सरकार के इस प्रस्ताव में कहा गया है कि ग्रामीण छात्रों की सुविधा का ध्यान रखते हुए परीक्षा केंद्र उप जिला और जिला स्तर पर रखे जायेंगे. जावडेकर ने ट्वीट किया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन एक ऐतिहासिक निर्णय है और अत्यंत आवश्यक शिक्षा सुधार है. उन्होंने लिखा कि सीबीएससी अभी तक सीटीईटी, यूजीसी नेट , जेईई मेन्स,नीट, जेएनवी प्रवेश सहित नौ प्रकार की परीक्षांए आयोजित कराता रहा है. इसमें कम से कम 70 लाख छात्र भाग लेते हैं.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने का सीबीएसर्इ का भार अपने ऊपर ले लेगी. एनटीए की अध्यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से नियुक्त जाने माने शिक्षाविद करेंगे. इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महानिदेश होंगे, जिनकी नियुक्ति सरकार करेगी. इसमें एक संचालक मंडल होगा.
उल्लेखनीय है कि एनटीए का गठन होने से विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में उपस्थित होने वाले 40 लाख छात्रों को लाभ होगा. इससे सीबीएसई, एआईसीटीई जैसी एजेंसियों पर भार कम होगा.

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