आडवाणी इससे पहले भी सिंध के बिना भारत को अधूरा बता चुके हैं। आडवाणी का जन्म कराची में एक सिंधी परिवार में हुआ था। बचपन की यादें जुड़ीं होने कारण कराची आडवाणी का सबसे पसंदीदा शहर है। इस बात को वह कई बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार चुके हैं।
उन्होंने तब कहा था, 'कभी-कभी मैं महसूस करता हूं कि कराची और सिंध अब भारत का हिस्सा नहीं रहे। मैं बचपन के दिनों में सिंध में आरएसएस में काफी सक्रिय था। मेरा मानना है कि सिंध के बिना भारत अधूरा है।'
आडवाणी में इसके बाद सिंध के पाकिस्तान में चले जाने पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा, 'भारत का वह हिस्सा, जहां बंटवारे से पहले मेरा जन्म हुआ था, आजादी के बाद अलग हो गया।' आडवाणी ने कहा, 'सिंध के आज भारत का हिस्सा न होने पर मुझे दुख होता है।'
दिल्ली में इस साल जनवरी में प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु पिताश्री ब्रह्मा के 48वें अधिरोहण समारोह में भी आडवाणी सिंध के बिना भारत को अधूरा बता चुके हैं
दिल्ली में इस साल जनवरी में प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु पिताश्री ब्रह्मा के 48वें अधिरोहण समारोह में भी आडवाणी सिंध के बिना भारत को अधूरा बता चुके हैं

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