पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़-एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने रविवार को यह कहकर कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दीं कि गुजरात राज्यसभा चुनाव में समर्थन देने पर अभी उनकी पार्टी ने फैसला नहीं किया है। गुजरात में आठ अगस्त को तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है।
एनसीपी ने 2012 में राज्य विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर लड़ा था। पार्टी के गुजरात में दो विधायक कंधाल जडेजा और जयंत पटेल हैं। एनसीपी के गुजरात प्रभारी पटेल ने आणंद में कहा, ‘लोग अब उनकी पार्टी के दो विधायकों को खोज रहे हैं, क्योंकि हालात ऐसे बन गए हैं जिसमें हर वोट अहम है।’
उन्होंने कहा, हालांकि उनकी पार्टी केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में शामिल थी लेकिन इस समय ऐसा कोई गठबंधन नहीं है। हम भले ही दो विधायकों वाला दल हों, लेकिन अचानक हमारी अहमियत बढ़ गई है।
पटेल ने कहा कि राज्यसभा में किसी भी पार्टी को समर्थन का फैसला शरद पवार से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। हमारे दोनों विधायक गुजरात के दूसरे नेताओं के साथ मिलकर शरद पवार से इस पर चर्चा करेंगे। इसके बाद ही यह फैसला होगा कि किस दल को समर्थन करना है।
ऐसी स्थिति के लिए कांग्रेस खुद जिम्मेदार
जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस अपने 44 विधायकों को ‘बचाए रखने’ के लिए बंगलूरू ले गई है, तो उन्होंने कांग्रेस को ही मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया। कहा, आमतौर पर राज्यसभा का सांसद निर्विरोध चुना जाता है।
लेकिन कांग्रेस के कारण ही इस बार चुनाव की स्थिति बनी है। कांग्रेस के 14 विधायकों ने या तो पार्टी छोड़ दी है या कांग्रेस उम्मीदवार को वोट न देने का मन बना लिया है।
अहमद पटेल के लिए कठिन हो रही राह
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल गुजरात से पांचवीं बार राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं, लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने और छह कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने से उनके लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।
इनमें से तीन विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास पहले 57 विधायक थे, जो अब घटकर 51 रह गए हैं। आठ अगस्त को होने वाले चुनाव में भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है।
दोनों की जीत तय है। पार्टी ने तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के बागी बलवंत सिंह राजपूत को टिकट दिया है। उनका मुकाबला अहमद पटेल से है। पटेल को चुनाव जीतने के लिए 45 वोट चाहिए। कांग्रेस के पास बचे 51 विधायकों में से 44 इस समय बंगलूरू में हैं। लेकिन जो सात अन्य विधायक बंगलूरू नहीं गए हैं, उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं

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