पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -प्रदेश में ओला और उबर जैसी टैक्सी सेवा की तर्ज पर सरकार दो पहिया वाहन (बाइक) किराये पर देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एग्रीगेटर कंपनियों की तलाश की जा रही है। इसकी शुरुआत भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कुछ शहरों से की जाएगी।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों के विस्तार के मुताबिक सवारी वाहन नहीं बढ़ सके हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग ओला, उबर की सेवा लेने या टैक्सी का किराया देने में सक्षम नहीं होते। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए बाइक किराये पर देने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए इंदौर में तो एक कंपनी ने परिवहन विभाग को एग्रीगेटर के रूप में काम करने का प्रस्ताव भी दिया है। इंदौर से ऐसा प्रस्ताव आने पर अब परिवहन विभाग भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर शहरों में इस तरह की सेवाओं को शुरू करने के लिए एग्रीगेटर तलाशने का काम कर रहा है।
सूत्र बताते हैं कि बाइक किराये पर देने की इस योजना में कंपनी द्वारा जिन लोगों को चालक के रूप में नियुक्त किया जाएगा, उनका पूरा रिकॉर्ड रखवाया जाएगा। उनके चरित्र सत्यापन से लेकर लाइसेंस व व्यक्तिगत जानकारी कंपनी को रखने की अनिवार्यता किया जाएगा।
साथ ही बाइक एग्रीगेटर कंपनी को मोबाइल एप के माध्यम से वाहनों की लोकेशन और उनके संचालन की पूरी निगरानी रखने को कहा जाएगा। इन बाइक की किन-किन स्थानों पर उपलब्धता होगी, यह भी तय करने पर विचार किया जा रहा है।
योजना अभी प्रारंभिक स्वरूप में
चार पहिया और तीन पहिया ओला और ऊबर एग्रीगेटर की तरह अब दो पहिया (बाइक) वाहनों के एग्रीगेटर को प्रदेश में तैयार किया जाएगा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में इसके तहत लोगों को बाइक भी किराये पर मिल जाएगी। योजना प्रारंभिक स्वरूप में है लेकिन इस पर तेजी से काम चल रहा है।
- एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग

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