावत में शिरकत करने वाले मेहमानों में उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा दिनेश शर्मा भी शामिल थे...

संसद के निचले सदन लोकसभा में लगभग दो दशक तक पूर्वी उत्तर प्रदेश की गोरखपुर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे 44-वर्षीय मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें यूपी के मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी दिए जाने के बारे में शपथ ग्रहण से सिर्फ एक दिन पहले ही बताया गया था... यूपी योग महोत्सव के दौरान उन्होंने कहा, "(बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष) अमित शाह ने मुझे बताया था कि कल (19 मार्च) शपथ ग्रहण समारोह है..." योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने सिर्फ दो भगवा चोगे साथ लेकर गोरखपुर छोड़ा था...

एक ही दिन पहले 5, कालिदास मार्ग स्थित आधिकारिक आवास में शिफ्ट करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के नेताओं को एक संदेश भी दिया, और कहा कि बड़ी जीत के साथ बड़ी-बड़ी ज़िम्मेदारियां भी आ गई हैं... उन्होंने ऐलान किया, "अब हमें सूबे से कालाबाज़ारी, बेईमानी तथा भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकना होगा..."

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में प्राथमिक शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के प्रति भी वचनबद्धता जताई... योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूल बैग तथा वर्दी के अलावा छोटे-छोटे बच्चों को जूते भी राज्य सरकार की ओर से ही मिलने चाहिए...

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आजम खान की फोटोज को डस्टबिन में फेंक दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आजम खान की फोटोज को डस्टबिन में फेंक दिया गया है। ऐसा नजारा यूपी के सरकारी दफ्तरों के डस्टबिन्स का है। जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर के डस्टबिन में भी अखिलेश का एक कलेंडर पड़ा दिखा जिसमें उनकी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र था। उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के मंत्रियों की तरफ से सख्त हिदायत है कि अखिलेश यादव की सरकार से जुड़ा कुछ भी सामान मंत्रालयों और सरकारी दफ्तरों में ना दिखे। इसलिए सभी मंत्रालयों और सराकरी दफ्तरों से अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और सपा सरकार से जुड़ी सभी चीजों को हटाया जा रहा है। ऐसा ना करने पर सख्त एक्शन लेने की बात भी कही गई है।
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, आगरा में मनाए गए ताज महोत्सव के दौरान एक डाक्यूमेंट्री चली थी जिसमें पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर थी। उसपर जिला मजिस्ट्रेट गौरव दयाल ने टूरिज्म के डिप्टी डायरेक्टर दिनेश कुमार को चेतावनी दे दी थी। उस डाक्यूमेंट्री को भी तब ही बंद करवा दिया गया था और आगे से ऐसी गलती ना दोहराने की हिदायत भी दी गई थी।
इसके अलावा योगी आदित्य नाथ ने चार करोड़ राशन कार्ड्स को फिर से बनाने का ऑर्डर दिया है जिनके पहले पन्ने पर अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई है। इसके अलावा मुस्लिम वक्फ बोर्ड और हज मंत्रालय के मंत्री मोहसीन रजा का भी एक वीडियो सामने आया था। जिसमें वह अपने दफ्तर में सपा नेता आजम खान की फोटो देखकर भड़क गए थे।
2017 में पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए। इसमें पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, उत्तर प्रदेश और मणिपुर में वोटिंग हुई। पंजाब में भाजपा हार गई। लेकिन गोवा, उत्तरांखड, मणिपुर और उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब हो गई। गोवा और मणिपुर में गठबंधन करके सरकार बनाई गई वहीं यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला था। यूपी में भाजपा ने 312 सीटें जीती थीं। वहीं गठबंधन के साथ उसके खाते में 325 सीटें आईं। यूपी में जीत के बाद भाजपा की तरफ से गोरखपुर से सांसद योगी आदित्य नाथ को सीएम बनाया गया।


supremecourt 2017329 232410 29 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय कर दी है। इस कारण कर्मचारियों ने 2017 में फैसले की उम्मीद छोड़ दी है। बुधवार को प्रकरण की विशेष सुनवाई के दौरान बेंच ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। अब इसे त्रिपुरा-बिहार के पदोन्नति मामले की सुनवाई कर रही बेंच सुनेगी।
सरकार के वकीलों ने बुधवार को कोर्ट से सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने का विशेष अनुरोध किया था। सपाक्स के वकीलों ने इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद बेंच ने खुद को मामले से अलग करते हुए कहा कि चूंकि बेंच में शामिल एक न्यायाधीश ऐसे ही एक अन्य प्रकरण में फैसला सुना चुके हैं, इसलिए बेंच इस मामले को ट्रांसफर कर रही है। ताकि पूर्वाग्रह से निर्णय लेने के आरोप न लगें।
सपाक्स ने सरकार पर साधा निशाना 
अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी संगठन सपाक्स ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। संगठन ने कहा है कि सरकार इस मामले में निर्णय नहीं होने दे रही है। सपाक्स के प्रवक्ता शोएब खान का कहना है कि सरकार हर बार सुनवाई आगे बढ़वाने की कोशिश करती है। जिससे सुनवाई बाधित हो रही है।
खान ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की जरा भी परवाह नहीं है। दोनों विरोधी धड़ों ने सरकार के सामने सशर्त पदोन्नति की मांग रख दी है, लेकिन वह भी नहीं सुनी जा रही है।
खान ने आशंका जताई है कि मामले का फैसला आने तक एक लाख से ज्यादा कर्मचारी बगैर पदोन्नति रिटायर हो जाएंगे। वे कहते हैं कि ये सरकार की कूटनीतिक चाल है। इससे जहां वोट बैंक सुरक्षित है, वहीं पदोन्नति के बाद कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन देने पर आने वाले खर्च से भी बचत हो रही है।
फैसले में देरी करने करोड़ों खर्च कर रही सरकार 
सपाक्स ने आरोप लगाया है कि सरकार इस फैसले को लंबित रखने के लिए वकीलों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। वे हर बार मामले में नया पेंच फंसाकर सुनवाई आगे बढ़वा देते हैं।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -

महिला का आरोप है कि वह गर्भवती है और उसके परिवार वाले लगातार गर्भपात कराने का दबाव बना रहे थे। तीसरी बेटी ना हो जाए इस डर से 24 मार्च को पति और ससुरालवालों ने गर्भ गिराने का दबाव बनाया।

यूपी के सहारनपुर की रहने वाली सगुफ्ता ने पीएम मोदी को चिट्टी लिख न्याय की गुहार लगाई है और तीन तलाक खत्म करने की अपील की है। महिला की दो बेटियां और वह वर्तमान में गर्भवती है। महिला का कहना है कि उसका पति और ससुराल वाले उसका गर्भपात कराना चाहते थे, लेकिन मैंने अबॉर्शन कराने से मना कर दिया। जिसके बाद पति ने मेरे साथ मारपीट करने के बाद तीन बार तलाक, तलाक… तलाक बोलकर तलाक दे दिया। यही नहीं उसे घर से बाहर भी निकाल दिया गया। अब महिला ने पीएम मोदी से न्याय की गुहार लगाते हुए ट्रिपल तलाक खत्म करने की मांग की है और पेट में पल रहे बच्चे की सुरक्षा की गुहार भी लगाई। महिला ने एएनआई से कहा, “मैंने ट्रिपल तलाक को खत्म करने के लिए पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। मैंने उन्हें वोट दिया है और मुझे उम्मीद है कि अब मुझे न्याय मिलेगा।”
महिला का आरोप है कि वह गर्भवती है और उसके परिवार वाले लगातार गर्भपात कराने का दबाव बना रहे थे। तीसरी बेटी ना हो जाए इस डर से 24 मार्च को पति और ससुरालवालों ने गर्भ गिराने का दबाव बनाया। विवाहिता ने गर्भ में पल रहे बच्चे का कत्ल कराने से साफ इंकार कर दिया तो उसके साथ मारपीट भी की गई। इसी दौरान गुस्से में उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोल दिया और घर से निकाल दिया। महिला ने इस संबंध में पुलिस में भी शिकायत की। महिला ने कहा कि पुलिस ने उसकी शिकायत ले ली और उसे सिर्फ भरोसा दिया गया कि इस मामले को देखा जाएगा। हमारी एफआईआर नहीं लिखी गई। महिला ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद मेरे भाई और पिता को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी।

yogi adityanath 4 29 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को योग महोत्सव में कहा कि आजकल लोग साधु संतों को भीख नहीं देते हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और जनता ने मुझे उप्र की सत्ता की बागडोर सौंप दी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व की तारीफ करते हुए योगी ने कहा कि देश में नोटबंटी देश के ईमानदार नेतृत्व के कारण हो सकी। उन्होंने कहा कि हम भी उप्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के तरह बड़े फैसले लेने से नहीं हिचकेंगे।
अपने मुख्यमंत्री बनाने को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने उप्र जाने को कहा तो मैंने जवाब दिया कि मैं वहीं से तो आ रहा हूं। तब उन्होंने हंसते हुए कहा कि आपको वहां का मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। तब मैं हैरान था क्योंकि उस समय यहां आने के लिए मेरे पास एक जोड़ी कपड़े भी नहीं थे।
योग पर चर्चा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 में से पहले योग को सांप्रदायिक माना जाता था, लेकिन अब योग को लोहा पूरा विश्व मान चुकी है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार भी कुछ हद तक नमाज से मिलता जुलता है। इसे सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग की कई ऐसी क्रियाएं हैं, जिन्हें व्यक्ति बैठे-बैठे ही कर सकता है। हर जाति व धर्म का व्यक्ति योग का लाभ उठा सकता है।
उन्होंने कहा कि मैं उप्र के कई इलाकों में पैदल घूमा हूं। यहां के लोगों की बीमारियों के बारे में जानता हूं। पीड़ित लोगों की सेवा में हरसंभव कदम उठाऊंगा। गौरतलब है कि लखनऊ में इन दिनों योग महोत्सव चल रहा है। इस महोत्सव में योग गुरु बाबा रामदेव भी पहुंचे हुए हैं।

योग महोत्सव में बोले योगी  - अमित शाह ने एक दिन पहले ही बता दिया था - यूपी आपके जिम्मेपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ-उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नमाज़ और सूर्य नमस्कार में बहुत समानताएं हैं लेकिन सियासत दोनों को जोड़ने नहीं देती. योगी लखनऊ में चल रहे बाबा रामदेव के योग महोत्सव में बोल रहे थे. योगी ने कहा कि जिस दौर में लोग साधुओं को भीख नहीं देते मोदी ने मुझे पूरा यूपी दे दिया जिसकी उम्मीदों पर पूरा उतरना है. दो योगी साथ आए. मंच पर गले मिले. मौक़ा था लखनऊ में चलने वाले पतंजलि योग पीठ के योग महोत्सव का. बात योग की चली तो सीएम योगी ने सूर्या नमस्कार का ज़िक्र किया और उस पर सियासत का भी.
 
हम सूर्या नमस्कार करते हैं. सूर्या नमस्कार में हुमारे जितने आसान आते हैं, जितनी मुद्रायें आती हैं, उसमें जो बंद आ सकते हैं, उसमें प्राणायाम की जो क्रियाए हैं उन सब को हम अगर देख लें तो हुमारे मुस्लिम बंधु जो नमाज़ पढ़ते हैं, आप देखते होंगे की उससे मिलते जुलते हैं. एक दूसरे के साथ कितना बेहतर समन्वय है लेकिन कभी उसको जोड़ने का प्रयास नहीं किया है. योगी ने कहा कि आज जुब साधु को लोग भीख नहीं देते उन्हें पूरा उत्तर प्रदेश मिल गया है. उन्होने बताया कि जब उन्हें यूपी का राज मिला तब उनके पास पहनने के लिए सिर्फ़ एक जोड़ा कपड़ा था.

जुब मुझे मेरी पार्टी ने और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आपको उत्तर प्रदेश जाना है तो मैंने कहा कि मैं तो उत्तर प्रदेश से ही आ रहा हूं. तो उन्होंने कहा - नहीं-नहीं, उत्तर प्रदेश में आपको कल ही मुख्यमंत्री का शपथ लेना है. मैं आपको आश्चर्या करूंगा कि उस समय मेरे पास केवल एक जोड़ी कपड़े थे. बाबा रामदेव ने महोत्सव के अलग-अलग सेशन्स में योग के मह्त्व पर रोशनी डाली.

योग शारीरिक व्यायाम भी है, आसान भी है. प्राणायाम भी है और ध्यान भी है लेकिन योग के द्वारा एक विराट चरित्र हमारा जो तैयार होता है, हम नर से नारायण और जीव से जो ब्रह्म बनते हैं तो उससे योगी जैसा धवल चरित्रा, महान चरित्र. रामदेव ने कहा कि देश में बहुत दिनों बाद योग को इतना महत्व मिला है. देश की आज़ादी के 70 सालों के इतिहास में पहली बार बड़े रूप में योग और योगी गौरवान्वित हुए हैं.

finance department mp 28 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -वित्त विभाग ने 31 मार्च तक सरकारी भुगतान पर रोक लगा दी है। इस दौरान विभाग जरूरी सेवाओं को छोड़कर किसी भी मद में राशि नहीं निकाल सकेंगे। वित्तीय वर्ष के समापन के दौरान खातों में उपलब्ध राशि के जबरिया खर्च को रोकने के लिए ऐसा किया गया है।
विभाग ने आयुक्त कोष एवं लेखा को खजाने से नकद और चेक से भुगतान रोकने को कहा है। इस अवधि में विभागों को कार्यालय व्यय, व्यावसायिक सेवाओं के लिए किए जाने वाले भुगतान, छोटे निर्माण, मरम्मत कार्य, सामग्री की खरीदारी आदि मदों में भुगतान नहीं किया जाएगा।

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