तमिलनाडु में फिर भारी बारिश, स्कूल-कॉलेज बंद, आईटी कंपनियों के दफ्तरों में भी 'छुट्टी'

चेन्नै
चेन्ने और आसपास के तटीय इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। इस वजह से शुक्रवार को भी सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। प्रशासन ने कई आईटी कंपनियों को अपने दफ्तर बंद करने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने कहा है कि तमिलनाडु के तटीय इलाकों में एक बार फिर से भारी बारिश हो सकती है। नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने ट्वीट कर संभावित बारिश होने के दौरान सभी लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है।
ससे पहले दक्षिण तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति हो गई। यहां के कुथेनकुले गांव में बने पुल का एक हिस्सा भी देर रात बह गया और यहां का बस स्टॉप भी तालाब बन गया। यह पुल चेंबालाकुलम टैंक से पानी पहुंचाने वाले एक चैनल के ऊपर बना था।

राहत कार्यों की निगरानी
इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने ग्रेटर चेन्नई निगम के सभी 15 क्षेत्रों के प्रभावित इलाकों और कांचीपुरम जिले में युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने और समन्वय के लिए मंत्रियों के नामों की घोषणा की। यहां राहत कार्यों की देखरेख के लिए निगम के सभी 15 क्षेत्रों में समन्वयकों के रूप में वरिष्ठ नौकरशाहों के नामों की घोषणा के कुछ दिन बाद सभी जिलों के लिए आईएएस अधिकारियों को भी तैनात किया गया है।

राहत कार्यों की निगरानी के लिए जिन मंत्रियों के नामों की घोषणा की गई है उनमें राजस्व मंत्री (आर बी उदयकुमार), ऊर्जा मंत्री (पी थांगामणि), खाद्य (आर कामराज), विधि मंत्री (सी वी शणमुगम), मत्स्य पालन मंत्री (डी जयकुमार) शामिल हैं।

वन मंत्री (डिंडीगुल सी श्रीनिवासन), सूचना प्रौद्योगिकी (एम मणिकंदन), परिवहन (एम आर विजयभाष्कर) और उच्चतर शिक्षा (के पी अनबालागन) इस महानगर में राहत कार्य का निरीक्षण करेंगे। अनबालागन कांचीपुरम जिले में भी राहत कार्य की निगरानी करेंगे।