पुश्तैनी साधारण घर में रहते थे। हमेशा आधी बांह की शर्ट और साधारण पैंट ही पहनते हैं। रक्षा मंत्री बनने के बाद भी गोवा में पर्रिकर की मांग बनी रही। लोकप्रिय इतने थे कि विस चुनाव से पहले भाजपा को आश्वासन देना पड़ा कि जनता चाहेगी तो फिर सीएम बनेंगे।
- पर्रिकर की पत्नी मेधा का कैंसर से निधन हो चुका है। दो किशोर बेटों उत्पल व अभिजात के पिता इस घटना
के चंद महीनों बाद ही पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे।
- 2014 में जब सीएम रहते उनके बेटे की शादी हुई तो हमेशा की तरह साधारण कपड़ों में नजर आए। अगली
सुबह ही दफ्तर में नजर आए।
- गोवा में किसी आम चाय की दुकान पर स्कूटर खड़ा कर चाय पीते दिख जाएं तो कोई बड़ी बात नहीं। वह हमेशा
आधी बांह वाली कमीज और साधारण पैंट में नजर आते हैं।
- गोवा के मापुसा में जन्मे पर्रिकर की पढ़ाई स्थानीय लॉयोला हाई स्कूल में हुई। इसके बाद आईआईटी मुंबई
में बीटेक में दाखिला मिला। 1978 में यहीं से एमटेक कर निकले। इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए।
- 26 साल की उम्र में संघचालक बने। राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उत्तरी गोवा में प्रमुख संगठनकर्ता रहे। 1994 में पहली बार विधायक बने। 1999 में नेता प्रतिपक्ष बने। 24 अक्टूबर 2000 में पहली बार भाजपा की सरकार बनी और पर्रिकर पहली बार सीएम बने।
- 2002 के विधानसभा चुनाव मे उनके नेतृत्व में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और पर्रिकर दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। जनवरी 2005 में तब बड़े संकट का सामना करना पड़ा, जब उनके चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया और सरकार गिर गई। अगले चुनाव में कामत के नेतृत्व वाली कांग्रेस से हारे। लेकिन 2012 के विस चुनाव में पर्रिकर ने 24 सीटें जीतकर तीसरी बार सीएम बने।

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