भारत को गुरु बनना है तो नदियों का सम्मान करना होगा : राजेंद्र सिंह

मंथन न्यूज भोपाल। प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी के लिए सोमवार को प्रशासनिक अकादमी में जल सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें नदी, पानी और पर्यावरण संरक्षण विषय पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। वॉटर मेन ऑफ इंडिया के नाम से‍ मशहूर राजेंद्र सिंह ने कहा कि नारी सम्मान के बिना नदियों को सम्मान नहीं किया जा सकता है। अगर हम भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना चाहते हैं तो हमें नदियों का सम्मान करना होगा।

नर्मदा नदी छोटी नदियों से मिलकर बनी हैं, जब तक छोटी चीजें ठीक नहीं करते तो बड़ी चीज ठीक नहीं होगी। उन्होंने कहा कल तक जो नदियां हमारा मैला धोती थीं, आज मैला ढोती हैं। सिंह ने कहा कि कि देश में नदियों में होने वाले बदलाव राज, समाज और संत इन तीन फेक्टर पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा नदियों के किनारे रहने वाले संत नदियों को गंदा नहीं होने देते थे, लेकिन आज संत अपना काम नहीं कर रहे हैं। नर्मदा सेवा मिशन की सफलता इसे लोगों के अपना लेने पर निर्भर करती है, इस पर हमें कोशिश करनी होगी। नर्मदा नदी के संरक्षण के‍ लिए अब रणनीति को कार्यनीति में बदलने की आवश्यक्ता है। नर्मदा की निर्मलता बनाते हुए अविरल रखना एक भौगोलिक परिवर्तन है, इसके लिए धैर्य से काम करना होगा।

बच्चों को चॉकलेट देने की बजाए पौधे लगाने के लिए प्रेरित करें

फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ ने कहा कि कुछ लोग आए थे पेड़ काटने मेरे गांव में, धूप बहुत है यह कहकर बैठ गए उसी पेड़ की छाव में। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर केके काटें, जश्न मनाएं, पर पौधारोण भी जरूर करें, जो हमें बेहतर भविष्य देगा। अपने बच्चों को चॉकलेट देने की बजाए पौधे लगाने के लिए प्रेरित करो। अपना फर्ज बनता है कि बच्चों के लिए अच्छी दुनिया छोडें। मां, नदी, धरती मां का सम्मान करो, फिर समझाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे ने कहा कि नर्मदा के संरक्षण के लिए वनों का संरक्षण भी आवश्‍यक है।