मंथन न्यूज़ भोपाल - सोमवार देर रात आईएएस अफसरों के तबादले करने के बाद सरकार एक बार फिर मैदानी स्तर पर बदलाव करेगी। इसमें करीब आधा दर्जन जिलों के कलेक्टर बदल जाएंगे। वहीं, राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के 75 से ज्यादा और राजस्व के 50 से ज्यादा अधिकारियों के तबादले भी होंगे। मंत्रालय में इनकी सूची बनकर तैयार है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हरी झंडी मिलते ही तबादला आदेश जारी हो जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक सरकार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोच-समझकर मैदानी जमावट करेगी। इसके मद्देनजर ही छिंदवाड़ा कलेक्टर जेके जैन को हटाने के बाद भी किसी अधिकारी को पदस्थ न करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित सिंह को प्रभार सौंपा गया है।
यहां ऐसा अधिकारी भेजा जाएगा, जो सरकार के हिसाब से योजनाओं के कामों को गति दे सके। नगरीय विकास विभाग के उप सचिव भरत यादव का नाम भी छिंदवाड़ा भेजे जाने वाले अफसरों में प्रमुखता से लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी., अशोकनगर कलेक्टर बीएस जामोद और शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी को बदला जा सकता है।
दरअसल, आयोग के नियम हैं कि चुनाव के दरम्यान जिन अधिकारियों को लेकर विवाद उठ जाते हैं, उन्हें चुनाव प्रक्रिया से दूर रखा जाता है ताकि चुनाव की निष्पक्षता पर कोई उंगली न उठा सके। इसी तरह कुछ अन्य जिलों में भी सरकार बदलाव कर तेजतर्रार अधिकारियों को पदस्थ कर सकती है। इसके साथ ही राप्रसे के अधिकारियों के तबादले बड़े पैमाने पर प्रस्तावित हैं
सामान्य प्रशासन विभाग ने 75 से ज्यादा अधिकारियों की सूची भी तैयार कर ली है। इसके साथ ही 2013 का विधानसभा चुनाव कराने वाले अधिकारियों की भी बदली की जाएगी। इसी तरह राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारियों के तबादले होंगे। विभाग ने 50 से ज्यादा अधिकारियों के नाम चिन्हित कर लिए हैं।
सांसद व विधायकों का दबाव
सूत्रों का कहना है कि सरकार के ऊपर सांसद और विधायकों का चुनाव के मद्देनजर तबादलों को लेकर काफी दबाव है। इसके मद्देनजर तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने के लिए नीति भी लाने की तैयारी है।

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