मंथन न्यूज़ भोपाल -प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होगा। इसमें एक मार्च को सरकार बजट प्रस्तुत करेगी। ये पौने दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली के अभिभाषण से होगी। सत्र के दौरान सरकार को विधायकों के 5 हजार 931 सवालों का जवाब देना होगा। 17 मामलों को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक सरकार पहले 28 फरवरी को बजट प्रस्तुत करने वाली थी, लेकिन सोमवार को अचानक एक मार्च की तारीख तय की गई। विधानसभा सचिवालय को भी इसकी सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री जयंत मलैया ने तारीख में बदलाव कराया है।
बजट और वित्त मंत्री के भाषण को सत्र के दौरान ही कैबिनेट में मंजूरी दी जाएगी। बजट पौने दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होगा। इसे अंतिम रूप देने के लिए वित्त मंत्री ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उधर, राज्यपाल के अभिभाषण की तैयारी हो चुकी है।
इसमें सरकार की बीते एक साल की उपलब्धियों को बताने के साथ अलगे एक साल का विजन रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सात मिशन के गठन, नर्मदा सेवा यात्रा, नर्मदा तट से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब दुकान बंद करने जैसे निर्णयों को अभिभाषण में प्रमुख रूप से बताया जाएगा।
72 विधायकों ने ऑनलाइन पूछे 2 हजार से ज्यादा प्रश्न
बजट सत्र में 72 विधायकों ने 2 हजार 370 प्रश्न ऑनलाइन लगाए हैं। 105 ध्यानाकर्षण लगे हैं तो 48 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए गए हैं। विभिन्न् मुद्दों पर 17 स्थगन, 37 शून्यकाल की सूचनाएं दी गई हैं।
शांति से सत्र चलाने सर्वदलीय बैठक आज
विधानसभा का बजट सत्र शांति के साथ चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा मंगलवार को शाम सात बजे सर्वदलीय बैठक करेंगे। इसमें विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा कराने और पक्ष को इसके लिए तैयार करने पर बात होगी। उधर, विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार को सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के साथ विधायक विश्रामगृह में लगाई लिफ्टों का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रमुख सचिव एपी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कहां बैठेंगे मंत्री ज्ञान सिंह
विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद आदिम जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह के सदन में बैठने की जगह को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दरअसल, सरकार और भाजपा विधायक दल की ओर से विधानसभा सचिवालय को सोमवार देर शाम तक ज्ञान सिंह के बैठने की जगह को लेकर कोई बात नहीं की गई। ये भी नहीं बताया कि यदि वे सदन में नहीं आते हैं तो उनके स्थान पर विधायकों के सवाल का जवाब कौन देगा। मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के जवाब देने के लिए सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लालसिंह आर्य को अधिकृत किया गया है।
पूनम पुरोहित 
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