मंथन न्यूज़ भोपाल -मध्यप्रदेश का किसान अपने कृषि उत्पाद का सीधे विदेशों में निर्यात कर सकेगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने कृषि निर्यात प्रमोशन एजेंसी बनाई है, जो विदेशों में निर्यात करने की संभावनाएं तलाशेगी। इसके लिए एक टास्क फोर्स भी गठित की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निवास पर यूएई के प्रतिनिधिमंडल से इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया।
टास्क फोर्स में राज्य सरकार और यूएई के 5-5 सदस्य होंगे। यह फोर्स प्रदेशभर में कार्यशालाएं आयोजित करेगा और निर्यात किए जाने वाले उत्पादों की संभावनाओं को तलाशेगा। यूएई से एक कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग करारनामा भी किया गया है।
बैठक प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में बुलाई गई थी, जिसमें मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों को चर्चा के लिए बुलाया गया था। बैठक में यूएई के साथ इन राज्यों में व्यापार की संभावनाओं पर विचार किया गया।
टास्क फोर्स में राज्य सरकार और यूएई के 5-5 सदस्य होंगे। यह फोर्स प्रदेशभर में कार्यशालाएं आयोजित करेगा और निर्यात किए जाने वाले उत्पादों की संभावनाओं को तलाशेगा। यूएई से एक कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग करारनामा भी किया गया है।
इस अवसर पर प्रदेश में उद्योग, कृषि और व्यापार की संभावनाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों से कृषि उत्पादन दर 20 प्रतिशत से अधिक रही है। शरबती गेहूं, दालों और मसालों का रिकार्ड उत्पादन हुआ है।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यूएई से संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में नई कड़ी जुड़ेगी। इंदौर के पास विशेष निर्यात जोन (एसईजेड) खोलने का प्रस्ताव दिया है। जोन में विभिन्न प्रकार के करों में छूट दी जाएगी। नीति के जरिए किसान खाद्य प्रसंस्करण यूनिट खोल सकेंगे और निर्यात कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 28 मई से 9 जून तक प्रदेश के विभिन्ना अंचलों में किसानों की कार्यशाला आयोजित की जाएंगी। कार्यशालाओं में किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

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