मंथन न्यूज़ भोपाल. मध्य प्रदेश के युवाओं को नौकरी के ज्यादा अवसर मिल सकें, इसके प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश के बाहर के लोगों की नौकरी की आयुसीमा घटाने जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके मुताबिक गैर मप्र वासी नौकरी के लिए अब 28 साल की उम्र तक ही आवेदन कर पाएंगे। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की हरीझंडी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा
अभी 35 साल है उम्र सीमा
मध्य प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए अभी उम्र सीमा 35 वर्ष है। इसे सरकार घटाकर 28 साल करने जा रही है। वहीं, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए यह अधिकतम 25 वर्ष होगी।नहीं मिलेगी छूट
प्रस्ताव के तहत मध्यप्रदेश के बाहर के उम्मीदवारों के लिए आयुसीमा में किसी भी प्रकार की छूट नहीं होगी। जबकि प्रदेशवासियों के लिए अधिकतम उम्रसीमा (सामान्य वर्ग के लिए) 40 साल रहेगी। महिलाओं और आरक्षित वर्ग के लिए यह सीमा 45 साल होगी। राज्य के दिग्व्यांगों को इस छूट का लाभ मिलेगा।

एेसा भी हुआ
दरअसल, राज्य सरकार ने समीक्षा के दौरान पाया कि गैर प्रदेशवासियों को उम्रसीमा में छूट होने के कारण प्रदेश के मूल निवासियों को कम मौके मिल पा रहे थे। पिछली बार तो पुलिस भर्ती में 24 प्रतिशत मध्यप्रदेश के बाहर के लोग भर्ती हो गए। एेसे अनेक उदाहरण सामने आए।
एक साल तक चली फाइल
सामान्य प्रशासन विभाग ने यह प्रस्ताव पिछले साल मई में तैयार किया था। तब से प्रस्ताव की फाइल मंत्रालय में ही घूमती रही। वर्ष 2012 में भी बाहरी उम्मीदवारों के लिए राज्य सरकार उम्र सीमा में कटौती कर चुकी है। उस समय उम्र सीमा 40 से घटाकर 35 वर्ष की गई थी।

मंथन न्यूज़ दिल्ली - 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। आगामी चुनाव में बीजेपी की रणनीति उन सीटों को जीतने पर जिन पर 2014 में उनका प्रदर्शन ठीक नहीं रहा था। बीजेपी के इस प्लान के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह अभी से सक्रिय हो गए हैं। बीजेपी का पूरे देश में विस्तार करने के लिए लिहाज से ऐसी 120 सीटों की पहचान की गई है, जिस पर पिछले चुनाव में बीजेपी का परफॉरमेंस अच्छा नहीं रहा था लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी को उम्मीद है कि वह यहां बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब हो सकती है। पार्टी के सदस्यों को लोगों के साथ संवाद बनाए रखने, पार्टी की विचारधारा और मोदी सरकार के कामों के बारें में बताने के लिए कहा गया है।

हाल ही में हुए चुनावों में बीजेपी द्वारा उम्दा प्रदर्शन करने के बावजूद पार्टी का थिंक टैंक इन दोनों बीजेपी के नए क्षेत्रों में प्रसार की रणनीति बनाने में व्यस्त है। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया, “हम 2014 में जीती हुए सभी सीटों को बनाए रखने का दावा नहीं कर सकते तो संभावनाएं तलाशना व्यवहारिक है। भरोसा है कि पार्टी दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी जल्द ही उन 120 लोकसभा सीटों की घोषणा करेगी।” साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को भी औपचारिक रूप से कार्य सौंप दिया जाएगा। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 95 दिनों में पांच राज्यों का दौरा करेंगे। इनमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, लक्षद्वीप और गुजरात शामिल है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि जिन 120 सीटों का चयन किया गया हो, उनमें इन क्षेत्रों की सीटों की बड़ी संख्या शामिल हो।

मन्थन न्यूज़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को राष्ट्रपति बनने के अपने शुरुआती 100 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया. लेकिन दो दिन पहले दिए गए साक्षात्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि राष्ट्रपति पद उतना आसान नहीं है जितना उन्होंने सोचा था कि यह होगा. रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति बनने से पहले उन्हें नहीं पता था कि यह बहुत मुश्किल पद है. इस पद के काम को लेकर वह हैरान हैं और खुद को बंधा हुआ महसूस करते हैं.

ट्रंप ने रॉयटर्स को बताया, 'मैं अपने पिछले जीवन को प्यार करता हूं, क्योंकि वहां मेरे पास बहुत सी चीजें थीं, यहां मेरे पिछले जीवन की तुलना में अधिक काम है.' ट्रंप ने कहा कि अपनी पुरानी जिंदगी में वह निजता के आदी नहीं थे, और हैरानी जताते हुए कहा कि अब उनकी जिंदगी बहुत छोटी हो गई है. वह अब जाकर 24 घंटे सीक्रेंट सर्विस की सुरक्षा में रहने के आदी हो रहे हैं. उन्होंने कहा, 'आप अपने आप में ही घिर जाते हैं, क्योंकि आपके आसपास जबर्दस्त सुरक्षा होती है जिसकी वजह से आप कहीं नहीं जा सकते.'

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने शुरुआती 100 दिन को देश के इतिहास में अब तक के सफलतम दिन बताया है. ट्रंप ने कहा कि केवल 14 सप्ताह में उनके प्रशासन ने वॉशिंगटन में कई बड़े बदलाव किए हैं. ट्रंप इस महत्वपूर्ण अवसर पर पेन्सिलवेनिया में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे. ट्रंप ने अपने सप्ताहिक रेडियो एंव वेब एड्रेस से लोगों को संबोधित करते हुए कहा, मैं वास्तव में मानता हूं कि मेरे प्रशसन के पहले 100 दिन देश के इतिहास में सफलतम रहे हैं.

गौरतलब है कि, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर 20 जनवरी को शपथ ली थी और राष्ट्रपति के तौर पर शनिवार को 100 दिन पूरे कर लिए हैं.

आपको बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति को जब भी कहीं जाना होता है तो वह लिमज़ीन या किसी एसयूवी में ही जाते हैं. इस पर ट्रंप ने कहा कि अब वह खुद गाड़ी चलाना मिस करते हैं, और कहा, 'मुझे ड्राइव करना बेहद पसंद है, और अब मैं और ड्राइव नहीं कर पाता हूं.'

अमेरिकी राष्ट्रपति अपने न्यूयॉर्क सिटी स्थित ट्रंप टावरजाने से बचते हैं क्योंकि उनका वहां जाना देश को बहुत महंगा पड़ता है. ट्रंप ने कहा कि अगर वह ट्रंप टावर जाते तो, अधिकारी आसपास की सड़कों को बंद कर देते और उन्हें यह देखकर अच्छा नहीं लगता है कि न्यूयॉर्क वासियों के लिए सड़के बंद हों,.

मन्थन न्यूज़ नयी दिल्ली. दिल्ली महानगरपालिका (एमसीडी) चुनावों में हार से बौखलाये अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर जम कर हमला बोला. लेकिन, पार्टी में नेतृत्व पर उठ रहे सवालों ने उन्हें केंद्र और चुनाव आयोग पर हमलावर होने से न केवल रोक दिया, बल्कि अपनी गलती स्वीकार करने के लिए भी मजबूर कर दिया.

‘आप’ के नेता कुमार विश्वास बोले : सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी को निशाना बनाया, इसलिए हारे

अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी चुनावों में मिली हार को भी स्वीकार कर लिया है और अपनी गलती भी स्वीकार कर ली है. आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने टि्वटर पर एक पत्र जारी कर ऐसा किया है. इसमें उन्होंने लिखा है कि अब बहाने बनाने से काम नहीं चलेगा. काम करना होगा. उन्होंने लिखा है, ‘हां, चुनावों में हमसे गलतियां हुईं. हम आत्ममंथन करेंगे. हमें काम करना होगा. लोग हमें काम करते देखना चाहते हैं. अब जब हम सोने जायें, तब भी हमारा मनोबल ऊंचा होना चाहिए.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि दो दिनों तक दिल्ली के मतदाताओं और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी ने चुनावों में गलतियां कीं. आगे उन्होंने लिखा है कि पार्टी आत्मचिंतन करेगी और अपनी गलतियों को सुधारेगी. उन्होंने लिखा है कि अब भी यदि आत्मचिंतन नहीं किया, तो यह मूर्खतापूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि हमें मतदाताओं का एहसानमंद होना चाहिए, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ खुद का एहसान मानना चाहिए. उन्होंने आगे लिखा है कि अब काम करने का वक्त है.

उन्होंने कहा कि लोग हमसे काम की उम्मीद करते हैं और हमें उनकी उम्मीदों को पूरा करना है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन एकमात्र स्थायी सत्य है. ज्ञात हो कि चुनावों में हार के बाद पार्टी के बड़े नेता कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेतृत्व और पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े किये थे. विश्वास ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने का पार्टी का फैसला गलत था. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब और दिल्ली एमसीडी के चुनावों में गलत लोगों को टिकट दिये गये. पंजाब में तो कांग्रेस और अकाली दल के लोगों को ही टिकट दिया गया.

कुमार विश्वास ने कहा है कि पार्टी के अंदर कई गलत फैसले हुए. कई फैसले तो बंद कमरों में भी लिये गये. कुमार ने कहा कि हार के बाद इवीएम को निशाना बना कर पार्टी ने और एक बड़ी गलती कर दी. यह एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन हार की मुख्य वजह यह थी कि हम लोगों और कार्यकर्ताओं से कट गये थे. दिल्ली एमसीडी चुनावों पर विश्वास ने कहा कि गोपाल राय को दिल्ली का इनचार्ज बनाया गया था, लेकिन चुनाव के मुद्दे पर उनसे कोई बातचीत नहीं की गयी थी. सिर्फ पीएसी के दौरान कुछ निर्देश दिये गये थे. विश्वास ने कहा कि पार्टी में बदलाव की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह पार्टी की छठी हार है. हमें हार पर बहाने न बना कर इसकी समीक्षा करनी चाहिए.

गोरखपुर (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद दूसरी बार अपनी कर्मस्थली गोरखपुर पहुंचे योगी आदित्यनाथ कार्यकर्ताओं के बीच अपने को एक बार फिर पाकर काफी प्रसन्न दिखे। गोरखपुर में आज भाजपा कार्यकर्ताओं के अभिनंदन कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि पधारे थे। 

कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं को उन्होंने संबोधित किया। योगी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आज एक साथ उपस्थिति से प्रसन्नता हो रही। प्रदेश में जहां निकलूं, सभी कार्यकर्ताओं से एक साथ मिलूं, यही इच्छा है। मैंने गोरखपुर आगमन पर सबसे पहले कार्यकर्ताओं से मिलने की इच्छा जाहिर की। कार्यकर्ताओं के कारण ही मोदी व शाह जी की नीतियों पर भरोसा कर जनता ने हमें जिम्मेदारी सौंपी। सूबे की जनता से हमें बड़ी जिम्मेदारी मिली है। केंद्र में मोदी सरकार देश में लोक कल्याण का कार्यक्रम चला रही है। मोदी जी कहते है कि लोकलुभावन नहीं, लोक कल्याणकारी योजना चलाई जानी चाहिए। सूबे की प्रदश सरकार भी यही कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से प्रदेश की कानून व्यवस्था में थोड़ा परिवर्तन हुआ है। आगे एक माह में यह परिवर्तन काफी दिखेगा। मेरा साफ कहना है कि अब कानून हाथ में लेने वाले सूबा छोड़ दें। हम तथा हमारी सरकार बहू, बेटी, सामान्य नागरिक और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए सरकार कृतसंकल्पित है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग ईवीएम पर सवाल उठा रहे थे, दिल्ली की जनता ने उन्हें जवाब दे दिया। दिल्ली की जनता ने साबित कर दिया है कि पूरा वोट मोदी को। अब साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों का परिणाम दिल्ली की जनता ने दे दिया है।

पहले सिर्फ चार जिलों को मिलती थी 24 घंटे बिजली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश के सिर्फ चार जिलों में 24 घंटे बिजली मिलती थी। अब प्रदेश के 25 जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली मिल रही हैं। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का निर्देश जारी कर दिया गया है। अभी इस पर काम चल रहा है। अक्टूबर 2018 तक प्रदेश में 24 घंटे बिजली देने की योजना बनाए हुए हैं। काम तेजी के साथ चल रहा है। हां, बिजली का बिल समय से जमा करना होगा। जहां तक सड़कों की बात है तो निर्धारित समय से गडढ़ा मुक्त न करने वाले विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें कोई सुनवाई नहीं होगी। 

किसानों की खुशहाली हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 12 से 15 वर्ष से उपेक्षित किसानों का ऋण हमने माफ किया। राजकोष पर 36000 करोड़ का बोझ पडऩे के बाद भी सरकार ने ये फैसला लिया। हम किसान से सीधे गेहूं खरीद कर किसानों के खाते में सीधे पैसा डालेंगे। किसानों की खुशहाली हमारा लक्ष्य। सरकार इस लक्ष्य पर काम कर रही है। किसानों की खुशहाली हमारा लक्ष्य। सरकार इस लक्ष्य पर काम कर रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि आलू किसानों को पहली बार भाजपा के नेतृत्व में बनी प्रदेश सरकार ने राहत दी। जिस प्रदेश में गन्ना किसान का वर्षों का बकाया रहता था,  बिजली की समस्या रहती थी,हमने इसे दूर करने की पहल की। इसके लिए कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किया, बल्कि सिस्टम को जवाबदेह बनाकर यह काम किया।

उन्होंने कहाकि मई जून में बिजली के लिए हम आप सड़क पर उतरते थे। अभी हमने 25 जिला मुख्यालयों पर 24 घण्टे बिजली देने को कहा। बिजली के लिए गोरखपुर में पर्याप्त पोल नहीं हैं। हमने अंडर ग्राउंड केबिल बिछाये। हमने बिजली विभाग के अधिकारियों से कहाकि हम गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन देंगे, लेकिन आप बिल अवश्य दें।

15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का आदेश 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का आदेश दे दिया गया है। युद्धस्तर पर काम चल रहा। सड़कें दुरुस्त दिखेंगी। योगी ने कहाकि प्रदेश का युवा पलायन न करे, इसके लिए मोदी जी ने एम्स, फ़र्टिलाइज़र शुरू किया। हम प्रदेश में नई कार्यसंस्कृति शुरू करेंगे। युवा को उनके जिले, शहर में ही नौकरी देंगे। भाजपा केंद्र व प्रदेश में है, इसलिए कार्यकर्ताओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। सत्ता में होने पर आपकी कार्यसंस्कृति बदलनी होगी। आप अंतिम व्यक्ति तक केंद्र व प्रदेश सरकार की योजना पहुंचाएं। विकास की अनेक योजनाएं जल्द लाने वाले हैं हम। जिस तबके के लिए आंदोलन किया है अब उन तबकों की योजना उनके द्वार तक पहुंचाइये। हम बिना भेद भाव के योजना चला रहे। सिर्फ प्रशासन के भरोसे मत रहिये, आप भी सरकार की योजना आमजन तक ले जाइए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जैसे काम कर रही उसी तरह प्रदेश सरकार भी करने जा रही। पहली बार बोट बैंक से हटकर लोककल्याण के लिए योजनाएं बनाई जा रही। दिल्ली के एमसीडी चुनाव में बीजेपी की जीत इस बात का संदेश है। जो ईवीएम को दोष दे रहे, वे भी उसी से जीते हैं। दिल्ली की जनता ने भी बता दिया कि भारत को विश्व के सामने बढ़ाने के लिए मोदी का नेतृत्व चाहिए। योगी ने कहाकि नगर निकाय चुनाव के पहले कार्यकर्ता आमजन तक घर घर जाएं। सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। आपकी मंशा के अनुरूप सरकार कोशिश करेगी। 26 मई को केंद्र सरकार के 3 वर्ष पूरे होंगे। इस अवसर पर प्रथमिकता के आधार पर बड़ा कार्यक्रम होगा। कोशिश होगी कि मैं गोरखपुर रहूं। अभी से तैयारी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 मई को गंगा के दोनों तट पर स्वच्छ गंगा, निर्मल गंगा कार्यक्रम आयोजित होगा। भारत की नदी संस्कृति के लिए यह कार्यक्रम होगा। गोरखपुर में आमी और गोर्रा प्रदूषित है। इसके उद्धार के लिए हमने आंदोलन किया। अब दोनों नदी और राप्ती को साफ करने की कोशिश होगी। जुलाई में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम चलेगा। सरकार 1 चीनी मिल को चलाएगी और दो का निर्माण करेगी। गोरखपुर में एक बन्द चीनी मिल को चलाएगी और दो का निर्माण कराएगी।

मंथन न्यूज़ नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सीट से भाजपा सासंद रहते हुए मुख्यमंत्री चुने गए योगी आदित्यनाथ के पास चुनाव लड़ने के अलावा कोई और विकल्प नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। सिर्फ वही नहीं, उनके दोनों उप मुख्यमंत्रियों समेत मंत्रिमंडल के दो अन्य सदस्यों को भी विधायकी के चुनाव में उतरना पड़ेगा। इन सबके लिए छह माह के भीतर विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता हासिल करना अनिवार्य है और फिलहाल चुनाव के अलावा अन्य विकल्प नहीं दिखाई दे रहे। 

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से चार बार सांसद रह चुके हैं और यह पहला मौका होगा जबकि वह विधानसभा चुनाव से रूबरू होंगे। वहीं सियासी समीकरण की तस्वीर और विकल्प कुछ इस ओर इशारा कर रही है। बता दें कि योगी आदित्यनाथ के सामने दो विधानसभा ऐसी है जिसे उनका गढ़ माना जाता है। ये सीटें अभी योगी के करीबियों के पास है।

गोरखपुर शहर: इस सीट पर बीजेपी से तीन बार विधायक रहे डॉ। राधा मोहन दास अग्रवाल चुनाव जीतते आए हैं। वे योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी बताए जाते हैं। राधा मोहन दास अग्रवाल की पहचान बड़े ही सादगी भरे नेता के रूप में होती है। सूत्रों की माने तो प्रबल उम्मीद यही लगाई जा रही है कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ सकते है। इसकी वजह है कि योगी कैबिनेट में राधा मोहन को जगह नहीं दी गई।

कैम्पियरगंज विधानसभा: इस सीट पर बीजेपी के फतेह बहादुर सिंह ने चुनाव जीता है, जहां योगी के नाम पर वोट मिलता है। सूत्रों की माने तो हो सकता है कि मौजूदा विधायक फतेह बहादुर सिंह को गोरखपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ाकर दिल्ली भेजा जा सकता है। फतेह बहादुर सिंह इस पहले भी कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। पूर्वांचल में फायरब्रांड चेहरे के रूप में योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर की नौ विधानसभा सीटों में एक चिल्लूपार को छोड़कर सभी सीटों पर बीजेपी ने परचम लहराया है। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे योगी का दबदबा माना जाता है।

इसी तरह उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा भी पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरेंगे। हालांकि वह महापौर का चुनाव लड़ते रहे हैं। उनके लिए भी कई विधायकों ने सीट छोडऩे की कोशिश की है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को अलबत्ता विधानसभा चुनाव का अनुभव है। पिछली विधानसभा चुनाव में वह कौशांबी के सिराथू क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इस बार भी संभावना यही है कि वह अपनी पुरानी सीट से ही चुनाव लड़ेंगें, हालांकि उनके लिए भी कई विधायक अपनी सीट छोडऩे की पेशकश कर चुके हैं। छह माह के भीतर विधानपरिषद में कोई सीट खाली नहीं हो रही है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार जनता में अच्छा संदेश जाये इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव के जरिए ही सदन में जाएंगे, यह मन वह बना चुके हैं।

मन्थन न्यूज़ उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ शनिवार को दूसरी बार गोरखपुर पहुंचे हैं. वहां उनके स्वागत के लिए भव्य इंतजाम किए गए हैं. योगी इस बार दो दिन के लिए गोरखपुर दौरे पर हैं, इस दौरे पर CM का पूरा फोकस पूर्वांचल के विकास कार्यों पर होगा.

गोरखपुर से CM योगी का सख्त संदेश
-उत्तर प्रदेश में पलायन रोकने के लिए रोजगार को बढ़ावा देंगे.
-पूर्वी यूपी में नई चीनी मिलें खोली जाएंगी. 
-केंद्र सरकार की योजनाओं को भी पूरी तैयारी के साथ लागू करेंगे. 
-सरकार ने वादा किया है कि 15 जून सूबे की सड़कें गड्ढे मुक्त होंगी. 
-योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का मकसद है. 
-EVM में कोई गड़बड़ी नहीं है. 
-दिल्ली में EVM पर सवाल उठाने वालों को जनता ने जवाब दे दिया है. 
-योगी ने EVM का मतलब बताया, EVM= EVERY VOTE MODI. 
-शासन-प्रशासन में बदलाव हो तो वो दिखना चाहिए, बदलाव का अहसास जनता को होना चाहिए. 
-कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे. 
-कानून को हाथ में लेने वाले यूपी छोड़ दें. और जिन लोगों को कानून-व्यवस्था में विश्वास नहीं है वो भी उत्तर प्रदेश को छोड़ दें. 
-एक महीने के अंदर सूबे में कानून-व्यवस्था को सुधार देंगे. 
-लोक कल्याण के कामों को तेजी के आगे बढ़ाएंगे.
-उत्तर प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

ये है प्लान 
गोरखपुर में CM योगी होटल अवंतिका में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. उसके बाद विश्वविद्यालय में कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे. मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे. दो दिनों के इस दौरे पर योगी कल देवरिया के सलेमपुर भी जाएंगे.

कई योजनाओं का करेंगे शिलान्यास 
योगी आज गोरखपुर में करीब 12 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. सीएम अपने इस दौरे पर रेलवे और नौसढ़ बस स्टेशन के विस्तार का शि‍लान्यास करेंगे. महानगर में भूमिगत केबिल लाइन का आधारशिला रखेंगे. गोरखपुर में बनने वाले प्रेक्षागृह का भी योगी नींव रखेंगे. यही नहीं, सीएम का ये दो दिवसीय दौरा कई मायनों में अहम है. सीएम गोरखपुर के सर्किट हाउस में एनेक्सी भवन का शिलान्यास करेंगे. इसके अलावा चार विद्युत केंद्रों का और स्पोर्ट्स कॉलेज में सीवरेज सिस्टम का शिलान्यास करेंगे.

30 अप्रैल का कार्यक्रम
रविवार सुबह 10:30 बजे योगी देवरिया जिले के सलेमपुर के लिए रवाना होंगे. वहां दिव्यांगों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद फिर से गोरखपुर लौटेंगे. 12:30 बजे बशारतपुर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसके बाद शाम 4:30 से 5:30 तक जीडीए सभागार में कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे.

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