मंथन न्यूज कोलकाता. वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी केंद्र द्वारा वध के लिए (cattle for slaughter) जानवरों को बेचने पर लगाए गए बैन के खिलाफ आवाज उठाई है। ममता ने सोमवार को केंद्र सरकार के इस कदम को राज्यों के काम में जानबूझकर की जा रही दखलंदाजी और डेमोक्रेसी के खिलाफ बताया। ममता ने कहा कि ये गैरकानूनी कदम है और हम इसे कानूनी तौर पर चुनौती देंगे। बता दें कि ममता के पहले केरल सरकार भी केंद्र के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज करा चुकी है। क्या कहा ममता ने...
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता ने कहा कि कत्ल के लिए जानवरों को बेचने पर नोटिफिकेशन के जरिए जो बैन लगाया गया है वो, राज्यों के काम में जानबूझकर की जा रही दखलंदाजी है। ये संविधान के भी खिलाफ है।
- वेस्ट बंगाल की सीएम ने कहा,“ हमारी सरकार इस नोटिफिकेशन को नहीं मानती। हम इस बारे में अपने एडवोकेट जनरल से सलाह लेंगे। जानवरों के बाजार राज्य सरकार के अंडर में होते हैं। इसलिए बैन गैरकानूनी है।”
- “मैं केंद्र सरकार से गुजारिश करती हूं कि वो राज्य के मामलों में दखल देना बंद करे।” ममता ने कहा- किसी को ये नहीं कहा जा सकता कि वो क्या खाए, और क्या नहीं। उन्होंने नोटिफिकेशन की टाइमिंग पर सवाल खड़ा किया। सरकार से पूछा- ये नोटिफिकेशन रमजान के दौरान ही क्यों जारी किया गया।
मारने के मकसद से जानवरों के खरीदने-बेचने पर केंद्र की रोक
- सरकार ने बूचड़खानों के लिए मवेशियों को खरीदने और बेचने पर नोटिफिकेशन जारी कर रोक लगा दी।
- 26 मई को केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने मोदी सरकार के फैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि खरीदने और बेचने वालों को ये निश्चित करना होगा कि मवेशियों को मारा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नए नियम का मकसद एनिमल मार्केट और मवेशियों की बिक्री को कंट्रोल करना है।
क्या बोले थे केरल के सीएम?
- इसी मसले पर केरल के चीफ मिनिस्टर पिनाराई विजयन ने कहा था, "ये सही नहीं है कि सरकार लोगों के खाने की चीजें भी तय कर रही है। इस फैसले के साथ सरकार उस सेक्टर को तबाह कर रही है, जो हजारों लोगों को रोजगार देता है। सरकार को नोटिफिकेशन जारी करने से पहले राज्यों के साथ बैठकर इस पर सलाह करनी चाहिए थी।"
- केरल के अपोजिशन लीडर रमेश चेन्निथला ने कहा था, "मोदी सरकार शुरू से ही संवैधानिक अधिकारों को छीन रही है और ये बैन इस बात का ताजा उदाहरण है।"
- हैदराबाद में आल इंडिया जमीयत-उल-कुरेश के वाइस प्रेसिडेंट मो. सलीम ने कहा, "किसान अपने उन मवेशियों को बेचता है, जो उनके लिए काम के नहीं होते हैं। उस पैसे से वो दूसरे जानवर खरीदते हैं। गरीब आदमी मछली और मुर्गा नहीं खरीद सकता है। सरकार ये कानून लेकर आई तो हम इसको नहीं मानेंगे।"
कहां गोहत्या पर है बैन, कहां नहीं
- केरल, वेस्ट बंगाल, अरुणाचल, मिजोरम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में गोहत्या पर बैन नहीं है।
- राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश में गोहत्या पर बैन है।

Post a Comment