सरेराह चलते चलते....

मंथन न्यूज
सरेराह चलते चलते....
आज गुना आरोन के पास सड़क किनारे बसी सहरिया आदिवासी बस्ती  सेमरी से निकलना हुआ , रास्ते में सड़क से गुजरते समय नज़र   बच्चो के झुंड पर ।
ये झुंड  कीचड़ से भरी छोटी तलईया में अठखेलियाँ कर रहा था। तलैया में बरसात का हल्का पानी भरा हुआ था  वाकि किचड था उसमें बच्चे कीचड़ स्नान में मग्न थे शरारत के साथ उछल- उछल कर नहाने मे ठीक वैसे ही प्रसन्न थे जैसे अमीरों के बच्चे गेम जोन में..  देख कर रहा नहीं गया ओर सहरिया क्रांति के संयोजक संजय बेचैन भईया ओर हम वहां बच्चों के पास जा पहुंचे ओर ये मनोरम द्रश्य अपने मोबाइल  के कैमरे मे कैद किया!
हालाकि बाद मे संजय बेचेंन भइया द्वारा बच्चे को समझाकर घर भेजा कि  ऎसे गंदगी मे नहा कर बीमार हो जाओगे!
पर आज महसूस हुआ दुनिया में आज भी वो बचपन जिन्दा है जब हमारे द्वारा रेत के ढेर पर घर बना कर मस्ती कि जाती थी! दुनिया की हर सुख से बड़ा सुख बचपन के आंगे फीके है!
पूनम पुरोहित😊😊😊😊