तीन तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने सीएम योगी को दी खास सौगात

pm modiमंथन न्यूज़ लखनऊ - पीएम मोदी ओर उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को कम से कम 40 महिलाओं ने राखी भेजी और न्याय की गुहार लगाई| तीन तलाक और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं ने पीएम मोदी और सीएम को राखियां भेजी| खुद को 'देश की बहनें' बताते हुए इन महिलाओं ने कहा है कि देश के पीएम मोदी जी और मुख्यमंत्री को न्याय दिलाते हुए अपने भाई होने का अपना दायित्व पूरा करना चाहिए। 
तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को अपना भाई बताते हुए राखी भेजी है। महिलाओं ने तीन तलाक के मुद्दे को उठाने के लिए पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया अदा किया है। पीएम मोदी और योगी आदित्याथ की तारीफ करते हुए तीन तलाक के मुद्दे पर उनकी तारीफ की है।

तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को अपना भाई बताते हुए राखी भेजी है। महिलाओं ने तीन तलाक के मुद्दे को उठाने के लिए पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ का शुक्रिया अदा किया है। पीएम मोदी और योगी आदित्याथ की तारीफ करते हुए तीन तलाक के मुद्दे पर उनकी तारीफ की है।

आपको बता दें कि तीन तलाक का शिकार हुईं 22 वर्षीय ईशा खान ने सीएम को पीले रंग की राखी भेजी। उन्होंने कहा, 'अपने देवर और ननद से परेशान होकर मैंने अपने पति से उनकी शिकायत की, लेकिन मदद करने की बजाय उसने मुझे तीन तलाक दे दिया। बीजेपी ने चुनाव से पहले मुझ जैसी औरतों की मदद का वादा किया था। इस राखी की मदद से मैं सीएम को उनके वादे की याद दिलाना चाहती हूं।' 
वहीं 27 साल की फरहाना ने भी योगी आदित्यनाथ को राखी भेजी। बेटी के जन्म के बाद फरहाना के पति ने तीन तलाक दे दिया था। उन्होंने बताया, 'मेरे पति बेटा चाहते थे, लेकिन बेटी होने के बाद उन्होंने मुझे तीन तलाक दे दिया और सउदी अरब चले गए। उनके जाने के बाद ससुराल वालों ने मुझे और बेटी को धक्के देकर भगा दिया। जब मैं उनके पास वापस गई तो उन्होंने मुझे देवर के साथ निकाह हलाला करने को कहा, जिसे मैंने स्वीकार नहीं किया। इस रक्षाबंधन मैं योगी आदित्यनाथ को राखी भेज अपनी इस मुसीबत का अंत करना चाहती हूं।' 
दरअसल मेरा हक नाम के एक एनजीओ की मदद से इन औरतों ने सीएम योगी को राखी भेजी। एनजीओ के प्रेजिडेंट फरहत नकवी ने कहा, 'कई महिलाओं ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर करवा रखी है, जिसको वापस करने को लेकर ससुराल पक्ष की तरफ से दबाव और धमकी दी जा रही है। इनके पास अपना कोई ठिकाना नहीं और न ही कोई सुरक्षा है। इसलिए ये सभी योगी आदित्यनाथ से भाई का फर्ज पूरा करने की गुहार लगा रही हैं।'