मंत्री ने मांगे तबादले के अधिकार, सीएम बोले- अभी रहने दो

भोपाल। प्रदेश के किसानों को गेहूं, चना, मसूर और सरसों की प्रोत्साहन राशि के लिए केंद्र से पैसा नहीं मिलेगा। कैबिनेट बैठक में जब कृषि विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने कहा कि केंद्र से पैसा नहंी मिला इसलिए अब मंडी निधि से प्रोत्साहन राशि देंगे, तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत टोक दिया। शिवराज ने कहा, एेसा बाहर नहीं कहना है।

बाहर यही कहना है कि जब तक केंद्र से पैसा नहीं आता, तब तक मंडी निधि से पैसा दिया जाएगा। यह घटनाक्रम किसानों को प्रोत्साहन राशि का प्रस्ताव आने पर हुआ। वहीं मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा, प्रभार वाले जिलों में तबादले के अधिकार हमें दिया जाए। सीएम ने कहा, यह मामला बाद में देखेंगे।

वहीं मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा, सीएम जन कल्याण योजना का काम ठीक से नहीं हो रहा है। अफसर इस पर ध्यान नहीं देते। जो लक्ष्य हैं, वे अधूरे हैं। सीएम ने कहा, एेसा नहीं है। आपकी जानकारी गलत है। इस योजना में अच्छा काम हो रहा है। आप इसका प्रचार-प्रसार करें। मीसाबंदियों के प्रस्ताव पर मंत्री उमाशंकर गुप्ता व राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि टोल-नाकों पर मीसाबंदियों को टोल से छूट मिलनी चाहिए।


इस बीच दूसरे मंत्रियों ने कहा, मीसाबंदियों की अंत्येष्टी राजकीय सम्मान के साथ कराने के प्रावधान करें। इस पर जीएडी-एसीएस प्रभांशु कमल ने कहा, अभी तो विधेयक पास हो रहा है। बाद में नियम में चाहे जो जोड़ सकते हैं। इस परी सीएम ने भी सहमति दे दी।


4.50 लाख कर्मचारियों को तोहफा
विधानसभा चुनाव के पांच महीने पहले सरकार ने 4.50 लाख कर्मचारियों को एक और तोहफा दिया है। कैबिनेट में कर्मचारियों के अवकाश नकदीकरण की सीमा को 60 दिन बढ़ाकर 240 दिन से 300 दिन करने की मंजूरी दी गई। इससे कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने पर दो महीने के अतिरिक्त वेतन का लाभ होगा। यह व्यवस्था एक जुलाई 2018 से लागू होगी।


 


प्रोफेशनल टैक्स पर छूट मंजूर
प्रोफेशनल टैक्स पर छूट के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत सवा दो लाख रुपए तक प्रोफेशनल टैक्स से छूट का प्रावधान है। इसके बाद तीन स्लेब बनाए गए हैं, जिनमें टैक्स पर रियायत दी गई है। साथ ही विधायकों को होम-लोन पर ब्याज में छूट का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।


 


इसके तहत पिछली विधानसभा में जिन्होंने होम-लोन लिया था और पांच साल ब्याज से छूट का फायदा नहीं उठा सके उनका बचे हुए सालों का सरकार ब्याज चुकाएगी। एेसे 38 विधायक हैं। इसके अलावा लाडली लक्ष्मी योजना और मीसाबंदियों के लिए कानून बनाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में मंजूर किया गया। इन कानून के प्रारूप को अब विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जाएगा