मंथन दिल्ली -भारतीय कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया है. विजय माल्या को वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया गया है. विजय माल्या पिछले वर्ष मार्च से भारत से बाहर हैं. भारत सरकार ने विजय माल्या को भगोड़ा घोषित कर रखा है. आइये आपको बताते हैं कि आखिर माल्या किस तरह भारत छोड़ कर भागे थे....
किस पासपोर्ट पर छोड़ा था देश?
आपको बता दें कि विजय माल्या ने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर दिल्ली से लंदन गये थे, उनके साथ जो महिला गई थी. वह कौन थी उसपर लगातार सस्पेंस रहा. विजय माल्या कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य थे, गौरतलब है कि सांसद, उनकी पत्नी और पति को ही डिप्लोमैटिक पासपोर्ट दिया जाता है. यह पासपोर्ट विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया जाता है.
आपको बता दें कि विजय माल्या ने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर दिल्ली से लंदन गये थे, उनके साथ जो महिला गई थी. वह कौन थी उसपर लगातार सस्पेंस रहा. विजय माल्या कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य थे, गौरतलब है कि सांसद, उनकी पत्नी और पति को ही डिप्लोमैटिक पासपोर्ट दिया जाता है. यह पासपोर्ट विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया जाता है.
सीबीआई ने की थी छापेमारी
आपको बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने 23 जनवरी को विजय माल्या की अगुआई वाले यूबी समूह के दफ्तर पर छापा मारा था. सीबीआई अधिकारी यूबी ऑफिस उन दस्तावेजों की खोज में गए थे, जिनके आधार पर विजय माल्या ने कई बैंकों में लोन के लिए अर्जी दी थी. जांच अधिकारियों को शक है कि ये दस्तावेज गैर कानूनी तरीके से तैयार किए गए थे. इसलिए एजेंसी इन दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भी भेजेगी.
आपको बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने 23 जनवरी को विजय माल्या की अगुआई वाले यूबी समूह के दफ्तर पर छापा मारा था. सीबीआई अधिकारी यूबी ऑफिस उन दस्तावेजों की खोज में गए थे, जिनके आधार पर विजय माल्या ने कई बैंकों में लोन के लिए अर्जी दी थी. जांच अधिकारियों को शक है कि ये दस्तावेज गैर कानूनी तरीके से तैयार किए गए थे. इसलिए एजेंसी इन दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भी भेजेगी.
पिछले साल से हैं ब्रिटेन में
माल्या पिछले साल दो मार्च को ब्रिटेन चले गए थे. जबकि इसके कुछ दिन बाद ही उच्चतम न्यायालय ने माल्या को अपने पासपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से 30 मार्च, 2016 को पेश होने को कहा था. भारत ने इस साल आठ फरवरी को औपचारिक तौर पर ब्रिटेन सरकार को भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के तहत माल्या के प्रत्यर्पण का औपचारिक आग्रह किया था.
माल्या पिछले साल दो मार्च को ब्रिटेन चले गए थे. जबकि इसके कुछ दिन बाद ही उच्चतम न्यायालय ने माल्या को अपने पासपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से 30 मार्च, 2016 को पेश होने को कहा था. भारत ने इस साल आठ फरवरी को औपचारिक तौर पर ब्रिटेन सरकार को भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के तहत माल्या के प्रत्यर्पण का औपचारिक आग्रह किया था.

Post a Comment