तबादला दुकानों से बढ़ा प्रदेश में अपराध : गोपाल भार्गव, विधायकों की पसंद से हो रहे ट्रांसफर, कम हुआ क्राइम रेट : बाला बच्चन



   


तबादला दुकानों से बढ़ा प्रदेश में अपराध : गोपाल भार्गव, विधायकों की पसंद से हो रहे ट्रांसफर, कम हुआ क्राइम रेट : बाला बच्चन

- विधानसभा में आरोप-प्रत्यारोप

 

भोपाल : विधानसभा सत्र के पहले दिन भले ही कार्यवाही दिवंगतों की श्रद्धांजलि के बाद स्थगित हो गई लेकिन सदन के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों का सीधा संबंध तबादलों से है। तबादलों की छोटी-छोटी दुकानें खुल गई हैं और बिना सोचे समझे बेतरतीब तरीके से अधिकारियों को इधर से उधर किया जा रहा है। भार्गव ने कहा कि प्रशासनिक अराजकता के कारण लूट,हत्या,अपहरण जैसी वारदातों को बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है।


सरकार बनाने के सवाल पर भार्गव ने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद डूबती जहाज में से चूहे अपने आप भागेंगे। गोपाल भार्गव के आरोप पर गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि भाजपा सरकार जब आई थी तब उन्होंने भी इसी तरह तबादले किए थे। नई सरकार अपने हिसाब से प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त कर रही है तो भाजपा नेताओं को पेट दर्द क्यों हो रहा है। बाला बच्चन ने कहा कि विधायकों की पसंद और मर्जी के हिसाब से ही ट्रांसफर किए जा रहे हैं। गृह मंत्री ने दावा किया कि पिछले दो महीने में प्रदेश में क्राइम रेट कम हुआ है जबकि भाजपा शासनकाल में लगातार अपराध बढ़ रहे थे।

 

तबादलों में समन्वय की कमी : 
कांग्रेस विधायक केपी सिंह ने कहा कि जो अधिकारी गड़बड़ी कर रहे हैं उन्हें हटाना ही चाहिए,किसी से पूछने की क्या जरुरत है। केपी सिंह ने कहा कि तबादलों में समन्वय की कमी है। विधायकों के प्रस्ताव पर कोई हट गया,कोई रह गया, कहीं खाली जगह पर कोई आया नहीं, समन्वय की कमी से इस तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। केपी सिंह ने कहा कि सचिवालय में समन्वय है लेकिन जल्दबाजी में जब फैसले होते हैं तो बहुत सारी बातें नजरअंदाज हो जाती हैं।

अब बंधन मुक्त होने का अहसास : 
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण शर्मा ने कहा कि उनको विपक्ष में बैठने का लंबा अनुभव है इसलिए अलग सा महसूस नहीं हो रहा है। शर्मा ने कहा कि स्पीकर रहते बहुत सारी चीजें मर्यादा में रहती थीं, कई बातें मन में रखनी पड़ती थीं लेकिन अब खुद को बंधन मुक्त महसूस कर रहा हंू। शर्मा ने कहा कि कहीं न कहीं हमारी तरफ से गलती हुई है जो हम सरकार नहीं बना पाए। शर्मा ने कहा कि सरताज हों या कुसमरिया कभी चुनाव नहीं जीतेंगे क्योंकि विद्रोहियों को जनता पहचान चुकी है। मैं खुद लोकसभा चुनाव नहीं लडऩा चाहता।