मंथन न्युज भोपाल-चुनावी साल में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली खबर है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग से गुरुवार को जारी नए टैरिफ प्लान में बिजली दरें नहीं बढ़ी हैं। केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज का फार्मूला बदला है। मौजूदा 100 रुपए प्रति 75 यूनिट पर लगने की बजाय अब प्रति 15 यूनिट पर फिक्स चार्ज लगेगा। यह फिक्स चार्ज शहरों में 20 और गांवों में 17 रुपए होगा। पहले प्रति 75 यूनिट के बाद एक भी यूनिट बढऩे पर सीधे 100 रुपए चार्ज लगता था। अब 15-15 यूनिट के हिसाब से फिक्स चार्ज लगेगा। बिजली की नई दरें 11 मई से प्रभावी होंगी।
ये प्रमुख राहत भी
घरेलू उपभोक्ता को आवास निर्माण के लिए अस्थायी कनेक्शन के फिक्स चार्ज में कमी की गई है। शहरों में 390 से 300 व गांवों में 350 से 250 रुपए किया। प्री-पेड मीटरिंग को बढ़ावा देने 5 पैसे प्रति यूनिट ऊर्जा प्रभार में छूट मिलेगी। अभी 20 पैसे प्रति यूनिट छूट है जो अब 25 पैसे होगी। मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, डेयरी, रेशम उद्योग, पशु प्रजनन केंद्र आदि में एचपी-लोड प्रति कनेक्शन 100 एचपी से बढ़ाकर 150 एचपी किया।
ओपन एक्सेस से कंपनी बदलकर बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए बढ़ी खपत पर प्रति यूनिट एक रुपए की छूट होगी। यदि उपभोक्ता ई-वाहन चार्जिंग कनेक्शन लेता है तो 6.00 रुपए प्रति यूनिट की दर और 125 रुपए प्रति किलोवाट स्थायी प्रभार देने होंगे। ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन के लिए एचटी कनेक्शन पर 5.90 प्रति यूनिट और 120 रुपए प्रति किलोवाट स्थायी प्रभार लगेंगे।
हर बार चुनावी साल में उपभोक्ताओं को बिजली दर में राहत
सूबे में वर्ष-2003 में पहली बार बिजली दरें नियामक आयोग ने घोषित की थी। तब से अब तक हर बार चुनावी साल में उपभोक्ताओं को बिजली दर में राहत मिलती है। इससे पहले वर्ष-2008 और 2013 में भी उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। 2013 में महज शून्य दशमलव 77 फीसदी दर बढ़ी थी, जबकि 2008 में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई थी। इस बार फिर नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव है।

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