प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने डॉक्टरों के लिए कड़ी चेतावनी जारी करते हुए चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकारी डॉक्टर अगर निजी प्रैक्टिस करते या नर्सिंग होम में अपनी सेवाएं देते पाए जाएंगे तो उनको बख्शा नहीं जाएगा.
वहीं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों की सूची मांगी. उन्होंने कहा कि राजकीय सेवा में रहते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस करना एक जघन्य अपराध है. ऐसे चिकित्सकों को चिह्नित कर तत्काल उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अरुण कुमार सिन्हा को निर्देश दिए कि जिन चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई है, उनके विरूद्ध तत्काल दण्डात्मक कार्यवाही की जाए. इसके अलावा उन्होंने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की सूची भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

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