पेट्रोलियम मंत्रलाय ने शुक्रवार को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से किए ट्वीट में लिखा- ‘उन विकल्पों की तलाश की जा रही है, जिसके तहत पेट्रो उत्पादों की पूर्व बुकिंग पर उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी दिया जा सके।’ अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा- ‘इससे कंज्यूमर को अपना समय बचाने में और फ्यूल स्टेशनों पर लंबी लाइन में न लगने में मदद मिलेगी।’
मंत्रालय के मुताबिक प्रतिदिन करीब 350 मिलियन (35 करोड़) लोग फ्यूल स्टेशन जाते हैं। ईंधन स्टेशनों पर सालाना 2,500 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। खपत के मामले में भारत, दुनिया तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। देश के पांच शहरों में एक मई से पेट्रोल और डीजल के दामों की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन होने वाले कैशलेस ट्रांजेक्शन में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। प्रतिदिन कैशलेस ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 150 करोड़ रुपए प्रतिदिन से बढ़कर 400 करोड़ रुपए प्रतिदिन हो गई है।


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