मंथन न्यूज़ भोपाल। पूरक पोषण आहार में सुबह बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते के नए मेन्यू पर मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने परख वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि मठरी औेर लड्डू तो खुद जंक फूड है, उससे तो और कुपोषण होगा। प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास जेएन कंसोटिया और आयुक्त पुष्पलता सिंह ने बात को संभाला और कलेक्टरों से कहा कि जिलों में यदि पुराना मेन्यू देना चाहते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है।
दरअसल, बैठक में शहडोल कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला ने सुबह नाश्ते में मठरी और लड्डू देने की बात बताई थी। उधर, पूरक पोषण आहार की नई व्यवस्था बनाने के लिए सिर्फ 15 दिन बचे हैं, लेकिन सरकार इसको लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं कर पाई है।
गुरुवार को मंत्रालय में हुई परख वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विशेष पोषण अभियान पर जिलों से फीडबैक लिया गया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और जिलों से फीडबैक लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान शहडोल कलेक्टर ने कहा कि पहले हम बच्चों को नाश्ते में दलिया, खिचड़ी और पंजीरी देते थे, लेकिन नए मेन्यू में मठरी और लड्डू देने के निर्देश हैं। आधे से ज्यादा जिलों में यह ही नाश्ता दिया जा रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि ये चीजें लगातार नहीं दी जा सकती हैं।
इससे तो कुपोषित बच्चे और कुपोषित हो जाएंगे। कुपोषण एक गंभीर मुद्दा है। ये हमारे ऊपर धब्बा है। इसे दूर करने के लिए कलेक्टरों को जिलों में अगुवाई करनी होगी। 31 अगस्त तक विशेष पोषण अभियान चलना है। बरसात से पहले उल्टी, दस्त और निमोनिया का प्रकोप होता है, इसलिए विशेष ध्यान रखें।
जो मुख्यालय पर नहीं रहे, उसे हटाओ
आंगनवाड़ी केंद्रों के नहीं खुलने की बात भी बैठक में आई। मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यकर्ता मुख्यालय पर नहीं रहती हैं, इसलिए आंगनवाड़ी केंद्र भी नहीं खुलते हैं। इन पर निर्देश दिए गए कि जो कार्यकर्ता मुख्यालय पर नहीं रहती हैं, उन्हें हटाएं।

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