प्रमुख सचिव बोले-सात दिन में सड़क बनाओ, अफसरों ने एक साल में सर्वे तक नहीं किया

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -सरपंच-सचिव और पटवारियों की हड़ताल के कारण ग्रामोदय से भारत उदय अभियान इस बार भी कागजों पर चलता दिख रहा है। औपचारिकता के लिए जहां ग्राम सभाएं हो भी रही हैं, वहां भी वही मांगें दोहराई जा रही हैं, जिन्हें सुलझाने का आश्वासन मंत्री और वरिष्ठ अफसरों ने पिछले साल भी दिया था।
लेकिन स्थानीय अफसरों की लापरवाही के कारण कुछ नहीं हो पाया। उन मंत्री और अफसरों ने भी उसके बाद पलटकर नहीं देखा। अब वे इसके लिए स्थानीय अफसरों को जिम्मेदार बता रहे हैं।
1. विदिशा: न अमीरों के नाम बीपीएल सूची से हटे न नलजल योजना चालू हुई
gramuday 2017426 232616 26 04 2017विदिशा में नटेरन के महु में पिछले साल 24 अप्रैल को महिला बाल विकास विभाग की कमिश्नर जयश्री कियावत व उद्यानिकी मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा से ग्रामीणों ने बीपीएल सूची से अमीरों के नाम हटवाने और 15 वर्षो से बंद पानी की टंकी शुरू कराने की मांग की थी। मंत्री ने ये दोनों ही काम जल्द पूरा करने का वादा किया। सरपंच कमोद सिंह रघुवंशी कहते हैं कि अपात्रों के नाम हटाने सूची जनपद भेजी थी। लेकिन नहीं हटे। बोर तो खुदवा दिया लेकिन पाइप लाइन नहीं सुधारी। जनपद सीईओ शंकर पांसे के मुताबिक सरपंच का ध्यान विकास की बजाय विवाद पर रहता है।
वादे पूरे न होने के लिए अफसर जिम्मेदार
कई पंचायतों में पिछले अभियान के वादे पूरे नहीं हो पाए हैं। इस लापरवाही के लिए अफसर जिम्मेदार हैं। जियोस की बैठक में लापरवाह अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सूर्यप्रकाश मीणा, उद्यानिकी मंत्री
2. एक साल में नहीं बन पाई तीन किमी की सड़क
राजगढ़ में खुजनेर के लिम्बोदा गांव में पिछले साल 21 अप्रैल को सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव (तब गृह विभाग) सीमा शर्मा ग्राम सभा में पहुंची थी। ग्रामीणों ने लिम्बोदा से पाड़लीखाती की पांच किमी और लिम्बोदा से साहूखेड़ी तक तीन किमी की सड़क बनवाने की मांग की थी। ग्रामीणों ने कहा कि प्रमुख सचिव ने सात दिन में सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। पंचायत सचिव हरी सिंह सोंधिया ने बताया कि विभाग ने अब तक मांग पर गौर नहीं किया है।
राजगढ़ कलेक्टर से पूछूंगी, सड़कें क्यों नहीं बनी
ग्राम सभा में दो सड़कों के प्रस्ताव आए थे। मैंने स्थानीय अफसरों से कहा था कि जल्द से जल्द सड़क बन जाए। यदि नहीं बनी हैं तो राजगढ़ कलेक्टर से पूछूंगी, सड़कें क्यों नहीं बनी।
सीमा शर्मा, प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन
3. मोक्षधाम और खेल मैदान बनाने का था वादा,एक साल में कब्जा तक नहीं हटा
होशंगाबाद की बाबई जनपद के आंखमऊ में पिछले साल 25 अप्रैल को तत्कालीन प्रभारी मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के सामने ग्रामीणों ने ग्राम सभा में खेल मैदान, ग्राम का मोक्षधाम, खेत सड़क,आंगनवाडी भवन, तालाब निर्माण की मांग की थी। एक साल में कुछ नहीं हुआ। इस बार फिर ग्राम संसद में यही मांगें दोहराई गईं। सरपंच सियालाल यादव ने बताया कि खेल मैदान, मोक्षधाम की जमीन का अतिक्रमण पंचायत के प्रस्ताव के बाद भी तहसीलदार ने नहीं हटाया। खेत सड़क, तालाब निर्माण में प्रशासकीय और तकनीकी स्वीकृति नहीं मिली। जनपद सीईओ पूनम दुबे ने बताया कि जो काम पेंडिंग हैं, उन्हें जल्दी पूरा करेंगे।
अब मैं होशंगाबाद की प्रभारी मंत्री नहीं हूं
अब मैं होशंगाबाद की प्रभारी मंत्री नहीं हूं, आप अब वर्तमान प्रभारी मंत्री से ही यह सवाल पूछिए। 
यशोधरा राजे सिंधिया, खेल मंत्री
4. रायसेन: एक साल बाद भी नहीं लग पाया हैंडपंप 
रायसेन की सांची जनपद के भादनेर में एक साल पहले ग्राम सभा में पहुंचे नगरीय प्रशासन के कमिश्नर विवेक अग्रवाल से ग्रामीणों ने कहा कि जलसंकट बहुत है। एक हैंडपंप लग जाए तो सब ठीक हो जाए। ग्रामीणों ने बताया कि कमिश्नर अग्रवाल ने तत्काल कहा कि कल तक हैंडपंप लग जाएगा। इस आश्वासन को एक साल हो गया लेकिन हैंडपंप नहीं लगा।