मंथन न्यूज़ इंदौर -देश के 40 विश्व धरोहरों में शामिल पर्यटन स्थल सांची स्तूप, भीम बेटका और खजुराहो के मंदिरों में प्रवेश कैशलेस किया जा रहा है। इनमें दिल्ली मेट्रो के तर्ज पर टर्न स्टाइल गेट लगेंगे। 6 माह में गेट लगते ही सभी धरोहरों में स्मार्ट कार्ड और टोकन से ही प्रवेश मिलेगा।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने स्मारकों में प्रवेश के लिए टर्न स्टाइल गेट लगाने का काम शुरू कर दिया है। सभी स्मारकों में स्वाइप मशीन लगाने का काम भी किया जा रहा है। खजुराहो के मंदिर 1986 में और सांची के स्तूप 1989 में विश्व धरोहर में शामिल हुए थे। इसके बाद 2003 में भीम बेटका को विश्व धरोहर में शामिल किया गया।
लाल किला और हुमायूं के मकबरे में शुरू
एएसआई के मुताबिक टर्न स्टाइल गेट लगने से समय की बचत होगी ही, स्मारकों की सुरक्षा भी पुख्ता होगी। पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में राजधानी में लाल किले के अलावा कुतुब मीनार और हुमायूं के मकबरे को भी शामिल किया गया है।
एएसआई के अपर महानिदेशक राकेश सिंह लाल ने बताया कि विश्व धरोहर स्मारकों में रोज हजारों पर्यटक आते हैं। मैन्यूअल चेकिंग में बहुत अधिक समय लगता है। समय की बचत और सुरक्षा पुख्ता करने के लिए ही इस योजना पर काम शुरू किया जा रहा है।
स्मारकों को आदर्श स्मारक की तरह विकसित किया जा रहा है। ऐसे में प्रवेश के लिए नई तकनीक को लगाने का काम भी छह माह में शुरू हो जाएगा। मेट्रो की तरह इस सुविधा से लोगों को स्मारक में प्रवेश करने में सहूलियत होगी।
जल्द ही व्यवस्था
केनरा बैंक को व्यवस्था करना है। हमारा अनुबंध हो गया है। शीघ्र ही सांची, भीम बेटका, खजुराहो में स्मार्ट कार्ड से प्रवेश शुरू होगा।
- जुल्फिकार अली, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भोपाल
पूनम पुरोहित

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