भारतीय अधिकारियों के दौरे पर आपत्ति जताता रहा है चीन
बता दें कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा 3,488 किलोमीटर लंबी है. दरअसल चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है. वह भारतीय शीर्ष अधिकारियों के इस इलाके के दावे पर नियमित रूप से आपत्ति जताता है.हालांकि उसकी आपत्तियों को दरकिनार कर रक्षा मंत्री सीतारमण दो दिनों के दौरे पर रविवार को अरुणाचल पहुंचीं.यहां उन्होंने चीनी सीमा से सटे सुदूर अंजॉ जिले में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों का दौरा किया और रक्षा तैयारियों का जायजा लिया. सीतारमण अरुणाचल के पहले दौरे पर हैं, जहां उनके साथ पूर्वी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्ण और सेना के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.रक्षा प्रवक्ता संवित घोष ने एक विज्ञप्ति में बताया कि रक्षा मंत्री को वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति और रक्षा तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने अंजॉ जिले के किबिथु में सेना की अग्रिम चौकियों पर जवानों से बातचीत की और ऐसे सुदूर क्षेत्र तथा प्रतिकूल भूभाग में उनकी प्रतिबद्धता और उनके प्रयासों की सराहना की.बता दें कि सीतारमण पिछले महीने सिक्किम में भारत चीन सीमा पर स्थिति नाथू ला इलाके में गई थीं. वहां उन्होंने सीमा के दूसरी ओर खड़े पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों का अभिवादन भी किया था. तब दोनों के बीच हुए सलाम-नमस्ते खूब चर्चा में रहा था.चौकियों का दौरा किया

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