नरेंद्र मोदी सरकार देश के जमीनी स्तर के विकास के लिए गंभीर कदम उठाने जा रही है। पंच वर्षीय योजना को बंद करने के बाद अब सरकार एक एक्शन प्लान लाने जा रही है। इस प्लान में देश के समग्र विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसे नीति आयोग ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों और राज्यों सरकारों से बातचीत के बाद तैयार किया है और अब इसे रविवार को गवर्निंग काउंसिल के सामने रखा जाएगा।
सरकार के इस तीन साल के एक्शन प्लान में विकास को लेकर सरकार की योजना और तरीकों पर चर्चा होगी। बता दें कि इससे पहले 8 फरवरी 2015 को गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई थी। इक्नॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक इस प्लान में सरकार के खर्च की जानकारी होगी। साथ ही इसमें सभी सेक्टर्स के खास क्षेत्रों पर नजर रहेगी और इनके उद्देश्यों को हासिल करने की डेडलाइन भी तय की जाएगी। इस प्लान को मोदी सरकार की 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारी माना जा रहा है।
इस बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए मुद्दों पर जोर दिया जा सकता है। साथ ही किसानों की दोगुनी आय के लिए केंद्र और राज्य सरकार कैसे मिलकर काम कर सकते हैं, इस पर भी जिक्र हो सकता है। हालांकि, ये बात कन्फर्म नहीं है कि आयोग इस बार गरीबी पर अपनी रिपोर्ट पेश करेगा या नहीं। लेकिन इससे पहले हुई बैठक में गरीबी पर जोर दिया गया था और एक टास्क फोर्स भी बनाया गया था।
इस बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए मुद्दों पर जोर दिया जा सकता है। साथ ही किसानों की दोगुनी आय के लिए केंद्र और राज्य सरकार कैसे मिलकर काम कर सकते हैं, इस पर भी जिक्र हो सकता है। हालांकि, ये बात कन्फर्म नहीं है कि आयोग इस बार गरीबी पर अपनी रिपोर्ट पेश करेगा या नहीं। लेकिन इससे पहले हुई बैठक में गरीबी पर जोर दिया गया था और एक टास्क फोर्स भी बनाया गया था।

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