चुनाव से पहले लाखों मुकदमे वापस लेगी सरकार

तीन साल से कम की सजा माफ होगी, - गृह विभाग ने सभी जिलों को मुकदमों की स्क्रूटनी के लिए भेजा पत्र , - 2014 में बनी जिलास्तरीय समिति के सुझाव के आधार पर होगा वापसी का निर्णय


भोपाल. सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तीन साल से कम की सजा के लाखों मुकदमे वापस लेगी। इनमें वे मुकदमे शामिल होंगे, जो अदालतों में पांच साल या अधिक समय से विचाराधीन हैं। गृह विभाग ने सभी जिलों को पत्र भेजकर ऐसे प्रकरणों की स्कू्रटनी करने के आदेश दिए हैं। इससे अदालतों का बोझ कम होगा। लाखों लोगों को लाभ होने से चुनाव में भाजपा को फायदा मिलेगा।


दरअसल, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में मुकदमों के बढ़ते दबाव पर चिंता जताते हुए कम सजा वाले मामलों का सम्मानजनक खात्मा करने का सुझाव दिया था, ताकि आरोपी और फरियादी को अदालतों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल सके।

इस सुझाव पर प्रदेश सरकार ने 2014 में जिलास्तर पर कलेक्टर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक और जिला अभियोजन अधिकारी की चार सदस्यीय समिति गठित कर ऐसे मामलों की समीक्षा रिपोर्ट तीन माह में मांगी थी। फिर मामला इससे आगे नहीं बढ़ा। अब इसी के आधार पर ऐसे मुकदमों का निपटारा करने की तैयारी है। परीक्षण के दौरान यह ध्यान रखा जाएगा कि मामले सामान्य आपराधिक प्रकृति के ही हों।

- 60 हजार आदिवासियों को दी राहत 
सरकार इससे पहले आदिवासियों के मुकदमे वापस लेने की घोषणा कर चुकी है। इसके बाद वापसी योग्य प्रकरणों की पड़ताल की जा रही है। सरकार के इस फैसले से 60 हजार से अधिक उन आदिवासियों को राहत मिलेगी, जिनपर वन अधिनियम सहित अन्य सामान्य प्रवृत्ति के आपराधिक मामले शामिल हैं।

13 साल में एक भी दिन चैन से नहीं सो पाया हूं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे पहले अपने मध्यप्रदेश के परिवार के सदस्य हैं। बाद में मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा, मैं पिछले 13 सालों से एक भी दिन चैन से नहीं सोया हूूं। मुझे एक ही धुन सवार रहती है कि और अच्छा कैसे करूं। वे भोपाल से सटे परवलिया गांव के स्कूल परिसर में भाजपा की किसान चौपाल को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार किसानों के लिए जो कर सकती थी वह किया है। अब आगे किसान चौपालों के जरिए किसानों से सुझाव लेंगे और उन पर अमल करते हुए अगले पांच साल का रोडमैप बनाएंगे। कांग्रेस के जमाने में किसानों को खाद के लिए डंडे खाने पड़ते थे। हमारी सरकार चार-चार महीने पहले ही किसानों को खाद दे रही है।

मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना संबल के तहत हितग्राहियों को बिजली की बिल माफी और अन्य प्रकार की लाभ के प्रमाण पत्र वितरित किए। साथ ही उन्नत कृषि करने वाले किसानों का स्वागत किया। कार्यक्रम को किसान मोर्चा के अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, स्थानीय विधायक विष्णु खत्री ने भी संबोधित किया।