मंथन न्यूज़ भोपाल -राज्य शासन ने लंबे समय से गायब 77 डॉक्टरों को बर्खास्त करने की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की अनधिकृत उपस्थिति सेल ने बुधवार को निर्देश जारी कर प्रदेशभर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से संबंधित डॉक्टरों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है, जो मप्र लोक सेवा आयोग को भेजा जाएगा। इसमें 2008 से लेकर जुलाई 2017 से गायब हुए डॉक्टरों के नाम शामिल हैं। इनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
प्रदेश के 20 जिलों के जिला अस्पताल, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ यह डॉक्टर बगैर छुट्टी लिए गायब हैं। इनमें से कुछ आठ माह से तो कुछ को 10 साल से ज्यादा का समय हो गया है। इस बीच कई बार जिला स्तर पर जानकारी मंगाई गई और संबंधितों को नोटिस देने एवं जवाब लेने की औपचारिकताएं निभाई जाती रही हैं।
प्रदेश के 20 जिलों के जिला अस्पताल, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ यह डॉक्टर बगैर छुट्टी लिए गायब हैं। इनमें से कुछ आठ माह से तो कुछ को 10 साल से ज्यादा का समय हो गया है। इस बीच कई बार जिला स्तर पर जानकारी मंगाई गई और संबंधितों को नोटिस देने एवं जवाब लेने की औपचारिकताएं निभाई जाती रही हैं।
अब जाकर शासन इनके खिलाफ सख्ती से पेश आ रहा है। उल्लेखनीय है कि विभाग ने चार माह अभियान चलाकर ऐसे डॉक्टरों की जानकारी इकठ्ठी की है। इसमें ऐसे डॉक्टरों के नाम भी सामने आए, जो पिछले 17 साल से गायब थे। हालांकि नोटिस जारी करने और माकूल जवाब आने के बाद इनमें से कुछ डॉक्टरों के नाम बर्खास्तगी की सूची से बाहर हो गए हैं। जबकि जिन डॉक्टरों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया या जिनका जवाब माकूल नहीं था, उन सभी को इस सूची में रखा गया है।
कोई क्लीनिक चला रहा है तो कोई दूसरी नौकरी में
लंबे समय से गायब डॉक्टरों के बारे में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को भी ठीक-ठीक जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में वह डॉक्टरों के खुद का क्लीनिक चलाने और दूसरी नौकरी करने की बात करते हैं।
मॉनीटरिंग के लिए अलग से सेल
राज्य शासन को बगैर सूचना दिए या अनुमति लिए छुट्टी पर जाने वाले डॉक्टरों की मॉनीटरिंग के लिए राज्य स्तर पर अनधिकृत उपस्थिति सेल बनानी पड़ी। सेल का काम ऐसे डॉक्टरों की जानकारी जुटाना और उन्हें नोटिस देकर जवाब लेना था। फरवरी 2018 तक ऐसे 61 डॉक्टरों की सूची तैयार हुई थी, जो अब बढ़कर 77 हो गई है। यह सेल विभाग के सचिव कवीन्द्र कियावत की सीधी देखरेख में काम कर रही है।

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