AAP-Congress Alliance: राहुल का Tweet, हम AAP को 4 सीट देने को तैयार, लेकिन CM केजरीवाल ने लिया यू टर्न

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच लंबे वक्त से गठबंधन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल कह भी चुके हैं कि वे कांग्रेस से गठबंधन को तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस इसमें दिलचस्पी नहीं ले रही है। लोकसभा चुनाव का पहला चरण पूरा होने के बाद भी दोनों पार्टियों के बीच इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।

वहीं सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि 'हम दिल्ली में गठबंधन के तहत आप पार्टी को 4 सीटें देने को तैयार हैं लेकिन अब केजरीवाल ने यू टर्न ले लिया है। हमारे दरवाजे अभी भी खुले हैं, लेकिन वक्त बहुत रफ्तार से जा रहा है।'

Rahul Gandhi

@RahulGandhi

An alliance between the Congress & AAP in Delhi would mean the rout of the BJP. The Congress is willing to give up 4 Delhi seats to the AAP to ensure this.

But, Mr Kejriwal has done yet another U turn!

Our doors are still open, but the clock is running out. 

abAAPki baari 

बता दें कि दिल्ली में 7 लोकसभा सीटें है। आम आदमी पार्टी इस बार भाजपा को मात देने के लिए कांग्रेस से गठबंधन की कई कोशिशें कर चुकी थी, लेकिन बात नहीं बनी थी। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को इसकी वजह माना जा रहा था, हालांकि अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ट्वीट के बाद गेंद आम आदमी पार्टी और सीएम अरविंद केजरीवाल के पाले में आ गई है।

राहुल गांधी के ट्वीट करने के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर इसका जवाब दिया है। केजरीवाल ने कहा कि 'कौन सा U-टर्न? अभी तो बातचीत चल रही थी। आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है। मुझे दुख है आप बयानबाजी कर रहे हैं।'

केजरीवाल ने ट्वीट में यह भी जोड़ा कि 'आज देश को मोदी-शाह के ख़तरे से बचाना अहम है।दुर्भाग्य कि आप UP और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बाँट कर मोदी जी की मदद कर रहे हैं'

कौन सा U-टर्न?अभी तो बातचीत चल रही थी

आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है।मुझे दुःख है आप बयान बाज़ी कर रहे हैं

आज देश को मोदी-शाह के ख़तरे से बचाना अहं है।दुर्भाग्य कि आप UP और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बाँट कर मोदी जी की मदद कर रहे हो


आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर जिस तरह से खींचतान चल रही थी उससे इसकी संभावना लगभग खत्म हो चुकी थी। लेकिन राहुल गांधी ने अचानक इसे लेकर ट्वीट किया है और कांग्रेस द्वारा गठबंधन को तैयार होने के साथ ही सीएम अरविंद केजरीवाल पर एक बार फिर यू टर्न लेने का आरोप लगा दिया है। इस पर केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया देकर एक दूसरे के बीच ट्वीटर वार छेड़ दिया है।



   


दिग्विजय सिंह के सामने आने से...

वीआईपी सीटों से ये होंगे भाजपा के प्रत्याशी!


भोपाल। लोकसभा चुनावों से पहले मध्यप्रदेश की भाजपा में काफी कुछ अजब गजब सा चल रहा है। एक ओर जहां अब तक भोपाल में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के सामने आने से यहां भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं।

वहीं अब तक इंदौर व विदिशा जैसे वीआइपी सीटों पर भी भाजपा अपने प्रत्याशी खड़े नहीं कर सकी है। जिसके कारण इन क्षेत्रों में अजीब स्थिति बनी हुई है।

ऐसे में भाजपा की इन वीआईपी सीटों को लेकर हर कोई केवल अटकलें ही लगा पा रहा है। जिसके कारण राज्य में भाजपा के कार्यकर्ता सहित उसके समर्थक तक कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

इस नाम ने चौंकाया...
इसी बीच चर्चाओं में एक ऐसा नाम सामने आ गया है जिसके बारे में सुनने के बाद कहा जा रहा है कि कांग्रेसियों तक को पसीना छूटना शुरू हो गया है। दरअसल रविवार को विदिशा, भोपाल या इंदौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम को लेकर भी अटकलें चलती रहीं।

 

कहा जा रहा है कि वाराणासी से प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की अटकलों के बाद इस तरह की चर्चा शुरू हो गई है कि भााजपा मोदी के लिए एक सेफ सीट के तहत इन तीनों सीटों में से किसी एक सीट पर उनको खड़ा कर सकती है। वहीं पूर्व में ताई द्वारा इंदौर से मोदी के चुनाव लड़ने की बात कहे जाने से भी इस बात को बल मिला है।

 

वहीं जानकारों का मानना है कि इंदौर, भोपाल, गुना, विदिशा और सागर सीट पर अब तक फैसला नहीं होने को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।

 



इधर, ताई ने बताई मन की बात...
वहीं दूसरी ओर भाजपा में इंदौर लोकसभा सीट को लेकर चल रही रस्साकसी के बीच लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन दिल्ली में अपनी बात रख रविवार को लौट आईं।

सूत्रों के मुताबिक महाजन ने अपने खास समर्थक का नाम आगे बढ़ाया है। साथ ही कैलाश विजयवर्गीय के नाम पर आपत्ति जताई है। वहीं, धार और रतलाम में टिकट घोषित होने से यहां के समीकरण भी बदले हैं। अब सभी की निगाहें दिल्ली के फैसले पर लगी हैं।

 

महाजन ने 75 के फॉर्मूले में अपना टिकट होल्ड होने पर चुनाव नहीं लडऩे की घोषणा की थी। अब उनकी राय को महत्त्व दिए जाने की संभावना है। 
महाजन ने विधानसभा चुनाव में भी परिवारवाद को लेकर कैलाश के बेटे आकाश विजयवर्गीय को टिकट देने का मुद्दा उठाया।

साथ ही अपने बेटे मंदार का नाम परिवारवाद को बढ़ावा न देने की नीति के कारण आगे नहीं बढ़ाने का हवाला हाईकमान को दिया।



पर्दे के पीछे के मजबूत दावेदार...
अब तक इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़ और महू विधायक उषा ठाकुर प्रदेश में सरकार बनाने की उम्मीद में विधायकों को टिकट नहीं देने के दायरे में होने से मजबूत दावेदारों की रेस में शामिल नहीं थीं।

वरिष्ठता के आधार पर भी कई नेता जुगाड़ लगा रहे हैं। कैलाश को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन पर्दे के पीछे वही सबसे मजबूत दावेदार बताए जा रहे हैं।

रतलाम से विधायक जीएस डामोर को टिकट देने से इंदौर के समीकरण बदले हैं।

भाजपा में पहले विधायकों को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाने की रणनीति बनी थी, लेकिन कांग्रेस के कब्जे वाली रतलाम सीट पर भाजपा ने सांसद कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत को विधानसभा चुनाव हराने वाले डामोर पर अब लोकसभा चुनाव में दांव लगाया है।

धार में वरिष्ठ नेता छतरसिंह दरबार की सालों बाद वापसी हुई है। ऐसे में इंदौर से किसी विधायक या फिर ऐसे वरिष्ठ नेता का नाम सामने आने की उम्मीद है, जिस ज्यादा आपत्ति ना आएं।



   


आखिरी वक्त पर रद्द हो गया था कार्यक्रम..

 

कोटा को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। 2013 में कोटा जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी।ये आंकड़ा सिमट कर 2018 में 3 रह गया था। लोकसभा चुनावों में दोबारा गढ़ को मजबूत करने और कोटा-बूंदी सीट पर जीत हासिल करने के लिए पार्टी पूरी दमखम से प्रचार कर रही है। यही वजह है कि भाजपा के अध्यक्ष और सबसे बड़े दिग्गजों में शूमार अमित शाह मतदान के ठीक पहले कोटा में रोड शो करेंगे। वे पार्टी प्रत्याशी ओम बिरला के समर्थन में लोगों से मतदान की अपील करेंगे।


आखिरी वक्त रद्द हुआ था शाह का रोड शोा
विधानसभा चुनावों में मतदान के ठीक पहले कोटा में अमित शाह का रोड शो होना था लेकिन किसी कारणवश आखिरी समय में इसे रद्द कर दिया गया। इसका खामियाजा भी पार्टी को उठाना पड़ा और पार्टी यहां 6 से 3 पर सिमट गई थी।

8 विधानसभा आती है कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में

19,31,460 मतदाता

997740 पुरुष मतदाता

933720 महिला मतदाता

2051 पोङ्क्षलग बूथ हैं संसदीय क्षेत्र में

15 प्रत्याशी मैदान में है

12 प्रत्याशी 2014 के चुनाव में मैदान में थे

100 प्रतिशत मतदताओं के पहचान पत्र बने हुए हैं

936 महिलाएं एक हजार पुरुषों के मुकाबले

ये विधानसभा क्षेत्र आते हैं
बूंदी, केशवरायपाटन, सांगोद, कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण, रामगंजमंडी, लाडपुरा और पीपल्दा।

15 प्रत्याशियों को बीच होगा मुकाबला,

भाजपा से ओम बिरला, कांग्रेस से रामनारायण मीणा, बहुजन समाज पार्टी के हरीश कुमार लहरी, राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के चन्द्रप्रकाश, शिवसेना के भीमसिंह कुंतल, आरक्षण विरोधी पार्टी के महेश कुमार रानीवाल, मार्कसिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राजेन्द्र प्रसाद सिंगोर, प्राउटिस्ट सर्व समाज के शोभाराम निर्मल, भारतीय किसान पार्टी के प्रत्याशी सोमेश भटनागर मैदान में हैं। इसी प्रकार निर्दलीय केसरी लाल, प्रवीण खण्डेलवाल, सतीश भारद्वाज, हरगोविंद, सुनील मदान और अब्दुल आसिफ मैदान में हैं।

राजनीतिक समीकरण 
कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र का गठन कोटा और बूंदी जिले के कुछ हिस्सों के मिलाकर किया गया है । आजादी के बाद इस सीट पर हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मात्र 4 बार ही इस सीट पर जीत दर्ज कर पाई,जबकी 6 बार भाजपा और 3 बार भारतीय जनसंघ का कब्जा रहा। वहीं 1 बार जनता पार्टी, 1 बार भारतीय लोकदल और 1 बार निर्दलीय का कब्जा रहा।



भोपाल। आज दिनांक 15.04.2019 को मान सर्वोच्च न्यायालय में मान जस्टिस एस ए बोबडे एवं मान जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ में पदोन्नति में आरक्षण प्रकरणों की सुनवाई हुई। उक्त सभी प्रकरण मप्र, त्रिपुरा, बिहार, महाराष्ट्र और केंद्र शासन की पदोन्नति संबंधी विभिन्न याचिकाओं पर मान सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ के 30 सितंबर 2018 के निर्णय के आधार पर निस्तारित किए जाने हैं।

मान न्यायालय ने सभी प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए सभी प्रकरणों पर यहा  के अंतरिम आदेश पारित किए। प्रकरणों पर अब सुनवाई 15 अक्टूबर 2019 को होगी। उल्लेखनीय है कि मप्र में पूर्व से ही मान उच्च न्यायालय के दिनांक 30.04.2016 के निर्णय पर यथास्थिति के आदेश हैं। लेकिन शेष राज्यों और केंद्र शासन से संबंधित प्रकरणों पर ऐसा कोई अंतरिम आदेश नहीं था, किन्तु अब सभी राज्यों और केंद्र शासन के विभागों में अब मप्र की ही तरह यथास्थिति के आदेश लागू होंगे। अर्थात इन राज्यों और केंद्र के विभागों में भी अब पदोन्नतियां पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगी।


प्रकरण में केंद्र की ओर से महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रा जयसिंह उपस्थित हुईं। जबकि प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजीव धवन, श्री मृगेंद्र सिंह व अन्य उपस्थित हुए। महाधिवक्ता द्वारा प्रकरणों में स्थगन आदेश चाहा गया जिसका प्रतिरक्षण करते हुए श्री धवन द्वारा बताया गया कि ऐसा किया जाना अनुचित होगा और मप्र के प्रकरण में पूर्व से ही यथास्थिति के आदेश हैं। 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्ष 2016 से ही माना सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के बाद से पदोन्नतियां बाधित हैं। इस संदर्भ में पूरी प्रशासनिक व्यवस्था चरमराने के बावजूद न तो पूर्व सरकार ने कोई प्रभावी कार्यवाही की न ही वर्तमान सरकार ने इस पर ध्यान। दिया। यह सर्वविदित है कि इस प्रकरण और एट्रोसिटी एक्ट के कारण विधानसभा चुनाव के पूर्व काफी आंदोलन हुए थे जिनका प्रभाव भी परिलक्षित हुआ है। वर्तमान हालातों में लोकसभा चुनाव में मुद्दे का प्रभाव दिखाई पड़ सकता है।



नई दिल्ली। संख्‍यात्‍मक प्रतिमान गुणक, उपग्रह से प्राप्‍त जानकारी और मौसम की निगरानी के विश्‍लेषण से संकेत मिलता है कि एक जबरदस्‍त पश्चिमी विक्षोभ आनेवाला है जिससे 15-17 अप्रैल के दौरान दिल्‍ली-एनसीआर सहित उत्‍तर पश्चिमी भारत के मौसम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसका सबसे अधिक असर 16 अप्रैल को देखने को मिलेगा। 

उत्‍तर पश्चिमी भारत की तरफ बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारत के मध्‍यवर्ती और आसपास के इलाकों में ताजा आर्द्रता को खींचेगा। मौसम की उष्‍मागतिक स्थिति के कारण क्षेत्र के वातावरण में अस्थिरता देखने को मिलेगी और क्षेत्र में दूर-दूर तक तेज आंधी आएगी। जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्‍तराखंड के अधिकतर स्‍थानों पर 16-17 अप्रैल को वर्षा होगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के अनेक स्‍थानों तथा राजस्‍थान और पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के कुछ स्‍थानों पर हल्‍की से भारी बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

16-17 अप्रैल के लिए मौसम की चेतावनी

§ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के सुदूरवर्ती स्‍थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
§ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्‍ली में तेज वर्षा हो सकती है।
§ जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में 60-70 किलोमीटर से लेकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज आंधी, बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने की संभावना है तथा राजस्‍थान और पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में 40-50 किलोमीटर से लेकर 50 किलोमीटर प्र‍ति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

दिल्‍ली/एनसीआर के लिए भविष्‍यवाणी

15 अप्रैल को आकाश में कुछ स्‍थानों पर बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 16-17 अप्रैल को आमतौर से बादल छाए रहेंगे और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेजी आंधी,ओलावृष्टि हो सकती है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस सरकार आतंकवादियों के साथ खड़ी थी तो बीजेपी सरकार आतंकियों को खदेड़ने में लगी है. वह कभी 370 नहीं हटने देंगे. बीजेपी अपने वादे पर अटल है.

सत्ता में आते ही कश्मीर से धारा 370 हटाएंगे, बांग्लादेशी घुसपैठियों को भगाएंगे- केशव प्रसाद मौर्य

सत्ता में आते ही कश्मीर से धारा 370 हटाएंगे, बांग्लादेशी घुसपैठियों को भगाएंगे- केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार आतंकवादियों के साथ खड़ी थी तो बीजेपी सरकार आतंकियों को खदेड़ने में लगी है. मौर्य ने राज्य के अमरोहा और बुलंदशहर में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा, 'कांग्रेस सरकार आंतकवादियों के साथ खड़ी थी तो वहीं हमारी सरकार आंतकवादियों को खदेड़ने में लगी हुई है.'

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उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का हाथ दुश्मनों के साथ आज भी है. कांग्रेस कह रही है कि हम कश्मीर से सेना हटाएंगे. वह कभी 370 नहीं हटने देंगे. बीजेपी अपने वादे पर अटल है. केंद्र की सत्ता में आते ही कश्मीर से धारा 370 हटाई जाएगी. बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से भगाया जाएगा.'

उन्होंने बीजेपी के संकल्प 'सबका साथ-सबका विकास' की बात करते हुए कहा कि जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, चाहे अगड़ा हो, पिछड़ा हो या दलित इन तीनों की त्रिवेणी मोदी के गले का हार बनी हुई है.


मौर्य ने कहा कि अगर नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं तो हिंदुस्तान को पूरी दुनिया में सबसे आगे खड़े होना है, बाकी के देश हिंदुस्तान के पीछे खड़े होंगे. मौर्य ने कहा कि मोदी बड़े से बड़े तथा कड़े से कड़े निर्णय लेने में सक्षम हैं तथा वही देश को भ्रष्टाचार, गरीबी और आतंकवाद से मुक्त करा सकते हैं.

*पार्टी तो सिर्फ एक भारतीय जनता पार्टी ही बची है बाकी तो सब परिवार हो गए डॉ नरोत्तम मिश्रा*
*कभी-कभी जोड़ियां मोदी के डर से भी बनती हैं*
*जिस मैदान को 42 नेता मिलकर नहीं भर पाए उस मैदान हमारे अकेले जवाज चौकीदार नरेंद्र मोदी ने भर दिया*
*झांसी 9/4/2019*
आज  उत्तर प्रदेश लोकसभा भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा का नामांकन दाखिल कराने झांसी पहुंचे मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं उत्तर प्रदेश चुनाव लोकसभा चुनाव सह प्रभारी डॉ नरोत्तम मिश्रा  झाँसी में सभा को संबोधित करते हुए बोले पार्टी तो बस एक भारतीय जनता पार्टी ही बची है बाकी तो सब की सब परिवार हो गए सब की सब परिवार चुनाव लड़ रहे है डॉ मिश्रा ने कहा मुलायम सिंह चाहते है उनका बेटा सेट, हो जाए लालू यादव चाहते हैं उनका बेटा सेट हो जाए मायावती  चाहती है उनका भैया भतीजा सेट हो  शरद यादव चाहते हैं उनका भतीजा सेट हो जाए सोनिया गांधी चाहती है राहुल सेट हो जाए पर नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हिंदुस्तान सेट हो जाये बस यही चुनाव की एक छोटी सी भिट्ट  है  एक व्यक्ति है जो देश की चिंता कर रहा है बाकी जो पार्टियां है वह अपने परिवार की चिंता कर रहे हैं इस छोटी सी भिप पर यह लोकसभा चुनाव है डॉ श्री मिश्रा ने कहा कि आपने कोलकाता की नरेंद्र मोदी जी की रैली देखी होगी उसी जगह 2 महीने पहले 42 नेताओं ने रैली की उस जगह को 42 नेताओं ने एक साथ होकर नहीं भर पाये   वही अकेले उस मैदान को चौकीदार नरेंद्र मोदी ने भर दिया डॉ मिश्रा ने ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि ममता दीदी जब रैली कर रही थी तब लग रहा था कि यह प्रधानमंत्री भर्ती मेला चल रहा है।  सारे एक एक दूसरे के धुर विरोधी एक मंच पर बैठे थे  अब तक जो चुनाव होते थे वह महंगाई ओर भ्रष्टाचार पर होते थे  पर इस बार का चुनाव ना महंगाई पर है ना भ्रष्टाचार पर इस बार का चुनाव मोदी लाओ या मोदी हटाओ  पर है डॉ मिश्रा ने दोबारा तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए कहा लालू प्रसाद यादव का बेटा तेजस्वी मोदी जी को भ्रष्ट कहने की कोशिश कर रहा था तब मेरी इच्छा हुई कि मैं ट्वीट कर कहूं कि यदि मोदी जी भ्रष्ट है तो तुम्हारे पिताजी तो स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में जेल में हैं श्री  मिश्रा ने कहा कोलकाता में सारे के सारे दल एक मंच पर थे पर किसी के पास देश को लेकर विजन नहीं था इनमें से किसी की भी हिंदुस्तान में  कहीं पर भी रैली  हो जाए  पर इनके  कवमंच से भारत माता की जय  का नारा  नहीं निकलता  आज तक आपने राहुल गांधी के मुंह से सुना क्या कि उन्होंने कभी  बंदे मातरम या भारत माता की जय कहां हो इनके यहां देश का सोच नहीं है  इनके यहां सिर्फ परिवार का सोच है उत्तर प्रदेश में आओ तो यहां तो स्थिति अलग प्रकार की  है मैं मध्यप्रदेश में था तो वहां दो  दलीय व्यवस्था है  यहां बहुदलीय व्यवस्था है डॉ श्री मिश्रा ने कहा में  सोचता था जोड़ियां भगवान बनाता है पर यहां देखा की जोड़ियां भगवान तो बनाता ही पर कभी कभी मोदी के डर से भी जुड़ी है बन जाया करती हैं बुआ और बबुआ की जोड़ी बन गई एक दूसरे के धुर विरोधी उत्तर प्रदेश में एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं

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