नीरज कुमार ने लालू के उस बयान कि निंदा की है, जिसमें लालू ने चौथी पास को सिपाही बनाने की बात कही है. नीरज ने कहा है कि आज के पुलिस बल में जब वैज्ञानिक अनुसंधान का दौर है, पुलिस बल की न्यूनतम मानक और शैक्षणिक योग्यता निर्धारित किया जाना आवश्यक है. जिससे नये तकनीक के अनुरूप वो अपने आप को जोड़ सकें.
नीरज ने कहा है कि लालू के जमाने में में 118 नरसंहार हुआ है, इसलिए पुलिसिंग से तो आपको कोई लेना-देना नहीं है. विधायकी हो जाये लिख लोढ़ा लिख पत्थर. मुर्ख बने विधायक, मुख्यमंत्री और कानून बनाने वाला. मैट्रिक पास न करने वाला बने विपक्ष का नेता, स्नातक का परीक्षा पास न करने वाला बने स्वास्थ्य मंत्री, अद्भूत नजारा है. नीरज ने कहा है कि अगर पुलिस की बहाली के लिए अगर न्यूनतम मानक तय हुआ है, तो वह भी नागवार गुजर रहा है. विधायिका में कानून बनाने की शक्ति है. कानून बनाने वाला मुर्ख हो, कहीं कोई परेशानी नहीं है और सिपाही बहाली में चौथा पास हो, क्यूं? अगर आप का तर्क ही मान लिया जाये लालू जी तो कानून बनाने वाला निरक्षर रहे और कानून का अनुपालन कराने वाला चौथा पास रहे, क्यूं?

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