तीन भारतवंशी वैज्ञानिकों को यूके रॉयल सोसाइटी फेलोशिप

लंदन। विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले भारतीय मूल के तीन वैज्ञानिकों को यूके रॉयल सोसाइटी फेलोशिप के लिए चुना गया है।

दुनिया के बहुत से प्रतिष्ठित वैज्ञानिक यूके रॉयल सोसाइटी फेलोशिप के लिए चुने जा चुके हैं। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के कृष्ण चटर्जी, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के सुभाष खोट और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के यदुविंदर मलाही दुनिया की उन 50 प्रतिष्ठित शख्सियतों में शामिल हैं, जिन्हें रॉयल सोसाइटी ने 2017 की फेलोशिप के लिए चुना है।

कृष्ण चटर्जी को थायरॉयड ग्रंथि निर्माण, हार्मोन सिंथिसिस (संकलन) और हार्मोन क्रियाशीलता के जेनेटिक डिसऑर्डर (आनुवांशिक विकारों) के लिए जाना जाता है।

सुभाष खोट एक थ्योरेटिकल कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं। उन्हें कंप्यूटेशनल (अभिकलनात्मक) जटिलता के क्षेत्र की अनसुलझी समस्याओं की पहचान करने का श्रेय दिया जाता है।

रॉयल सोसाइटी के पहले भारतवंशी अध्यक्ष वेंकटरमन रामाकृष्णन ने नवीनतम बैच के साथियों का स्वागत किया है।

नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक रामाकृष्णन ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, "विज्ञान मानव उपलब्धि की एक महान सफलता है। इसका हमारी दुनिया की समृद्धि और स्वास्थ्य में बेहद योगदान रहा है।

आने वाले दशकों में, यह हमारे समय की भोजन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और पर्यावरण सहित बड़ी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रॉयल सोसाइटी के नए साथी पहले ही विज्ञान के प्रति अपना बहुत योगदान दे चुके हैं। हमारे साथ जुड़ने के लिए यह बात मुझे बहुत खुशी देती है।"