मोदी सरकार ने माल्या को नहीं दिया एक रुपये का भी फायदा

मंथन न्यूज़ दिल्ली -बैंकों से कर्ज लेकर विदेश भागे उद्योगपति विजय माल्या के मुद्दे पर विपक्ष को आईना दिखाते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में माल्या को एक रुपये का भी फायदा नहीं पहुंचाया गया। जेटली ने कहा, माल्या को लोन पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के कार्यकाल में दिया गया।
arun-jaitley-3-pti 09 02 2017इसके लिए परोक्ष रूप से तत्कालीन संप्रग सरकार के वित्त मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि माल्या को लोन नार्थ ब्लॉक के हस्तक्षेप पर दिया गया।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में आम बजट 2017-18 पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। जेटली ने इस दौरान आम बजट में खामियां गिनाने वाले विपक्षी दलों के तर्कों को भी खारिज किया।
बैंकों के फंसे कर्ज के लिए पूर्ववर्ती संप्रग सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान कुछ लोगों और उद्योगों को अतार्किक ढंग से लोन देना ही इस समस्या की जड़ है।
संप्रग सरकार के कर्मों की सजा मोदी सरकार भुगत रही है। राहुल गांधी के आरोप कि मौजूदा सरकार ने माल्या को 12,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया, का परोक्ष जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि राजग सरकार जब से सत्ता में आई है तब से माल्या को एक पैसे का भी फायदा नहीं पहुंचाया गया। 
फंसे कर्ज संप्रग सरकार की देन
बैंकों के फंसे कर्ज की राशि बढ़कर सितंबर, 2016 में 6,30,323 करोड़ रुपये हो गई है। जेटली ने इस पर कहा कि फंसे कर्ज का प्रतिशत इसलिए नहीं बढ़ा कि मोदी सरकार ने ये लोन दिए हैं।
इनमें से अधिकांश लोन 2007-09 की अवधि में संप्रग के शासन में दिए गए जब अर्थव्यवस्था उछाल पर थी। कांग्रेस को करारा जवाब देते हुए जेटली ने कहा, उनका आरोप यह है कि उन्होंने जो पाप किए थे, मोदी सरकार ने उसे ठीक नहीं किया।
जेटली ने स्पष्ट किया कि संप्रग सरकार के दौरान लोन किसानों को नहीं बल्कि कुछ उद्योगों को दिए गए थे। यह भी नार्थ ब्लॉक के हस्तक्षेप के बाद दिए गए। उन्होंने कहा, अब इन्हीं लोन पर हर साल ब्याज बढ़ता जा रहा है।
इसी का नतीजा है कि फंसा कर्ज 4.1 प्रतिशत से बढ़कर 5.1 और फिर 6.1 प्रतिशत हो गया है। जेटली ने संप्रग शासन में मनमाने ढंग से प्राकृतिक संसाधनों के आवंटन को लेकर भी विपक्ष को आईना दिखाया। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने इससे सबक लेते हुए इस तरह का आवंटन बिल्कुल खत्म कर दिया है। 
नोटबंदी को ठहराया सही
जेटली ने नोटबंदी को मोदी सरकार का प्रमुख सुधार करार देते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था साफ-सुथरी होगी।
उन्होंने कहा, अगर नोटबंदी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के साथ जोड़कर देखें तो इससे औपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा। जीएसटी लागू होने पर कर चोरी रुकेगी।
जेटली जब सदन में जवाब दे रहे थे तो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ सदस्य उन्हें बार-बार टोक रहे थे। जब टीएमसी के नेता सौगत राय ने जेटली से सकल घरेलू उत्पाद के मुकाबले नकदी का आंकड़ा पूछा तो जेटली ने कहा, नकदी सभी अपराधों को बढ़ावा देती है।
चीन सहित दुनिया की कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नकदी-जीडीपी अनुपात कम है जबकि भारत में यह 12.2 प्रतिशत है।
                                            पूनम पुरोहित