कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी की जल समस्या देखकर गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए असहज नजर आईं. उन्होंने कहा कि रात को जब मैं आती हूं और पानी के लिए लंबी-लंबी कतारें देखती हूं तो दुख होता है.
कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी की जल समस्या देखकर गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए असहज नजर आईं. उन्होंने कहा कि रात को जब मैं आती हूं और पानी के लिए लंबी-लंबी कतारें देखती हूं तो दुख होता है. उन्होंने कहा कि मेरा धैर्य टूट रहा है. वह बोलीं कि मैं नगर पालिका से हार गई हूं. उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मंत्री से लेकर सफाई कर्मी तक सब जिम्मेदारी मुझे ही दे दो. मुझ में क्षमता है. लेकिन फिर अप क्यों बैठे हैं अपनी कुर्सी पर.
उन्होंने मीडिया कर्मियों से पूछा कि आप जनता को बताओ कि इसमें मेरी गलती नहीं है. जब मैं पैसा ले आई तो डिले क्यों? यशोधरा राजे ने बताया कि उन्होंने राजमाता सिंधिया का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने का निर्णय लिया. उनसे जब पूछा गया की पार्टी की आधार स्तंभ होने के बावजूद पार्टी की जगह आपको जन्म शताब्दी वर्ष क्यों मनाना पड़ रहा है तो उनका कहना था कि पार्टी अपना काम करेगी और मैं परिवार के नाते जन्म शताब्दी वर्ष मना रही हूं. लेकिन जन समस्याओं पर सवाल पूछे जाने से पूर्व ही उन्होंने जल समस्या का निवारण ना होने पर अपना दर्द बयान किया
वैसे यशोधरा राजे सिंधिया पिछले लंबे समय से शिवपुरी की जल आवर्धन योजना को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं.लेकिन जल संकट का समाधान ना होने से उनको भय सता रहा है कि इस बार जनता का गुस्सा विधानसभा चुनाव में इसी मुद्दे को लेकर उनके ऊपर ना निकल पड़े. इतना ही नहीं अपनी बात साधने को यशोधरा राजे सिंधिया ने दिल्ली, बेंगलुरु जैसे महानगरों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वहां भी जल संकट है शिवपुरी में तो फिर भी काफी पानी आ रहा है.

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